नई दिल्ली, 10 दिसंबर 2025 — सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत चालू वित्त वर्ष में अब तक 2.02 करोड़ से अधिक क्लेम निपटाए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि ₹28,732.18 करोड़ बताई गई है। इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने संसद को विस्तृत जानकारी दी।
5 लाख तक का मुफ्त इलाज, 12 करोड़ परिवारों को लाभ
AB-PMJAY देश के आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लिए सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसमें प्रत्येक परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है। सरकार के अनुसार, योजना का लक्ष्य देश के 40% गरीब और वंचित तबकों के लगभग 12 करोड़ परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा देना है।ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, 31 अक्टूबर 2025 तक 42.31 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।योजना का दायरा बढ़ाने के लिए सरकार ने मार्च 2024 में बड़ा फैसला लिया था। इसके अनुसार—
- 37 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स (ASHA, आंगनवाड़ी वर्कर, आंगनवाड़ी हेल्पर) और उनके परिवारों को PMJAY में शामिल किया गया।
- सभी 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, उनकी आर्थिक स्थिति चाहे जो भी हो, को Ayushman Vay Vandana पहल के तहत कवरेज दिया गया।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार—
Vay Vandana योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को 89.51 लाख कार्ड दिए जा चुके हैं।
ASHA/AWW/AWH लाभार्थियों को 41.34 लाख कार्ड जारी किए गए
देशभर में 1.80 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर सक्रिय
सरकार ने बताया कि देशभर में कुल 1,80,906 Ayushman Arogya Mandir (AAM) — यानी पहले के Health & Wellness Centres — संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों में हाईपरटेंशन, डायबिटीज़, ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारियों की रोकथाम व स्क्रीनिंग की सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
अब तक किए गए प्रमुख स्क्रीनिंग आंकड़े (अक्टूबर 2025 तक):
- 38.79 करोड़ — हाईपरटेंशन
- 36.05 करोड़ — डायबिटीज़
- 31.88 करोड़ — ओरल कैंसर
- 14.98 करोड़ — ब्रेस्ट कैंसर
- 8.15 करोड़ — सर्वाइकल कैंसर
41 करोड़ से अधिक टेली-कंसल्टेशन, डिजिटल हेल्थ को बढ़ावा
NHA के अनुसार सभी सक्रिय AAM केंद्रों पर टेली-कंसल्टेशन की सुविधा उपलब्ध है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को विशेषज्ञ डॉक्टरों तक आसान पहुँच मिल रही है।
अब तक 41.14 करोड़ से अधिक टेली-कंसल्टेशन किए जा चुके हैं, जो डिजिटल हेल्थकेयर की बढ़ती स्वीकृति को दर्शाता है।



