Weather Update:1-4-november-bhari-barish-alert भारत में मानसून का असर अभी भी जारी है। नवंबर की शुरुआत के साथ ही भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 से 4 नवंबर तक देश के दक्षिणी, पूर्वी और कुछ मध्य हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इस दौरान आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड और बिहार जैसे राज्यों में मध्यम से भारी वर्षा देखने को मिल सकती है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी भरी हवाएं, उत्तर-पूर्वी मॉनसून को और सक्रिय बना रही हैं। यही वजह है कि नवंबर की शुरुआत में भी बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा।
दक्षिण और पूर्वी राज्यों में जोरदार बारिश की संभावना
भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 1 से 4 नवंबर तक दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुदुच्चेरी, आंध्र प्रदेश और केरल में अगले चार दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे।
तमिलनाडु: चेन्नई, नागपट्टिनम, मदुरै और तिरुचिरापल्ली जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा की संभावना है। IMD ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है क्योंकि बंगाल की खाड़ी में हवा की गति 40–50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
केरल: तिरुवनंतपुरम, कोट्टायम, एर्नाकुलम और वायनाड जिलों में भी अगले चार दिनों तक भारी बारिश के आसार हैं। स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना: दक्षिणी आंध्र के तटीय इलाकों और तेलंगाना के कुछ जिलों में भी बिजली गिरने और भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
ओडिशा और झारखंड: इन राज्यों में भी 2 से 3 नवंबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि तटीय ओडिशा में कुछ जगहों पर तेज हवाएं चलेंगी।
उत्तर और मध्य भारत में मौसम का बदलता मिजाज
जहां दक्षिण भारत बारिश से भीगने वाला है, वहीं उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में हल्की बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलने की संभावना है।
दिल्ली-NCR: हवा की गुणवत्ता (AQI) लगातार खराब हो रही है, लेकिन हल्की बारिश और तेज हवाओं से प्रदूषण में कुछ राहत मिल सकती है। 3 और 4 नवंबर को हल्की फुहारें गिरने की संभावना है।
बिहार और झारखंड: गया, पटना, भागलपुर और रांची में हल्की बारिश के साथ मौसम ठंडा होगा। किसानों के लिए यह राहत भरा मौसम हो सकता है क्योंकि नमी से फसल को फायदा पहुंचेगा।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: इन राज्यों में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। भोपाल, इंदौर और रायपुर में भी 2–3 नवंबर को मौसम में बदलाव देखा जाएगा।
कृषि और दैनिक जीवन पर बारिश का असर
भारी बारिश जहां एक ओर गर्मी से राहत दे रही है, वहीं किसानों और आम जनता के लिए यह चुनौती भी बन सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि निचले इलाकों में जलभराव, फसलों को नुकसान और यातायात में बाधा जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
कृषि पर प्रभाव:
- धान की कटाई वाले इलाकों में बारिश से खेतों में पानी भर सकता है, जिससे कटाई और सुखाने की प्रक्रिया में दिक्कत होगी।
- वहीं सब्जियों और तिलहन की फसलों को भी अधिक नमी से नुकसान हो सकता है।
- हालांकि कुछ इलाकों में यह बारिश मिट्टी की नमी बढ़ाकर रबी फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
यातायात और दैनिक जीवन:
- शहरी क्षेत्रों में बारिश के कारण सड़कों पर जाम और जलभराव की स्थिति बन सकती है।
- ट्रेनों और फ्लाइट्स की समय-सारणी पर भी असर पड़ने की संभावना है।
- स्कूलों और ऑफिस जाने वाले लोगों को सुबह के समय अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान खुले स्थानों पर न रहें, बिजली गिरने के दौरान मोबाइल या धातु की वस्तुओं का प्रयोग न करें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।
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IMD की एडवाइजरी और आगामी पूर्वानुमान
IMD ने कहा है कि नवंबर के पहले सप्ताह में देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से कम रहेगा। पूर्वी भारत में हल्की ठंड की शुरुआत होगी, जबकि दक्षिण भारत में लगातार बारिश के कारण मौसम नम रहेगा।
IMD की सलाह:
- किसान अपनी फसलों को ढककर रखें ताकि अतिरिक्त बारिश से नुकसान न हो।
- तटीय इलाकों के लोग समुद्र से दूरी बनाए रखें।
- ट्रैफिक विभाग ने लोगों को बारिश के समय गाड़ी चलाते समय धीमी गति रखने की सलाह दी है।
आगामी पूर्वानुमान:
मौसम विभाग के अनुसार, 5 नवंबर के बाद बारिश में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन तमिलनाडु और केरल में हल्की बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। उत्तरी भारत में इस समय तक सर्द हवाओं का असर और बढ़ेगा, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज होगी।
