आज का मौसम: भारत में बारिश, ठंड और बर्फबारी का अलर्ट | IMD Weather Update Today

आज भारत में बारिश और ठंड के मौसम के बीच छाता लेकर चलते लोग, शहर की सड़कों पर बदला हुआ मौसम

भारत में आज मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार देश के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम का असर साफ देखा जा रहा है। सुबह और रात के समय ठंड बढ़ गई है, जबकि कुछ जगहों पर कोहरे की स्थिति भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर उन इलाकों में जहां बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है।

दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। वहीं मध्य भारत और कुछ हिस्सों में मौसम सामान्य बना हुआ है, लेकिन तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में भी हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। कुल मिलाकर आज का दिन मौसम के लिहाज से कई राज्यों के लिए अहम माना जा रहा है।

उत्तर भारत में मौसम का हाल: बारिश, ठंड और कोहरे का असर

उत्तर भारत में आज मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना हुआ है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सुबह के समय हल्का कोहरा देखने को मिला, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई। दिन चढ़ने के साथ आसमान में बादल छाए रहे और कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ घंटों तक मौसम में बदलाव बना रह सकता है।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज बारिश की संभावना जताई गई है। खासकर पश्चिमी यूपी में बादल और ठंडी हवाओं का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण लोगों को सर्दी का एहसास हो रहा है। बिहार और झारखंड में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कुछ जिलों में हल्की बारिश और ठंडी हवाएं चलने से तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है।

पंजाब और हरियाणा में भी आज मौसम ठंडा रहने का अनुमान है। यहां पर बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है। राजस्थान के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है, जिससे सड़कों पर फिसलन बढ़ने की आशंका है।

पहाड़ी और मध्य भारत में मौसम की स्थिति

हिमालयी क्षेत्रों में आज मौसम और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। इससे तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। कई इलाकों में सड़कों के बंद होने और यातायात प्रभावित होने की खबरें भी सामने आ सकती हैं। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

मध्य भारत की बात करें तो मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन रात के समय ठंड बढ़ गई है। न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण सुबह और देर रात ठंड का असर साफ देखा जा रहा है। कुछ इलाकों में हल्की ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहावना बना हुआ है।

महाराष्ट्र में भी मौसम मिला-जुला बना हुआ है। विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र में सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस की जा रही है, जबकि दिन में मौसम सामान्य रहता है। पश्चिमी महाराष्ट्र और मुंबई जैसे तटीय क्षेत्रों में हल्की नमी के साथ मौसम स्थिर बना हुआ है। कुल मिलाकर मध्य भारत में मौसम फिलहाल गंभीर नहीं है, लेकिन तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

दक्षिण और पूर्वी भारत में मौसम और IMD की सलाह

दक्षिण भारत में आज मौसम सामान्य से हल्का बदला हुआ नजर आ रहा है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के आसार बने हुए हैं। तटीय इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। हालांकि भारी बारिश की चेतावनी फिलहाल नहीं है, लेकिन समुद्र के पास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पूर्वी भारत की बात करें तो पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम के कुछ इलाकों में मौसम सामान्य बना हुआ है। हालांकि सुबह और रात के समय ठंड का असर महसूस किया जा रहा है। तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सर्दी का एहसास बढ़ गया है। कुछ इलाकों में हल्का कोहरा भी देखा जा सकता है।

भारतीय मौसम विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें। जिन इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, वहां बाहर निकलते समय सावधानी बरतें। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर लें। किसानों को भी मौसम को ध्यान में रखते हुए फसल संबंधी फैसले लेने की सलाह दी गई है।आज भारत के कई राज्यों में मौसम बदला-बदला नजर आ रहा है। कहीं बारिश और ठंड का असर है तो कहीं हल्की बर्फबारी ने तापमान गिरा दिया है। आने वाले दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना और सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

19 से 25 दिसंबर तक बदलेगा मौसम! बिहार–UP में ठंड और कोहरे का अलर्ट, जानें पूरा हाल

19 से 25 दिसंबर तक बिहार और उत्तर प्रदेश का मौसम, ठंड और कोहरा

19 दिसंबर से बिहार के मौसम में ठंड का असर साफ तौर पर देखने को मिलेगा। उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया और छपरा जैसे जिलों में सुबह और देर रात ठंड ज्यादा महसूस होगी। खासकर ग्रामीण इलाकों में ठिठुरन बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, इस दौरान आसमान अधिकतर साफ रहेगा, लेकिन सुबह के समय धुंध और हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिल सकता है।

20 और 21 दिसंबर को बिहार के कई हिस्सों में कोहरा थोड़ा घना हो सकता है, जिससे सुबह के समय दृश्यता कम हो सकती है। इसका असर सड़क यातायात, ट्रेन संचालन और स्कूल जाने वाले बच्चों पर पड़ सकता है। हालांकि दोपहर होते-होते कोहरा धीरे-धीरे छंट जाएगा और धूप निकलने से मौसम सामान्य महसूस होगा। दिन का तापमान 22 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।

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22 से 25 दिसंबर के बीच बिहार के मौसम में ज्यादा बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलती रहेंगी, जिससे सुबह और शाम ठंड बनी रहेगी। कुछ जिलों में हल्के बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना बहुत कम मानी जा रही है। किसान वर्ग के लिए यह मौसम रबी फसलों के लिहाज से अनुकूल माना जा रहा है, क्योंकि न ज्यादा बारिश होगी और न ही अत्यधिक ठंड का प्रकोप देखने को मिलेगा। हालांकि सुबह-सुबह खेतों में काम करने वालों को ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

उत्तर प्रदेश में 19 से 25 दिसंबर तक मौसम का हाल

उत्तर प्रदेश में 19 दिसंबर से मौसम धीरे-धीरे सर्द होता चला जाएगा। पश्चिमी यूपी, मध्य यूपी और पूर्वी यूपी—तीनों हिस्सों में ठंड का असर अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, मेरठ और नोएडा जैसे शहरों में सुबह के समय कोहरा और ठंडी हवा लोगों को परेशान कर सकती है। खासकर 19, 20 और 21 दिसंबर को सुबह के समय दृश्यता काफी कम रहने की संभावना जताई जा रही है।

दिन के समय धूप निकलने से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन शाम ढलते ही ठंड का असर फिर से बढ़ जाएगा। पश्चिमी यूपी में रात का तापमान 7 से 10 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जबकि पूर्वी यूपी में यह 9 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। दिन का तापमान 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। इस दौरान बारिश के आसार नहीं के बराबर हैं, जिससे ठंड शुष्क बनी रहेगी।

22 से 25 दिसंबर के बीच उत्तर प्रदेश में मौसम लगभग इसी तरह बना रह सकता है। सुबह के समय कोहरा, दोपहर में हल्की धूप और शाम-रात में ठंड—यही मौसम का मुख्य पैटर्न रहेगा। कुछ जिलों में सर्द हवाओं की रफ्तार बढ़ सकती है, जिससे ठंड का असर और ज्यादा महसूस होगा। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को इस दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ठंड के कारण सर्दी-खांसी और वायरल जैसी समस्याओं में बढ़ोतरी भी देखने को मिल सकती है।

कोहरा, ठंड और हवाओं का असर: आम जनजीवन पर प्रभाव

19 से 25 दिसंबर के बीच बिहार और उत्तर प्रदेश—दोनों ही राज्यों में कोहरा सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है। सुबह के समय हाईवे, ग्रामीण सड़कें और रेलवे ट्रैक कोहरे की चपेट में रह सकते हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ट्रेनें और बसें भी देरी से चल सकती हैं, जिसका असर रोजमर्रा के यात्रियों पर पड़ेगा। खासकर दफ्तर जाने वाले लोगों और छात्रों को सुबह के समय अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलने की जरूरत होगी।

ठंडी हवाओं के कारण सुबह-शाम तापमान में गिरावट से ठिठुरन बढ़ेगी। खुले इलाकों, खेतों और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में ठंड ज्यादा महसूस हो सकती है। ग्रामीण इलाकों में अलाव जलाने की जरूरत बढ़ सकती है। वहीं शहरों में लोग गर्म कपड़ों, स्वेटर, जैकेट और शॉल का सहारा लेते नजर आएंगे। बाजारों में भी ऊनी कपड़ों की मांग बढ़ने की संभावना है।

स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह समय संवेदनशील माना जा रहा है। ठंड और कोहरे के कारण सांस से जुड़ी समस्याएं, दमा, सर्दी-खांसी और बुखार जैसी शिकायतें बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि लोग सुबह-शाम ठंडी हवा से बचें, पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का खास ख्याल रखें। खुले में सुबह की सैर करने वालों को भी सूरज निकलने के बाद ही बाहर निकलने की सलाह दी जाती है।

किसानों, यात्रियों और आम लोगों के लिए जरूरी सलाह

19 से 25 दिसंबर के मौसम को देखते हुए किसानों के लिए यह समय कुल मिलाकर अनुकूल माना जा रहा है। रबी की फसलों जैसे गेहूं, सरसों और चना के लिए ठंडी रातें फायदेमंद साबित हो सकती हैं। हालांकि सुबह के समय अधिक नमी और कोहरे के कारण फसलों में रोग लगने की संभावना भी रहती है, इसलिए किसानों को खेतों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी जाती है। सिंचाई का समय दिन में रखना बेहतर होगा ताकि फसलों पर ठंड का ज्यादा असर न पड़े।

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यात्रियों के लिए सबसे बड़ी सलाह यही है कि सुबह-सुबह सफर करते समय सावधानी बरतें। कोहरे में वाहन चलाते समय धीमी गति रखें, फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। ट्रेन या बस से यात्रा करने वालों को समय से पहले घर से निकलना चाहिए, क्योंकि देरी की संभावना बनी रह सकती है। हवाई यात्रा करने वालों को भी फ्लाइट की स्थिति पहले जांचने की सलाह दी जाती है।

आम लोगों के लिए जरूरी है कि ठंड से बचाव के पूरे इंतजाम रखें। सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनें, बच्चों को ठंडी हवा से बचाएं और पर्याप्त गर्म भोजन करें। गर्म पानी पीना और सर्दी-खांसी के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करना बेहद जरूरी है। कुल मिलाकर 19 से 25 दिसंबर के बीच बिहार और उत्तर प्रदेश में मौसम सर्द रहेगा, लेकिन थोड़ी सावधानी बरतकर लोग इस मौसम का सामना आसानी से कर सकते हैं।

15 दिसंबर को बदलेगा मौसम! बिहार-UP-दिल्ली में कोहरा और ठंड मचाएगी कहर

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15 दिसंबर आते-आते उत्तर भारत में सर्दी पूरी तरह से अपना असर दिखाने लगती है। दिसंबर के मध्य तक हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों में तापमान को तेजी से गिरा देती हैं। इस समय बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर जैसे राज्यों में सुबह और रात के समय ठंड ज्यादा महसूस होती है, जबकि दिन में हल्की धूप राहत देती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस अवधि में उत्तर भारत का मौसम शुष्क बना रहता है, लेकिन कोहरे और धुंध की समस्या लगातार बनी रहती है।

15 दिसंबर को अधिकतर इलाकों में बारिश की संभावना नहीं रहती, जिससे ठंड का असर और बढ़ जाता है। नमी कम होने के कारण रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जाती है। ग्रामीण इलाकों में खुले खेतों और नदियों के आसपास घना कोहरा देखने को मिलता है, जिससे दृश्यता काफी कम हो जाती है। यही वजह है कि दिसंबर के मध्य में सड़क, रेल और हवाई यातायात पर मौसम का असर साफ नजर आता है।

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इस दौरान दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ जाता है। दिन में जहां हल्की धूप निकलने से मौसम सामान्य लगता है, वहीं सूर्य ढलते ही ठंडी हवाओं के साथ ठिठुरन बढ़ जाती है। मौसम का यह मिजाज खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

बिहार और पटना में 15 दिसंबर का मौसम

बिहार में 15 दिसंबर का मौसम ठंड और कोहरे के इर्द-गिर्द घूमता है। पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में सुबह के समय घना कोहरा या धुंध देखने को मिल सकती है। खासकर गंगा नदी के किनारे बसे इलाकों में कोहरे की तीव्रता अधिक रहने की संभावना रहती है। सुबह के समय दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

पटना में दिन का मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है और हल्की धूप निकल सकती है, जिससे लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिलती है। हालांकि, शाम ढलते ही तापमान तेजी से गिरने लगता है। ग्रामीण इलाकों में खुले स्थानों पर ठंड ज्यादा महसूस होती है। खेतों में काम करने वाले किसानों को सुबह-सुबह ठंड और कोहरे से जूझना पड़ता है।

15 दिसंबर के आसपास बिहार में ठंडी पछुआ हवाएं चलती हैं, जो तापमान को नीचे बनाए रखती हैं। बारिश की संभावना न के बराबर होती है, जिससे वातावरण शुष्क बना रहता है। यही कारण है कि सर्दी का असर लंबे समय तक महसूस होता है। इस मौसम में लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेते हैं और सुबह-शाम अलाव जलाते नजर आते हैं।

उत्तर प्रदेश में 15 दिसंबर का मौसम: कोहरे का कहर

उत्तर प्रदेश में 15 दिसंबर का मौसम सर्दी और घने कोहरे के लिए जाना जाता है। पूर्वी यूपी से लेकर पश्चिमी यूपी तक सुबह के समय कोहरा आम बात हो जाती है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ और आगरा जैसे शहरों में सुबह-सुबह दृश्यता काफी कम हो सकती है। कई इलाकों में कोहरा इतना घना होता है कि सड़कों पर चलना मुश्किल हो जाता है।

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दिन के समय हल्की धूप निकलने से तापमान थोड़ा बढ़ता है, लेकिन ठंडी हवाएं चलने से ठंड बनी रहती है। रात के समय तापमान और गिर जाता है, जिससे सर्दी का असर बढ़ जाता है। ग्रामीण इलाकों में खुले खेतों के कारण ठंड ज्यादा महसूस होती है और फसलों पर ओस जमने लगती है।

15 दिसंबर के आसपास उत्तर प्रदेश में शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है। खासकर पश्चिमी यूपी में रात का तापमान सामान्य से नीचे जा सकता है। मौसम का यह असर जनजीवन के साथ-साथ यातायात पर भी पड़ता है। ट्रेनें और बसें देरी से चलती हैं, वहीं हाईवे पर वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।

दिल्ली-एनसीआर में 15 दिसंबर का मौसम और प्रदूषण का असर

दिल्ली-एनसीआर में 15 दिसंबर का मौसम ठंड, कोहरा और वायु प्रदूषण तीनों का मिश्रण होता है। सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा या स्मॉग देखने को मिल सकता है। ठंडी हवाओं के साथ प्रदूषण के कण हवा में बने रहते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता प्रभावित होती है। इस दौरान सुबह-सुबह टहलने वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी महसूस हो सकती है।

दिन में सूरज निकलने पर मौसम थोड़ा साफ होता है, लेकिन धूप कमजोर रहती है। तापमान सामान्य सर्दियों जैसा रहता है, जिससे लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत बनी रहती है। शाम होते-होते फिर से ठंड बढ़ने लगती है और कोहरा छाने लगता है।

दिल्ली में 15 दिसंबर के आसपास ठंड का असर बढ़ जाता है, खासकर रात के समय। खुले इलाकों और बाहरी क्षेत्रों में तापमान और कम महसूस होता है। प्रदूषण के कारण ठंड का असर और ज्यादा हो जाता है, जिससे आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

निष्कर्ष

15 दिसंबर का मौसम उत्तर भारत के लिए ठंड, कोहरा और शुष्क वातावरण लेकर आता है। बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में सुबह-शाम ठंड और कोहरे का असर साफ नजर आता है। दिन में हल्की धूप जरूर राहत देती है, लेकिन कुल मिलाकर सर्दी का प्रकोप बना रहता है। इस मौसम में लोगों को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने, गर्म कपड़े पहनने और यात्रा के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

Bihar Weather 12–20 December: तेज़ ठंड, घना कोहरा और तापमान में गिरावट का अलर्ट!

Bihar Weather 12 to 20 December

Bihar Weather 12–20 December: दिसंबर का मध्य भारत के मौसम के लिए हमेशा परिवर्तन का महीना माना जाता है, और इस बार भी हालात कुछ ऐसे ही दिख रहे हैं। 12 दिसंबर से 20 दिसंबर के बीच बिहार के अधिकतर जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। दिन में हल्की धूप जबकि रात में तापमान गिरने की संभावना है, जिससे सुबह-शाम की ठंड में बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग के संकेत बताते हैं कि इस अवधि में किसी बड़े पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना कम है, इसलिए बारिश की गतिविधि लगभग न के बराबर दिख रही है।
इस अवधि में राज्य के उत्तरी, पूर्वी और मध्य जिलों में कोहरे की स्थिति भी अधिक बनेगी, जबकि दक्षिण बिहार के इलाके अपेक्षाकृत साफ रहेंगे। आने वाले दिनों में तापमान में 2–3 डिग्री की गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे ठंड और सघन महसूस होगी। कुल मिलाकर, दिसंबर का दूसरा सप्ताह और तीसरे सप्ताह की शुरुआत बिहार में शीत ऋतु का वास्तविक अहसास कराएगी।

12 से 14 दिसंबर: हल्का बादल, सुबह-सुबह कोहरा और दिन में धूप

12 से 14 दिसंबर तक राज्य में मौसम का मिज़ाज लगभग स्थिर और साफ रहने वाला है। इन तीन दिनों के दौरान सुबह के समय घना या मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहेगा, खासकर पटना, सीतामढ़ी, मोतिहारी, समस्तीपुर, वैशाली और दरभंगा जैसे इलाकों में।
कोहरे की वजह से सुबह 6 बजे के आसपास दृश्यता 50–200 मीटर तक पहुँच सकती है, लेकिन 9 बजे के बाद मौसम सामान्य होने लगेगा। इसके बाद दोपहर तक धूप निकलने से वातावरण कुछ गर्म महसूस होगा।
इन दिनों दिन का अधिकतम तापमान 23–24°C के बीच और न्यूनतम तापमान 11–13°C के आसपास रहने की संभावना है।
हल्के बादल छाए रहने से दिन में धूप का असर सौम्य होगा। हवा की गति उत्तरी दिशा से 5–9 किमी/घंटा के बीच रहेगी, जो ठंड बढ़ाने का काम करेगी।

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इन तीन दिनों में बारिश का कोई मौका नहीं दिख रहा है। किसान वर्ग के लिए यह समय रबी फसलों की सिंचाई और खाद डालने के लिए अनुकूल माना जा रहा है। हालांकि सुबह-सुबह घने कोहरे में सड़क यात्रा करते समय सावधानी की ज़रूरत होगी।

15 से 17 दिसंबर: तापमान में गिरावट, रातें और ठंडी, हवा में नमी बढ़ेगी

15 तारीख़ से मौसम में ठंड का असर थोड़ा और तेज़ होने लगेगा। उत्तरी भारत में पश्चिमी विक्षोभ गतिविधि कमजोर होने के कारण ठंडी हवाएँ मैदानी इलाकों की तरफ तेज़ी से पहुँचेंगी, जिसका सीधा असर बिहार में महसूस होगा।
इन तीन दिनों में रात का तापमान घटकर 9–11°C तक पहुँच सकता है। कुछ जिलों में 8°C तक गिरावट के संकेत हैं, विशेषकर बेतिया, पश्चिम चंपारण, सीवान, गोपालगंज और मुज़फ्फरपुर क्षेत्र में।
दोपहर में धूप रहेगी, लेकिन हवा में नमी अधिक होने से कोहरा लंबे समय तक टिका रह सकता है।
15 से 17 दिसंबर का मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। हवाओं की दिशा अधिकतर उत्तर-पूर्वी रहेगी और नमी 65–85% तक पहुंच सकती है, जिससे रातें और भी ठंडी प्रतीत होंगी।
दोपहर का अधिकतम तापमान लगभग 23–25°C के बीच रहने का अनुमान है। सुबह के समय हल्की ठंड और शाम को ठंडी हवाएँ चलेगीं।
लोगों के लिए सलाह है कि सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़ों का उपयोग बढ़ाएं। बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह समय अधिक संवेदनशील होता है।

18 से 20 दिसंबर: शीतलहर की दस्तक संभव, पूरे बिहार में बढ़ेगी सर्दी

18 दिसंबर से 20 दिसंबर के बीच बिहार में ठंड का प्रभाव और अधिक बढ़ने के संकेत हैं। इस अवधि में रात का तापमान 8–10°C तक जा सकता है, जबकि कई स्थानों पर पारा 7°C के आसपास भी गिर सकता है।
इन तीन दिनों में सर्दी का वास्तविक अहसास होगा।
मौसम विभाग के अनुसार हवा की गति उत्तर से आएगी और ठंडी हवाएँ पूरे राज्य में चलेंगी, जिससे अधिकतम तापमान 22–23°C के बीच स्थिर रह सकता है।
कोहरा भी ज्यादा घना हो सकता है, और दृश्यता सुबह 7 बजे तक प्रभावित रह सकती है।
इस दौरान स्कूलों में प्रातःकालीन पाली को लेकर संशोधन की संभावना भी बढ़ जाती है, क्योंकि दिसंबर के तीसरे सप्ताह में कई बार घना कोहरा बच्चों की यात्रा के लिए चुनौती बन जाता है।
18 से 20 दिसंबर तक किसी भी प्रकार की बरसात का अनुमान नहीं है, लेकिन शुष्क और ठंडी हवाएँ पूरे बिहार में शीतलहर जैसी स्थिति बना सकती हैं।
उत्तरी बिहार (सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, किशनगंज) में सर्दी अपेक्षाकृत ज्यादा महसूस होगी।

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क्यों बढ़ रही है सर्दी? वैज्ञानिक कारण और मौसम प्रणाली की पड़ताल

दिसंबर के मध्य में बिहार में ठंड बढ़ने का कारण उत्तर भारत के हिमालय क्षेत्र में होने वाली बर्फबारी और हवाओं की दिशा में बदलाव है।जब पश्चिमी विक्षोभ कमजोर होता है, तब राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश से होकर आने वाली उत्तरी ठंडी हवाएँ सीधे बिहार में प्रवेश करती हैं।इन हवाओं की नमी कम होती है और तापमान तेजी से नीचे गिराता है।
इसके अलावा दिसंबर में रातें लंबी और दिन छोटे होने के कारण सतह तेजी से ठंडी होती है, जिससे रात का तापमान 2–4°C तक नीचे चला जाता है।नदियों, तालाबों और खेतों में जमा नमी भी सुबह-सुबह कोहरे का निर्माण तेज़ करती है।
पूरे पूर्वी भारत में इस समय किसान रबी सीजन की गतिविधियों में व्यस्त होते हैं, और शुष्क मौसम गेहूं, चना, मसूर जैसी फसलों के लिए अनुकूल माना जाता है।
स्थानीय जलवायु विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार दिसंबर का मध्य सामान्य से थोड़ा ठंडा रहने वाला है, और जनवरी 2026 की शुरुआत में सर्दी चरम पर पहुंच सकती है।बिहार के कई जिलों में न्यूनतम तापमान औसत से 1–3°C कम दर्ज किया जा सकता है।
मई-जून में आने वाली हीटवेव की तरह दिसंबर-जनवरी की शीतलहर भी स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करती है, और इस बार उत्तरी हवाओं की रफ्तार अधिक होने का अनुमान इसे और ठंडा बनाएगा।

12 से 20 दिसंबर तक बिहार में मौसम मुख्य रूप से ठंडा, शुष्क और स्थिर रहने वाला है। सुबह-सुबह कोहरा, रात में गिरता तापमान और दिन में हल्की धूप—यही इस अवधि की प्रमुख पहचान रहेगी।
ठंड सामान्य से अधिक महसूस होगी लेकिन बारिश का कोई खतरा नहीं।
कुल मिलाकर, यह अवधि बिहार में सर्दी के चरम की ओर बढ़ने का संकेत देगी।

कल भारत का मौसम: उत्तर भारत में ठंड बढ़ेगी, दक्षिण में बारिश की संभावना | IMD Forecast

कल भारत का मौसम IMD Forecast

भारत में मौसम का रुख एक बार फिर तेजी से बदल रहा है और भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा अपडेट के अनुसार अगले 24 घंटों में देश के अलग-अलग हिस्सों में ठंड, बारिश और घने कोहरे का असर देखने को मिल सकता है। उत्तर भारत में सर्द हवाएं लगातार तापमान गिरा रही हैं, जबकि दक्षिण और तटीय क्षेत्रों में मौसम में नमी और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में कोल्ड वेव का असर और तेज़ होगा, जिससे सुबह-शाम की ठंड महसूस करने लायक बढ़ जाएगी। इस बीच पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का दौर जारी है और राजधानी दिल्ली-एनसीआर सहित पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में घना कोहरा ट्रैफिक और रेल रूट की रफ्तार को प्रभावित कर सकता है। पूर्वोत्तर राज्यों में फॉग, बैक-टू-बैक वेदर सिस्टम और हल्के बादल मौसम को ठंडा बनाए रखेंगे, जबकि मध्य भारत में दिन के समय हल्की गर्मी और रात को तापमान कम रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार साइबेरियन हवाओं के प्रभाव से मैदानी क्षेत्रों में ठंड का स्तर बढ़ सकता है और 10 दिसंबर के बाद तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री कम दर्ज हो सकता है। दक्षिण भारत में बंगाल की खाड़ी से उठ रहे बादल तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों में बारिश ला सकते हैं।

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उत्तर भारत में बढ़ेगी ठंड, घना कोहरा करेगा परेशानी

उत्तर भारत में कल मौसम का मिजाज पूरी तरह सर्द रहने की संभावना है, जहां दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में घने कोहरे से सुबह की शुरुआत होगी। मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि सुबह 6 बजे से 10 बजे तक विजिबिलिटी 50 मीटर तक गिर सकती है, जिससे सड़कों पर वाहन चलाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। रेल और उड़ानों पर भी असर पड़ेगा और देरी की संभावना अधिक है। पहाड़ी राज्यों—जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी और बारिश के कारण तापमान और गिर गया है। मनाली, गुलमर्ग, सोनमर्ग, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे स्थानों पर नई बर्फबारी हो सकती है, जबकि मैदानी इलाकों में ठंड का असर तेज़ रहेगा। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 7°C से 10°C तक रह सकता है, जबकि पंजाब और हरियाणा में यह 5°C से 8°C तक गिरने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी हो रही है और जब कोहरे के साथ यह तापमान गिरता है, तो मैदानी क्षेत्रों में कोल्ड डे (Cold Day) की स्थिति बन जाती है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के पूर्वी इलाकों में धुंध और हल्की ठंडी हवा से लोगों को ठंड का अहसास ज्यादा होगा, खासकर सुबह काम पर निकलने वाले लोगों के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

दक्षिण भारत में बारिश और बादल, तापमान रहेगा आरामदायक

दक्षिण भारत का मौसम उत्तर भारत से बिल्कुल अलग रहेगा और यहां कल हल्के बादल और बारिश का पूर्वानुमान है। तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश संभव है। चेन्नई, कोच्चि, विशाखापट्टनम, मंगलुरु और पुडुचेरी में बादलों की आवाजाही जारी रहेगी और समुद्री हवाओं के कारण नमी बढ़ने से मौसम में हल्की उमस रहेगी। दक्षिण भारत में दिन का तापमान 25°C से 30°C के बीच रहेगा और रात का तापमान 18°C से 22°C तक रह सकता है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण यह बारिश संभव हो रही है, वहीं अरब सागर की ओर से भी हवा का दबाव बढ़ रहा है। IMD ने मछुआरों को समुद्र में सावधानी बरतने की सलाह दी है और कई तटीय जिलों में अलर्ट जारी किया है। केरल के इडुक्की, त्रिशूर, कोझिकोड, तिरुवनंतपुरम और तमिलनाडु के नागापट्टनम, कुड्डलोर और चेन्नई में कभी-कभी तेज हवाएं भी चल सकती हैं। बारिश के कारण मौसम ठंडा और आरामदायक रहेगा, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

पूर्वोत्तर और पूर्व भारत में फॉग और ठंड

पूर्वोत्तर भारत में मौसम ठंडा रहेगा और हल्का फॉग सुबह के समय देखने को मिलेगा। असम, त्रिपुरा, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में हल्की ठंडी हवा चलेगी और तापमान 10°C से 20°C के बीच रहने की संभावना है। इस क्षेत्र में बारिश की संभावना कम है, लेकिन पहाड़ों में बादलों की हल्की आवाजाही हो सकती है। पूर्वी भारत वाले राज्यों—बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में रात के समय तापमान में गिरावट होगी। पटना और रांची में 12°C से 24°C तक और कोलकाता में 15°C से 26°C तक तापमान रह सकता है। गंगा के मैदानी क्षेत्रों में सुबह-सुबह घना कोहरा ट्रैवल प्लान को प्रभावित कर सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कोहरे का असर अगले 3 से 4 दिनों तक देखा जा सकता है। IMD ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और सुबह-सुबह लंबी दूरी की यात्रा से बचें।

मध्य और पश्चिम भारत में बदलेगा मौसम, रात होगी ठंडी

मध्य भारत—मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में रात के समय तापमान कम और दिन में हल्की गर्मी रहेगी। भोपाल, इंदौर, नागपुर और रायपुर में दिन का तापमान 22°C से 27°C के बीच रहने की संभावना है, जबकि रात के समय तापमान 10°C से 14°C तक गिर सकता है। पश्चिम भारत—महाराष्ट्र और गुजरात में भी यही स्थिति रहेगी। मुंबई, पुणे, अहमदाबाद और सूरत में मौसम साफ रहेगा और दिन के समय हल्की गर्मी महसूस होगी, लेकिन सूर्यास्त के बाद अचानक ठंड का असर बढ़ जाएगा। समुद्री हवाओं के कारण नमी और हल्की ठंडी हवा तापमान को कम कर सकती है। महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा में भी तापमान गिर सकता है, जिससे लोग गर्म कपड़ों का इस्तेमाल शुरू कर चुके हैं।

भारत में कल मौसम का स्वरूप दो तरह का रहेगा। उत्तर भारत और पहाड़ी राज्यों में सर्द हवाएं, घना कोहरा और कम तापमान लोगों को ठंड का अहसास कराएंगे, वहीं दक्षिण भारत में बारिश और बादलों की आवाजाही मौसम को सुहाना बनाए रखेगी। पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में हल्का कोहरा और ठंडी हवा रहेगी, जबकि पश्चिम और मध्य भारत में दिन में गर्मी और रात में ठंड का असर देखने को मिलेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह बदलाव सामान्य है और दिसंबर में मौसम का यह पैटर्न हर साल देखने को मिलता है।

बिहार में समय से पहले बढ़ी ठंड और कोहरा: IMD का बड़ा अलर्ट जारी, पटना से लेकर गया तक मौसम ने बदली करवट

Bihar-Cold-Wave-Alert.

बिहार में इस बार नवंबर के अंतिम सप्ताह में ही सर्दी ने दस्तक दे दी है। आमतौर पर दिसंबर के पहले सप्ताह के बाद ठंड में तेजी देखी जाती है, लेकिन 2025 में मौसम ने एक अलग ही करवट ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए विशेष ‘कोल्ड वेव + डेंस फॉग’ अलर्ट जारी किया है। राजधानी पटना, गया, मुजफ्फरपुर, नालंदा, औरंगाबाद, नवादा, बेगूसराय और पूर्वी चंपारण में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। रात और सुबह की तापमान तेजी से नीचे जा रहा है, वहीं कोहरे का असर इतना बढ़ चुका है कि दृश्यता काफी कम हो चुकी है।

इस मौसम परिवर्तन का सीधा असर जनजीवन, यात्रा, कृषि, स्वास्थ्य और स्कूल-कॉलेज में देखा जा रहा है। इस रिपोर्ट में हम विस्तार से जानेंगे कि IMD ने क्या चेतावनी दी है, किन क्षेत्रों में ठंड और कोहरा अधिक असर डाल सकता है, और आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा।

तापमान में रिकॉर्ड गिरावट – रातें हुईं ठंडी, सुबह में छाया कोहरा

इस समय बिहार के कई जिलों में देर रात और सुबह के वक़्त तापमान अचानक तेजी से गिर रहा है। पटना में न्यूनतम तापमान 11–12°C तक दर्ज किया गया, जबकि गया और नवादा में कुछ स्थानों पर 10°C से भी नीचे चला गया। सामान्यतः नवंबर के अंत में न्यूनतम तापमान 14–16°C रहता है, लेकिन इस बार यह पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़कर करीब 3–5 डिग्री नीचे आ गया है।

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IMD के अनुसार, उत्तर पश्चिम से आने वाली ठंडी हवाओं और हिमालयी राज्यों में बर्फबारी के कारण यह गिरावट हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा की दिशा बदलने और नमी बढ़ने से कई जिलों में ‘घना कोहरा’ बनने लगा है, जो दिसंबर और जनवरी की तरह महसूस कराया रहा है।

पटना में स्थिति

राजधानी पटना में सुबह 5 बजे से 9 बजे तक सड़क पर 50–100 मीटर से अधिक दूरी दिखना मुश्किल हो रहा है। इससे सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ गया है और लोग वाहन धीरे चलाने को मजबूर हैं। ट्रैफिक विभाग ने भी लोगों से सुबह के समय हैडलाइट ऑन रखने की अपील की है।

गया और औरंगाबाद

गया में हवा अत्यंत ठंडी होने के कारण सुबह-सुबह कई लोग अलाव का सहारा लेते दिख रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्रों ने किसानों को चेतावनी दी है कि ठंडी हवा सब्जियों की खेती पर असर डाल सकती है।

मुजफ्फरपुर और वैशाली

उत्तर बिहार में कोहरा और नमी दोनों बढ़ रहे हैं। मुजफ्फरपुर और वैशाली में कोहरे की परत इतनी घनी है कि कई जगहों पर परिवहन सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।

कोहरे से बिगड़ी स्थिति – ट्रेनों में देरी, उड़ानें प्रभावित, स्कूल-कॉलेजों की समस्या बढ़ी

IMD के अनुसार बिहार में अगले कुछ दिनों तक ‘हल्का से घना कोहरा’ छाया रहेगा। कोहरा बढ़ने का सबसे बड़ा असर परिवहन पर पड़ रहा है— विशेष रूप से सड़क, रेल और हवाई यातायात पर।

रेलवे पर असर:

कई महत्वपूर्ण ट्रेनें देर से चल रही हैं। पटना–नई दिल्ली, पटना–रांची, दरभंगा–दिल्ली और मुजफ्फरपुर–गया रूट पर 1 से 4 घंटे की देरी दर्ज की जा रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सिग्नल की दृश्यता कम होने से ट्रेनों की स्पीड कम कर दी गई है, जिससे देरी अनिवार्य है।

हवाई सेवाओं पर असर:

पटना एयरपोर्ट पर सुबह की कुछ उड़ानें प्रभावित हुई हैं। दृश्यता कम होने से रनवे पर उड़ान भरना और उतरना चुनौतीपूर्ण हो गया है। कुछ उड़ानें देरी से चलाई जा रही हैं और कुछ को डायवर्ट भी किया गया है।

स्कूल-कॉलेजों का हाल:

कोहरे और ठंड का सबसे ज़्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है।

  • कई बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते।
  • सुबह-सुबह बच्चों को ठंडी हवा से सामना करना पड़ रहा है।
  • अभिभावक मांग कर रहे हैं कि स्कूल समय 1 घंटे आगे बढ़ाया जाए।

राज्य सरकार इस पर विचार कर सकती है, यदि तापमान आगे और गिरता है।

स्वास्थ्य, कृषि और जनजीवन पर असर – IMD के लिए गाइडलाइन और सावधानियाँ

स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव

अचानक ठंड बढ़ने से सर्दी-जुकाम, खांसी, सांस संबंधी बीमारियां और अस्थमा रोगियों की समस्या बढ़ जाती है। डॉक्टर्स के अनुसार—

  • सुबह-शाम बाहर न निकलें,
  • मास्क या मफलर से मुंह-नाक ढकें,
  • गुनगुना पानी पीते रहें।

बच्चों और बुज़ुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि कोहरे में मौजूद नमी फेफड़ों पर खराब असर डालती है।

किसानों पर प्रभाव

कोहरे और ठंडी हवा का असर रबी और सब्जियों की फसलों पर दिखना शुरू हो गया है।

  • सरसों, मटर और गेहूं की फसल तापमान गिरने से प्रभावित हो सकती है।
  • पत्तेदार सब्जियों (गोबी, पालक, मेथी) पर पाला पड़ने का खतरा बढ़ गया है।

कृषि वैज्ञानिक सलाह दे रहे हैं कि किसान—

  • फसल को हल्की सिंचाई दें,
  • खेत के किनारों पर धुआं करें,
  • पौधों को तापमान गिरने से बचाएं।

जनजीवन पर प्रभाव

  • सुबह की बसें लेट चल रही हैं।
  • रिक्शा-ऑटो वालों को कमाई में नुकसान।
  • बाज़ारों में सुबह रौनक कम, शाम में भीड़ अधिक।
  • रात 9 बजे के बाद बाहर निकलने वालों की संख्या काफी कम।

IMD की गाइडलाइन

IMD ने कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए हैं—

  1. सुबह के समय गाड़ी धीरे चलाएं।
  2. हाई और लो बीम लाइट दोनों का उपयोग करें।
  3. यात्रा से पहले मौसम की जानकारी देख लें।
  4. सुबह-सुबह व्यायाम करने से बचें।
  5. बच्चों और बुज़ुर्गों को ठंडी हवा से बचाकर रखें।

बिहार में अगले 7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान – ठंड और बढ़ सकती है

IMD के अनुसार बिहार में अगले 7 दिनों में ठंड और अधिक बढ़ सकती है।

  • न्यूनतम तापमान 9–11°C तक जा सकता है।
  • सुबह 4–9 बजे के बीच कोहरा सबसे घना रहेगा।
  • दिन का तापमान 24–27°C के बीच रहेगा।
  • हवा की गति 4–8 किमी/घंटा रहने की संभावना।

अगर हवा में नमी बढ़ती है, तो कोहरे की मोटी परत और भी गहरी हो सकती है।इस बार बिहार में नवंबर के अंत में ही कड़ाके की ठंड शुरू हो चुकी है। IMD की चेतावनी बताती है कि राज्य में अगले कुछ दिनों तक स्थिति और गंभीर हो सकती है। किसानों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, यात्रियों और आम जनता को सावधानी बरतनी बेहद जरूरी है।

ठंड और कोहरे का यह दौर अगर दिसंबर की शुरुआत तक जारी रहा, तो यह सर्दी पिछले कई सालों की तुलना में अधिक कठोर हो सकती है। इसलिए लोगों को अभी से तैयारी शुरू करनी चाहिए—
गर्म कपड़े, समय पर यात्रा प्लानिंग, बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है।

“Cyclone Senyar का बड़ा खतरा! तमिलनाडु से बंगाल तक हाई अलर्ट, IMD ने जारी की नई चेतावनी”

Cyclone Senyar Latest Update 2025

Cyclone Senyar Latest News in Hindi | IMD Weather Alert

बंगाल की खाड़ी इस समय एक तेजी से विकसित हो रहे मौसमी सिस्टम की चपेट में है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि यह सक्रिय निम्न दाब क्षेत्र (Low Pressure Area) अगले 24–36 घंटों में पूर्ण चक्रवात “Senyar” का रूप ले सकता है। इसके कारण तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और अंडमान-निकोबार में भारी बारिश, तेज हवाएं, समुद्री उफान और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

इस बीच, मौसम विभाग ने स्पष्ट कहा है कि अगले 72 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि सिस्टम ने गति और ऊर्जा पकड़ी, तो यह एक खतरनाक चक्रवाती तूफान बन सकता है। वहीं, यदि यह कमजोर पड़ता है, तो भी यह तटीय राज्यों में भारी बारिश और जलभराव की बड़ी समस्या पैदा करेगा।

चक्रवात ‘सेन्यार’ कैसे बन रहा है? — बंगाल की खाड़ी में उठे तूफान की वैज्ञानिक कहानी

बंगाल की खाड़ी दुनिया के सबसे सक्रिय चक्रवात क्षेत्रों में से एक है। नवंबर महीना हमेशा से चक्रवातों के लिए संवेदनशील रहा है क्योंकि इस सीजन में समुद्र का तापमान 28–30°C के बीच होता है, जो तूफानों को ताकत देता है।

कैसे शुरू हुआ यह सिस्टम?

  • पिछले सप्ताह बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया का गठन हुआ।
  • यह तेजी से एक Well Marked Low Pressure Area में बदला।
  • अब यह डिप्रेशन की ओर बढ़ रहा है, जिसकी हवा की गति 45–55 किमी/घंटा है।
  • IMD का अनुमान है कि हवा की स्पीड 62 किमी/घंटा से ऊपर जाते ही इसे Cyclone “Senyar” नाम दिया जाएगा।

“सेन्यार” नाम थाईलैंड द्वारा सुझाया गया है, जिसका अर्थ स्थानीय भाषा में “शक्ति व स्थिरता” होता है।

इस चक्रवात को ऊर्जा क्या दे रही है?

  • समुद्र की सतह का बढ़ा हुआ तापमान
  • हवा में अत्यधिक नमी
  • खाड़ी के ऊपर कम दबाव
  • पश्चिमी हवाओं का दबाव
  • समुद्र में तेज गर्मी की लहरें

ये सभी कारक तूफान को मजबूत कर रहे हैं।

चक्रवात की संभावित दिशा

मौसम मॉडल के अनुसार:

  • यह सिस्टम तमिलनाडु तट के पास सबसे अधिक प्रभाव डाल सकता है
  • इसके बाद उत्तरी दिशाओं की ओर बढ़ने की संभावना है
  • बंगाल–ओडिशा तट भी इसके दायरे में आ सकते हैं

हालांकि अभी इसकी सही दिशा का अनुमान लगातार बदल रहा है, जो इसकी अनिश्चितता को दर्शाता है।

किन राज्यों में होगा सबसे अधिक असर? — दक्षिण से पूर्वी भारत तक अलर्ट

चक्रवात “सेन्यार” का प्रभाव दक्षिण भारत से लेकर पूर्वी भारत तक कई राज्यों में देखा जाएगा। IMD ने सभी प्रभावित राज्यों के लिए अलग-अलग चेतावनी जारी की है

तमिलनाडु: सबसे बड़ा खतरा यहीं

तमिलनाडु वर्तमान में खतरे के केंद्र में है क्योंकि चक्रवात की शुरुआती टक्कर का अनुमान यहीं लगाया जा रहा है।

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प्रभावित जिले:

  • चेन्नई
  • कांचीपुरम
  • तिरुवल्लूर
  • नगोरे
  • पुदुचेरी (केंद्र शासित प्रदेश)
  • कुड्डालोर
  • तंजावुर

संभावित प्रभाव:

  • 20–25 सेमी तक अति भारी वर्षा
  • 65–85 किमी/घंटा तक हवा की गति
  • समुद्र में 3–5 मीटर ऊँची लहरें
  • तटीय क्षेत्रों में बाढ़ और जलभराव

ओडिशा सरकार ने पहले से ही 100 से ज्यादा शेल्टर होम तैयार कर लिए हैं।

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह

द्वीपों में पिछले 24 घंटे से बारिश लगातार जारी है। स्कूल, सरकारी दफ्तर और फेरी सेवाएं बंद कर दी गई हैं।

स्कूल-कॉलेज बंद? यात्रा पर असर? — प्रशासन का बड़ा एक्शन प्लान

स्कूल-कॉलेज बंद करने की तैयारी

तमिलनाडु के कई जिलों में प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि:

  • सोमवार
  • मंगलवार
  • और संभवतः बुधवार

को स्कूल-कॉलेज बंद किए जा सकते हैं।

कई निजी स्कूलों ने पहले ही ऑनलाइन क्लास शुरू कर दी है।

पश्चिम बंगाल में स्कूलों को राहत शिविर (Relief Camp) में बदलने की तैयारी है।

यात्रा पर प्रभाव

स्थिति बिगड़ने पर:

  • कई ट्रेनों को डायवर्ट किया जा सकता है
  • फ्लाइट्स कैंसिल या रीशेड्यूल हो सकती हैं
  • बस सेवाओं पर रोक लग सकती है

एयरपोर्ट अधिकारियों ने चेतावनी जारी कर दी है।

मछुआरों के लिए बड़ा अलर्ट

IMD और मत्स्य विभाग ने स्पष्ट कहा है:

  • किसी भी नाव को समुद्र में जाने की अनुमति नहीं
  • गहरे समुद्र से नावें वापस बुला ली गई हैं
  • तटीय गांव खाली कराए जा रहे हैं

NDRF और SDRF की टीम तैनात

चक्रवात से पहले प्रशासन ने पूरी तैयारी शुरू कर दी है:

  • 30+ NDRF टीमों की तैनाती
  • 80+ SDRF टीमें स्टैंडबाय
  • हेलिकॉप्टर और नावें तैयार

बिजली विभाग ने पूरे राज्य में पुराने ट्रांसफॉर्मर्स बदलने और केबल टाइट करने का काम तेज कर दिया है।

चक्रवात “सेन्यार” पूरी तरह विकसित नहीं हुआ है, परंतु यह लगातार शक्ति प्राप्त कर रहा है। इसका पथ अनिश्चित है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। दक्षिण भारत और पूर्वी भारत को अगले कुछ दिनों तक अलर्ट मोड पर रहना होगा। IMD लगातार अपडेट जारी कर रहा है। स्थिति में कोई भी बदलाव आता है तो अलर्ट का दायरा और बड़ा हो सकता है।

भारत का मौसम 19 से 24 नवंबर: उत्तर में बढ़ती ठंड, दक्षिण में बारिश का असर — देशभर में मौसम हुआ पूरी तरह बदल

भारत का मौसम 19 से 24 नवंबर

भारत मौसम 19 से 24 नवंबर:भारत में नवंबर के तीसरे सप्ताह के दौरान मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। एक ओर उत्तर भारत में ठंड दस्तक दे चुकी है और कई राज्यों में कोहरे का असर दिखने लगा है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण भारत में बारिश और चक्रवाती गतिविधियों का प्रभाव जारी है। 19 नवंबर से 24 नवंबर के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में तापमान में गिरावट, बारिश, शीतलहर और बर्फबारी की संभावना मौसम को कई हिस्सों में प्रभावित करेगी।
इस सप्ताह भारत एक साथ कई तरह की मौसम गतिविधियों का अनुभव करेगा—उत्तर की ठंडी हवाएँ, पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी, मध्य भारत में तापमान में गिरावट और दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट।

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड की दस्तक — पारा 10°C से नीचे, कई शहरों में घना कोहरा

नवंबर के तीसरे सप्ताह में उत्तर भारत में ठंड तेज रफ्तार से बढ़ती है। इस वर्ष भी 19 से 24 नवंबर के बीच ऐसे ही हालात देखने की संभावना है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और बिहार में तापमान लगातार गिरता जाएगा।

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तापमान में भारी गिरावट

उत्तर से आने वाली शुष्क और ठंडी हवाओं के चलते कई शहरों में न्यूनतम तापमान 8°C से 12°C के बीच तक पहुंच सकता है।
• दिल्ली-एनसीआर में सुबह और देर शाम ठंड का प्रभाव तेज रहेगा।
• राजस्थान (जयपुर, अलवर, सीकर) में रात का तापमान 10°C से भी नीचे जा सकता है।
• हरियाणा और पंजाब में शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है।
• उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में 10–12°C के आसपास तापमान रहेगा।
• बिहार में भी सुबह-शाम ठंड में तेजी आएगी और न्यूनतम तापमान 12–14°C तक गिर सकता है।

कोहरे की वापसी

19–24 नवंबर के दौरान पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी यूपी और बिहार में सुबह-सुबह हल्का से मध्यम कोहरा छाने की संभावना है।
रात में नमी अधिक और हवा की रफ्तार कम रहने के कारण कई इलाकों में दृश्यता 100–500 मीटर तक घट सकती है।

हवा की गुणवत्ता पर असर

दिल्ली-एनसीआर में तापमान गिरने के साथ-साथ हवा में घुलनशील कण नीचे बैठते हैं।
इससे AQI खराब से बहुत खराब श्रेणी तक पहुँचने की संभावना है।
ठंडी हवा की वजह से स्मॉग का खतरा भी बढ़ेगा।

पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी तेज — हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में तापमान फ्रीजिंग पॉइंट के आसपास

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मौसम की सबसे बड़ी खासियत इस सप्ताह होगी—सीजन की पहली बड़ी बर्फबारी, साथ ही कई पर्वतीय इलाकों में बारिश भी होगी।

बर्फबारी का अलर्ट

• जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग, सोनमर्ग, पहलगाम में मध्यम से भारी बर्फबारी की संभावना।
• हिमाचल के लाहौल-स्पीति, कीलॉन्ग, किन्नौर और मनाली के ऊपरी हिस्सों में बर्फ गिर सकती है।
• उत्तराखंड के बदरीनाथ, केदारनाथ, औली, चोपता, हर्सिल और मुंसियारी में तापमान माइनस में जा सकता है।

सड़कें बंद होने की चेतावनी

ऊपरी इलाकों में बर्फबारी के कारण कई मार्ग बंद हो सकते हैं।
पर्यटकों को इस दौरान यात्रा करने में सावधानी बरतने की सलाह है।

तापमान शून्य के आसपास

पर्वतीय इलाकों में न्यूनतम तापमान 0°C से –5°C तक दर्ज किया जा सकता है।
यह नवंबर के तीसरे हफ्ते के लिए सामान्य सीजनल पैटर्न है लेकिन इस बार ठंड कुछ ज्यादा महसूस होगी।

दक्षिण भारत में बारिश और चक्रवात का प्रभाव — तमिलनाडु, केरल और आंध्र में भारी बारिश की संभावना

उत्तर भारत जहाँ ठंड से जूझ रहा है, वहीं दक्षिण भारत बारिश और समुद्री सिस्टम के प्रभाव से प्रभावित रहेगा।

तटीय तमिलनाडु में भारी बारिश

19 से 24 नवंबर तक चेन्नई, नागपट्टिनम, कडलूर, तिरुवल्लूर और पुडुचेरी में भारी वर्षा की संभावना है। समुद्र में तेज लहरें और हवा चलने की चेतावनी भी जारी की जा सकती है।

आंध्र-प्रदेश में भी बारिश का दौर

विशाखापट्टनम, श्रीकाकुलम, विजयवाड़ा और तटीय क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र पर सक्रिय रहेगा जिससे लगातार बादल बने रहेंगे।

केरल का मौसम नम

केरल में कोच्चि, त्रिशूर, तिरुवनंतपुरम और कन्नूर में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
हालांकि भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन लगातार फुहारें पड़ेंगी।

मत्स्यपालन और समुद्री गतिविधियों पर रोक

सक्रिय मौसम सिस्टम के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी जा सकती है।
हवा की गति 40–50 किमी/घंटा तक रहने की उम्मीद है।

मध्य व पूर्वी भारत में भी तापमान में तेजी से गिरावट — सर्द हवाओं का असर

मध्य भारत — मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र (विदर्भ) — में 19 नवंबर से तापमान में गिरावट बढ़ेगी।
पूर्वी भारत — झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल — में हल्की ठंडी हवाएँ चलेंगी।मध्य प्रदेश में पारा लुढ़क सकता है, भोपाल, जबलपुर, सागर, इंदौर में रात का तापमान 10–14°C के बीच रहेगा। छत्तीसगढ़ ठंड के प्रभाव में रायपुर और बिलासपुर में न्यूनतम तापमान 14–16°C तक गिर सकता है।विदर्भ में शुष्क मौसम नागपुर, अकोला और अमरावती में ठंडी हवाएँ चलेंगी।पूर्वी भारत में हल्की ठंड कोलकाता, ओडिशा, झारखंड में दिन का तापमान सामान्य होगा लेकिन रातें ठंडी रहेंगी।

19–24 नवंबर भारत में मौसम का बड़ा ट्रांज़िशन—शीतलहर, कोहरा, बारिश और बर्फबारी साथ-साथ

19 से 24 नवंबर का समय भारत के मौसम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
• उत्तर भारत ठंड की पकड़ में आएगा।
• पहाड़ों में बर्फबारी तेज होगी।
• दक्षिण भारत में भारी बारिश और चक्रवाती गतिविधि जारी रहेगी।
• मध्य और पूर्वी भारत धीरे-धीरे ठंड की ओर बढ़ेंगे।

मौसम के इस पूरे बदलाव के दौरान यात्रियों, किसानों, छात्रों और आम लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ठंड से बचाव, धुंध में वाहन धीमे चलाना, और बारिश वाले राज्यों में जलभराव से सतर्क रहना आवश्यक है।

नवंबर की ठंड शुरू! जानिए इस बार कितना गिरेगा तापमान, कहाँ-कहाँ पड़ेगी सबसे ज्यादा सर्दी?

भारत में नवंबर में ठंड

नवंबर का महीना भारत में सर्दियों की शुरुआत का संकेत देता है। दिन धीरे-धीरे ठंडे होने लगते हैं और रात का तापमान तेजी से गिरने लगता है। जानिए इस नवंबर में देशभर में तापमान का हाल और सर्दी कब बढ़ेगी।

भारत में नवंबर का महीना मौसम परिवर्तन का प्रतीक होता है। अक्टूबर के अंत तक मानसून की विदाई हो जाती है और धीरे-धीरे उत्तरी दिशा से ठंडी हवाएं देश के मैदानी इलाकों में प्रवेश करने लगती हैं। यही कारण है कि नवंबर के पहले सप्ताह से ही उत्तर भारत में सुबह और शाम ठंड का असर महसूस होने लगता है।
औसतन इस महीने में दिन का अधिकतम तापमान 28°C से 32°C तक और न्यूनतम तापमान 14°C से 20°C के बीच दर्ज किया जाता है।
हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे पहाड़ी राज्यों में नवंबर तक बर्फबारी की शुरुआत हो जाती है, जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में गुलाबी ठंड महसूस की जाती है।

उत्तर भारत में बढ़ी ठंड, दिल्ली-एनसीआर में गिरा तापमान

नवंबर के मध्य तक दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तापमान में 4 से 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की जाती है। सुबह और देर रात को कोहरा छाने लगता है।
इस बार भी मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, नवंबर 2025 में दिल्ली का न्यूनतम तापमान 12°C से 14°C के बीच और अधिकतम तापमान 26°C के आसपास रहने की संभावना है।
दिल्ली और नोएडा के कई हिस्सों में सुबह के समय हल्की धुंध और ठंडी हवाएं चलनी शुरू हो चुकी हैं, जो आने वाले दिनों में सर्दी के बढ़ने का संकेत हैं।

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पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी की आहट

हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों — जैसे कि लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू-मनाली में नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह से हल्की बर्फबारी शुरू हो जाती है।
उधर, जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग और पहलगाम जैसे पर्यटन स्थलों पर तापमान शून्य के नीचे पहुंचने लगता है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस साल पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता सामान्य से थोड़ी अधिक रहने की उम्मीद है, जिसके चलते उत्तर भारत में ठंडी हवाएं पहले की तुलना में तेज़ी से असर दिखा सकती हैं।
यही कारण है कि नवंबर के तीसरे सप्ताह तक शिमला और मनाली में न्यूनतम तापमान 3°C से 5°C तक गिरने की संभावना है।

मध्य और दक्षिण भारत में कैसी रहेगी ठंड?

दक्षिण भारत में नवंबर में ठंड का असर सीमित रहता है। चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोच्चि जैसे शहरों में तापमान 20°C से 30°C के बीच रहता है।
हालांकि, मध्य भारत यानी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में रात का तापमान धीरे-धीरे 15°C से नीचे जाने लगता है।
नागपुर, इंदौर और भोपाल जैसे शहरों में नवंबर के आखिरी सप्ताह तक हल्की ठंड महसूस होने लगती है।
उधर, महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में सुबह की ठंडी हवाएं और कोहरा लोगों को गर्म कपड़े पहनने पर मजबूर कर देता है।

पूर्वी भारत और बिहार में ठंड का असर

पूर्वी भारत के राज्य — बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में नवंबर की शुरुआत में तापमान थोड़ा-थोड़ा गिरना शुरू होता है।बिहार के गया, पटना और भागलपुर में दिन का तापमान 28°C और रात का तापमान 16°C तक पहुंच जाता है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस साल नवंबर के दूसरे सप्ताह से बिहार में उत्तरी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट आएगी।
सुबह-शाम हल्की ठंड और कोहरे का असर धीरे-धीरे बढ़ता जाएगा।

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नवंबर में स्वास्थ्य का ध्यान रखें

मौसम में अचानक बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम, गला दर्द और फ्लू जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।
इसलिए इस समय गर्म पानी पिएं, रात में ठंडी हवा से बचें और बच्चों या बुजुर्गों को ठंड से बचाव के लिए स्वेटर या हल्का ऊनी कपड़ा पहनाएं।इसके अलावा, धूप में कुछ समय बिताना और नियमित व्यायाम करना भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखता है।

मौसम विभाग का अनुमान क्या कहता है?

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, नवंबर 2025 में भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से थोड़ा कम तापमान दर्ज किया जा सकता है।
उत्तर और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान औसतन 2°C से 3°C तक नीचे जा सकता है, जबकि दक्षिण भारत में हल्की ठंड बनी रहेगी।सर्द हवाएं नवंबर के अंतिम सप्ताह से पूरे देश में फैलने लगेंगी, और दिसंबर की शुरुआत तक सर्दियों का मुख्य दौर शुरू हो जाएगा।

5 से 10 नवंबर तक पूरे भारत का मौसम बदलेगा! जानिए कहाँ पड़ेगी ठंड और कहाँ बरसेगी बारिश

5 से 10 नवंबर तक पूरे भारत का मौसम

Weather Update:नवंबर का महीना शुरू होते ही देशभर में मौसम का मिज़ाज तेजी से बदलने लगता है। एक तरफ उत्तरी भारत में सुबह-शाम की ठंड बढ़ रही है, तो दूसरी ओर दक्षिण भारत में बारिश का सिलसिला अब भी जारी है। इस बार 5 से 10 नवंबर के बीच मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस हफ्ते भारत के अलग-अलग इलाकों में कैसा रहेगा मौसम — और किन राज्यों में ठंड का असर सबसे ज़्यादा महसूस होगा।

उत्तर भारत में ठंड की दस्तक — कोहरा और धुंध बढ़ेगी

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में इस समय हल्की सर्दी का दौर शुरू हो चुका है। 5 नवंबर से तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आएगी। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 7 से 10 नवंबर के बीच रात का न्यूनतम तापमान 12 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि दिन का अधिकतम तापमान 26 से 29 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा।

सुबह-सुबह कोहरे और धुंध की परतें अब नजर आने लगी हैं। विशेषकर दिल्ली-एनसीआर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में हवा की गुणवत्ता (AQI) भी खराब स्तर पर पहुँच सकती है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों में हल्की ठंडी हवाएं चलने की संभावना है।

अगर आप सुबह ऑफिस या स्कूल जाते हैं, तो हल्की जैकेट या स्वेटर पहनना बेहतर रहेगा। ड्राइविंग करते समय कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम हो सकती है, इसलिए सावधानी जरूरी है।

मध्य भारत में दिन गर्म, रातें ठंडी — साफ आसमान रहेगा

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में इस सप्ताह मौसम शुष्क रहेगा। 5 से 10 नवंबर तक कहीं भी बारिश की संभावना नहीं है। आसमान साफ रहेगा और दिन में हल्की गर्माहट महसूस होगी।दिन का तापमान 29 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि रात में यह घटकर 16 से 18 डिग्री तक पहुँच सकता है। यानी सुबह और शाम के समय हल्की ठंड, जबकि दोपहर में गर्मी का अहसास होगा।नागपुर, भोपाल, इंदौर और रायपुर जैसे शहरों में दिन का मौसम सुहाना रहेगा। हल्की ठंडी हवा चलने से हवा में ताजगी बनी रहेगी।

दक्षिण भारत में बारिश का दौर — चेन्नई और केरल में भारी बारिश की संभावना

5 से 10 नवंबर के बीच तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के तटीय इलाकों में बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, चेन्नई, मदुरै, कोयंबटूर और तिरुवनंतपुरम में मॉनसून की आखिरी बारिश देखने को मिलेगी।

चेन्नई और आसपास के जिलों में 6 से 8 नवंबर के बीच मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। वहीं केरल के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।दक्षिण भारत के लोग इस समय गर्मी से थोड़ी राहत महसूस करेंगे। बारिश के चलते तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है।

पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में ठंड बढ़ने लगी — बर्फबारी की आहट

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 8 से 10 नवंबर के बीच ऊंचाई वाले इलाकों में पहली हल्की बर्फबारी की संभावना है। खासकर लद्दाख, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और बद्रीनाथ-केदारनाथ क्षेत्रों में तापमान शून्य के करीब पहुँच सकता है।

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पूर्वोत्तर राज्यों — असम, मेघालय, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में हल्की बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलेंगी। दिन का तापमान 24 से 27 डिग्री और रात का तापमान 15 डिग्री के आसपास रहेगा।यानी 10 नवंबर तक देश के पहाड़ी और पूर्वोत्तर हिस्सों में ठंड की दस्तक पक्की हो जाएगी।

मौसम का सारांश (5 से 10 नवंबर 2025)

क्षेत्रमौसम स्थितितापमान (°C)बारिश की संभावना
उत्तर भारतठंड और धुंध बढ़ेगी12–29नहीं
मध्य भारतशुष्क और साफ मौसम16–32नहीं
दक्षिण भारतमध्यम से भारी बारिश22–30हाँ
पूर्वोत्तर भारतहल्की ठंड और हल्की बारिश15–27हाँ
पहाड़ी राज्यठंड और बर्फबारी की शुरुआत0–20हाँ

कुल मिलाकर देखा जाए तो 5 से 10 नवंबर तक पूरे भारत का मौसम परिवर्तन के दौर में रहेगा।

  • उत्तर भारत और पहाड़ी इलाकों में ठंड तेजी से बढ़ेगी।
  • मध्य भारत में मौसम सुहाना और साफ रहेगा।
  • दक्षिण भारत में बारिश का असर जारी रहेगा।
  • पूर्वोत्तर भारत में हल्की ठंड और बर्फबारी की तैयारी शुरू हो चुकी है।

अगर आप यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मौसम का ध्यान जरूर रखें — खासकर उत्तर भारत और दक्षिण भारत के यात्रियों के लिए। ठंडी हवाएं और अचानक तापमान में गिरावट आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए जरूरी सावधानियाँ बरतें।