तेज प्रताप यादव का मनेर में बड़ा बयान: भाई वीरेंद्र पर साधा निशाना, कहा- “बैलवा बेलगाम घूम रहा है, इसे नाथना होगा”

"तेज प्रताप यादव मनेर और बैलवा उपचुनाव 2025 में प्रचार करते हुए"

बिहार की राजनीति में एक बार फिर से हलचल बढ़ गई है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने मनेर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बिना नाम लिए मनेर से राजद विधायक भाई वीरेंद्र पर तीखा हमला बोला और कार्यकर्ताओं से अपील की कि इस बार चुनाव में उन्हें हराकर दिखाएं।तेज प्रताप यादव के इस बयान के बाद बिहार की सियासत में चर्चा तेज हो गई है। आइए जानते हैं पूरा मामला

मनेर में तेज प्रताप यादव का बयान: “बैलवा बेलगाम घूम रहा है”

मनेर में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे तेज प्रताप यादव ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं को जोशीला संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज मनेर में एक “बैलवा बेलगाम” घूम रहा है, जिसे नाथने की जरूरत है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर मनेर से आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र की ओर था।

तेज प्रताप ने कहा कि मनेर की जनता को अब जागरूक होना पड़ेगा और ऐसे नेताओं को सबक सिखाना होगा जो जनता के बीच रहकर जनता की समस्याओं का समाधान नहीं करते। उन्होंने कहा कि जनता का प्यार और आशीर्वाद असली ताकत है और जनता चाहे तो किसी भी “बेलगाम बैल” को चुनाव में हराकर सबक सिखा सकती है| उनके इस बयान को लेकर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने तालियों और नारों के साथ स्वागत किया।

भाई वीरेंद्र और तेज प्रताप यादव के बीच का राजनीतिक मतभेद

भाई वीरेंद्र, जो कि मनेर विधानसभा से राजद विधायक हैं, कई बार अपनी बेबाकी और बयानों के लिए सुर्खियों में रहे हैं। उन्होंने कई मौकों पर पार्टी के अंदर की नीतियों और नेताओं पर सवाल उठाए हैं। यही कारण है कि उनका और तेज प्रताप यादव का राजनीतिक टकराव किसी से छिपा नहीं है।तेज प्रताप यादव और भाई वीरेंद्र के बीच पिछले कई सालों से संबंध ठीक नहीं रहे। भाई वीरेंद्र को लालू प्रसाद यादव का करीबी माना जाता है, लेकिन उनका खुलकर बयानबाजी करना और पार्टी लाइन से हटकर बोलना कई बार विवाद का कारण बना है।तेज प्रताप का मनेर में दिया गया यह बयान इसी मतभेद की ओर इशारा करता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि आगामी विधानसभा चुनाव 2025 को देखते हुए यह बयान उनके “राजनीतिक भविष्य” से जुड़ा हुआ है।

बिहार चुनाव 2025: मनेर सीट पर अब सियासी घमासान तय

तेज प्रताप यादव के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि मनेर विधानसभा सीट 2025 के चुनाव में खास चर्चा में रहने वाली है। अगर तेज प्रताप खुले तौर पर भाई वीरेंद्र के खिलाफ मैदान में उतरते हैं या किसी दूसरे उम्मीदवार को समर्थन देते हैं, तो राजद के अंदरूनी संघर्ष का असर सीधा चुनावी नतीजों पर पड़ेगा।मनेर विधानसभा सीट पर अभी तक राजद का दबदबा रहा है, लेकिन तेज प्रताप यादव के इस बयान के बाद जनता और कार्यकर्ताओं में नई हलचल है। कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि क्या इस बार भाई वीरेंद्र को पार्टी टिकट मिलेगा या फिर तेज प्रताप यादव की नाराजगी के चलते किसी नए चेहरे को उतारा जाएगा।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर राजद ने समय रहते मतभेद को दूर नहीं किया, तो इसका नुकसान 2025 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को उठाना पड़ सकता है। मनेर सीट पर एनडीए भी लगातार सक्रिय है और बीजेपी-जेडीयू इस क्षेत्र में अपना जनाधार मजबूत करने में जुटी हुई है।

तेज प्रताप यादव का यह बयान केवल एक व्यक्तिगत हमला नहीं बल्कि आने वाले चुनाव की दिशा और दशा तय करने वाला संकेत है। “बैलवा बेलगाम घूम रहा है” जैसी उपमा देकर उन्होंने साफ कर दिया है कि वे किसी भी कीमत पर “बागी सुरों” को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं।

मनेर विधानसभा सीट अब बिहार चुनाव 2025 का एक “हॉटस्पॉट” बनने जा रही है। जहां एक तरफ भाई वीरेंद्र अपनी साख बचाने की लड़ाई लड़ेंगे, वहीं दूसरी तरफ तेज प्रताप यादव अपने समर्थकों के साथ राजनीतिक भविष्य का नया रास्ता बनाने की कोशिश करेंगे।

आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या राजद इन मतभेदों को सुलझा पाएगी या फिर यह अंदरूनी लड़ाई विपक्ष के लिए “फायदे का सौदा” साबित होगी।

Voter Adhikar Yatra Gaya: भगीरथ मांझी को मिला नया घर, तेजस्वी यादव का EC पर जबरदस्त तंज

Voter Adhikar Yatra Gaya में भगीरथ मांझी को नया घर, तेजस्वी यादव का निर्वाचन आयोग पर बयान

Voter Adhikar Yatra Gaya:लोकतांत्रिक भारत में चुनाव सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं बल्कि जनभागीदारी का सबसे बड़ा पर्व होता है। लोगों को उनके मतदान अधिकार के प्रति जागरूक करने के लिए देशभर में अलग-अलग स्तर पर अभियान चलाए जाते हैं। इसी कड़ी में Voter Adhikar Yatra बिहार के गया पहुँची। इस यात्रा का उद्देश्य है आम जनता को जागरूक करना कि वोट उनका अधिकार है और सही प्रतिनिधि चुनना उनकी ज़िम्मेदारी।

यात्रा के दौरान गया जिले में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया जहाँ भगीरथ मांझी को नया घर सौंपा गया। वहीं, इस मौके पर पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने निर्वाचन आयोग पर जोरदार हमला बोला और अपने चुटीले अंदाज़ में कहा – “आयोग बिहारी को चूना नहीं लगा सकता, बिहारी खैनी में चूना रगड़ देता है।”

भगीरथ मांझी को मिला नया घर

गया में आयोजित इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत रही कि समाज के वंचित वर्ग से आने वाले भगीरथ मांझी को एक नया घर सौंपा गया।

  • इस पहल को लोगों ने सराहा और कहा कि वोटर अधिकार यात्रा सिर्फ जागरूकता नहीं बल्कि सामाजिक बदलाव की पहल भी है।
  • भगीरथ मांझी लंबे समय से गरीबी और आवास समस्या से जूझ रहे थे।
  • नए घर की सौगात मिलने पर उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा तोहफ़ा है।

यह कदम दिखाता है कि लोकतंत्र में जन अधिकारों के साथ-साथ सामाजिक अधिकार भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।

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Voter Adhikar Yatra Gaya कार्यक्रम में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने मंच से चुनाव आयोग को घेरा।
उन्होंने कहा:

  • “बिहारी को कोई भी आसानी से बेवकूफ़ नहीं बना सकता।”
  • “आयोग अगर चूना लगाने की कोशिश करेगा तो याद रखे, बिहारी खैनी में चूना रगड़ना अच्छे से जानता है।”

उनके इस बयान ने न सिर्फ कार्यकर्ताओं में उत्साह भरा बल्कि सोशल मीडिया पर भी यह लाइन वायरल हो गई।

Voter Adhikar Yatra का मकसद

इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है—

  1. मतदान प्रतिशत बढ़ाना – खासकर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में।
  2. युवाओं को जोड़ना – पहली बार वोट करने वाले युवा इस अभियान का केंद्र बिंदु हैं।
  3. लोकतंत्र मजबूत करना – ताकि लोग सिर्फ चुनावी मौसम में नहीं बल्कि हर समय अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें।

गया में हुई सभा में हजारों की संख्या में लोग जुटे। यह स्पष्ट संदेश है कि जनता अब अपने वोट की ताकत को समझने लगी है।

सोशल मीडिया पर चर्चा

Voter Adhikar Yatra Gaya तेजस्वी यादव का बयान और भगीरथ मांझी को घर मिलने की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई।

  • Twitter (X) पर #VoterAdhikarYatra ट्रेंड करने लगा।
  • लोगों ने इस पहल को “जनता की असली ताकत” बताया।
  • कई यूज़र्स ने कहा कि इस तरह की यात्राएँ बिहार की राजनीति में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।

Voter Adhikar Yatra Gaya का गया पड़ाव बिहार की राजनीति और सामाजिक बदलाव दोनों के लिहाज से खास रहा। एक ओर जहाँ गरीब भगीरथ मांझी को नया घर मिला, वहीं दूसरी ओर तेजस्वी यादव के बयान ने राजनीतिक हलचल मचा दी।यह साफ है कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब जनता अपने अधिकार को समझेगी और सही प्रतिनिधि चुनने में अपनी भूमिका निभाएगी। बिहार की धरती पर निकली यह यात्रा आने वाले चुनावी माहौल में बड़ा असर डाल सकती है।

FAQ

Voter Adhikar Yatra क्या है?

यह एक जनजागरूकता यात्रा है जिसका उद्देश्य लोगों को मतदान अधिकार के प्रति जागरूक करना है।

गया में इस यात्रा की खासियत क्या रही?

यहाँ भगीरथ मांझी को नया घर सौंपा गया और तेजस्वी यादव ने निर्वाचन आयोग पर चुटीला तंज कसा।

तेजस्वी यादव ने क्या बयान दिया?

उन्होंने कहा, “आयोग बिहारी को चूना नहीं लगा सकता, बिहारी खैनी में चूना रगड़ देता है।”

क्या इस यात्रा से मतदाता जागरूक होंगे?

हाँ, इस तरह के अभियान ग्रामीण और युवा मतदाताओं तक लोकतंत्र की शक्ति को पहुँचाने का बेहतरीन तरीका हैं।

बिहारभूमि सुधार महा-अभियान 2025: बिहार सरकार का बड़ा कदम, किसानों को जमीन से जुड़े दस्तावेज़ घर-घर मिलेंगे

बिहार भूमि सुधार महाअभियान 2025: खेत और घर से जुड़ी तस्वीर

बिहारभूमि सुधार महा-अभियान 2025:बिहार सरकार ने जमीन से जुड़े विवाद और त्रुटियों को खत्म करने के लिए 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 तक ‘भूमि सुधार महा-अभियान’ की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य है कि हर किसान और जमीन मालिक को उनकी जमाबंदी, नामांतरण, बंटवारा और अन्य राजस्व संबंधी सेवाएँ सीधे उनके गाँव और पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराई जाएं।

बिहार सरकार का बड़ा ऐलान: इंटर पास अविवाहित छात्राओं को ₹25,000, 9वीं के छात्रों को साइकिल योजना का लाभ click here

भूमि सुधार महा-अभियान का उद्देश्य

  • जमीन के पुराने रिकॉर्ड्स में सुधार करना।
  • डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर हर किसान की जमीन की सही जानकारी दर्ज करना।
  • नाम, खेसरा, खाता, रकबा और लगान जैसी त्रुटियों को सही करना।
  • लोगों को राजस्व कार्यालय के चक्कर लगाने से बचाना।
  • ऑनलाइन जमाबंदी और नामांतरण की प्रक्रिया को तेज़ और पारदर्शी बनाना।

किसानों को कैसे मिलेगा लाभ?

इस अभियान के तहत राजस्व कर्मचारी और अमीन पंचायत स्तर पर कैंप लगाएंगे।

  • हर नागरिक को जमाबंदी की प्रति (Record of Rights) उनके गाँव में ही उपलब्ध होगी।
  • यदि कोई त्रुटि मिलती है, तो उसी समय ऑनलाइन सुधार किया जाएगा।
  • नामांतरण और बंटवारा के मामले तुरंत पंजीकृत होंगे।
  • मोबाइल नंबर से OTP वेरिफिकेशन के ज़रिए पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
  • आवेदन करने वाले को तुरंत रसीद और आवेदन संख्या SMS के जरिए मिलेगी।

बिहारभूमि सुधार महा-अभियान 2025 डिजिटल पोर्टल से सुविधा

सरकार ने इस अभियान को डिजिटल रूप से भी मजबूत किया है।

  • Bihar Bhumi Portal और Bihar Bhumi Plus के ज़रिए सेवाएँ ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
  • परिमार्जन प्लस” और “म्यूटेशन प्लस” जैसे सॉफ़्टवेयर के जरिए डेटा को तुरंत अपडेट किया जा रहा है।
  • हर हल्का (राजस्व क्षेत्र) में लैपटॉप और इंटरनेट डोंगल से लैस कर्मचारी मौजूद रहेंगे।

बिहार भूमि सुधार योजना 2025👉 Bihar Bhumi Portal पर जाएँ

किसानों की प्रतिक्रिया

गाँव-गाँव चल रहे इस अभियान को लेकर किसानों में उत्साह है।

  • पहले जहाँ जमीन से जुड़े विवाद सालों तक अदालतों में चलते थे, अब उन्हें घर-घर समाधान मिलने लगा है।
  • डिजिटल रिकॉर्ड मिलने से पारदर्शिता बढ़ी है और दलालों की भूमिका कम हुई है
  • किसानों का कहना है कि अब उन्हें अपने जमीन के कागज़ात ऑनलाइन मिल रहे हैं, जिससे बैंक लोन, बंटवारा और रजिस्ट्री जैसे कार्य आसान हो गए हैं।

बिहारभूमि सुधार महा-अभियान 2025 सरकार की उम्मीदें

बिहार सरकार का मानना है कि इस महा-अभियान से:

  • जमीन विवादों में 50% तक कमी आएगी।
  • हर किसान की जमीन का सही रिकॉर्ड डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध होगा।
  • पारदर्शिता से भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।
  • भविष्य में किसानों को सीधे लाभकारी योजनाओं का फायदा दिया जा सकेगा।

नीतीश सरकार नई योजना 2025″भूमि सुधार महा-अभियान” बिहार सरकार का एक बड़ा कदम है जो जमीन सुधार के साथ-साथ किसानों की ज़िंदगी को आसान बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी प्रयास है।
यह पहल न केवल भूमि विवादों को कम करेगी, बल्कि आने वाले समय में बिहार को डिजिटल भूमि प्रबंधन का मॉडल राज्य भी बना सकती है।

Patna Metro Launch 2025: 15 अगस्त को नहीं, अब 23 अगस्त से दौड़ेगी मेट्रो | रूट, किराया, समय

Patna Metro Launch 2025

Patna Metro Launch 2025:पटना मेट्रो का सपना अब हकीकत बनने के करीब है। बिहार की राजधानी पटना में मेट्रो सेवा की शुरुआत को लेकर वर्षों से इंतज़ार किया जा रहा था। पहले योजना थी कि 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इसका उद्घाटन किया जाएगा, लेकिन ताज़ा जानकारी के अनुसार यह तारीख बदल गई है। अब उम्मीद है कि 23 अगस्त 2025 को इसका उद्घाटन होगा।

पटना मेट्रो प्रोजेक्ट की झलक

परियोजना का उद्देश्य यह कि पटना शहर में बढ़ते ट्रैफिक और जाम की समस्या को कम करने के लिए पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की योजना बनाई गई। इसका उद्देश्य शहर के प्रमुख इलाकों को तेज़, सुरक्षित और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन से जोड़ना है।

निर्माण और लागत

  • परियोजना की लागत: लगभग ₹13,365 करोड़
  • लंबाई: 30.91 किमी
  • लाइनें: दो (ब्लू लाइन और ऑरेंज लाइन)
  • स्टेशन: कुल 24 स्टेशन
  • नोडल एजेंसी: पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PMRCL)

ब्लू लाइन (प्राथमिक कॉरिडोर)

पहले चरण में ब्लू लाइन का आंशिक हिस्सा शुरू किया जाएगा, जिसे प्राथमिक कॉरिडोर कहा जा रहा है। इसमें ये स्टेशन शामिल होंगे—

  1. मालाही पकरी
  2. भूतनाथ रोड
  3. ज़ीरो माइल
  4. पटलिपुत्र ISBT

Patna Metro Launch 2025,15 अगस्त को उद्घाटन क्यों टला?

पहले योजना थी कि प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के हाथों 15 अगस्त 2025 को पटना मेट्रो की ब्लू लाइन का उद्घाटन हो। 15 जुलाई को इसका ट्रायल रन भी सफलतापूर्वक किया गया था। लेकिन उद्घाटन की तारीख को आगे बढ़ाने के पीछे कुछ मुख्य कारण हैं—

  1. सुरक्षा ऑडिट में देरी
    मेट्रो के संचालन से पहले RDSO (Research Designs and Standards Organisation) और Commissioner of Metro Rail Safety (CMRS) की मंजूरी जरूरी होती है। यह प्रक्रिया अपेक्षा से अधिक समय ले रही है।
  2. स्टेशन व इंफ्रास्ट्रक्चर का अंतिम काम
    कुछ स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर और सिग्नलिंग सिस्टम का काम अधूरा था, जिसे पूरा करने में कुछ और दिन लगेंगे।
  3. यात्री सुरक्षा प्राथमिकता
    सरकार ने साफ किया है कि बिना 100% सुरक्षा प्रमाणन के मेट्रो सेवा शुरू नहीं होगी, चाहे थोड़ी देरी ही क्यों न हो।

नई संभावित तारीख: 23 अगस्त 2025

बिहार सरकार और मेट्रो प्रबंधन ने अब 23 अगस्त 2025 को उद्घाटन की संभावित तारीख बताया है। उस दिन पहले चरण में चार स्टेशनों के बीच मेट्रो चलाई जाएगी। धीरे-धीरे बाकी रूट को भी खोलने की योजना है।संभावित समय-सारणी:

  • सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक सेवा
  • हर 10-12 मिनट में एक ट्रेन
  • यात्रा का समय: मालाही पकरी से ISBT तक करीब 10 मिनट

किराया और टिकटिंग सिस्टम

  • न्यूनतम किराया: ₹10
  • अधिकतम किराया: ₹30 (पहले चरण के लिए)
  • टिकट के प्रकार:
    • टोकन (एक बार की यात्रा)
    • स्मार्ट कार्ड (रिचार्जेबल, मासिक पास सुविधा)
  • डिजिटल भुगतान: UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, और QR कोड से टिकट खरीदने की सुविधा

यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं

एयर-कंडीशन्ड कोच सभी मेट्रो ट्रेन पूरी तरह वातानुकूलित होंगी।और सीसीटीवी और सुरक्षा गार्ड हालांकि हर स्टेशन और ट्रेन में हाई-डेफिनिशन कैमरे और सुरक्षा कर्मी मौजूद रहेंगे। डिजिटल सूचना बोर्ड ट्रेन के आने-जाने का समय और अगले स्टेशन की जानकारी डिजिटल स्क्रीन पर मिलेगी। इसमें दिव्यांगजन के लिए रैंप और लिफ्ट व्हीलचेयर यूज़र्स के लिए आसान पहुँच की सुविधा।

पटना मेट्रो 15 अगस्त 2025 से होगी शुरू – जानिए स्टेशन, रूट, किराया और ट्रायल रन की पूरी जानकारी click here

आगे की योजना

ब्लू लाइन के प्राथमिक कॉरिडोर के बाद ऑरेंज लाइन का भी निर्माण तेजी से चल रहा है, जो दानापुर से मीठापुर तक जाएगी। अगले 2-3 वर्षों में दोनों लाइन पूरी तरह चालू हो जाएंगी और पटना मेट्रो नेटवर्क 30 किमी से अधिक लंबा हो जाएगा।हालाँकि 15 अगस्त को पटना मेट्रो का उद्घाटन न होना थोड़ा निराशाजनक है, लेकिन सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा को देखते हुए यह फैसला सही है। अब पटना के लोग 23 अगस्त 2025 का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, जब बिहार की राजधानी में मेट्रो सेवा औपचारिक रूप से शुरू होगी। यह न केवल परिवहन में क्रांति लाएगी, बल्कि शहर के विकास को भी नई दिशा देगी।

बिहार सरकार का बड़ा ऐलान: इंटर पास अविवाहित छात्राओं को ₹25,000, 9वीं के छात्रों को साइकिल योजना का लाभ

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PATNA: बिहार सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के लाखों छात्रों और छात्राओं को नई सौगात दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इंटर पास अविवाहित छात्राओं को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं, 9वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों को मुख्यमंत्री साइकिल योजना के तहत साइकिल दी जाएगी।मुख्यमंत्री का कहना है कि सरकार चाहती है कि कोई भी छात्र या छात्रा आर्थिक कमी के कारण पढ़ाई बीच में न छोड़े। खासकर ग्रामीण इलाकों में यह योजना काफी प्रभावी साबित होगी, क्योंकि वहां लड़कियों की शिक्षा को लेकर अक्सर आर्थिक और सामाजिक बाधाएं आती हैं।

इंटर पास अविवाहित छात्राओं को ₹25,000

सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य लड़कियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना और उनकी आर्थिक मदद करना है। पहले यह राशि 10वीं पास छात्राओं को दी जाती थी, लेकिन अब इसे इंटर पास अविवाहित छात्राओं के लिए लागू किया गया है।

  • राशि सीधे छात्राओं के बैंक खाते में DBT के जरिए भेजी जाएगी।
  • इसके लिए छात्राओं को बिहार बोर्ड से इंटर पास होना जरूरी है।
  • आवेदन के समय अविवाहित होने का प्रमाण पत्र भी देना होगा।

9वीं कक्षा के छात्रों को साइकिल योजना का लाभ

सरकार ने यह भी घोषणा की है कि 9वीं कक्षा में पढ़ने वाले लड़कों और लड़कियों दोनों को मुख्यमंत्री साइकिल योजना का लाभ मिलेगा।

  • लड़कों को ₹3,500 की राशि और लड़कियों को ₹3,500 की राशि साइकिल खरीदने के लिए दी जाएगी।
  • यह राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होगी।
  • इससे छात्र-छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा होगी और पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी।

आवेदन प्रक्रिया और पात्रता

इंटर पास छात्राओं को
  • बिहार बोर्ड से इंटरमीडिएट परीक्षा पास होनी चाहिए।
  • अविवाहित होना जरूरी है।
  • आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मार्कशीट और अविवाहित प्रमाण पत्र की जरूरत होगी।
9वीं कक्षा के छात्र
  • बिहार के सरकारी या मान्यता प्राप्त स्कूल में पढ़ाई होनी चाहिए।
  • आधार कार्ड, बैंक पासबुक और स्कूल का प्रमाण पत्र आवश्यक है।

आवेदन प्रक्रिया – स्टेप बाय स्टेप

इंटर पास अविवाहित छात्राओं के लिए

1.ऑनलाइन पंजीकरण – शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

2.दस्तावेज अपलोड करें – आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मार्कशीट, अविवाहित प्रमाण पत्र।

3.फॉर्म सबमिट करें – सभी विवरण भरने के बाद आवेदन जमा करें।

4.सत्यापन – जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा दस्तावेज की जांच की जाएगी।

5.राशि ट्रांसफर – सत्यापन के बाद ₹25,000 आपके बैंक खाते में भेज दी जाएगी।

9वीं कक्षा के छात्रों के लिए साइकिल योजना

1.स्कूल के माध्यम से सूची तैयार – छात्र का नाम और बैंक डिटेल स्कूल द्वारा दर्ज किया जाएगा।

2.शिक्षा विभाग को भेजना – स्कूल यह सूची शिक्षा विभाग को भेजेगा।

3.राशि ट्रांसफर – विभाग ₹3,500 की राशि सीधे छात्र के खाते में ट्रांसफर करेगा।

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बिहार सरकार की यह पहल राज्य के लाखों छात्रों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी। इंटर पास अविवाहित छात्राओं को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि और 9वीं के छात्रों को साइकिल योजना का लाभ मिलने से न केवल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि समाज में भी सकारात्मक सोच का विकास होगा।
यह योजना साबित करेगी कि सही नीतियों और दूरदर्शिता के साथ सरकार गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के भविष्य को उज्जवल बना सकती है।

नीतीश कुमार फ्री बिजली और सोलर पैनल योजना 2025: 125 यूनिट मुफ्त बिजली के बाद घर-घर मुफ्त सोलर पैनल

नीतीश कुमार फ्री बिजली और सोलर पैनल योजना 2025

नीतीश कुमार की नई पहल बिहार को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर राज्य के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। पहले उन्होंने घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना शुरू की, और अब उन्होंने घर-घर मुफ्त सोलर पैनल लगाने का ऐलान किया है।
यह घोषणा बिजली उपभोक्ताओं से संवाद कार्यक्रम के दौरान की गई, जिसमें सीएम ने साफ किया कि आने वाले समय में बिहार को न केवल ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है बल्कि हर घर को सस्ती और स्वच्छ बिजली उपलब्ध करानी है।

125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना: लाखों उपभोक्ताओं को सीधी राहत

1 अगस्त 2025 से लागू हुई इस योजना के तहत बिहार के लगभग 1.67 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है।
इस योजना के मुख्य बिंदु:

  • लाभार्थी: सभी घरेलू उपभोक्ता
  • सीमा: प्रति माह 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त
  • बजट: लगभग ₹3,797 करोड़
  • उद्देश्य: बिजली बिल का बोझ कम करना और उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देना

महिलाओं ने इस योजना की जमकर तारीफ की है। कई ने कहा कि बिजली का बिल शून्य आने से घर के बजट में राहत मिली है और बचा हुआ पैसा अब बच्चों की पढ़ाई व घर के अन्य कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

बिहार जमाबंदी महाअभियान 2025: बिहार में घर-घर जाकर मिलेगी जमाबंदी की कॉपी, 16 अगस्त से शुरू होगा महाअभियान click here

घर-घर मुफ्त सोलर पैनल, हरित ऊर्जा की ओर कदम

नीतीश सरकार का अगला लक्ष्य सोलर एनर्जी मिशन है। इसके तहत अगले 3 वर्षों में बिहार के हर घर में सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
मुख्य बातें:

  • गरीब परिवारों के लिए पैनल का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी
  • बाकी उपभोक्ताओं को सब्सिडी और वित्तीय सहायता मिलेगी
  • योजना का लक्ष्य 10,000 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन करना है
  • इससे न केवल बिजली उत्पादन बढ़ेगा बल्कि बिहार की निर्भरता कोयला आधारित बिजली पर कम होगी

यह योजना न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर है बल्कि लंबे समय में उपभोक्ताओं के बिजली बिल को भी लगभग समाप्त कर देगी।

बिहार की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और जनता की प्रतिक्रिया

इन योजनाओं का सीधा असर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पड़ेगा।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती की समस्या कम होगी
  • किसानों को सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए आसानी से बिजली उपलब्ध होगी
  • शहरी क्षेत्रों में बिजली का लगातार और स्थिर सप्लाई सुनिश्चित होगी

जनता में इन योजनाओं को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस फैसले को “बिहार के लिए ऐतिहासिक” बता रहे हैं।

बिहार चुनाव पर सामाजिक और राजनीतिक क्याअसर पड़ेगा?

125 यूनिट मुफ्त बिजली और घर-घर सोलर पैनल योजना न केवल ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति ला सकती है, बल्कि यह बिहार की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन सकती है।आगामी चुनावों में यह योजना JDU के लिए एक मजबूत चुनावी वादा साबित हो सकती है। पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और जनता—तीनों स्तर पर इस योजना का असर देखने को मिलेगा।

बिहार जमाबंदी महाअभियान 2025: बिहार में घर-घर जाकर मिलेगी जमाबंदी की कॉपी, 16 अगस्त से शुरू होगा महाअभियान

बिहार जमाबंदी महाअभियान 2025

बिहार जमाबंदी महाअभियान 2025:बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की है कि राज्य में अब लोगों को उनकी जमीन की जमाबंदी की कॉपी घर-घर जाकर उपलब्ध कराई जाएगी। इस विशेष अभियान की शुरुआत 16 अगस्त 2025 से होगी और यह 15 सितंबर 2025 तक चलेगा। इस अभियान के तहत राजस्व कर्मी गांव-गांव, मोहल्लों और कस्बों में जाकर लोगों को उनके जमीन से जुड़े दस्तावेज देंगे।

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अभियान का उद्देश्य: हर नागरिक तक पहुंचाना जमीन के कागजात

इस पहल का मुख्य उद्देश्य है कि राज्य के सभी भूमि मालिकों को उनकी जमीन की अद्यतन जमाबंदी कॉपी उपलब्ध हो सके
अक्सर देखा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग जमीन के कागजात प्राप्त करने के लिए अंचल कार्यालय या प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगाते हैं। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। इस अभियान से:

  • लोग अपने घर बैठे ही जमीन का दस्तावेज पा सकेंगे।
  • विवादों और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी।
  • जमीन से जुड़े रेकॉर्ड डिजिटली और ऑफलाइन दोनों तरह से सटीक रहेंगे।

बिहार जमाबंदी महाअभियान 2025 क़े अभियान की अवधि और कार्यप्रणाली

राजस्व विभाग के अनुसार यह अभियान 16 अगस्त 2025 से 15 सितंबर 2025 तक पूरे राज्य में चलेगा।
DCLR Situ Sharma ने बताया कि इस अवधि में विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो गांव-गांव जाकर लोगों की पहचान सत्यापित करेंगी और उन्हें जमाबंदी की कॉपी देंगी
अभियान में शामिल होंगे:

  • राजस्व कर्मचारी और अधिकारी
  • पंचायत स्तर के कर्मी
  • स्थानीय जनप्रतिनिधि
  • कंप्यूटर ऑपरेटर (डिजिटल रेकॉर्ड के लिए)

प्रत्येक पंचायत में अलग-अलग टीम बनाई गई है, जिससे अभियान तेज़ी और पारदर्शिता से चले।

जनता को होने वाले फायदे

यह महाअभियान आम जनता के लिए कई तरह से फायदेमंद साबित होगा:

  1. समय की बचत – अब कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं।
  2. कागजात सुरक्षित – लोगों को आधिकारिक मुहर लगी हुई कॉपी मिलेगी।
  3. विवादों में कमी – जमीन के मालिकाना हक़ को लेकर झगड़े घटेंगे।
  4. पारदर्शिता – सभी रेकॉर्ड अपडेट होकर लोगों के हाथ में होंगे।

इससे खासकर किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी।
क्योंकि उनकी जमीन से जुड़े अधिकतर विवाद कागजात की कमी के कारण होते हैं।

बिहार जमाबंदी महाअभियान 2025 से डिजिटल रिकॉर्ड और भविष्य की योजना

राजस्व विभाग का लक्ष्य है कि 2026 तक बिहार में 100% जमीन का रिकॉर्ड डिजिटल और अद्यतन हो जाए।
अभियान के दौरान:

  • ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा अपडेट होगा।
  • लोगों के मोबाइल नंबर और आधार से जमीन की डिटेल लिंक होगी।
  • भविष्य में SMS और ईमेल के माध्यम से दस्तावेज भेजने की योजना है।

इस तरह, ऑफलाइन कॉपी के साथ-साथ डिजिटल कॉपी भी उपलब्ध रहेगी, जिससे किसी भी स्थिति में दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे।बिहार में शुरू होने वाला यह महाअभियान भूमि प्रबंधन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम है। यह न सिर्फ लोगों को उनके दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएगा, बल्कि राज्य के भूमि रिकॉर्ड को पारदर्शी और सटीक बनाएगा।अगर यह योजना सफल होती है, तो यह पूरे देश के लिए एक मॉडल प्रोजेक्ट साबित हो सकती है।

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बिहार में भूमि विवाद

बिहार में भूमि विवाद की समस्या वर्षों से लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही है। ज़मीन से जुड़े मामलों में उलझे लोग अक्सर थानों, अंचल कार्यालयों और अदालतों के चक्कर लगाते रहते हैं। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक, ज़मीन को लेकर विवाद आम हो गए हैं। राज्य सरकार ने कई बार इस समस्या को हल करने के लिए कदम उठाए, लेकिन अब तक इसका पूरी तरह से समाधान नहीं हो सका।

राजस्व विभाग के नियम-कायदे और प्रक्रियाएं कई बार बदली गईं, परंतु व्यवहारिक स्तर पर इनका असर सीमित ही रहा। इसके चलते बड़ी संख्या में लोग वर्षों तक अपने विवादों का निपटारा होने का इंतजार करते रहे हैं। अब, इस समस्या को तेजी से हल करने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत अब प्रत्येक शनिवार को अंचल कार्यालयों में जनता दरबार का आयोजन होगा, जहां सीधे भूमि विवादों की सुनवाई की जाएगी।

सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल मामलों के त्वरित निपटारे में मदद मिलेगी, बल्कि थानों और अदालतों में लंबित भूमि विवादों का बोझ भी कम होगा। इस फैसले के पीछे मुख्य सचिव के निर्देश और हालिया समीक्षा बैठक की बड़ी भूमिका रही है, जिसमें इस समस्या को गंभीरता से उठाया गया था।

भूमि विवादों का पुराना संकट और थानों में सुनवाई की सीमाएं

भूमि विवाद बिहार में नई समस्या नहीं है। यह एक पुराना संकट है, जिसकी जड़ें गहरी हैं। अक्सर यह विवाद परिवार के अंदर बंटवारे, सीमांकन, या रजिस्ट्री संबंधी गड़बड़ियों के कारण उत्पन्न होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तो यह स्थिति और भी जटिल होती है, जहां न तो रिकॉर्ड ठीक से अपडेट होते हैं और न ही सीमांकन स्पष्ट होता है।

राज्य सरकार ने पहले एक व्यवस्था बनाई थी, जिसके तहत हर शनिवार को थानों में सीओ और थानाध्यक्ष की मौजूदगी में भूमि विवादों की सुनवाई होनी थी। इस पहल का उद्देश्य था कि थाने स्तर पर ही विवाद का निपटारा हो जाए और लोगों को बार-बार अंचल कार्यालय या कोर्ट के चक्कर न लगाने पड़ें।

लेकिन समय के साथ यह व्यवस्था प्रभावी साबित नहीं हो पाई। कई मामलों में सुनवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई और विवाद का असली समाधान नहीं हो पाया। परिणामस्वरूप, थानों में हल न होने वाले मामले अंततः कोर्ट पहुंच गए, जिससे वहां का बोझ भी बढ़ गया।

इसी पृष्ठभूमि में 22 जुलाई को मुख्य सचिव ने सभी जिलों के डीएम और एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। इस बैठक में भूमि विवाद मामलों की समीक्षा की गई और उनकी प्रगति का आकलन किया गया। बैठक के बाद मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अंचल कार्यालय स्तर पर सुनवाई को प्राथमिकता दी जाए और इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

नई व्यवस्था: अंचल कार्यालयों में जनता दरबार और स्थल निरीक्षण

मुख्य सचिव के निर्देश के बाद सीतामढ़ी के एसपी अमित रंजन ने पत्र जारी कर इस नई व्यवस्था की घोषणा की। इसके अनुसार, अब प्रत्येक शनिवार को अंचल कार्यालयों में जनता दरबार आयोजित होगा, जिसमें आम नागरिक अपने भूमि विवाद मामलों को प्रस्तुत कर सकेंगे। यह व्यवस्था इस उद्देश्य से बनाई गई है कि विवादों को मौके पर ही सुना और सुलझाया जा सके।

यदि किसी मामले में स्थल मुआयना की आवश्यकता होगी, तो अंचल कार्यालय के अधिकारी और थाना पुलिस संयुक्त रूप से मौके पर जाकर जांच करेंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि निर्णय लेने से पहले पूरे मामले की स्पष्ट और सटीक जानकारी हो। इस तरह के निरीक्षण से झूठे दावे और फर्जी दस्तावेजों के मामलों में भी कमी आने की संभावना है।

जनता दरबार में हुई सुनवाइयों का ऑफलाइन रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिसमें सभी कागजात, लिए गए निर्णय और कार्रवाई का विवरण दर्ज होगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य में किसी भी जांच के समय सटीक जानकारी उपलब्ध होगी।

फर्जी दस्तावेज पाए जाने पर उनकी गहन जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि भूमि विवाद से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

सुनवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अंचल कार्यालयों में सुरक्षा बल की तैनाती की जाएगी। इससे आम नागरिक बिना डर के अपनी शिकायत रख सकेंगे और सुनवाई निष्पक्ष माहौल में हो सकेगी।

बिहार सरकार को उम्मीद है कि इस नई पहल से भूमि विवादों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान होगा। यदि इसे ईमानदारी और सख्ती से लागू किया गया, तो आने वाले समय में थानों और अदालतों में लंबित मामलों की संख्या घट सकती है। साथ ही, आम लोगों को वर्षों पुरानी परेशानियों से भी राहत मिलेगी। यह कदम प्रशासनिक सुधार और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

खान सर को लड़कियों ने बांधी राखी: हर साल की तरह इस साल भी टूटा रिकॉर्ड

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रक्षा बंधन का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते को और भी खास बना देता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके लंबे जीवन, खुशहाली और सफलता की कामना करती हैं। इस बार पटना के मशहूर एजुकेटर खान सर ने भी यह त्यौहार बेहद खास अंदाज में मनाया। उनके संस्थान में आई सैकड़ों छात्राओं ने उन्हें राखी बांधकर अपने “भाई” होने का सम्मान दिया। हर साल की तरह इस साल भी यह आयोजन चर्चा में रहा और राखी बांधने का रिकॉर्ड टूट गया।

खान सर कौन हैं?

खान सर का असली नाम अक्सर चर्चा का विषय रहा है, लेकिन वे पूरे देश में अपने अनोखे पढ़ाने के तरीके और सरल भाषा में कठिन विषयों को समझाने के लिए मशहूर हैं। पटना से पढ़ाई कराने वाले खान सर का यूट्यूब चैनल और ऑफलाइन कोचिंग लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा स्रोत है। वे केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि समाजिक मुद्दों पर भी अपने विचार रखते हैं, जिससे युवाओं में उनकी लोकप्रियता बेहद अधिक है।

रक्षा बंधन का खास आयोजन

हर साल की तरह इस साल भी रक्षा बंधन के मौके पर खान सर के संस्थान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह से ही छात्राओं का आना शुरू हो गया और दिनभर राखी बांधने का सिलसिला चलता रहा। इस आयोजन की खास बात यह रही कि यह केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि इसमें भाई-बहन के रिश्ते की भावनाएं साफ झलक रही थीं। छात्राओं ने राखी बांधने के साथ खान सर को मिठाई भी खिलाई और उनकी लंबी उम्र की दुआ की।

रिकॉर्ड तोड़ भीड़

खान सर के संस्थान में हर साल रक्षा बंधन के दिन सैकड़ों बहनें राखी बांधने आती हैं, लेकिन इस बार संख्या ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। अनुमान है कि इस बार हजार से भी ज्यादा राखियां खान सर की कलाई पर सजाई गईं।
कई छात्राओं ने बताया कि वे सुबह से ही लाइन में लगी थीं ताकि उन्हें अपने “भाई” खान सर को राखी बांधने का मौका मिल सके।

छात्राओं की भावनाएं

इस आयोजन में शामिल छात्राओं ने बताया कि खान सर न केवल उनके शिक्षक हैं बल्कि एक मार्गदर्शक और भाई की तरह हमेशा खड़े रहते हैं। वे कठिन समय में छात्रों का हौसला बढ़ाते हैं और उन्हें सफलता के लिए प्रेरित करते हैं।
एक छात्रा ने कहा हमारे लिए खान सर सिर्फ टीचर नहीं, बल्कि बड़े भाई जैसे हैं। पढ़ाई में मदद करना, मोटिवेट करना और हमेशा सहयोग करना – यही असली भाई का फर्ज है।”

सोशल मीडिया पर चर्चा

जैसे ही इस आयोजन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर आईं, वे वायरल हो गईं। ट्विटर (X), फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर लोगों ने इस अनोखे जश्न की जमकर तारीफ की।
कई लोगों ने इसे गुरु और शिष्य के रिश्ते की मिसाल बताया, वहीं कुछ ने इसे भाई-बहन के रिश्ते का नया रूप कहा। #KhanSir और #RakshaBandhan जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।खान सर का यह आयोजन सिर्फ एक त्योहार मनाने भर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए एक मजबूत संदेश देता है। उन्होंने दिखाया कि भाई-बहन का रिश्ता सिर्फ खून के रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्यार, सम्मान और विश्वास से भी बन सकता है। इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को सिखाते हैं कि आपसी संबंधों में अपनापन और सम्मान कितना जरूरी है।रक्षा बंधन का यह आयोजन साबित करता है कि भावनाएं और रिश्ते किसी सीमा में बंधे नहीं होते। खान सर और उनकी छात्राओं के बीच का यह बंधन एक मिसाल है कि गुरु और शिष्य का रिश्ता भी भाई-बहन की तरह पवित्र और मजबूत हो सकता है।
हर साल की तरह इस साल भी खान सर की कलाई पर सजी सैकड़ों राखियां इस बात की गवाह हैं कि प्यार और सम्मान से बना रिश्ता किसी भी रिकॉर्ड से बड़ा होता है।

बिहार राजस्व विभाग का महाअभियान 2025: घर-घर जाकर हल होंगी ज़मीन व रजिस्ट्री से जुड़ी समस्याएं

बिहार राजस्व विभाग का महाअभियान 2025

बिहार राजस्व विभाग का महाअभियान 2025:बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्यभर में एक बड़े महाअभियान की शुरुआत करने का ऐलान किया है। इस अभियान के तहत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सीधे गांव और शहरों में घर-घर पहुंचकर लोगों की भूमि एवं रजिस्ट्री से जुड़ी समस्याओं का समाधान करेंगे। इस योजना का उद्देश्य आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत देना और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है।

अभियान की बड़ी घोषणा

राजस्व विभाग ने बताया कि यह महाअभियान अगस्त 2025 के दूसरे सप्ताह से शुरू होगा और लगभग तीन महीने तक चलेगा। इस दौरान राज्य के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से टीमें भेजी जाएंगी। हर जिले और प्रखंड में अलग-अलग तारीखें तय की जाएंगी ताकि सभी लोगों को अपनी समस्या दर्ज कराने का अवसर मिल सके।बात करे किकिन समस्याओं का होगा समाधान?इस महाअभियान में भूमि और रजिस्ट्री से जुड़ी लगभग सभी प्रमुख समस्याओं का निपटारा किया जाएगा। इसमें ज़मीन मापी और सीमांकन विवाद, दाखिल-खारिज में देरी, खेसरा और खाता नंबर की गलतियां, भूमि स्वामित्व विवाद, नक्शा से जुड़ी गड़बड़ियां और रजिस्ट्री से संबंधित लंबित फाइलें शामिल होंगी। विभाग का कहना है कि जहां संभव होगा, मौके पर ही समाधान किया जाएगा और गंभीर मामलों में त्वरित सुनवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।

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अभियान की कार्यप्रणाली

इस अभियान के लिए विशेष टीमें गठित की जा रही हैं, जिनमें राजस्व कर्मी, अंचल अधिकारी और भूमि सर्वेक्षक शामिल होंगे। ये टीमें गांव-गांव और शहर के मोहल्लों में जाएंगी। लोगों से उनके घर पर ही लिखित और मौखिक दोनों तरह से शिकायत ली जाएगी। मौके पर दस्तावेज जांचने और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।और सरकार का उद्देश्य इस अभियान को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। शिकायत दर्ज होते ही उसे ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा, ताकि आवेदक अपनी समस्या की स्थिति को ट्रैक कर सके। इसके अलावा, अभियान के दौरान एक विशेष हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय रहेगा, जहां लोग फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

बिहार राजस्व विभाग महाअभियान 2025 सरकार का उद्देश्य

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का मानना है कि बिहार में भूमि विवाद और दाखिल-खारिज से जुड़ी समस्याएं सबसे आम शिकायतों में से एक हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या और भी गंभीर होती है, जहां लोग कई-कई साल तक अपने हक के कागज़ के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाते रहते हैं। इस महाअभियान से उम्मीद है कि जनता को समय पर न्याय मिलेगा और भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी।राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने कहा कि यह योजना जनता के द्वार पर न्याय पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा— “हमारी प्राथमिकता है कि लोगों को अपनी जमीन और रजिस्ट्री से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों में परेशान न होना पड़े। अब हम सीधे उनके घर जाएंगे और समस्या का निपटारा करेंगे।”

जनता को होने वाले फायदे

इस महाअभियान से आम जनता को कई तरह के फायदे होंगे। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों का समय और पैसा दोनों बचेगा। अब उन्हें छुट्टी लेकर सरकारी दफ्तरों में लाइन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। घर बैठे उनकी समस्या दर्ज होगी और जहां संभव होगा, तुरंत समाधान भी मिलेगा। साथ ही, डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट होने से भविष्य में कागज़ी विवादों की संभावना कम हो जाएगी।राजस्व विभाग इस महाअभियान के लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर और ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करेगा। इस पोर्टल पर लोग अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगे और समाधान की प्रगति देख सकेंगे। इससे न केवल पारदर्शिता बनी रहेगी, बल्कि अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी। और सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया इस योजना को लेकर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। पटना जिले के एक किसान ने कहाअगर अधिकारी हमारे गांव आकर हमारी जमीन से जुड़ी समस्या सुलझाएंगे, तो यह हमारे लिए बहुत बड़ी राहत की बात होगी।” वहीं, शहरी क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि इससे समय की बचत होगी और अनावश्यक भागदौड़ खत्म होगी।बिहार राजस्व विभाग का यह महाअभियान राज्य के करोड़ों लोगों के लिए उम्मीद की किरण है। अगर यह योजना सही ढंग से लागू हुई, तो भूमि विवाद और रजिस्ट्री समस्याओं का निपटारा रिकॉर्ड समय में संभव होगा। यह न केवल लोगों की परेशानियां कम करेगा, बल्कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और तेजी भी लाएगा।