15 दिसंबर को बदलेगा मौसम! बिहार-UP-दिल्ली में कोहरा और ठंड मचाएगी कहर

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15 दिसंबर आते-आते उत्तर भारत में सर्दी पूरी तरह से अपना असर दिखाने लगती है। दिसंबर के मध्य तक हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों में तापमान को तेजी से गिरा देती हैं। इस समय बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर जैसे राज्यों में सुबह और रात के समय ठंड ज्यादा महसूस होती है, जबकि दिन में हल्की धूप राहत देती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस अवधि में उत्तर भारत का मौसम शुष्क बना रहता है, लेकिन कोहरे और धुंध की समस्या लगातार बनी रहती है।

15 दिसंबर को अधिकतर इलाकों में बारिश की संभावना नहीं रहती, जिससे ठंड का असर और बढ़ जाता है। नमी कम होने के कारण रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जाती है। ग्रामीण इलाकों में खुले खेतों और नदियों के आसपास घना कोहरा देखने को मिलता है, जिससे दृश्यता काफी कम हो जाती है। यही वजह है कि दिसंबर के मध्य में सड़क, रेल और हवाई यातायात पर मौसम का असर साफ नजर आता है।

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इस दौरान दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ जाता है। दिन में जहां हल्की धूप निकलने से मौसम सामान्य लगता है, वहीं सूर्य ढलते ही ठंडी हवाओं के साथ ठिठुरन बढ़ जाती है। मौसम का यह मिजाज खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

बिहार और पटना में 15 दिसंबर का मौसम

बिहार में 15 दिसंबर का मौसम ठंड और कोहरे के इर्द-गिर्द घूमता है। पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में सुबह के समय घना कोहरा या धुंध देखने को मिल सकती है। खासकर गंगा नदी के किनारे बसे इलाकों में कोहरे की तीव्रता अधिक रहने की संभावना रहती है। सुबह के समय दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

पटना में दिन का मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है और हल्की धूप निकल सकती है, जिससे लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिलती है। हालांकि, शाम ढलते ही तापमान तेजी से गिरने लगता है। ग्रामीण इलाकों में खुले स्थानों पर ठंड ज्यादा महसूस होती है। खेतों में काम करने वाले किसानों को सुबह-सुबह ठंड और कोहरे से जूझना पड़ता है।

15 दिसंबर के आसपास बिहार में ठंडी पछुआ हवाएं चलती हैं, जो तापमान को नीचे बनाए रखती हैं। बारिश की संभावना न के बराबर होती है, जिससे वातावरण शुष्क बना रहता है। यही कारण है कि सर्दी का असर लंबे समय तक महसूस होता है। इस मौसम में लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेते हैं और सुबह-शाम अलाव जलाते नजर आते हैं।

उत्तर प्रदेश में 15 दिसंबर का मौसम: कोहरे का कहर

उत्तर प्रदेश में 15 दिसंबर का मौसम सर्दी और घने कोहरे के लिए जाना जाता है। पूर्वी यूपी से लेकर पश्चिमी यूपी तक सुबह के समय कोहरा आम बात हो जाती है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ और आगरा जैसे शहरों में सुबह-सुबह दृश्यता काफी कम हो सकती है। कई इलाकों में कोहरा इतना घना होता है कि सड़कों पर चलना मुश्किल हो जाता है।

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दिन के समय हल्की धूप निकलने से तापमान थोड़ा बढ़ता है, लेकिन ठंडी हवाएं चलने से ठंड बनी रहती है। रात के समय तापमान और गिर जाता है, जिससे सर्दी का असर बढ़ जाता है। ग्रामीण इलाकों में खुले खेतों के कारण ठंड ज्यादा महसूस होती है और फसलों पर ओस जमने लगती है।

15 दिसंबर के आसपास उत्तर प्रदेश में शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है। खासकर पश्चिमी यूपी में रात का तापमान सामान्य से नीचे जा सकता है। मौसम का यह असर जनजीवन के साथ-साथ यातायात पर भी पड़ता है। ट्रेनें और बसें देरी से चलती हैं, वहीं हाईवे पर वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।

दिल्ली-एनसीआर में 15 दिसंबर का मौसम और प्रदूषण का असर

दिल्ली-एनसीआर में 15 दिसंबर का मौसम ठंड, कोहरा और वायु प्रदूषण तीनों का मिश्रण होता है। सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा या स्मॉग देखने को मिल सकता है। ठंडी हवाओं के साथ प्रदूषण के कण हवा में बने रहते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता प्रभावित होती है। इस दौरान सुबह-सुबह टहलने वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी महसूस हो सकती है।

दिन में सूरज निकलने पर मौसम थोड़ा साफ होता है, लेकिन धूप कमजोर रहती है। तापमान सामान्य सर्दियों जैसा रहता है, जिससे लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत बनी रहती है। शाम होते-होते फिर से ठंड बढ़ने लगती है और कोहरा छाने लगता है।

दिल्ली में 15 दिसंबर के आसपास ठंड का असर बढ़ जाता है, खासकर रात के समय। खुले इलाकों और बाहरी क्षेत्रों में तापमान और कम महसूस होता है। प्रदूषण के कारण ठंड का असर और ज्यादा हो जाता है, जिससे आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

निष्कर्ष

15 दिसंबर का मौसम उत्तर भारत के लिए ठंड, कोहरा और शुष्क वातावरण लेकर आता है। बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में सुबह-शाम ठंड और कोहरे का असर साफ नजर आता है। दिन में हल्की धूप जरूर राहत देती है, लेकिन कुल मिलाकर सर्दी का प्रकोप बना रहता है। इस मौसम में लोगों को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने, गर्म कपड़े पहनने और यात्रा के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

भारत का मौसम 19 से 24 नवंबर: उत्तर में बढ़ती ठंड, दक्षिण में बारिश का असर — देशभर में मौसम हुआ पूरी तरह बदल

भारत का मौसम 19 से 24 नवंबर

भारत मौसम 19 से 24 नवंबर:भारत में नवंबर के तीसरे सप्ताह के दौरान मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। एक ओर उत्तर भारत में ठंड दस्तक दे चुकी है और कई राज्यों में कोहरे का असर दिखने लगा है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण भारत में बारिश और चक्रवाती गतिविधियों का प्रभाव जारी है। 19 नवंबर से 24 नवंबर के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में तापमान में गिरावट, बारिश, शीतलहर और बर्फबारी की संभावना मौसम को कई हिस्सों में प्रभावित करेगी।
इस सप्ताह भारत एक साथ कई तरह की मौसम गतिविधियों का अनुभव करेगा—उत्तर की ठंडी हवाएँ, पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी, मध्य भारत में तापमान में गिरावट और दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट।

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड की दस्तक — पारा 10°C से नीचे, कई शहरों में घना कोहरा

नवंबर के तीसरे सप्ताह में उत्तर भारत में ठंड तेज रफ्तार से बढ़ती है। इस वर्ष भी 19 से 24 नवंबर के बीच ऐसे ही हालात देखने की संभावना है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और बिहार में तापमान लगातार गिरता जाएगा।

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तापमान में भारी गिरावट

उत्तर से आने वाली शुष्क और ठंडी हवाओं के चलते कई शहरों में न्यूनतम तापमान 8°C से 12°C के बीच तक पहुंच सकता है।
• दिल्ली-एनसीआर में सुबह और देर शाम ठंड का प्रभाव तेज रहेगा।
• राजस्थान (जयपुर, अलवर, सीकर) में रात का तापमान 10°C से भी नीचे जा सकता है।
• हरियाणा और पंजाब में शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है।
• उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में 10–12°C के आसपास तापमान रहेगा।
• बिहार में भी सुबह-शाम ठंड में तेजी आएगी और न्यूनतम तापमान 12–14°C तक गिर सकता है।

कोहरे की वापसी

19–24 नवंबर के दौरान पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी यूपी और बिहार में सुबह-सुबह हल्का से मध्यम कोहरा छाने की संभावना है।
रात में नमी अधिक और हवा की रफ्तार कम रहने के कारण कई इलाकों में दृश्यता 100–500 मीटर तक घट सकती है।

हवा की गुणवत्ता पर असर

दिल्ली-एनसीआर में तापमान गिरने के साथ-साथ हवा में घुलनशील कण नीचे बैठते हैं।
इससे AQI खराब से बहुत खराब श्रेणी तक पहुँचने की संभावना है।
ठंडी हवा की वजह से स्मॉग का खतरा भी बढ़ेगा।

पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी तेज — हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में तापमान फ्रीजिंग पॉइंट के आसपास

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मौसम की सबसे बड़ी खासियत इस सप्ताह होगी—सीजन की पहली बड़ी बर्फबारी, साथ ही कई पर्वतीय इलाकों में बारिश भी होगी।

बर्फबारी का अलर्ट

• जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग, सोनमर्ग, पहलगाम में मध्यम से भारी बर्फबारी की संभावना।
• हिमाचल के लाहौल-स्पीति, कीलॉन्ग, किन्नौर और मनाली के ऊपरी हिस्सों में बर्फ गिर सकती है।
• उत्तराखंड के बदरीनाथ, केदारनाथ, औली, चोपता, हर्सिल और मुंसियारी में तापमान माइनस में जा सकता है।

सड़कें बंद होने की चेतावनी

ऊपरी इलाकों में बर्फबारी के कारण कई मार्ग बंद हो सकते हैं।
पर्यटकों को इस दौरान यात्रा करने में सावधानी बरतने की सलाह है।

तापमान शून्य के आसपास

पर्वतीय इलाकों में न्यूनतम तापमान 0°C से –5°C तक दर्ज किया जा सकता है।
यह नवंबर के तीसरे हफ्ते के लिए सामान्य सीजनल पैटर्न है लेकिन इस बार ठंड कुछ ज्यादा महसूस होगी।

दक्षिण भारत में बारिश और चक्रवात का प्रभाव — तमिलनाडु, केरल और आंध्र में भारी बारिश की संभावना

उत्तर भारत जहाँ ठंड से जूझ रहा है, वहीं दक्षिण भारत बारिश और समुद्री सिस्टम के प्रभाव से प्रभावित रहेगा।

तटीय तमिलनाडु में भारी बारिश

19 से 24 नवंबर तक चेन्नई, नागपट्टिनम, कडलूर, तिरुवल्लूर और पुडुचेरी में भारी वर्षा की संभावना है। समुद्र में तेज लहरें और हवा चलने की चेतावनी भी जारी की जा सकती है।

आंध्र-प्रदेश में भी बारिश का दौर

विशाखापट्टनम, श्रीकाकुलम, विजयवाड़ा और तटीय क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र पर सक्रिय रहेगा जिससे लगातार बादल बने रहेंगे।

केरल का मौसम नम

केरल में कोच्चि, त्रिशूर, तिरुवनंतपुरम और कन्नूर में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
हालांकि भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन लगातार फुहारें पड़ेंगी।

मत्स्यपालन और समुद्री गतिविधियों पर रोक

सक्रिय मौसम सिस्टम के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी जा सकती है।
हवा की गति 40–50 किमी/घंटा तक रहने की उम्मीद है।

मध्य व पूर्वी भारत में भी तापमान में तेजी से गिरावट — सर्द हवाओं का असर

मध्य भारत — मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र (विदर्भ) — में 19 नवंबर से तापमान में गिरावट बढ़ेगी।
पूर्वी भारत — झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल — में हल्की ठंडी हवाएँ चलेंगी।मध्य प्रदेश में पारा लुढ़क सकता है, भोपाल, जबलपुर, सागर, इंदौर में रात का तापमान 10–14°C के बीच रहेगा। छत्तीसगढ़ ठंड के प्रभाव में रायपुर और बिलासपुर में न्यूनतम तापमान 14–16°C तक गिर सकता है।विदर्भ में शुष्क मौसम नागपुर, अकोला और अमरावती में ठंडी हवाएँ चलेंगी।पूर्वी भारत में हल्की ठंड कोलकाता, ओडिशा, झारखंड में दिन का तापमान सामान्य होगा लेकिन रातें ठंडी रहेंगी।

19–24 नवंबर भारत में मौसम का बड़ा ट्रांज़िशन—शीतलहर, कोहरा, बारिश और बर्फबारी साथ-साथ

19 से 24 नवंबर का समय भारत के मौसम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
• उत्तर भारत ठंड की पकड़ में आएगा।
• पहाड़ों में बर्फबारी तेज होगी।
• दक्षिण भारत में भारी बारिश और चक्रवाती गतिविधि जारी रहेगी।
• मध्य और पूर्वी भारत धीरे-धीरे ठंड की ओर बढ़ेंगे।

मौसम के इस पूरे बदलाव के दौरान यात्रियों, किसानों, छात्रों और आम लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ठंड से बचाव, धुंध में वाहन धीमे चलाना, और बारिश वाले राज्यों में जलभराव से सतर्क रहना आवश्यक है।