दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला क्षेत्र के पास मंगलवार सुबह हुए कार विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह धमाका इतना भीषण था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और इलाके में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और जांच एजेंसियां मौके पर पहुंच गई हैं।मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे, लाल किले के पास एक सफेद रंग की SUV में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार कुछ देर से सड़क किनारे खड़ी थी और चालक वहाँ से कुछ दूरी पर गया हुआ था।जैसे ही विस्फोट हुआ, आवाज कई किलोमीटर तक सुनी गई और धुएं का गुबार आसमान में फैल गया।
दिल्ली पुलिस के DCP उत्तरी ज़िला के मुताबिक “यह एक बड़ा धमाका था, फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है कि इसमें कौन-सा विस्फोटक इस्तेमाल हुआ।”स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके के बाद चारों ओर शीशे टूटने लगे और आसपास के दुकानों में अफरा-तफरी मच गई।
फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत आग पर काबू पाया, लेकिन कार पूरी तरह जल चुकी थी।
दिल्ली कार विस्फोट 2025,चश्मदीदों ने बताया – “कार में कुछ संदिग्ध दिखा था”
घटनास्थल पर मौजूद राहुल नामक एक दुकानदार ने बताया “हमने देखा कि कार कुछ देर से खड़ी थी। एक व्यक्ति ने हेलमेट पहना हुआ था और कुछ देर बाद गायब हो गया। फिर धमाका हो गया।”दूसरे प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि कार में “कोई बैग या बॉक्स रखा था” जो संदिग्ध लग रहा था।जांच एजेंसियों ने इन बयानों को गंभीरता से लेते हुए CCTV फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
करीब 12 CCTV कैमरे की फुटेज अब एनआईए और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम के पास है।
जांच में शुरुआती सुराग – आतंकी साजिश की आशंका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कार के नंबर प्लेट फर्जी पाए गए हैं। यह गाड़ी कुछ दिन पहले गुरुग्राम से चोरी हुई बताई जा रही है।
फॉरेंसिक जांच में RDX या PETN जैसे विस्फोटक के अवशेष मिले हैं, जो आमतौर पर आतंकी घटनाओं में इस्तेमाल होते हैं।एनआईए (NIA), आईबी (IB) और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने संयुक्त जांच शुरू की है।
घटना के बाद से दिल्ली और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सरकार ने पूरे देश में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट तथा मॉल्स में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और सोशल मीडिया पर उबाल
जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर फैली, #DelhiBlast और #RedFortAttack ट्विटर (अब X) पर ट्रेंड करने लगे।
राजनीतिक दलों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।
गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया —
“दिल्ली में हुए धमाके की गहन जांच के आदेश दिए गए हैं। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा —
“यह बहुत गंभीर घटना है। हमारी सरकार केंद्र एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।”
देशभर के लोगों ने भी सोशल मीडिया पर चिंता जताई है और सवाल किया है कि इतने हाई-सिक्योरिटी जोन में कार कैसे पहुंची।
जांच की दिशा और सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी
जांच एजेंसियाँ अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह हमला स्थानीय नेटवर्क द्वारा किया गया या किसी विदेशी आतंकी संगठन की साजिश है।कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा जा रहा है कि यह धमाका किसी राजनीतिक संदेश या इंटेलिजेंस फेल्योर का परिणाम हो सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस विस्फोट में हाई-ग्रेड एक्सप्लोसिव का इस्तेमाल हुआ है, तो यह देश की सुरक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल है।दिल्ली पुलिस ने राजधानी के 50 से अधिक इलाकों में सर्च अभियान चलाया है और 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
जनता में डर और प्रशासन की चुनौती
इस घटना ने राजधानी के नागरिकों में दहशत पैदा कर दी है।स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालयों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।लोग अब सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं “अगर लाल किले के पास धमाका हो सकता है, तो आम इलाकों में कौन सुरक्षित है?”विशेष सुरक्षा सलाह जारी की गई है कि लोग किसी भी संदिग्ध वाहन या बैग की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
भविष्य के लिए सबक – सुरक्षा तंत्र में सुधार की जरूरत
यह घटना देश को यह सोचने पर मजबूर करती है कि तकनीक और इंटेलिजेंस सिस्टम को और मजबूत करने की जरूरत है।विशेषज्ञ मानते हैं कि बड़े शहरों में AI आधारित CCTV निगरानी, कार नंबर प्लेट ट्रैकिंग, और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम जैसे उपाय तत्काल लागू किए जाने चाहिए।सरकार ने एक विशेष कमिटी गठित की है जो अगले 15 दिनों में सुरक्षा खामियों पर रिपोर्ट पेश करेगी।दिल्ली कार विस्फोट 2025 केवल एक हादसा नहीं, बल्कि यह देश की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।जांच अभी जारी है, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि राजधानी में सुरक्षा का कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
देश की निगाहें अब जांच एजेंसियों पर हैं कि वे कितनी जल्दी इस रहस्य को सुलझा पाती हैं।



