Cyclone Senyar Latest News in Hindi | IMD Weather Alert
बंगाल की खाड़ी इस समय एक तेजी से विकसित हो रहे मौसमी सिस्टम की चपेट में है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि यह सक्रिय निम्न दाब क्षेत्र (Low Pressure Area) अगले 24–36 घंटों में पूर्ण चक्रवात “Senyar” का रूप ले सकता है। इसके कारण तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और अंडमान-निकोबार में भारी बारिश, तेज हवाएं, समुद्री उफान और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
इस बीच, मौसम विभाग ने स्पष्ट कहा है कि अगले 72 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि सिस्टम ने गति और ऊर्जा पकड़ी, तो यह एक खतरनाक चक्रवाती तूफान बन सकता है। वहीं, यदि यह कमजोर पड़ता है, तो भी यह तटीय राज्यों में भारी बारिश और जलभराव की बड़ी समस्या पैदा करेगा।
चक्रवात ‘सेन्यार’ कैसे बन रहा है? — बंगाल की खाड़ी में उठे तूफान की वैज्ञानिक कहानी
बंगाल की खाड़ी दुनिया के सबसे सक्रिय चक्रवात क्षेत्रों में से एक है। नवंबर महीना हमेशा से चक्रवातों के लिए संवेदनशील रहा है क्योंकि इस सीजन में समुद्र का तापमान 28–30°C के बीच होता है, जो तूफानों को ताकत देता है।
कैसे शुरू हुआ यह सिस्टम?
- पिछले सप्ताह बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया का गठन हुआ।
- यह तेजी से एक Well Marked Low Pressure Area में बदला।
- अब यह डिप्रेशन की ओर बढ़ रहा है, जिसकी हवा की गति 45–55 किमी/घंटा है।
- IMD का अनुमान है कि हवा की स्पीड 62 किमी/घंटा से ऊपर जाते ही इसे Cyclone “Senyar” नाम दिया जाएगा।
“सेन्यार” नाम थाईलैंड द्वारा सुझाया गया है, जिसका अर्थ स्थानीय भाषा में “शक्ति व स्थिरता” होता है।
इस चक्रवात को ऊर्जा क्या दे रही है?
- समुद्र की सतह का बढ़ा हुआ तापमान
- हवा में अत्यधिक नमी
- खाड़ी के ऊपर कम दबाव
- पश्चिमी हवाओं का दबाव
- समुद्र में तेज गर्मी की लहरें
ये सभी कारक तूफान को मजबूत कर रहे हैं।
चक्रवात की संभावित दिशा
मौसम मॉडल के अनुसार:
- यह सिस्टम तमिलनाडु तट के पास सबसे अधिक प्रभाव डाल सकता है
- इसके बाद उत्तरी दिशाओं की ओर बढ़ने की संभावना है
- बंगाल–ओडिशा तट भी इसके दायरे में आ सकते हैं
हालांकि अभी इसकी सही दिशा का अनुमान लगातार बदल रहा है, जो इसकी अनिश्चितता को दर्शाता है।
किन राज्यों में होगा सबसे अधिक असर? — दक्षिण से पूर्वी भारत तक अलर्ट
चक्रवात “सेन्यार” का प्रभाव दक्षिण भारत से लेकर पूर्वी भारत तक कई राज्यों में देखा जाएगा। IMD ने सभी प्रभावित राज्यों के लिए अलग-अलग चेतावनी जारी की है
तमिलनाडु: सबसे बड़ा खतरा यहीं
तमिलनाडु वर्तमान में खतरे के केंद्र में है क्योंकि चक्रवात की शुरुआती टक्कर का अनुमान यहीं लगाया जा रहा है।
प्रभावित जिले:
- चेन्नई
- कांचीपुरम
- तिरुवल्लूर
- नगोरे
- पुदुचेरी (केंद्र शासित प्रदेश)
- कुड्डालोर
- तंजावुर
संभावित प्रभाव:
- 20–25 सेमी तक अति भारी वर्षा
- 65–85 किमी/घंटा तक हवा की गति
- समुद्र में 3–5 मीटर ऊँची लहरें
- तटीय क्षेत्रों में बाढ़ और जलभराव
ओडिशा सरकार ने पहले से ही 100 से ज्यादा शेल्टर होम तैयार कर लिए हैं।
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह
द्वीपों में पिछले 24 घंटे से बारिश लगातार जारी है। स्कूल, सरकारी दफ्तर और फेरी सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
स्कूल-कॉलेज बंद? यात्रा पर असर? — प्रशासन का बड़ा एक्शन प्लान
स्कूल-कॉलेज बंद करने की तैयारी
तमिलनाडु के कई जिलों में प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि:
- सोमवार
- मंगलवार
- और संभवतः बुधवार
को स्कूल-कॉलेज बंद किए जा सकते हैं।
कई निजी स्कूलों ने पहले ही ऑनलाइन क्लास शुरू कर दी है।
पश्चिम बंगाल में स्कूलों को राहत शिविर (Relief Camp) में बदलने की तैयारी है।
यात्रा पर प्रभाव
स्थिति बिगड़ने पर:
- कई ट्रेनों को डायवर्ट किया जा सकता है
- फ्लाइट्स कैंसिल या रीशेड्यूल हो सकती हैं
- बस सेवाओं पर रोक लग सकती है
एयरपोर्ट अधिकारियों ने चेतावनी जारी कर दी है।
मछुआरों के लिए बड़ा अलर्ट
IMD और मत्स्य विभाग ने स्पष्ट कहा है:
- किसी भी नाव को समुद्र में जाने की अनुमति नहीं
- गहरे समुद्र से नावें वापस बुला ली गई हैं
- तटीय गांव खाली कराए जा रहे हैं
NDRF और SDRF की टीम तैनात
चक्रवात से पहले प्रशासन ने पूरी तैयारी शुरू कर दी है:
- 30+ NDRF टीमों की तैनाती
- 80+ SDRF टीमें स्टैंडबाय
- हेलिकॉप्टर और नावें तैयार
बिजली विभाग ने पूरे राज्य में पुराने ट्रांसफॉर्मर्स बदलने और केबल टाइट करने का काम तेज कर दिया है।
चक्रवात “सेन्यार” पूरी तरह विकसित नहीं हुआ है, परंतु यह लगातार शक्ति प्राप्त कर रहा है। इसका पथ अनिश्चित है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। दक्षिण भारत और पूर्वी भारत को अगले कुछ दिनों तक अलर्ट मोड पर रहना होगा। IMD लगातार अपडेट जारी कर रहा है। स्थिति में कोई भी बदलाव आता है तो अलर्ट का दायरा और बड़ा हो सकता है।



