“Cyclone Senyar का बड़ा खतरा! तमिलनाडु से बंगाल तक हाई अलर्ट, IMD ने जारी की नई चेतावनी”

Cyclone Senyar Latest Update 2025

Cyclone Senyar Latest News in Hindi | IMD Weather Alert

बंगाल की खाड़ी इस समय एक तेजी से विकसित हो रहे मौसमी सिस्टम की चपेट में है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि यह सक्रिय निम्न दाब क्षेत्र (Low Pressure Area) अगले 24–36 घंटों में पूर्ण चक्रवात “Senyar” का रूप ले सकता है। इसके कारण तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और अंडमान-निकोबार में भारी बारिश, तेज हवाएं, समुद्री उफान और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

इस बीच, मौसम विभाग ने स्पष्ट कहा है कि अगले 72 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि सिस्टम ने गति और ऊर्जा पकड़ी, तो यह एक खतरनाक चक्रवाती तूफान बन सकता है। वहीं, यदि यह कमजोर पड़ता है, तो भी यह तटीय राज्यों में भारी बारिश और जलभराव की बड़ी समस्या पैदा करेगा।

चक्रवात ‘सेन्यार’ कैसे बन रहा है? — बंगाल की खाड़ी में उठे तूफान की वैज्ञानिक कहानी

बंगाल की खाड़ी दुनिया के सबसे सक्रिय चक्रवात क्षेत्रों में से एक है। नवंबर महीना हमेशा से चक्रवातों के लिए संवेदनशील रहा है क्योंकि इस सीजन में समुद्र का तापमान 28–30°C के बीच होता है, जो तूफानों को ताकत देता है।

कैसे शुरू हुआ यह सिस्टम?

  • पिछले सप्ताह बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया का गठन हुआ।
  • यह तेजी से एक Well Marked Low Pressure Area में बदला।
  • अब यह डिप्रेशन की ओर बढ़ रहा है, जिसकी हवा की गति 45–55 किमी/घंटा है।
  • IMD का अनुमान है कि हवा की स्पीड 62 किमी/घंटा से ऊपर जाते ही इसे Cyclone “Senyar” नाम दिया जाएगा।

“सेन्यार” नाम थाईलैंड द्वारा सुझाया गया है, जिसका अर्थ स्थानीय भाषा में “शक्ति व स्थिरता” होता है।

इस चक्रवात को ऊर्जा क्या दे रही है?

  • समुद्र की सतह का बढ़ा हुआ तापमान
  • हवा में अत्यधिक नमी
  • खाड़ी के ऊपर कम दबाव
  • पश्चिमी हवाओं का दबाव
  • समुद्र में तेज गर्मी की लहरें

ये सभी कारक तूफान को मजबूत कर रहे हैं।

चक्रवात की संभावित दिशा

मौसम मॉडल के अनुसार:

  • यह सिस्टम तमिलनाडु तट के पास सबसे अधिक प्रभाव डाल सकता है
  • इसके बाद उत्तरी दिशाओं की ओर बढ़ने की संभावना है
  • बंगाल–ओडिशा तट भी इसके दायरे में आ सकते हैं

हालांकि अभी इसकी सही दिशा का अनुमान लगातार बदल रहा है, जो इसकी अनिश्चितता को दर्शाता है।

किन राज्यों में होगा सबसे अधिक असर? — दक्षिण से पूर्वी भारत तक अलर्ट

चक्रवात “सेन्यार” का प्रभाव दक्षिण भारत से लेकर पूर्वी भारत तक कई राज्यों में देखा जाएगा। IMD ने सभी प्रभावित राज्यों के लिए अलग-अलग चेतावनी जारी की है

तमिलनाडु: सबसे बड़ा खतरा यहीं

तमिलनाडु वर्तमान में खतरे के केंद्र में है क्योंकि चक्रवात की शुरुआती टक्कर का अनुमान यहीं लगाया जा रहा है।

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प्रभावित जिले:

  • चेन्नई
  • कांचीपुरम
  • तिरुवल्लूर
  • नगोरे
  • पुदुचेरी (केंद्र शासित प्रदेश)
  • कुड्डालोर
  • तंजावुर

संभावित प्रभाव:

  • 20–25 सेमी तक अति भारी वर्षा
  • 65–85 किमी/घंटा तक हवा की गति
  • समुद्र में 3–5 मीटर ऊँची लहरें
  • तटीय क्षेत्रों में बाढ़ और जलभराव

ओडिशा सरकार ने पहले से ही 100 से ज्यादा शेल्टर होम तैयार कर लिए हैं।

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह

द्वीपों में पिछले 24 घंटे से बारिश लगातार जारी है। स्कूल, सरकारी दफ्तर और फेरी सेवाएं बंद कर दी गई हैं।

स्कूल-कॉलेज बंद? यात्रा पर असर? — प्रशासन का बड़ा एक्शन प्लान

स्कूल-कॉलेज बंद करने की तैयारी

तमिलनाडु के कई जिलों में प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि:

  • सोमवार
  • मंगलवार
  • और संभवतः बुधवार

को स्कूल-कॉलेज बंद किए जा सकते हैं।

कई निजी स्कूलों ने पहले ही ऑनलाइन क्लास शुरू कर दी है।

पश्चिम बंगाल में स्कूलों को राहत शिविर (Relief Camp) में बदलने की तैयारी है।

यात्रा पर प्रभाव

स्थिति बिगड़ने पर:

  • कई ट्रेनों को डायवर्ट किया जा सकता है
  • फ्लाइट्स कैंसिल या रीशेड्यूल हो सकती हैं
  • बस सेवाओं पर रोक लग सकती है

एयरपोर्ट अधिकारियों ने चेतावनी जारी कर दी है।

मछुआरों के लिए बड़ा अलर्ट

IMD और मत्स्य विभाग ने स्पष्ट कहा है:

  • किसी भी नाव को समुद्र में जाने की अनुमति नहीं
  • गहरे समुद्र से नावें वापस बुला ली गई हैं
  • तटीय गांव खाली कराए जा रहे हैं

NDRF और SDRF की टीम तैनात

चक्रवात से पहले प्रशासन ने पूरी तैयारी शुरू कर दी है:

  • 30+ NDRF टीमों की तैनाती
  • 80+ SDRF टीमें स्टैंडबाय
  • हेलिकॉप्टर और नावें तैयार

बिजली विभाग ने पूरे राज्य में पुराने ट्रांसफॉर्मर्स बदलने और केबल टाइट करने का काम तेज कर दिया है।

चक्रवात “सेन्यार” पूरी तरह विकसित नहीं हुआ है, परंतु यह लगातार शक्ति प्राप्त कर रहा है। इसका पथ अनिश्चित है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। दक्षिण भारत और पूर्वी भारत को अगले कुछ दिनों तक अलर्ट मोड पर रहना होगा। IMD लगातार अपडेट जारी कर रहा है। स्थिति में कोई भी बदलाव आता है तो अलर्ट का दायरा और बड़ा हो सकता है।

भारत का मौसम 19 से 24 नवंबर: उत्तर में बढ़ती ठंड, दक्षिण में बारिश का असर — देशभर में मौसम हुआ पूरी तरह बदल

भारत का मौसम 19 से 24 नवंबर

भारत मौसम 19 से 24 नवंबर:भारत में नवंबर के तीसरे सप्ताह के दौरान मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। एक ओर उत्तर भारत में ठंड दस्तक दे चुकी है और कई राज्यों में कोहरे का असर दिखने लगा है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण भारत में बारिश और चक्रवाती गतिविधियों का प्रभाव जारी है। 19 नवंबर से 24 नवंबर के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में तापमान में गिरावट, बारिश, शीतलहर और बर्फबारी की संभावना मौसम को कई हिस्सों में प्रभावित करेगी।
इस सप्ताह भारत एक साथ कई तरह की मौसम गतिविधियों का अनुभव करेगा—उत्तर की ठंडी हवाएँ, पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी, मध्य भारत में तापमान में गिरावट और दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट।

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड की दस्तक — पारा 10°C से नीचे, कई शहरों में घना कोहरा

नवंबर के तीसरे सप्ताह में उत्तर भारत में ठंड तेज रफ्तार से बढ़ती है। इस वर्ष भी 19 से 24 नवंबर के बीच ऐसे ही हालात देखने की संभावना है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और बिहार में तापमान लगातार गिरता जाएगा।

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तापमान में भारी गिरावट

उत्तर से आने वाली शुष्क और ठंडी हवाओं के चलते कई शहरों में न्यूनतम तापमान 8°C से 12°C के बीच तक पहुंच सकता है।
• दिल्ली-एनसीआर में सुबह और देर शाम ठंड का प्रभाव तेज रहेगा।
• राजस्थान (जयपुर, अलवर, सीकर) में रात का तापमान 10°C से भी नीचे जा सकता है।
• हरियाणा और पंजाब में शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है।
• उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में 10–12°C के आसपास तापमान रहेगा।
• बिहार में भी सुबह-शाम ठंड में तेजी आएगी और न्यूनतम तापमान 12–14°C तक गिर सकता है।

कोहरे की वापसी

19–24 नवंबर के दौरान पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी यूपी और बिहार में सुबह-सुबह हल्का से मध्यम कोहरा छाने की संभावना है।
रात में नमी अधिक और हवा की रफ्तार कम रहने के कारण कई इलाकों में दृश्यता 100–500 मीटर तक घट सकती है।

हवा की गुणवत्ता पर असर

दिल्ली-एनसीआर में तापमान गिरने के साथ-साथ हवा में घुलनशील कण नीचे बैठते हैं।
इससे AQI खराब से बहुत खराब श्रेणी तक पहुँचने की संभावना है।
ठंडी हवा की वजह से स्मॉग का खतरा भी बढ़ेगा।

पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी तेज — हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में तापमान फ्रीजिंग पॉइंट के आसपास

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मौसम की सबसे बड़ी खासियत इस सप्ताह होगी—सीजन की पहली बड़ी बर्फबारी, साथ ही कई पर्वतीय इलाकों में बारिश भी होगी।

बर्फबारी का अलर्ट

• जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग, सोनमर्ग, पहलगाम में मध्यम से भारी बर्फबारी की संभावना।
• हिमाचल के लाहौल-स्पीति, कीलॉन्ग, किन्नौर और मनाली के ऊपरी हिस्सों में बर्फ गिर सकती है।
• उत्तराखंड के बदरीनाथ, केदारनाथ, औली, चोपता, हर्सिल और मुंसियारी में तापमान माइनस में जा सकता है।

सड़कें बंद होने की चेतावनी

ऊपरी इलाकों में बर्फबारी के कारण कई मार्ग बंद हो सकते हैं।
पर्यटकों को इस दौरान यात्रा करने में सावधानी बरतने की सलाह है।

तापमान शून्य के आसपास

पर्वतीय इलाकों में न्यूनतम तापमान 0°C से –5°C तक दर्ज किया जा सकता है।
यह नवंबर के तीसरे हफ्ते के लिए सामान्य सीजनल पैटर्न है लेकिन इस बार ठंड कुछ ज्यादा महसूस होगी।

दक्षिण भारत में बारिश और चक्रवात का प्रभाव — तमिलनाडु, केरल और आंध्र में भारी बारिश की संभावना

उत्तर भारत जहाँ ठंड से जूझ रहा है, वहीं दक्षिण भारत बारिश और समुद्री सिस्टम के प्रभाव से प्रभावित रहेगा।

तटीय तमिलनाडु में भारी बारिश

19 से 24 नवंबर तक चेन्नई, नागपट्टिनम, कडलूर, तिरुवल्लूर और पुडुचेरी में भारी वर्षा की संभावना है। समुद्र में तेज लहरें और हवा चलने की चेतावनी भी जारी की जा सकती है।

आंध्र-प्रदेश में भी बारिश का दौर

विशाखापट्टनम, श्रीकाकुलम, विजयवाड़ा और तटीय क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र पर सक्रिय रहेगा जिससे लगातार बादल बने रहेंगे।

केरल का मौसम नम

केरल में कोच्चि, त्रिशूर, तिरुवनंतपुरम और कन्नूर में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
हालांकि भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन लगातार फुहारें पड़ेंगी।

मत्स्यपालन और समुद्री गतिविधियों पर रोक

सक्रिय मौसम सिस्टम के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी जा सकती है।
हवा की गति 40–50 किमी/घंटा तक रहने की उम्मीद है।

मध्य व पूर्वी भारत में भी तापमान में तेजी से गिरावट — सर्द हवाओं का असर

मध्य भारत — मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र (विदर्भ) — में 19 नवंबर से तापमान में गिरावट बढ़ेगी।
पूर्वी भारत — झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल — में हल्की ठंडी हवाएँ चलेंगी।मध्य प्रदेश में पारा लुढ़क सकता है, भोपाल, जबलपुर, सागर, इंदौर में रात का तापमान 10–14°C के बीच रहेगा। छत्तीसगढ़ ठंड के प्रभाव में रायपुर और बिलासपुर में न्यूनतम तापमान 14–16°C तक गिर सकता है।विदर्भ में शुष्क मौसम नागपुर, अकोला और अमरावती में ठंडी हवाएँ चलेंगी।पूर्वी भारत में हल्की ठंड कोलकाता, ओडिशा, झारखंड में दिन का तापमान सामान्य होगा लेकिन रातें ठंडी रहेंगी।

19–24 नवंबर भारत में मौसम का बड़ा ट्रांज़िशन—शीतलहर, कोहरा, बारिश और बर्फबारी साथ-साथ

19 से 24 नवंबर का समय भारत के मौसम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
• उत्तर भारत ठंड की पकड़ में आएगा।
• पहाड़ों में बर्फबारी तेज होगी।
• दक्षिण भारत में भारी बारिश और चक्रवाती गतिविधि जारी रहेगी।
• मध्य और पूर्वी भारत धीरे-धीरे ठंड की ओर बढ़ेंगे।

मौसम के इस पूरे बदलाव के दौरान यात्रियों, किसानों, छात्रों और आम लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ठंड से बचाव, धुंध में वाहन धीमे चलाना, और बारिश वाले राज्यों में जलभराव से सतर्क रहना आवश्यक है।