BPSC TRE-4 Exam 2025: बिहार TRE-4 भर्ती शानदार मौका! 28 हजार पदों पर परीक्षा 16-19 दिसंबर, आवेदन 8 सितंबर से शुरू

BPSC TRE-4 Exam 2025

BPSC TRE-4 Exam 2025:बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए लगातार शिक्षक भर्ती अभियान चलाया है। इसी कड़ी में चौथे चरण की भर्ती यानी TRE-4 (Teacher Recruitment Examination 2025) का आयोजन दिसंबर में किया जाएगा। इस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत कुल 28,000 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति होगी। बिहार शिक्षा विभाग ने आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा कर दी है। परीक्षा का आयोजन 16 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025 तक किया जाएगा, जबकि आवेदन प्रक्रिया 8 सितंबर 2025 से शुरू होगी। शिक्षा मंत्री सुशील कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि इस बार पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कई तकनीकी उपाय अपनाए जा रहे हैं।

आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और उम्मीदवारों को Bihar Public Service Commission (BPSC) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। शिक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण करना अनिवार्य होगा और बिना पंजीकरण किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। BPSC TRE-4 Exam 2025 में परीक्षा में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों को पूर्व निर्धारित शैक्षिक योग्यता और पात्रता मानदंड पूरे करने होंगे। इस परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए अभ्यर्थियों को पहले STET (State Teacher Eligibility Test) पास करना आवश्यक होगा।

STET की परीक्षा 4 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2025 तक आयोजित की जाएगी और इसका रिज़ल्ट 1 नवंबर 2025 तक जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद योग्य उम्मीदवार TRE-4 भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि केवल योग्य और पात्र अभ्यर्थी ही शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में भाग ले सकें। परीक्षा परिणाम का प्रकाशन शिक्षा विभाग ने 20 जनवरी से 24 जनवरी 2026 के बीच करने का लक्ष्य रखा है। इससे चयन प्रक्रिया को तेज़ गति से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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BPSC TRE-4 Exam 2025 अंतर जिला स्थानांतरण और शिक्षकों के लिए नई पहल

बिहार सरकार इस बार केवल भर्ती ही नहीं बल्कि शिक्षकों की कार्य व्यवस्था को भी सुगम बनाने पर ध्यान दे रही है। इसी उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने अंतर जिला स्थानांतरण (Inter District Transfer) की सुविधा भी शुरू की है। इसके तहत शिक्षक एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरित होने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस प्रक्रिया की शुरुआत 5 सितंबर 2025 से होगी और आवेदन की अंतिम तिथि 18 सितंबर 2025 तय की गई है।

यह स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट और पारदर्शिता पर आधारित होगी। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को सुविधा देना और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है। कई बार देखा गया है कि दूर-दराज़ इलाकों में नियुक्त शिक्षकों को व्यक्तिगत या पारिवारिक कारणों से कठिनाई का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में स्थानांतरण की सुविधा से उन्हें राहत मिलेगी। हालांकि, यह सुविधा केवल नियमित और वैध रूप से नियुक्त शिक्षकों को ही उपलब्ध होगी। संविदा या अस्थायी आधार पर काम कर रहे शिक्षकों को इस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस कदम से शिक्षक अधिक सहज और अनुकूल माहौल में काम कर सकेंगे, जिससे उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी। साथ ही, शिक्षा व्यवस्था में संतुलन बनेगा और उन जिलों में भी पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हो पाएंगे जहां पहले कमी रहती थी। यह पहल शिक्षा सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

बिहार में शिक्षा सुधार और भविष्य की योजनाएँ

बिहार सरकार शिक्षा क्षेत्र में लगातार सुधार की दिशा में काम कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में TRE-1, TRE-2 और TRE-3 के माध्यम से लाखों शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। इन सभी प्रयासों का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। अब TRE-4 के माध्यम से 28,000 पद और भरे जाएंगे, जिससे शिक्षकों की कमी काफी हद तक पूरी हो जाएगी।

BPSC TRE-4 Exam 2025 सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कई तकनीकी उपाय अपनाए हैं। आवेदन से लेकर परीक्षा और रिज़ल्ट तक की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। परीक्षा में OMR शीट का इस्तेमाल किया जाएगा और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।

इसके अलावा, सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि परीक्षा परिणाम अधिकतम 30 दिनों के भीतर घोषित किए जाएँ। इसका लाभ यह होगा कि योग्य अभ्यर्थियों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और विद्यालयों में जल्द से जल्द नए शिक्षक तैनात हो सकेंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य न केवल रिक्त पदों को भरना है बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि बिहार की आने वाली पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।

भविष्य की योजनाओं में सरकार शिक्षा के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने पर भी काम कर रही है। कई जिलों में नए स्कूल भवन बनाए जा रहे हैं, स्मार्ट क्लासरूम की व्यवस्था की जा रही है और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा, शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण देने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि वे नई शिक्षा नीति और बदलते समय की जरूरतों के अनुसार छात्रों को बेहतर शिक्षा दे सकें।

Chandra Grahan 2025: आज: सूतक काल, समय, महत्व और ज्योतिषीय प्रभाव

Chandra Grahan 2025 ka soopak kaal, samay aur mahatva - Lunar Eclipse

Chandra Grahan 2025:7–8 सितंबर 2025 की रात भारत सहित पूरी दुनिया में एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिली, जब आसमान में पूर्ण चंद्रग्रहण (Total Lunar Eclipse) ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह खगोलीय घटना भारत, एशिया, यूरोप और अफ्रीका के कई हिस्सों से साफ-साफ दिखाई दी। खगोल वैज्ञानिकों और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह ग्रहण न सिर्फ़ देखने में अद्भुत था बल्कि वैज्ञानिक और धार्मिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया। भारत में यह ग्रहण रविवार की रात को शुरू हुआ और सोमवार तड़के तक चला। सूतक काल की शुरुआत दोपहर 12:57 बजे से हुई थी और यह अगले दिन 01:26 AM तक चला। इस दौरान पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार कई धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों पर रोक लगी रही।

अगर बात करें समय-सीमा की तो पेन्यूब्रल चरण रात 08:58 बजे शुरू हुआ। इसके बाद रात 09:57 बजे आंशिक ग्रहण शुरू हुआ और 11:01 बजे से पूर्ण चंद्रग्रहण का दृश्य दिखाई देने लगा। ग्रहण का चरम समय 11:42 बजे था, जब चंद्रमा लालिमा लिए हुए पूरे आसमान में चमक रहा था। यह स्थिति 12:22 बजे तक बनी रही और इसके बाद ग्रहण धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ा। पूरी प्रक्रिया 01:26 AM पर जाकर खत्म हुई। इस दौरान करीब 82 मिनट तक ब्लड मून का नज़ारा लोगों ने देखा। वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो चंद्रमा लाल क्यों दिखता है, इसका कारण पृथ्वी का वायुमंडल है। जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं तो पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। पृथ्वी का वातावरण नीली रोशनी को रोक लेता है और लाल रोशनी को पार होने देता है, जिससे चंद्रमा पर लालिमा दिखाई देती है। यही वजह है कि इस घटना को ब्लड मून कहा जाता है।

यह चंद्रग्रहण न केवल खगोल विज्ञान के दृष्टिकोण से रोमांचक रहा बल्कि इसके धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व ने इसे और भी खास बना दिया। देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों ने इस दृश्य को देखने के लिए मंदिरों, घरों की छतों और पार्कों में एकत्र होकर इसे देखा। बच्चों और खगोल विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए यह रात बेहद यादगार रही क्योंकि उन्होंने टेलिस्कोप और कैमरे की मदद से इसे नज़दीक से देखा और अध्ययन किया।

Chandra Grahan 2025,धार्मिक मान्यताएँ, सूतक काल और परंपराएँ

भारत में ग्रहण को केवल वैज्ञानिक घटना नहीं बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जाता है। चंद्रग्रहण से ठीक 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। सूतक काल को अशुभ समय माना जाता है, इस दौरान मंदिरों के द्वार बंद कर दिए जाते हैं और कोई भी शुभ कार्य जैसे शादी, गृहप्रवेश या नया व्यवसाय शुरू नहीं किया जाता। ग्रहण काल और सूतक के दौरान भोजन करना, नए कपड़े पहनना, तेल लगाना, नींद लेना या यात्रा करना वर्जित माना जाता है। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है ताकि ग्रहण की नकारात्मक ऊर्जा का असर उन पर और गर्भस्थ शिशु पर न पड़े।

Chandra Grahan 2025,हिंदू धर्म के अनुसार सूतक काल और ग्रहण के समय मंत्र जाप, ध्यान और भगवान का नाम लेना शुभ माना जाता है। लोग तुलसी पत्र या कुशा को भोजन और पानी में डालकर रखते हैं ताकि ग्रहण का प्रभाव उस पर न पड़े। ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करना, घर की सफाई करना और पूजा-पाठ करना अनिवार्य माना जाता है। ग्रहण के बाद दान-पुण्य का महत्व भी बढ़ जाता है। कई धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि इस समय गरीब और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या धन दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

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इस बार का चंद्रग्रहण खास इसलिए भी था क्योंकि यह पितृपक्ष के साथ पड़ा। पितृपक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, श्राद्ध और दान का आयोजन किया जाता है। ऐसे में ग्रहण का संयोग धार्मिक महत्व को और भी बढ़ा देता है। कई मंदिरों और तीर्थ स्थलों पर विशेष पूजा और हवन का आयोजन किया गया। देशभर के कई शहरों में लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए और ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान व पूजा कर दान-पुण्य किए।

ज्योतिषीय प्रभाव, राशियों पर असर और कैसे देखें चंद्रग्रहण

ज्योतिष शास्त्र में चंद्रग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग माना जाता है। इस बार के ग्रहण का असर विशेष रूप से मेष, वृषभ, कन्या और धनु राशि के जातकों पर शुभ माना गया है। इन राशियों के लोगों के जीवन में नए अवसर, करियर में उन्नति और आर्थिक लाभ के योग बताए जा रहे हैं। वहीं, मिथुन, कर्क और मीन राशि वालों के लिए यह समय सावधानी बरतने का था। इन लोगों को स्वास्थ्य, रिश्तों और निवेश से जुड़े मामलों में सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी गई। तुला और वृश्चिक राशि वालों को मानसिक तनाव और निर्णय लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, ज्योतिषाचार्य यह भी मानते हैं कि ग्रहण आत्ममंथन और आत्मचिंतन का समय है। इस दौरान पुराने कार्यों को पूरा करना और नकारात्मक विचारों को त्यागना शुभ माना जाता है।

ग्रहण देखने की बात करें तो वैज्ञानिकों और खगोल प्रेमियों का कहना है कि चंद्रग्रहण नंगी आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है। सूर्यग्रहण की तरह यहां किसी विशेष चश्मे या उपकरण की आवश्यकता नहीं होती। कैमरे और टेलिस्कोप की मदद से लोग इस खूबसूरत दृश्य को और करीब से देख सकते हैं। तस्वीरें लेने के शौकीनों के लिए यह रात बेहद खास रही। विशेषज्ञों के अनुसार ब्लड मून की फोटोग्राफी के लिए ट्राइपॉड का इस्तेमाल करना चाहिए और कैमरे को मैन्युअल मोड पर सेट कर ISO व शटर स्पीड को एडजस्ट करना चाहिए।

देश के कई शहरों जैसे मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और पुणे में पब्लिक व्यूइंग सेशन भी आयोजित किए गए जहां आम लोग खगोल विज्ञान संस्थानों के टेलिस्कोप से चंद्रग्रहण को देख पाए। पुणे में ज्योतिरविद्या परिषद और कई अन्य संस्थानों ने विशेष कार्यक्रम आयोजित किए। छोटे बच्चों और युवाओं में इस ग्रहण को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।

इस बार का चंद्रग्रहण ज्योतिषीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण था क्योंकि इसे “9-9-9” कॉस्मिक अलाइनमेंट का हिस्सा माना जा रहा है। यह समय कई लोगों के लिए जीवन में बड़े बदलाव और नए अवसर लेकर आ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह संयोग वित्तीय बाजार और राजनीतिक परिस्थितियों पर भी असर डाल सकता है।

7–8 सितंबर 2025 का चंद्रग्रहण अपने आप में एक अनूठा संगम रहा—जहां विज्ञान और आस्था दोनों एक साथ नज़र आए। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह घटना पृथ्वी की छाया में चंद्रमा के आने का एक बेहतरीन उदाहरण है, जबकि धार्मिक दृष्टि से यह आत्मशुद्धि और दान-पुण्य का अवसर है। ज्योतिषीय रूप से यह ग्रहण कई राशियों के लिए शुभ तो कुछ के लिए सतर्क रहने का संकेत देता है। इस बार के ग्रहण की खासियत यह भी रही कि यह पितृपक्ष में पड़ा, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया।

देशभर के लोगों ने इस खगोलीय घटना को न सिर्फ़ देखा बल्कि इसे परंपराओं और विश्वासों से भी जोड़कर आत्मसात किया। चाहे खगोल विज्ञान की दृष्टि से देखें या धार्मिक आस्था की नज़र से, यह चंद्रग्रहण आने वाले कई वर्षों तक याद रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना 2025: महिलाओं के लिये बड़ा कदम, आवेदन प्रक्रिया और जागरूकता अभियान शुरू

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना 2025 बिहार

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना 2025: बिहार सरकार लगातार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना” का शुभारंभ किया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा महिलाओं को न केवल प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, बल्कि उनके लिए एक समर्पित ऑनलाइन आवेदन पोर्टल भी शुरू किया गया है।

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इस योजना के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि “बिहार की महिलाएं समाज और परिवार की रीढ़ हैं, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

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आवेदन प्रक्रिया और ऑनलाइन पोर्टल

इस योजना के तहत नगर क्षेत्र की महिलाएं आसानी से आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए सरकार ने एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, जिससे महिलाओं को आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा मिलेगी।

  • इच्छुक महिलाएं पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकती हैं।
  • आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन स्वीकार किया जाएगा।
  • आवेदन की स्थिति और आगे की जानकारी भी पोर्टल पर ही उपलब्ध होगी।
  • महिलाएं पोर्टल पर जाकर अपनी बुनियादी जानकारी भर सकती हैं।
  • पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे।

इस ऑनलाइन व्यवस्था से महिलाओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी।

250 वाहनों से जागरूकता अभियान

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सरकार ने 250 विशेष वाहनों के माध्यम से जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। ये वाहन राज्य के विभिन्न जिलों और नगर क्षेत्रों में जाकर महिलाओं को इस योजना की जानकारी देंगे।

  • वाहनों पर ऑडियो-वीडियो माध्यम से योजना का प्रचार किया जाएगा।
  • जागरूकता रथ महिलाओं को आवेदन प्रक्रिया समझाने के साथ-साथ उनके सवालों के जवाब भी देंगे।
  • इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी महिला योजना से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कदम बिहार की लाखों महिलाओं तक योजना की जानकारी पहुँचाने में मील का पत्थर साबित होगा।

योजना से होने वाले लाभ

  • महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सहायता मिलेगी।
  • आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
  • राज्य में महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
  • परिवार और समाज दोनों में महिलाओं की भूमिका और मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना 2025 बिहार की महिलाओं के लिये उम्मीद की नई किरण है। आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन और सरल बनाने के साथ-साथ सरकार ने जागरूकता अभियान पर भी जोर दिया है। 250 वाहनों के माध्यम से इस योजना की जानकारी सीधे महिलाओं तक पहुँच रही है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि समाज में महिलाओं की स्थिति और सशक्त होगी।

Land Registry New Document Rules 2025: संपत्ति रजिस्ट्रेशन में बड़ा बदलाव, जानें पूरी प्रक्रिया

Land Registry New Document Rules 2025

Land Registry New Document Rules 2025:भूमि या संपत्ति का रजिस्ट्रेशन भारत में हमेशा से एक गंभीर और जरूरी प्रक्रिया रही है। चाहे घर खरीदना हो, प्लॉट लेना हो या किसी कमर्शियल प्रॉपर्टी में निवेश करना हो – रजिस्ट्री (Land Registry) के बिना उस पर कानूनी स्वामित्व साबित करना मुश्किल होता है।

केंद्रीय और राज्य सरकारें समय-समय पर रजिस्ट्री से जुड़े कानून और नियमों में बदलाव करती रहती हैं ताकि प्रक्रिया पारदर्शी, डिजिटल और आसान हो सके। इसी क्रम में हाल ही में Land Registry New Document Rules 2025 लागू किए गए हैं। इन नए नियमों का उद्देश्य रजिस्ट्री प्रक्रिया को आधुनिक बनाना, फर्जीवाड़े पर रोक लगाना और लोगों को तेज़ व सुविधाजनक सेवा देना है।

Land Registry New Document Rules 2025 में क्या बदलाव हुए?

नई गाइडलाइंस के अनुसार रजिस्ट्री प्रक्रिया में कई अहम परिवर्तन किए गए हैं। इनमें से प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:

डिजिटल डॉक्यूमेंट सबमिशन

पहले जहां सभी कागजात केवल मैनुअल तरीके से जमा करने पड़ते थे, अब ऑनलाइन डॉक्यूमेंट अपलोड सिस्टम शुरू किया गया है। लोग अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली बिल और प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट सीधे पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे।

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बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य

फर्जी रजिस्ट्री और बेनामी संपत्ति लेन-देन को रोकने के लिए अब खरीदार और विक्रेता दोनों का आधार-बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया गया है।

रजिस्ट्री फीस और स्टांप ड्यूटी में पारदर्शिता

नए नियमों के तहत अब रजिस्ट्री फीस और स्टांप ड्यूटी की जानकारी ऑनलाइन कैलकुलेटर से ली जा सकती है। इससे किसी भी तरह की धांधली और बिचौलियों की भूमिका कम होगी।

नए नियमों के फायदे

Land Registry New Document Rules 2025 से आम लोगों को कई फायदे होंगे:

  • समय की बचत: अब लंबे समय तक तहसील या रजिस्ट्री कार्यालय के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं होगी।
  • फर्जीवाड़े पर रोक: आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल लगभग असंभव हो जाएगा।
  • पारदर्शिता: फीस और स्टांप ड्यूटी की जानकारी स्पष्ट होगी।
  • डिजिटल इंडिया को बढ़ावा: पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से सरकार की डिजिटल इंडिया पहल मजबूत होगी।
  • कानूनी सुरक्षा: Digital Registry Certificate को कोर्ट में भी मान्य माना जाएगा।

Land Registry प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

नए नियमों के बाद रजिस्ट्री की प्रक्रिया इस तरह से होगी:

  1. ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें।
  2. सभी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें (आधार, पैन, प्रॉपर्टी पेपर्स)।
  3. फीस और स्टांप ड्यूटी ऑनलाइन कैलकुलेटर से चेक करें और पेमेंट करें।
  4. खरीदार और विक्रेता का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करें।
  5. रजिस्ट्री सबमिट करें और Digital Certificate डाउनलोड करें।

आम लोगों की चुनौतियाँ और समाधान

हालांकि ये नए नियम सुविधाजनक हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों या डिजिटल प्लेटफॉर्म से अनभिज्ञ लोगों के लिए शुरुआत में मुश्किल हो सकती है। इसके लिए सरकार ने सुविधा केंद्र (Help Desk) और CSC (Common Service Centres) पर ऑनलाइन सेवा उपलब्ध कराई है।Land Registry New Document Rules 2025 आम जनता के लिए एक बड़ा सुधार साबित हो सकते हैं। इससे न केवल प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनेगी बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में भरोसा भी बढ़ेगा। डिजिटल रजिस्ट्री से आने वाले समय में प्रॉपर्टी विवाद कम होंगे और आम लोगों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी।अगर आप संपत्ति खरीदने या बेचने की योजना बना रहे हैं तो नए नियमों को समझना बेहद जरूरी है।

BPSC APO Exam 2025: बड़ी खुशखबरी, अभ्यर्थी किताब लेकर देंगे ओपन बुक परीक्षा

BPSC APO Exam 2025 Open Book परीक्षा, अभ्यर्थी किताब लेकर जा सकेंगे परीक्षा

BPSC APO Exam 2025: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने सहायक प्रखंड पदाधिकारी (APO) की प्रारंभिक परीक्षा 10 सितंबर 2025 को आयोजित करने की घोषणा की है। इस बार परीक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र में किताब लेकर जा सकेंगे। यानी परीक्षा अब ओपन बुक एग्जाम (Open Book Exam) पद्धति पर आधारित होगी।

यह पहली बार है जब BPSC ने इस प्रकार की परीक्षा व्यवस्था लागू की है। आयोग का मानना है कि इस बदलाव से छात्रों की रटने की आदत पर रोक लगेगी और वे विषय को समझने पर अधिक ध्यान देंगे। ओपन बुक परीक्षा का मुख्य उद्देश्य उम्मीदवारों की विश्लेषणात्मक क्षमता, तार्किक सोच और प्रशासनिक दृष्टिकोण की जांच करना है।

आयोग की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार, प्रत्येक परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र में अधिकतम 3 किताबें लेकर जा सकता है। ये किताबें केवल हार्डकॉपी में मान्य होंगी। किसी भी प्रकार की गाइड, नोट्स, फोटोकॉपी या डिजिटल सामग्री की अनुमति नहीं होगी।

इस व्यवस्था से साफ है कि परीक्षा आसान नहीं होगी, बल्कि और भी कठिन होगी। क्योंकि किताबें साथ होने के बावजूद सही उत्तर वही लिख पाएंगे जो विषय की गहरी समझ रखते हैं।

BPSC APO Exam 2025 एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र और जरूरी नियम

BPSC ने जानकारी दी है कि परीक्षा का एडमिट कार्ड 6 सितंबर 2025 से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in से डाउनलोड किया जा सकेगा। एडमिट कार्ड में उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, परीक्षा की तिथि और जिला की जानकारी दी जाएगी।

इसके अलावा परीक्षा केंद्र और सीट नंबर से जुड़ी विस्तृत जानकारी 11 सितंबर 2025 से उपलब्ध कराई जाएगी। आयोग ने निर्देश दिया है कि उम्मीदवार परीक्षा केंद्र पर सुबह 9:30 बजे तक पहुंच जाएं। निर्धारित समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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परीक्षा का समय:
  • सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक
  • परीक्षा की अवधि 2 घंटे होगी
परीक्षा में मान्य सामग्री:
  • अधिकतम 3 किताबें (केवल हार्डकॉपी)
  • पारदर्शी पेन और एडमिट कार्ड
प्रतिबंधित सामग्री
  • मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच
  • नोट्स, फोटोकॉपी, गाइड
  • इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस

विशेषज्ञों की राय और उम्मीदवारों के लिए सुझाव

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण तो है, लेकिन यह परीक्षा प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा। किताबें उपलब्ध होने के बावजूद परीक्षा की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि परीक्षार्थी ने विषय की तैयारी कितनी गहराई से की है

विशेषज्ञों का कहना है कि अब सिर्फ याद करने वाले उम्मीदवार सफल नहीं होंगे, बल्कि वे विद्यार्थी सफल होंगे जो विषय की समझ और अनुप्रयोग में मजबूत होंगे।

BPSC APO Exam 2025 उम्मीदवारों के लिए जरूरी सुझाव:
  1. जल्दी से जल्दी अपनी 3 किताबें तय कर लें और उसी के आधार पर रिवीजन करें।
  2. परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचे और सभी जरूरी डॉक्यूमेंट साथ रखें।
  3. एडमिट कार्ड की प्रिंट कॉपी अनिवार्य रूप से साथ ले जाएं।
  4. किताबें सिर्फ सहायक होंगी, असली ताकत आपकी तैयारी और प्रैक्टिस होगी।

BPSC ने यह भी घोषणा की है कि 7वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा 13 सितंबर 2025 को आयोजित की जाएगी। इसमें लाखों उम्मीदवार शामिल होंगे। परीक्षा का आयोजन पारदर्शिता और सख्त सुरक्षा व्यवस्था में होगा।

BPSC APO परीक्षा 2025 छात्रों के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव लेकर आई है। ओपन बुक परीक्षा का यह कदम प्रशासनिक सेवाओं में बेहतर और सक्षम उम्मीदवारों के चयन की दिशा में अहम साबित होगा। परीक्षार्थियों को अब रटने से ज्यादा तार्किक सोच और विश्लेषणात्मक क्षमता पर ध्यान देना होगा।

BPSC 71st Admit Card 2025:बड़ी खबर 71वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा 2025 एडमिट कार्ड 6 सितंबर से, परीक्षा केंद्र की जानकारी 11 सितंबर से

BPSC 71st Admit Card 2025

BPSC 71st Admit Card 2025:बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 71वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा (BPSC 71st Prelims 2025) को लेकर एक अहम अपडेट जारी किया है। आयोग ने उम्मीदवारों के लिए एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्र की जानकारी से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियों की घोषणा की है।

इस खबर में हम आपको एडमिट कार्ड डाउनलोड, परीक्षा केंद्र विवरण, परीक्षा पैटर्न और छात्रों के लिए जरूरी गाइडलाइंस की पूरी जानकारी देंगे।

BPSC 71st PT Exam 2025: एडमिट कार्ड 6 सितंबर को जारी, परीक्षा 13 सितंबर को — पूरी जानकारी यहां देखें click here

BPSC 71st Admit Card 2025 एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख

BPSC ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया है कि 71वीं प्रारंभिक परीक्षा का एडमिट कार्ड 6 सितंबर 2025 से डाउनलोड किया जा सकेगा।

  • एडमिट कार्ड में उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, फोटो और हस्ताक्षर के साथ-साथ आवंटित जिले का नाम भी होगा।
  • उम्मीदवारों को अपने BPSC पोर्टल पर लॉगिन करके एडमिट कार्ड डाउनलोड करना होगा।
  • आयोग ने साफ किया है कि एडमिट कार्ड की हार्डकॉपी पोस्ट के माध्यम से नहीं भेजी जाएगी, इसलिए इसे ऑनलाइन ही प्राप्त करना अनिवार्य है।

👉 BPSC आधिकारिक वेबसाइट

परीक्षा केंद्र से जुड़ी जानकारी(BPSC Exam Centre Details)

एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद छात्रों को केवल आवंटित जिले की जानकारी मिलेगी।
लेकिन, विस्तृत परीक्षा केंद्र का पता 11 सितंबर 2025 से आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा।

  • उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्र की जानकारी पहले से डाउनलोड कर लें।
  • परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के समय उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड और वैध फोटो आईडी प्रूफ ले जाना अनिवार्य होगा।
  • परीक्षा केंद्र की लोकेशन पहले से देखने की कोशिश करें ताकि परीक्षा वाले दिन किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।

परीक्षा पैटर्न और महत्वपूर्ण विवरण

BPSC 71वीं प्रारंभिक परीक्षा 2025 एक ऑब्जेक्टिव टाइप परीक्षा होगी।

  • कुल प्रश्न: 150
  • विषय: सामान्य अध्ययन (General Studies)
  • समय अवधि: 2 घंटे
  • नेगेटिव मार्किंग: नहीं

परीक्षा में बिहार का सामान्य ज्ञान, भारतीय इतिहास, राजनीति, अर्थव्यवस्था, भूगोल और करंट अफेयर्स से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे।

पिछले वर्षों की परीक्षा ट्रेंड के अनुसार, करंट अफेयर्स और बिहार-विशेष से संबंधित सवालों की संख्या अधिक हो सकती है।

BPSC 71st Admit Card 2025 उम्मीदवारों के लिए जरूरी निर्देश

  • एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट साफ और स्पष्ट होना चाहिए।
  • पासपोर्ट साइज फोटो एडमिट कार्ड पर लगी फोटो से मिलनी चाहिए।
  • परीक्षा केंद्र पर मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, किताबें या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
  • उम्मीदवारों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 1 घंटा पहले केंद्र पर उपस्थित होना होगा।
  • गलत जानकारी या दस्तावेज़ न लाने पर उम्मीदवार को परीक्षा से वंचित किया जा सकता है।

BPSC 71वीं प्रारंभिक परीक्षा बिहार के लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ा अवसर है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि एडमिट कार्ड 6 सितंबर से उपलब्ध होगा और परीक्षा केंद्र का विवरण 11 सितंबर से डाउनलोड किया जा सकेगा। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते सभी दस्तावेज़ तैयार रखें और परीक्षा की बेहतर तैयारी करें।BPSC परीक्षा से संबंधित अन्य जानकारी और अपडेट्स के लिए आप BPSC Official Website विज़िट करते रहें।

BPSC 71st PT Exam 2025: एडमिट कार्ड 6 सितंबर को जारी, परीक्षा 13 सितंबर को — पूरी जानकारी यहां देखें

BPSC 71st PT Exam 2025

BPSC 71st PT Exam 2025:बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षा — 71वीं संयुक्त प्रतियोगिता (Preliminary Exam) — का इंतजार लाखों अभ्यर्थियों को है। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए अब गिनती के दिन ही बचे हैं। आयोग ने परीक्षा तिथि की आधिकारिक घोषणा कर दी है और जल्द ही एडमिट कार्ड भी जारी होने वाला है। उम्मीदवारों के लिए यह खबर बेहद अहम है क्योंकि इस बार कई बदलाव और सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं।

BPSC 71वीं PT परीक्षा 2025 – तिथि और समय

BPSC ने स्पष्ट किया है कि 71वीं प्रारंभिक परीक्षा 13 सितंबर 2025 (शनिवार) को आयोजित की जाएगी।और BPSC ने स्पष्ट किया है कि 71वीं प्रारंभिक परीक्षा 13 सितंबर 2025 (शनिवार) को आयोजित की जाएगी।और आयोग ने क्लियर कर दिया है की सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों का खंडन करते हुए कहा है कि परीक्षा की तारीख में कोई बदलाव नहीं होगा।इसका मतलब है कि सभी उम्मीदवारों को अब अंतिम तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
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BPSC 71st PT Admit Card 2025 – कब और कहां से डाउनलोड करें?

  • आधिकारिक सूचना के मुताबिक, 6 सितंबर 2025 को एडमिट कार्ड bpsc.bihar.gov.in पर जारी किया जाएगा।
  • उम्मीदवारों को अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करके लॉगिन करना होगा।
  • एडमिट कार्ड में दी गई जानकारी को ध्यान से चेक करें — जैसे नाम, फोटो, परीक्षा केंद्र, समय और निर्देश।
  • अगर एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में दिक्कत आए तो तुरंत BPSC हेल्पलाइन से संपर्क करें।
  • बिना एडमिट कार्ड किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा।

परीक्षा केंद्र और दिशा-निर्देश

  • परीक्षा बिहार राज्य के सभी जिला मुख्यालयों और चयनित शहरों में होगी।
  • उम्मीदवारों को परीक्षा से कम से कम 1 घंटा पहले सेंटर पर पहुंचना अनिवार्य है।
  • काले/नीले बॉल पेन से ही उत्तर पत्रक भरना होगा।
  • इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जैसे मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर आदि पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
  • 👉 उम्मीदवारों को अपने साथ एडमिट कार्ड + फोटो पहचान पत्र (आधार कार्ड / वोटर आईडी / पैन कार्ड) ले जाना अनिवार्य है।

परीक्षा पैटर्न और सिलेबस

  • प्रश्न पत्र में 150 प्रश्न (150 अंक) होंगे।
  • सभी प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाइप (मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन) होंगे।
  • पेपर की भाषा हिंदी और अंग्रेजी दोनों में उपलब्ध होगी।
  • निगेटिव मार्किंग का प्रावधान है, इसलिए सोच-समझकर उत्तर दें।
  • मुख्य विषय होंगे — सामान्य अध्ययन, बिहार का इतिहास, भूगोल, राजनीति, अर्थव्यवस्था, करंट अफेयर्स आदि।
  • परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवारों को Mains Exam के लिए बुलाया जाएगा और अंत में इंटरव्यू होगा।

BPSC 71वीं प्रारंभिक परीक्षा 2025 बिहार के लाखों युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है। अब जबकि परीक्षा की तारीख 13 सितंबर 2025 तय है और एडमिट कार्ड 6 सितंबर को जारी होगा, उम्मीदवारों को अंतिम समय की तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़नी चाहिए। सही रणनीति, टाइम मैनेजमेंट और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है।यदि आप भी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं तो आज ही अपनी तैयारी को अंतिम रूप दें और एडमिट कार्ड डाउनलोड करना न भूलें।

गया जिले को 899 करोड़ की सौगात: 10 योजनाओं का शिलान्यास, विकास की नई राह पर बढ़ा बिहार

मुख्यमंत्री द्वारा गया में 899 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन

गया ज़िले में प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने 899 करोड़ 46 लाख रुपये लागत की 10 महत्वपूर्ण योजनाओं का शिलान्यास किया। इन योजनाओं का उद्देश्य शहर को आधुनिक ढांचे से जोड़ना, बेहतर यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं प्रदान करना है।

आधारभूत संरचना और सड़क नेटवर्क का विस्तार

गया जिले को विकास की दिशा में मजबूत करने के लिए कई सड़क और फ्लाईओवर परियोजनाओं की नींव रखी गई है।

  • नगर क्षेत्र के मुफस्सिल मोड़ पर फ्लाईओवर का निर्माण होगा, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी।
  • इमामगंज प्रखंड के कोठी से सलेया होकर झारखंड को जोड़ने वाला मार्ग अब और सुलभ होगा।
  • गया-पेरैया-गुरसर से औरंगाबाद-रफीगंज तक जोड़ने वाली सड़क का काम तेज़ी से होगा।
  • बेला पनारी रोड से अत्रि-शिवरामपुर होकर धनाना-शक्ति बिगहा तक सड़क चौड़ीकरण से ग्रामीण इलाकों का विकास भी सुनिश्चित होगा।
  • बस्तपुर बियर योजना अंतर्गत मोरताल मुख्य पथ का चौड़ीकरण व विस्तार यातायात को और आसान बनाएगा।

इन योजनाओं से गया जिले के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी और ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों तक आवागमन सुगम होगा।

शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास की पहल

विकास केवल सड़कों और भवनों से नहीं होता, बल्कि शिक्षा और सामाजिक ढांचे को भी मज़बूत करना ज़रूरी है। इस बात को ध्यान में रखते हुए कई योजनाओं का शिलान्यास हुआ।

  • गया-मानपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित बग्घीबिगहा मुहल्ले में आरओबी (Road Over Bridge) का निर्माण यात्रियों के लिए बड़ी राहत होगी।
  • नवोदय विद्यालय और आवासीय विद्यालय का निर्माण हुआ जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही जिले में मिल सकेगी।
  • इमामगंज में डिग्री कॉलेज की स्थापना युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने की समस्या से राहत दिलाएगी।
  • केंद्रीय नवादा पार्क और सिलोली पार्क का विकास कार्य आम नागरिकों को मनोरंजन और स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेगा।

इन सभी योजनाओं से जिले में शैक्षणिक और सामाजिक ढांचे को नई मजबूती मिलेगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में उन्नति के अवसर मिलेंगे।

Teachers’ Day 2025: महान उत्सव 5 सितंबर को मनाया जाएगा शिक्षक दिवस | History, Importance & Celebration click here

स्थानीय अर्थव्यवस्था और सौंदर्यीकरण को बढ़ावा

सरकार ने इस प्रगति यात्रा के तहत केवल विकास कार्य ही नहीं बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाने पर भी ध्यान दिया है।

  • बारा बांध का जीर्णोद्धार न केवल सिंचाई की सुविधाओं को बेहतर करेगा बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी अहम साबित होगा।
  • पार्कों और चौड़ीकरण परियोजनाओं से शहर का सौंदर्यीकरण होगा।
  • नए पुल और सड़कें बनने से व्यापारियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी, जिससे स्थानीय व्यवसाय को भी मजबूती मिलेगी।

इन योजनाओं के क्रियान्वयन से गया जिले का चेहरा पूरी तरह बदल जाएगा और यह क्षेत्र रोजगार, शिक्षा और पर्यटन का नया केंद्र बनकर उभरेगा।गया जिले को मिली 899 करोड़ रुपये की 10 बड़ी परियोजनाएं न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में भी नए अवसर लेकर आएंगी। प्रगति यात्रा के तहत हुए ये काम आने वाले समय में बिहार के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाएंगे।

Teachers’ Day 2025: महान उत्सव 5 सितंबर को मनाया जाएगा शिक्षक दिवस | History, Importance & Celebration

Teachers’ Day 2025 – शिक्षक दिवस 5 सितंबर को छात्र अपने शिक्षक को सम्मानित करते हुए

Teachers’ Day 2025:भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस (Teachers’ Day) मनाया जाता है। यह दिन देश के दूसरे राष्ट्रपति और महान शिक्षक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को समर्पित है। शिक्षक दिवस केवल एक उत्सव नहीं बल्कि यह उन सभी गुरुओं के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है, जिन्होंने अपने ज्ञान, परिश्रम और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों और समाज को सही दिशा दी है।

शिक्षक दिवस का इतिहास और महत्व

भारत में शिक्षक दिवस की शुरुआत 1962 में हुई थी। जब डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राष्ट्रपति बने तो उनके विद्यार्थियों और मित्रों ने उनकी जन्मतिथि पर समारोह मनाने की इच्छा जताई। इस पर उन्होंने कहा – “अगर आप मेरा जन्मदिन मनाना चाहते हैं, तो इसे शिक्षक दिवस के रूप में मनाइए।” तभी से 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की परंपरा शुरू हुई।National Award to Teachers (India)

शिक्षक केवल पढ़ाने का कार्य ही नहीं करते, बल्कि वे छात्रों के जीवन में प्रेरणा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का संचार भी करते हैं। यही कारण है कि यह दिन शिक्षा और संस्कार दोनों के महत्व को रेखांकित करता है।

शिक्षक दिवस 2025: कार्यक्रम और आयोजन

इस वर्ष Teachers’ Day 2025 पर देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।

  • छात्र अपने शिक्षकों का सम्मान करेंगे और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देंगे।
  • कई संस्थानों में बेस्ट टीचर अवॉर्ड” और फेलिसिटेशन प्रोग्राम्स आयोजित होंगे।
  • राज्य सरकारें और केंद्र सरकार भी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पुरस्कार देंगी।
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #TeachersDay2025 और #GuruShiksha जैसे हैशटैग ट्रेंड करेंगे।

शिक्षक दिवस का वैश्विक महत्व

हालांकि भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 5 अक्टूबर को UNESCO द्वारा विश्व शिक्षक दिवस (World Teachers’ Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विश्वभर में शिक्षा और शिक्षकों की भूमिका को सम्मानित करना है।

भारत में शिक्षक दिवस का महत्व और भी खास है क्योंकि यहां गुरु-शिष्य परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। आचार्य चाणक्य से लेकर आधुनिक युग तक, गुरु ने हमेशा समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है।

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शिक्षक दिवस 2025 में नई पहल

इस बार कई राज्यों ने शिक्षक दिवस पर नई पहल करने की घोषणा की है:

  • बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत कई राज्यों में Digital Learning Excellence Award दिए जाएंगे।
  • राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल अवॉर्ड टू टीचर्स 2025 राष्ट्रपति भवन में आयोजित होगा।
  • नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत शिक्षकों के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

शिक्षक दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह गुरु के महत्व और उनके योगदान को याद करने का दिन है। एक महान शिक्षक समाज की नींव को मजबूत करता है और आने वाली पीढ़ियों को उज्जवल भविष्य की राह दिखाता है।

इस 5 सितंबर 2025 को हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने शिक्षकों का सम्मान करेंगे और शिक्षा के क्षेत्र को और बेहतर बनाने में योगदान देंगे।

BSSC Assistant Branch Officer Recruitment 2025: बिहार में 1064 पदों पर सुनहरा मौका, ऐसे करें आवेदन

BSSC Assistant Branch Officer Recruitment 2025 – 1064 पदों पर भर्ती, बिहार सरकारी नौकरी नोटिफिकेशन

BSSC Assistant Branch Officer Recruitment 2025: बिहार कर्मचारी चयन आयोग ने असिस्टेंट ब्रांच ऑफिसर के 1064 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। अंतिम तिथि 26 सितंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन करें। योग्यता, आवेदन प्रक्रिया और चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) ने राज्य के युवाओं के लिए एक बार फिर बड़ा रोजगार अवसर प्रदान किया है। आयोग ने असिस्टेंट ब्रांच ऑफिसर (Assistant Branch Officer – ABO) के 1064 पदों पर भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 26 सितंबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं।

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इस भर्ती के अंतर्गत उम्मीदवारों को बिहार के विभिन्न सरकारी विभागों एवं कार्यालयों में तैनाती दी जाएगी। यह पद न केवल स्थायी सरकारी नौकरी का भरोसा देता है बल्कि इसके साथ आकर्षक वेतनमान और कैरियर ग्रोथ की भी संभावना रहती है।

पदों का सारांश:

  • पद का नाम: Assistant Branch Officer (ABO)
  • कुल रिक्तियां: 1064
  • विभाग: बिहार सरकार के विभिन्न विभाग
  • वेतनमान: लेवल 7 (₹44,900 – ₹1,42,400 + भत्ते)

योग्यता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया (Eligibility, Age Limit & Selection Process)

इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को कुछ आवश्यक शर्तें पूरी करनी होंगी।

शैक्षणिक योग्यता

  • उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की डिग्री होना अनिवार्य है।
  • किसी भी विषय के स्नातक आवेदन कर सकते हैं।

आयु सीमा

  • सामान्य वर्ग: 21 से 37 वर्ष
    OBC/EBC वर्ग: 21 से 40 वर्ष
    SC/ST वर्ग: 21 से 42 वर्ष
    आयु की गणना 1 अगस्त 2025 के आधार पर की जाएगी।

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन तीन चरणों में होगा:

  1. प्रारंभिक परीक्षा (Pre Exam): इसमें वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे।
  2. मुख्य परीक्षा (Mains Exam): इसमें विषयवार विस्तृत प्रश्न होंगे।
  3. दस्तावेज़ सत्यापन और साक्षात्कार (DV & Interview): अंतिम चरण में अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेज़ों की जाँच और इंटरव्यू होगा।

इस पूरी प्रक्रिया के बाद मेरिट सूची जारी की जाएगी और चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी।

BSSC Assistant Branch Officer Recruitment 2025आवेदन प्रक्रिया, शुल्क और महत्वपूर्ण तिथियां (Apply Online, Fees & Important Dates)

आवेदन प्रक्रिया

1.उम्मीदवार को सबसे पहले BSSC की आधिकारिक वेबसाइट bssc.bihar.gov.in पर जाना होगा।

2.वहाँ “Assistant Branch Officer Recruitment 2025” लिंक पर क्लिक करें।

3.नया रजिस्ट्रेशन करें और लॉगिन करें।

4.आवेदन फॉर्म में सभी आवश्यक जानकारी सही-सही भरें।

5.पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर सहित सभी दस्तावेज़ अपलोड करें।

6.निर्धारित आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।

7.सबमिट करने के बाद फाइनल प्रिंटआउट अवश्य निकाल लें।

आवेदन शुल्क

  • सामान्य / OBC / EWS: ₹600/-
  • SC / ST / महिला (बिहार निवासी): ₹150/-
  • शुल्क का भुगतान केवल डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड/नेट बैंकिंग के माध्यम से किया जाएगा।

महत्वपूर्ण तिथियां

  • आवेदन शुरू होने की तिथि: अगस्त 2025 (संभावित)
  • आवेदन की अंतिम तिथि: 26 सितंबर 2025
  • प्रारंभिक परीक्षा की तिथि: जल्द घोषित की जाएगी
  • एडमिट कार्ड जारी: परीक्षा से लगभग 10 दिन पहले

BSSC Assistant Branch Officer Recruitment 2025 बिहार के उन युवाओं के लिए शानदार अवसर है जो लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। इस भर्ती के माध्यम से 1064 उम्मीदवारों को रोजगार का अवसर मिलेगा। यदि आप स्नातक हैं और आपकी आयु निर्धारित सीमा के अंदर है, तो इस भर्ती में अवश्य आवेदन करें।आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक है, इसलिए देर न करें और तुरंत आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भरें। सही रणनीति और मेहनत से तैयारी करें, क्योंकि यह नौकरी आपके कैरियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकती है।