Bihar Weather 12–20 December: तेज़ ठंड, घना कोहरा और तापमान में गिरावट का अलर्ट!

Bihar Weather 12 to 20 December

Bihar Weather 12–20 December: दिसंबर का मध्य भारत के मौसम के लिए हमेशा परिवर्तन का महीना माना जाता है, और इस बार भी हालात कुछ ऐसे ही दिख रहे हैं। 12 दिसंबर से 20 दिसंबर के बीच बिहार के अधिकतर जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। दिन में हल्की धूप जबकि रात में तापमान गिरने की संभावना है, जिससे सुबह-शाम की ठंड में बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग के संकेत बताते हैं कि इस अवधि में किसी बड़े पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना कम है, इसलिए बारिश की गतिविधि लगभग न के बराबर दिख रही है।
इस अवधि में राज्य के उत्तरी, पूर्वी और मध्य जिलों में कोहरे की स्थिति भी अधिक बनेगी, जबकि दक्षिण बिहार के इलाके अपेक्षाकृत साफ रहेंगे। आने वाले दिनों में तापमान में 2–3 डिग्री की गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे ठंड और सघन महसूस होगी। कुल मिलाकर, दिसंबर का दूसरा सप्ताह और तीसरे सप्ताह की शुरुआत बिहार में शीत ऋतु का वास्तविक अहसास कराएगी।

12 से 14 दिसंबर: हल्का बादल, सुबह-सुबह कोहरा और दिन में धूप

12 से 14 दिसंबर तक राज्य में मौसम का मिज़ाज लगभग स्थिर और साफ रहने वाला है। इन तीन दिनों के दौरान सुबह के समय घना या मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहेगा, खासकर पटना, सीतामढ़ी, मोतिहारी, समस्तीपुर, वैशाली और दरभंगा जैसे इलाकों में।
कोहरे की वजह से सुबह 6 बजे के आसपास दृश्यता 50–200 मीटर तक पहुँच सकती है, लेकिन 9 बजे के बाद मौसम सामान्य होने लगेगा। इसके बाद दोपहर तक धूप निकलने से वातावरण कुछ गर्म महसूस होगा।
इन दिनों दिन का अधिकतम तापमान 23–24°C के बीच और न्यूनतम तापमान 11–13°C के आसपास रहने की संभावना है।
हल्के बादल छाए रहने से दिन में धूप का असर सौम्य होगा। हवा की गति उत्तरी दिशा से 5–9 किमी/घंटा के बीच रहेगी, जो ठंड बढ़ाने का काम करेगी।

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इन तीन दिनों में बारिश का कोई मौका नहीं दिख रहा है। किसान वर्ग के लिए यह समय रबी फसलों की सिंचाई और खाद डालने के लिए अनुकूल माना जा रहा है। हालांकि सुबह-सुबह घने कोहरे में सड़क यात्रा करते समय सावधानी की ज़रूरत होगी।

15 से 17 दिसंबर: तापमान में गिरावट, रातें और ठंडी, हवा में नमी बढ़ेगी

15 तारीख़ से मौसम में ठंड का असर थोड़ा और तेज़ होने लगेगा। उत्तरी भारत में पश्चिमी विक्षोभ गतिविधि कमजोर होने के कारण ठंडी हवाएँ मैदानी इलाकों की तरफ तेज़ी से पहुँचेंगी, जिसका सीधा असर बिहार में महसूस होगा।
इन तीन दिनों में रात का तापमान घटकर 9–11°C तक पहुँच सकता है। कुछ जिलों में 8°C तक गिरावट के संकेत हैं, विशेषकर बेतिया, पश्चिम चंपारण, सीवान, गोपालगंज और मुज़फ्फरपुर क्षेत्र में।
दोपहर में धूप रहेगी, लेकिन हवा में नमी अधिक होने से कोहरा लंबे समय तक टिका रह सकता है।
15 से 17 दिसंबर का मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। हवाओं की दिशा अधिकतर उत्तर-पूर्वी रहेगी और नमी 65–85% तक पहुंच सकती है, जिससे रातें और भी ठंडी प्रतीत होंगी।
दोपहर का अधिकतम तापमान लगभग 23–25°C के बीच रहने का अनुमान है। सुबह के समय हल्की ठंड और शाम को ठंडी हवाएँ चलेगीं।
लोगों के लिए सलाह है कि सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़ों का उपयोग बढ़ाएं। बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह समय अधिक संवेदनशील होता है।

18 से 20 दिसंबर: शीतलहर की दस्तक संभव, पूरे बिहार में बढ़ेगी सर्दी

18 दिसंबर से 20 दिसंबर के बीच बिहार में ठंड का प्रभाव और अधिक बढ़ने के संकेत हैं। इस अवधि में रात का तापमान 8–10°C तक जा सकता है, जबकि कई स्थानों पर पारा 7°C के आसपास भी गिर सकता है।
इन तीन दिनों में सर्दी का वास्तविक अहसास होगा।
मौसम विभाग के अनुसार हवा की गति उत्तर से आएगी और ठंडी हवाएँ पूरे राज्य में चलेंगी, जिससे अधिकतम तापमान 22–23°C के बीच स्थिर रह सकता है।
कोहरा भी ज्यादा घना हो सकता है, और दृश्यता सुबह 7 बजे तक प्रभावित रह सकती है।
इस दौरान स्कूलों में प्रातःकालीन पाली को लेकर संशोधन की संभावना भी बढ़ जाती है, क्योंकि दिसंबर के तीसरे सप्ताह में कई बार घना कोहरा बच्चों की यात्रा के लिए चुनौती बन जाता है।
18 से 20 दिसंबर तक किसी भी प्रकार की बरसात का अनुमान नहीं है, लेकिन शुष्क और ठंडी हवाएँ पूरे बिहार में शीतलहर जैसी स्थिति बना सकती हैं।
उत्तरी बिहार (सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, किशनगंज) में सर्दी अपेक्षाकृत ज्यादा महसूस होगी।

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क्यों बढ़ रही है सर्दी? वैज्ञानिक कारण और मौसम प्रणाली की पड़ताल

दिसंबर के मध्य में बिहार में ठंड बढ़ने का कारण उत्तर भारत के हिमालय क्षेत्र में होने वाली बर्फबारी और हवाओं की दिशा में बदलाव है।जब पश्चिमी विक्षोभ कमजोर होता है, तब राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश से होकर आने वाली उत्तरी ठंडी हवाएँ सीधे बिहार में प्रवेश करती हैं।इन हवाओं की नमी कम होती है और तापमान तेजी से नीचे गिराता है।
इसके अलावा दिसंबर में रातें लंबी और दिन छोटे होने के कारण सतह तेजी से ठंडी होती है, जिससे रात का तापमान 2–4°C तक नीचे चला जाता है।नदियों, तालाबों और खेतों में जमा नमी भी सुबह-सुबह कोहरे का निर्माण तेज़ करती है।
पूरे पूर्वी भारत में इस समय किसान रबी सीजन की गतिविधियों में व्यस्त होते हैं, और शुष्क मौसम गेहूं, चना, मसूर जैसी फसलों के लिए अनुकूल माना जाता है।
स्थानीय जलवायु विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार दिसंबर का मध्य सामान्य से थोड़ा ठंडा रहने वाला है, और जनवरी 2026 की शुरुआत में सर्दी चरम पर पहुंच सकती है।बिहार के कई जिलों में न्यूनतम तापमान औसत से 1–3°C कम दर्ज किया जा सकता है।
मई-जून में आने वाली हीटवेव की तरह दिसंबर-जनवरी की शीतलहर भी स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करती है, और इस बार उत्तरी हवाओं की रफ्तार अधिक होने का अनुमान इसे और ठंडा बनाएगा।

12 से 20 दिसंबर तक बिहार में मौसम मुख्य रूप से ठंडा, शुष्क और स्थिर रहने वाला है। सुबह-सुबह कोहरा, रात में गिरता तापमान और दिन में हल्की धूप—यही इस अवधि की प्रमुख पहचान रहेगी।
ठंड सामान्य से अधिक महसूस होगी लेकिन बारिश का कोई खतरा नहीं।
कुल मिलाकर, यह अवधि बिहार में सर्दी के चरम की ओर बढ़ने का संकेत देगी।

PMJAY Claims 2025: 2 करोड़ से ज्यादा क्लेम पास, ₹28,732 करोड़ का भुगतान! जानें पूरी रिपोर्ट

Ayushman Bharat PMJAY claims cleared in 2025, doctor and health insurance illustration

नई दिल्ली, 10 दिसंबर 2025 — सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत चालू वित्त वर्ष में अब तक 2.02 करोड़ से अधिक क्लेम निपटाए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि ₹28,732.18 करोड़ बताई गई है। इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने संसद को विस्तृत जानकारी दी।

5 लाख तक का मुफ्त इलाज, 12 करोड़ परिवारों को लाभ

AB-PMJAY देश के आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लिए सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसमें प्रत्येक परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है। सरकार के अनुसार, योजना का लक्ष्य देश के 40% गरीब और वंचित तबकों के लगभग 12 करोड़ परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा देना है।ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, 31 अक्टूबर 2025 तक 42.31 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।योजना का दायरा बढ़ाने के लिए सरकार ने मार्च 2024 में बड़ा फैसला लिया था। इसके अनुसार—

  • 37 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स (ASHA, आंगनवाड़ी वर्कर, आंगनवाड़ी हेल्पर) और उनके परिवारों को PMJAY में शामिल किया गया।
  • सभी 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, उनकी आर्थिक स्थिति चाहे जो भी हो, को Ayushman Vay Vandana पहल के तहत कवरेज दिया गया।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार—

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Vay Vandana योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को 89.51 लाख कार्ड दिए जा चुके हैं।

ASHA/AWW/AWH लाभार्थियों को 41.34 लाख कार्ड जारी किए गए

देशभर में 1.80 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर सक्रिय

सरकार ने बताया कि देशभर में कुल 1,80,906 Ayushman Arogya Mandir (AAM) — यानी पहले के Health & Wellness Centres — संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों में हाईपरटेंशन, डायबिटीज़, ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारियों की रोकथाम व स्क्रीनिंग की सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

अब तक किए गए प्रमुख स्क्रीनिंग आंकड़े (अक्टूबर 2025 तक):

  • 38.79 करोड़ — हाईपरटेंशन
  • 36.05 करोड़ — डायबिटीज़
  • 31.88 करोड़ — ओरल कैंसर
  • 14.98 करोड़ — ब्रेस्ट कैंसर
  • 8.15 करोड़ — सर्वाइकल कैंसर

41 करोड़ से अधिक टेली-कंसल्टेशन, डिजिटल हेल्थ को बढ़ावा

NHA के अनुसार सभी सक्रिय AAM केंद्रों पर टेली-कंसल्टेशन की सुविधा उपलब्ध है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को विशेषज्ञ डॉक्टरों तक आसान पहुँच मिल रही है।
अब तक 41.14 करोड़ से अधिक टेली-कंसल्टेशन किए जा चुके हैं, जो डिजिटल हेल्थकेयर की बढ़ती स्वीकृति को दर्शाता है।

RCF Kapurthala Apprentice Recruitment 2025: 550 पदों पर भर्ती शुरू, जानें आवेदन प्रक्रिया, योग्यता व महत्वपूर्ण तिथियां

RCF Kapurthala Apprentice Recruitment 2025 Rail Coach Factory Main Gate with Indian Railways Logo

RCF Kapurthala Apprentice Recruitment 2025: 550 पदों पर भर्ती शुरू, जानें आवेदन प्रक्रिया, योग्यता व महत्वपूर्ण तिथियांरेल कोच फैक्ट्री कपूरथला (Rail Coach Factory Kapurthala) ने वर्ष 2025 के लिए अप्रेंटिस के 550 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक शॉर्ट नोटिस जारी कर दिया है। यह भर्ती नोटिस भारतीय रेलवे के तकनीकी विभाग में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करता है। इस भर्ती में 10वीं पास और ITI certificate वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया दिसंबर 2025 से शुरू होगी और इच्छुक उम्मीदवार 07 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।

इस भर्ती में चयन प्रक्रिया पूरी तरह से मेरिट आधार पर की जाएगी। उम्मीदवारों के 10वीं बोर्ड के अंक और ITI के अंकों के आधार पर merit list तैयार की जाएगी। RCF Kapurthala का उद्देश्य भारतीय रेलवे के तकनीकी क्षेत्र में प्रशिक्षित प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करना है, जिससे देश में रेलवे तकनीक और कोच निर्माण में और विकास हो सके।

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भर्ती की मुख्य जानकारी

  • संस्था का नाम: Rail Coach Factory, Kapurthala
  • भर्ती प्रकार: Apprentice
  • कुल पद: 550
  • आवेदन मोड: Online
  • नोटिस नंबर: A-1/2025
  • आवेदन की शुरुआत: December 2025
  • आवेदन समाप्त: 07 January 2026

महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)

इवेंटतिथि
ऑनलाइन आवेदन शुरूDecember 2025
अंतिम तिथि07 January 2026
शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि07 January 2026
मेरिट लिस्टजल्द जारी होगी

आवेदन शुल्क (Application Fees)

श्रेणीशुल्क
General/OBC/EWS₹100/-
SC/ST/PH/Female₹0/-
भुगतान का तरीकाOnline

उम्मीदवार Debit Card, Credit Card, Net Banking, IMPS, Wallet के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं।

आयु सीमा (Age Limit as on 07 Jan 2026)

  • न्यूनतम आयु: 15 वर्ष
  • अधिकतम आयु: 24 वर्ष
    सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षण श्रेणी को आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

कुल पदों का विवरण (Total Vacancy: 550)

ट्रेड वाइज पद (Trade Wise Vacancy)

ट्रेडपद
Fitter150
Welder (G&E)180
Machinist20
Painter (G)30
Carpenter30
Electrician70
AC & Ref Mechanic30
Machinist20
Electronic Mechanic20

कैटेगरी वाइज पद (Category Wise)

Categoryपद
General275
OBC148
SC85
ST42

शैक्षणिक योग्यता (Eligibility)

इस भर्ती के लिए उम्मीदवार को निम्न योग्यता अनिवार्य है –

  • किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास
  • संबंधित ट्रेड में ITI Certificate

यदि उम्मीदवार के पास ITI है, तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी।

RCF Kapurthala Apprentice Recruitment 2025, चयन प्रक्रिया (Selection Process)

  • उम्मीदवारों का चयन Merit List के आधार पर किया जाएगा।
  • मेरिट में 10वीं के नंबर और ITI के मार्क्स को ध्यान में रखा जाएगा।

कैसे करें आवेदन? (How to Apply)

  1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. Apprentice Recruitment सेक्शन में Apply Online लिंक पर क्लिक करें।
  3. रजिस्ट्रेशन करें और सभी जानकारियां भरें।
  4. आवश्यक डॉक्यूमेंट अपलोड करें।
  5. आवेदन शुल्क का भुगतान करें।
  6. फॉर्म सबमिट करके प्रिंट आउट सुरक्षित रखें।

सलाह: आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिस ध्यान से जरूर पढ़ें।

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निष्कर्ष

निष्कर्ष रूप में RCF Kapurthala Apprentice Recruitment 2025 उन युवाओं के लिए एक golden opportunity है जो भारतीय रेलवे और mechanical/electrical trades में अपना career बनाना चाहते हैं। इस recruitment में कोई exam नहीं है और पूरी प्रक्रिया merit list पर आधारित है। 10वीं और ITI certificate वाले विद्यार्थी दिसंबर 2025 से लेकर 07 जनवरी 2026 तक online आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन करने से पहले official notification पढ़ना आवश्यक है, ताकि सभी महत्वपूर्ण तिथियों, eligibility और दस्तावेजों की जानकारी सही तरीके से समझी जा सके। apprenticeship पूरा होने के बाद candidates को career में बेहतरीन अवसर प्राप्त होते हैं और तकनीकी knowledge का विस्तार होता है।

RCF Kapurthala देश की एक प्रतिष्ठित railway unit है, जहां apprenticeship training उच्च स्तर की दी जाती है। इसलिए interested candidates को यह अवसर नहीं छोड़ना चाहिए और समय पर आवेदन करना चाहिए।

RRB Group D Admit Card 2025 जारी | अभी डाउनलोड करें Hall Ticket

RRB Group D Admit Card 2025 displayed on laptop inside exam center

नई दिल्ली — रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने ग्रुप-D भर्ती परीक्षा 2025 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। इसके साथ ही लाखों उम्मीदवारों का इंतजार खत्म हो गया है। बोर्ड ने लेवल-1 परीक्षा के लिए ऑनलाइन कॉल लेटर जारी करते हुए उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे समय रहते अपना प्रवेश-पत्र डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें।

सूत्रों के अनुसार, एडमिट कार्ड 24 नवंबर 2025 को आधिकारिक वेबसाइटों पर जारी किए गए हैं। इस परीक्षा में देश भर से बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल होने जा रहे हैं। RRB ने रीजन-वार उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग डाउनलोड लिंक सक्रिय किए हैं, जिससे उन्हें अपने क्षेत्र की वेबसाइट से आसानी से एडमिट कार्ड प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।

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आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है लिंक

रेलवे भर्ती बोर्ड ने एडमिट कार्ड की उपलब्धता की जानकारी नोटिफिकेशन के माध्यम से दी है। उम्मीदवार अपने क्षेत्र की RRB वेबसाइट जैसे — RRB पटना, RRB इलाहाबाद, RRB मुंबई, RRB चंडीगढ़, RRB कोलकाता आदि पोर्टल पर जाकर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

एडमिट कार्ड प्राप्त करने के लिए उम्मीदवारों को अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्म तिथि के साथ लॉग-इन करना होगा। लॉग-इन करने के बाद उम्मीदवार PDF फॉर्मेट में अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।

27 नवंबर से शुरू होगी परीक्षा

RRB द्वारा जारी कार्यक्रम के मुताबिक RRB Group D की परीक्षा 27 नवंबर 2025 से आयोजित की जाएगी। यह कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) होगा। परीक्षा कई चरणों में ली जाएगी, जिसमें देश के विभिन्न परीक्षा केंद्र शामिल हैं। बोर्ड ने उम्मीदवारों से अनुरोध किया है कि वे अपने शिफ्ट टाइमिंग और परीक्षा केंद्र की जानकारी एडमिट कार्ड से ध्यानपूर्वक पढ़ें।

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एडमिट कार्ड के साथ उम्मीदवारों को एक वैध फोटो पहचान-पत्र जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस लेकर आना अनिवार्य होगा।

RRB की ओर से महत्वपूर्ण निर्देश

RRB ने परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों के लिए कुछ महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए हैं। परीक्षा केंद्र पर मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, स्मार्टवॉच और कैलकुलेटर की अनुमति नहीं होगी। उम्मीदवारों को परीक्षा समय से कम से कम 60 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना होगा ताकि आवश्यक दस्तावेज़ सत्यापन में कोई समस्या न आए।

साथ ही उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे एडमिट कार्ड का प्रिंट-आउट साफ और स्पष्ट हो, जिस पर फोटो और विवरण स्पष्ट दिखाई दे।

कैसे डाउनलोड करें RRB Group D Admit Card 2025

उम्मीदवार नीचे दिए गए चरणों का पालन कर आसानी से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं:

  1. अपने क्षेत्र की आधिकारिक RRB वेबसाइट पर जाएं
  2. होम-पेज पर “RRB Group D Admit Card 2025” लिंक पर क्लिक करें
  3. मांगी गई जानकारी — Registration No. और Date of Birth दर्ज करें
  4. लॉग-इन कर एडमिट कार्ड PDF डाउनलोड करें
  5. प्रिंट आउट निकालकर सुरक्षित रखें

उम्मीदवारों की बड़ी संख्या तैयार

RRB Group D देश की सबसे बड़ी सरकारी भर्तियों में से एक है। इस परीक्षा के लिए लाखों उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। रेलवे विभाग में लेवल-1 के अंतर्गत ट्रैक मेंटेनर, हेल्पर, पोर्टर, पॉइंटमैन आदि पदों पर भर्ती की जाती है। इस भर्ती में युवा उम्मीदवार बड़ी संख्या में हिस्सा लेते हैं।RRB Group D Admit Card 2025 जारी होने के साथ ही परीक्षा की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। बोर्ड ने उम्मीदवारों से सलाह दी है कि वे जल्द से जल्द एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लें और परीक्षा से संबंधित सभी महत्वपूर्ण निर्देशों को पढ़ लें।जो उम्मीदवार रेलवे में करियर बनाने का सपना देख रहे हैं, उनके लिए यह परीक्षा सुनहरा अवसर है।

कल भारत का मौसम: उत्तर भारत में ठंड बढ़ेगी, दक्षिण में बारिश की संभावना | IMD Forecast

कल भारत का मौसम IMD Forecast

भारत में मौसम का रुख एक बार फिर तेजी से बदल रहा है और भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा अपडेट के अनुसार अगले 24 घंटों में देश के अलग-अलग हिस्सों में ठंड, बारिश और घने कोहरे का असर देखने को मिल सकता है। उत्तर भारत में सर्द हवाएं लगातार तापमान गिरा रही हैं, जबकि दक्षिण और तटीय क्षेत्रों में मौसम में नमी और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में कोल्ड वेव का असर और तेज़ होगा, जिससे सुबह-शाम की ठंड महसूस करने लायक बढ़ जाएगी। इस बीच पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का दौर जारी है और राजधानी दिल्ली-एनसीआर सहित पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में घना कोहरा ट्रैफिक और रेल रूट की रफ्तार को प्रभावित कर सकता है। पूर्वोत्तर राज्यों में फॉग, बैक-टू-बैक वेदर सिस्टम और हल्के बादल मौसम को ठंडा बनाए रखेंगे, जबकि मध्य भारत में दिन के समय हल्की गर्मी और रात को तापमान कम रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार साइबेरियन हवाओं के प्रभाव से मैदानी क्षेत्रों में ठंड का स्तर बढ़ सकता है और 10 दिसंबर के बाद तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री कम दर्ज हो सकता है। दक्षिण भारत में बंगाल की खाड़ी से उठ रहे बादल तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों में बारिश ला सकते हैं।

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उत्तर भारत में बढ़ेगी ठंड, घना कोहरा करेगा परेशानी

उत्तर भारत में कल मौसम का मिजाज पूरी तरह सर्द रहने की संभावना है, जहां दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में घने कोहरे से सुबह की शुरुआत होगी। मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि सुबह 6 बजे से 10 बजे तक विजिबिलिटी 50 मीटर तक गिर सकती है, जिससे सड़कों पर वाहन चलाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। रेल और उड़ानों पर भी असर पड़ेगा और देरी की संभावना अधिक है। पहाड़ी राज्यों—जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी और बारिश के कारण तापमान और गिर गया है। मनाली, गुलमर्ग, सोनमर्ग, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे स्थानों पर नई बर्फबारी हो सकती है, जबकि मैदानी इलाकों में ठंड का असर तेज़ रहेगा। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 7°C से 10°C तक रह सकता है, जबकि पंजाब और हरियाणा में यह 5°C से 8°C तक गिरने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी हो रही है और जब कोहरे के साथ यह तापमान गिरता है, तो मैदानी क्षेत्रों में कोल्ड डे (Cold Day) की स्थिति बन जाती है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के पूर्वी इलाकों में धुंध और हल्की ठंडी हवा से लोगों को ठंड का अहसास ज्यादा होगा, खासकर सुबह काम पर निकलने वाले लोगों के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

दक्षिण भारत में बारिश और बादल, तापमान रहेगा आरामदायक

दक्षिण भारत का मौसम उत्तर भारत से बिल्कुल अलग रहेगा और यहां कल हल्के बादल और बारिश का पूर्वानुमान है। तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश संभव है। चेन्नई, कोच्चि, विशाखापट्टनम, मंगलुरु और पुडुचेरी में बादलों की आवाजाही जारी रहेगी और समुद्री हवाओं के कारण नमी बढ़ने से मौसम में हल्की उमस रहेगी। दक्षिण भारत में दिन का तापमान 25°C से 30°C के बीच रहेगा और रात का तापमान 18°C से 22°C तक रह सकता है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण यह बारिश संभव हो रही है, वहीं अरब सागर की ओर से भी हवा का दबाव बढ़ रहा है। IMD ने मछुआरों को समुद्र में सावधानी बरतने की सलाह दी है और कई तटीय जिलों में अलर्ट जारी किया है। केरल के इडुक्की, त्रिशूर, कोझिकोड, तिरुवनंतपुरम और तमिलनाडु के नागापट्टनम, कुड्डलोर और चेन्नई में कभी-कभी तेज हवाएं भी चल सकती हैं। बारिश के कारण मौसम ठंडा और आरामदायक रहेगा, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

पूर्वोत्तर और पूर्व भारत में फॉग और ठंड

पूर्वोत्तर भारत में मौसम ठंडा रहेगा और हल्का फॉग सुबह के समय देखने को मिलेगा। असम, त्रिपुरा, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में हल्की ठंडी हवा चलेगी और तापमान 10°C से 20°C के बीच रहने की संभावना है। इस क्षेत्र में बारिश की संभावना कम है, लेकिन पहाड़ों में बादलों की हल्की आवाजाही हो सकती है। पूर्वी भारत वाले राज्यों—बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में रात के समय तापमान में गिरावट होगी। पटना और रांची में 12°C से 24°C तक और कोलकाता में 15°C से 26°C तक तापमान रह सकता है। गंगा के मैदानी क्षेत्रों में सुबह-सुबह घना कोहरा ट्रैवल प्लान को प्रभावित कर सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कोहरे का असर अगले 3 से 4 दिनों तक देखा जा सकता है। IMD ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और सुबह-सुबह लंबी दूरी की यात्रा से बचें।

मध्य और पश्चिम भारत में बदलेगा मौसम, रात होगी ठंडी

मध्य भारत—मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में रात के समय तापमान कम और दिन में हल्की गर्मी रहेगी। भोपाल, इंदौर, नागपुर और रायपुर में दिन का तापमान 22°C से 27°C के बीच रहने की संभावना है, जबकि रात के समय तापमान 10°C से 14°C तक गिर सकता है। पश्चिम भारत—महाराष्ट्र और गुजरात में भी यही स्थिति रहेगी। मुंबई, पुणे, अहमदाबाद और सूरत में मौसम साफ रहेगा और दिन के समय हल्की गर्मी महसूस होगी, लेकिन सूर्यास्त के बाद अचानक ठंड का असर बढ़ जाएगा। समुद्री हवाओं के कारण नमी और हल्की ठंडी हवा तापमान को कम कर सकती है। महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा में भी तापमान गिर सकता है, जिससे लोग गर्म कपड़ों का इस्तेमाल शुरू कर चुके हैं।

भारत में कल मौसम का स्वरूप दो तरह का रहेगा। उत्तर भारत और पहाड़ी राज्यों में सर्द हवाएं, घना कोहरा और कम तापमान लोगों को ठंड का अहसास कराएंगे, वहीं दक्षिण भारत में बारिश और बादलों की आवाजाही मौसम को सुहाना बनाए रखेगी। पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में हल्का कोहरा और ठंडी हवा रहेगी, जबकि पश्चिम और मध्य भारत में दिन में गर्मी और रात में ठंड का असर देखने को मिलेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह बदलाव सामान्य है और दिसंबर में मौसम का यह पैटर्न हर साल देखने को मिलता है।

Inter Miami vs Vancouver Whitecaps MLS Cup 2025 Final: Live Streaming, Telecast और मैच की पूरी जानकारी

inter miami vs vancouver

MLS Cup 2025 का फाइनल इस बार इतिहास रचने वाला है, क्योंकि Inter Miami और Vancouver Whitecaps दोनों पहली बार फाइनल में आमने-सामने हैं। पूरी दुनिया की नज़र इस मुकाबले पर इसलिए भी है क्योंकि फुटबॉल के दो महान खिलाड़ी Lionel Messi और Thomas Muller एक बार फिर आमने-सामने होंगे। यह मुकाबला केवल ट्रॉफी के लिए नहीं, बल्कि करियर की आखिरी रात के लिए भी खास है। Inter Miami के स्टार खिलाड़ियों Sergio Busquets और Jordi Alba फाइनल के बाद प्रोफेशनल फुटबॉल से रिटायर हो रहे हैं।

फाइनल मुकाबला Chase Stadium, Fort Lauderdale (Florida) में खेला जाएगा, जहां Miami अपने घरेलू मैदान पर इतिहास रचने की कोशिश करेगा। दूसरी ओर Vancouver Whitecaps की टीम इस सीज़न में लगातार प्रदर्शन सुधारते हुए फाइनल तक पहुंची है और अब वह लीग की नई चैंपियन बनकर MLS का नया अध्याय लिखना चाहती है।

MLS Cup 2025 Final: तारीख, समय और स्थान (Match Details)

मैच कब होगा?

Inter Miami vs Vancouver Whitecaps MLS Cup Final की तारीख Indian Standard Time (IST) के अनुसार रविवार, 7 दिसंबर तय की गई है। अमेरिकी समयानुसार मैच 6 दिसंबर की शाम खेला जा रहा है, लेकिन भारत में यह देखने के लिए फैन्स को आधी रात तक इंतजार करना होगा।

मैच किस समय शुरू होगा?

भारत में यह मुकाबला रात 1:00 AM IST से शुरू होगा। यानी देर रात शुरू होने वाला यह मैच फुटबॉल प्रेमियों के लिए पूरा रोमांच लेकर आएगा। Messi और Muller की भिड़ंत के साथ यह मुकाबला MLS इतिहास के यादगार फाइनल में शामिल होने वाला है।

स्टेडियम कहां है?

फाइनल मुकाबला Chase Stadium, Fort Lauderdale, Florida में खेला जाएगा। यह वही मैदान है, जहां Lionel Messi ने Inter Miami के साथ MLS करियर की शुरुआत की थी। स्टेडियम की क्षमता 21,000 से अधिक है और फाइनल मुकाबले के लिए टिकट पूरी तरह से Sold Out हो चुके हैं।

Inter Miami vs Vancouver Whitecaps: फाइनल का अहम पहलू और खिलाड़ी

Lionel Messi और Thomas Muller पिछले एक दशक से यूरोपियन फुटबॉल में एक-दूसरे के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करते रहे हैं। Bayern Munich और Barcelona के बीच हुए मैचों से लेकर Champions League की बड़ी रातों तक—दोनों का Rivalry फुटबॉल इतिहास का हिस्सा बन गया। अब MLS Cup Final में दोनों महान खिलाड़ी पहली बार इस लीग के फाइनल में आमने-सामने होंगे।

यह फाइनल इतना खास इसलिए भी है क्योंकि कई दिग्गज खिलाड़ियों का करियर इस रात खत्म होने जा रहा है।

  • Sergio Busquets और Jordi Alba फाइनल के बाद रिटायरमेंट लेंगे।
  • Inter Miami इस साल 58 मैच खेल चुका है, जो MLS इतिहास का रिकॉर्ड है।

यह आंकड़ा खुद बताता है कि Miami ने इस सीज़न में कितनी मेहनत और कितनी बड़ी यात्रा तय की है।

Vancouver Whitecaps की रणनीति

Whitecaps ने इस सीज़न में कई बड़े उलटफेर किए हैं। सेमीफाइनल में टीम ने शानदार डिफेंसिव गेम खेलते हुए विरोधी टीम को रोका और Counter Attack के दम पर जीत हासिल की। फाइनल में टीम की रणनीति भी बिल्कुल स्पष्ट है:

  • Messi को सीमित करना
  • Miami की लय को रोकना
  • और तेज़ ट्रांजिशन के साथ गोल करना

Whitecaps का मिडफ़ील्ड और हाई प्रेसिंग इस फाइनल के नतीजे को तय कर सकता है।

Inter Miami की ताकत

Miami के लिए Lionel Messi का अनुभव और Busquets की मिडफ़ील्ड कंट्रोल जीत की चाबी है। Jordi Alba की Attack में गहराई देने की क्षमता और Left Side से Play बनाने की ताकत किसी भी टीम को मुश्किल में डाल सकती है। FWD लाइन Messi के इर्द-गिर्द घूमती है, लेकिन टीम का गेम अब टीम-बेस्ड निकल चुका है, जहां हर खिलाड़ी अपनी भूमिका में संतुलित है।

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Live Streaming और Telecast: भारत में कहां देखें MLS Cup Final

भारत में इस मैच का Live Telecast किसी भी TV स्पोर्ट्स चैनल पर उपलब्ध नहीं होगा। यानी Star Sports, Sony Sports, Sports18 जैसे चैनल इस फाइनल का प्रसारण नहीं कर रहे।Inter Miami vs Vancouver Whitecaps MLS Cup Final Apple TV पर Streaming के जरिए देखा जा सकता है।
इसके लिए दर्शकों को Apple TV Subscription की आवश्यकता होगी।

  • Apple TV App
  • Apple TV Website
  • Smart TV
  • iPhone / iPad
  • Android Phone (Web Player)

इन सभी प्लेटफॉर्म पर मैच को आसानी से देखा जा सकता है।

Live Streaming Platform: Apple TV (Subscription Required)
Live Telecast in India: No TV Telecast Available

Broadcast की सभी जानकारी आयोजक और ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर द्वारा जारी की गई है।

MLS Cup Final: क्यों खास है यह मुकाबला?

यह फाइनल MLS इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने वाला है, क्योंकि:


  • दोनों क्लब पहली बार फाइनल खेल रहे हैं
    Messi vs Muller Rivalry का आखिरी अध्याय हो सकता है
    Busquets और Alba का विदाई मैच
    Inter Miami का एक सीज़न में 58 मुकाबलों का रिकॉर्ड
    MLS को पहली बार नया चैंपियन मिलेगा

Football में करियर बहुत छोटे होते हैं, लेकिन कुछ रातें Legends बना जाती हैं। MLS Cup Final उन्हीं रातों में से एक होगी, जहां मैदान पर दिग्गज खिलाड़ी अपने करियर की आखिरी सांस तक लड़ते नज़र आएंगे।

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Bihar Board 10th Exam 2026 Date Sheet

PATNA:बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने 29 नवंबर 2025 को 2025-26 सत्र के लिए कक्षा 10वीं (Matric) बोर्ड परीक्षा का आधिकारिक टाइम-टेबल जारी कर दिया है। इस घोषणा के साथ ही परीक्षार्थियों के लिए 2026 बोर्ड परीक्षा की तिथियाँ, विषय और शिफ्ट स्पष्ट हो चुकी हैं।BSEB के अनुसार, 2026 की कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 25 फरवरी 2026 तक चलेगी। परीक्षा पूरी तरह पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित होगी।परीक्षा दो शिफ्टों में होगी — पहली शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक, और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:00 बजे से 5:15 बजे तक।

विषय-वार परीक्षा कार्यक्रम (Date Sheet Overview)

BSEB द्वारा जारी डेटशीट में कक्षा 10 के प्रत्येक विषय का परीक्षा दिन और शिफ्ट पहले ही तय कर दिया गया है। प्रमुख विषयों के लिए कार्यक्रम इस प्रकार है:

  • 17 फरवरी 2026 — मातृभाषा (Hindi / Urdu / Bangla / Maithili आदि)
  • 18 फरवरी 2026 — गणित (Mathematics)
  • 19 फरवरी 2026 — दूसरी भाषा (Second Language) — जो छात्र अपनी अन्य भारतीय भाषा चुनते हैं
  • 20 फरवरी 2026 — सामाजिक विज्ञान (Social Science)
  • 21 फरवरी 2026 — विज्ञान (Science)
  • 23 फरवरी 2026 — अंग्रेजी (English – General)
  • 24 फरवरी 2026 — वैकल्पिक / इलेक्टिव विषय (Elective / Optional Subjects — जैसे Higher Maths, Economics आदि)
  • 25 फरवरी 2026 — वोकेशनल / व्यावसायिक वैकल्पिक विषय (Vocational / Elective Subjects) — कुछ छात्रों के लिए

इस तरह, छात्रों को पता है कि कौन-सा विषय किस दिन और किस शिफ्ट में होगा, जिससे वे अपनी तैयारी को बेहतर तरीके से संगठित कर सकते हैं

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प्रैक्टिकल / इंटरनल असेसमेंट, एडमिट-कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण बातें

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी विषय के लिए प्रैक्टिकल या आंतरिक मूल्यांकन (internal assessment) है, तो उसकी तारीख परीक्षा की पूर्व तैयारी के लिए पहले निर्धारित की जाएगी। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि प्रैक्टिकल परीक्षा जनवरी 2026 में हो सकती है।छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर अपनी एडमिट-कार्ड (Hall Ticket) डाउनलोड करें — जो स्कूल या बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से उपलब्ध होगी — ताकि परीक्षा केंद्र व शिफ्ट की जानकारी पहले से रहे।परीक्षा पूरी तरह ऑफलाइन (pen-paper) मोड में होगी। इसलिए छात्रों को अपनी पेन, पेंसिल, रबर, शार्पनर जैसे आवश्यक सामान पहले से तैयार रखना चाहिए। इसके अलावा, परीक्षा केंद्र का स्थान, समय, और अन्य निर्देशों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए।अगर किसी विषय में वोकेशनल या इलेक्टिव ऑप्शन है, तो सुनिश्चित करें कि आप सही विषय–कोड (subject code) के अनुसार उपस्थित हों।

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छात्रों के लिए तैयारी सुझाव: अब से सबसे अच्छा समय है

अब जब तारीखें, विषय और शिफ्ट तय हो चुकी हैं, यह सही समय है कि छात्र अपनी तैयारी योजना बनाएँ। निम्न सुझाव मददगार हो सकते हैं:

  • विषय-वार रणनीति बनाएं: पहले भाषा या गणित जैसे मुख्य विषयों का रिवीजन करें, फिर Optional / Vocational Subjects को क्रमबद्ध तरीके से कवर करें।
  • समय प्रबंधन और रिवीजन शेड्यूल तय करें: क्योंकि परीक्षा 17 फरवरी से है — आप अब महीने के शुरुआत से ही रोज़ाना पढ़ाई और रिवीजन का टारगेट बना सकते हैं।
  • पिछले सालों (past year) के प्रश्न पत्र हल करें: इससे आपने परीक्षा पैटर्न समझ लेंगे, और समय-प्रबंधन व जवाब लिखने की कला सुधार सकेंगे।
  • स्वास्थ्य का ध्यान रखें: पर्याप्त नींद, अच्छा भोजन, थोड़ी हल्की एक्सरसाइज या ब्रेक — ये सब आपकी पढ़ाई की दक्षता बढ़ाएंगे।
  • एडमिट-कार्ड और जरूरी दस्तावेज पहले तैयार रखें: परीक्षा से पहले केंद्र, शिफ्ट, विषय व अन्य निर्देशों की पुष्टि कर लें — ताकि किसी प्रकार की असुविधा न आए।

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना: स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को एकमुश्त ₹50,000 की सहायता, बिहार सरकार ने बढ़ाया बेटियों का हौसला

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना

पटना: बिहार सरकार ने बालिकाओं की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना को बड़े स्तर पर लागू किया है। इस योजना के सबसे महत्वपूर्ण घटक — मुख्यमंत्री बालिका (स्नातक) प्रोत्साहन योजना — के अंतर्गत राज्य की प्रत्येक स्नातक उत्तीर्ण छात्रा को एकमुश्त ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। यह राशि लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने, उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने और राज्य में महिला शिक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बिहार शिक्षा विभाग ने हाल ही में इस योजना से जुड़े दिशा-निर्देशों को फिर से स्पष्ट किया और बताया कि सभी कोटि की छात्राएँ, यदि उन्होंने स्नातक सफलता पूर्वक पूर्ण कर लिया है, तो इस प्रोत्साहन राशि की पात्र हैं।

योजना का पूरा उद्देश्य उच्च शिक्षा को सुलभ बनाना और बालिकाओं को आत्मनिर्भर करना

राज्य सरकार का कहना है कि बालिकाओं की शिक्षा समाज के विकास का सबसे मजबूत आधार है। लेकिन अक्सर आर्थिक स्थितियों के कारण कई परिवार अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा नहीं दिला पाते।
इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस योजना की शुरुआत की गई थी।

योजना का मुख्य उद्देश्य:

(a) उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना

बिहार सरकार चाहती है कि हर बेटी Graduation तक अपनी शिक्षा पूरी करे। स्कूल स्तर पर कन्या उत्थान योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि ने enrollment बढ़ाया, लेकिन Graduation स्तर पर वित्तीय सहायता की भारी मांग थी।

(b) सामाजिक और आर्थिक बाधाओं को कम करना

ग्रामीण इलाकों में विवाह का दबाव, आर्थिक चुनौतियाँ और सामाजिक सोच जैसी समस्याएँ लड़कियों की पढ़ाई रोक देती हैं। ₹50,000 की राशि एक मजबूत मदद बनकर परिवार को वित्तीय रूप से राहत देती है।

(c) बाल विवाह पर रोक

ग्रेजुएशन पास करने तक लड़कियों की आयु सामान्यतः 20–22 वर्ष हो जाती है। यह योजना बाल विवाह को रोकने में बड़ा योगदान देती है, क्योंकि परिवार किशोर अवस्था में लड़कियों की शादी कराने के बजाय उन्हें कॉलेज भेजने के लिए प्रेरित होते हैं।

(d) रोजगार के अवसरों में वृद्धि

Graduation के बाद लड़कियों के लिए सरकारी नौकरी, बैंकिंग, SSC, UPSC, टीचिंग और निजी क्षेत्र में अवसर बढ़ जाते हैं। सरकार चाहती है कि वित्तीय तंगी किसी भी बेटी की राह में बाधा न बने।

लाभ और पात्रता – किन छात्राओं को मिलते हैं ₹50,000?

बिहार सरकार के अनुसार यह योजना ‘सभी कोटि’ की लड़कियों के लिए है। इसका मतलब — सामान्य, पिछड़ा वर्ग (OBC), अति पिछड़ा वर्ग (EBC), SC, ST, अल्पसंख्यक — सभी समुदायों की छात्राएँ इसमें शामिल हैं।

लाभ (Benefits)

  • प्राप्त राशि: ₹50,000 (एकमुश्त)
  • ट्रांसफर: Direct Benefit Transfer (DBT)
  • पात्रता: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से Graduation पूर्ण
  • श्रेणी: सभी कोटि
  • उद्देश्य: उच्च शिक्षा और आत्मनिर्भरता
  • भुगतान: कॉलेज से सत्यापन होने के बाद सीधा बैंक अकाउंट में

यह राशि किसी विशेष उद्देश्य के लिए सीमित नहीं है। छात्राएँ इसे आगे की पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षा, स्किल डेवलपमेंट, लैपटॉप खरीदने, आवास या करियर-संबंधी किसी भी काम में उपयोग कर सकती हैं।

आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज, पोर्टल और सरकार द्वारा किए गए बदलाव

बिहार सरकार ने वर्षों से इस योजना में कई सुधार किए हैं ताकि आवेदन सरल, पारदर्शी और समय पर पूरा हो सके।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची

  1. स्नातक उत्तीर्ण प्रमाण पत्र
  2. आधार कार्ड
  3. बैंक पासबुक
  4. रिहायशी प्रमाण पत्र
  5. पासपोर्ट साइज फोटो
  6. मोबाइल नंबर
  7. कॉलेज/विश्वविद्यालय की मान्यता की जानकारी

कैसे करें आवेदन?

  1. पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन
  2. सभी दस्तावेज अपलोड करें
  3. कॉलेज/विश्वविद्यालय द्वारा आवेदन सत्यापन
  4. जिला अधिकारी स्तर पर अंतिम सत्यापन
  5. DBT के माध्यम से राशि लाभार्थी के खाते में

सरकार ने किए नए अपडेट

  • अब आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है
  • कॉलेज के सत्यापन में पारदर्शिता बढ़ाई गई है
  • DBT भुगतान में देरी को कम करने के लिए अलग मॉनिटरिंग सेल बनाया गया है
  • विश्वविद्यालयों को स्पष्ट निर्देश—सत्यापन में लापरवाही पर कार्रवाई

इन सुधारों के कारण पिछले दो वर्षों में लाखों लड़कियों को समय पर राशि मिल चुकी है।

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योजना का व्यापक प्रभाव – लड़कियों के जीवन, समाज और शिक्षा प्रणाली पर सकारात्मक बदलाव

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना सिर्फ एक वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि बिहार सरकार का एक बड़ा सामाजिक सुधार प्रयास है।

(a) महिलाओं की शिक्षा दर में उल्लेखनीय वृद्धि

पिछले वर्षों में Graduation स्तर पर लड़कियों का enrollment लगातार बढ़ा है। कई कॉलेजों में लड़कियों की संख्या अब पहले से कहीं अधिक है—कुछ जिलों में तो लड़कियाँ लड़कों से आगे निकल चुकी हैं।

(b) ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ा परिवर्तन

जहाँ पहले लड़कियों को +2 के बाद पढ़ाई रोक दी जाती थी, अब परिवार स्वयं उन्हें Graduation के लिए भेज रहे हैं। सरकारी सहायता मिलने से परिवारों का दृष्टिकोण बदला है।

(c) रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती भागीदारी

स्नातक के बाद लड़कियाँ बड़ी संख्या में सरकारी व निजी नौकरियों की तैयारी कर रही हैं।
कई छात्राएँ इस राशि का उपयोग–

  • कोचिंग
  • लैपटॉप खरीदने
  • फॉर्म भरने
  • प्रोफेशनल कोर्स
    में कर रही हैं।

(d) बाल विवाह दर में गिरावट

सामाजिक संगठनों की रिपोर्ट के अनुसार, स्नातक स्तर तक पढ़ाई बढ़ने से बाल विवाह के मामलों में कमी दर्ज की गई है। सरकार भी इसे योजना की प्रमुख सफलता मान रही है।

(e) महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा

एकमुश्त राशि मिलने से लड़कियों के भीतर “आर्थिक स्वतंत्रता” का अहसास बढ़ा है।
वे अपने भविष्य के फैसले खुद ले रही हैं — और यही इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है।

योजना पर विशेषज्ञों और शिक्षा विभाग का बयान

शिक्षाविदों का कहना है कि बिहार सरकार की यह योजना देश के अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण बन चुकी है।बिहार शिक्षा विभाग का दावा है कि योजना का लाभ हर साल लाखों छात्राओं को मिलता है।

विभाग ने ट्वीट के माध्यम से बताया:“स्नातक उत्तीर्ण सभी कोटि की छात्राओं को प्रोत्साहन भत्ता के रूप में एकमुश्त ₹50,000 दिया जाता है। यह लाभ केवल लड़की को Graduation पूरा करने पर दिया जाता है।”इस घोषणा के बाद छात्रों में खुशी की लहर है।मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना ने बिहार में महिलाओं की उच्च शिक्षा की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव लाया है।₹50,000 की यह सहायता न केवल वित्तीय मदद है, बल्कि यह लड़कियों को जीवन में आगे बढ़ने, अपनी पहचान बनाने और खुद पर विश्वास रखने का एक अवसर भी देती है।राज्य सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में इस योजना का प्रभाव और भी व्यापक होगा।
उम्मीद है कि यह पहल बिहार को महिला शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्य बनाएगी।

बिहार में समय से पहले बढ़ी ठंड और कोहरा: IMD का बड़ा अलर्ट जारी, पटना से लेकर गया तक मौसम ने बदली करवट

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बिहार में इस बार नवंबर के अंतिम सप्ताह में ही सर्दी ने दस्तक दे दी है। आमतौर पर दिसंबर के पहले सप्ताह के बाद ठंड में तेजी देखी जाती है, लेकिन 2025 में मौसम ने एक अलग ही करवट ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए विशेष ‘कोल्ड वेव + डेंस फॉग’ अलर्ट जारी किया है। राजधानी पटना, गया, मुजफ्फरपुर, नालंदा, औरंगाबाद, नवादा, बेगूसराय और पूर्वी चंपारण में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। रात और सुबह की तापमान तेजी से नीचे जा रहा है, वहीं कोहरे का असर इतना बढ़ चुका है कि दृश्यता काफी कम हो चुकी है।

इस मौसम परिवर्तन का सीधा असर जनजीवन, यात्रा, कृषि, स्वास्थ्य और स्कूल-कॉलेज में देखा जा रहा है। इस रिपोर्ट में हम विस्तार से जानेंगे कि IMD ने क्या चेतावनी दी है, किन क्षेत्रों में ठंड और कोहरा अधिक असर डाल सकता है, और आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा।

तापमान में रिकॉर्ड गिरावट – रातें हुईं ठंडी, सुबह में छाया कोहरा

इस समय बिहार के कई जिलों में देर रात और सुबह के वक़्त तापमान अचानक तेजी से गिर रहा है। पटना में न्यूनतम तापमान 11–12°C तक दर्ज किया गया, जबकि गया और नवादा में कुछ स्थानों पर 10°C से भी नीचे चला गया। सामान्यतः नवंबर के अंत में न्यूनतम तापमान 14–16°C रहता है, लेकिन इस बार यह पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़कर करीब 3–5 डिग्री नीचे आ गया है।

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IMD के अनुसार, उत्तर पश्चिम से आने वाली ठंडी हवाओं और हिमालयी राज्यों में बर्फबारी के कारण यह गिरावट हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा की दिशा बदलने और नमी बढ़ने से कई जिलों में ‘घना कोहरा’ बनने लगा है, जो दिसंबर और जनवरी की तरह महसूस कराया रहा है।

पटना में स्थिति

राजधानी पटना में सुबह 5 बजे से 9 बजे तक सड़क पर 50–100 मीटर से अधिक दूरी दिखना मुश्किल हो रहा है। इससे सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ गया है और लोग वाहन धीरे चलाने को मजबूर हैं। ट्रैफिक विभाग ने भी लोगों से सुबह के समय हैडलाइट ऑन रखने की अपील की है।

गया और औरंगाबाद

गया में हवा अत्यंत ठंडी होने के कारण सुबह-सुबह कई लोग अलाव का सहारा लेते दिख रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्रों ने किसानों को चेतावनी दी है कि ठंडी हवा सब्जियों की खेती पर असर डाल सकती है।

मुजफ्फरपुर और वैशाली

उत्तर बिहार में कोहरा और नमी दोनों बढ़ रहे हैं। मुजफ्फरपुर और वैशाली में कोहरे की परत इतनी घनी है कि कई जगहों पर परिवहन सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।

कोहरे से बिगड़ी स्थिति – ट्रेनों में देरी, उड़ानें प्रभावित, स्कूल-कॉलेजों की समस्या बढ़ी

IMD के अनुसार बिहार में अगले कुछ दिनों तक ‘हल्का से घना कोहरा’ छाया रहेगा। कोहरा बढ़ने का सबसे बड़ा असर परिवहन पर पड़ रहा है— विशेष रूप से सड़क, रेल और हवाई यातायात पर।

रेलवे पर असर:

कई महत्वपूर्ण ट्रेनें देर से चल रही हैं। पटना–नई दिल्ली, पटना–रांची, दरभंगा–दिल्ली और मुजफ्फरपुर–गया रूट पर 1 से 4 घंटे की देरी दर्ज की जा रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सिग्नल की दृश्यता कम होने से ट्रेनों की स्पीड कम कर दी गई है, जिससे देरी अनिवार्य है।

हवाई सेवाओं पर असर:

पटना एयरपोर्ट पर सुबह की कुछ उड़ानें प्रभावित हुई हैं। दृश्यता कम होने से रनवे पर उड़ान भरना और उतरना चुनौतीपूर्ण हो गया है। कुछ उड़ानें देरी से चलाई जा रही हैं और कुछ को डायवर्ट भी किया गया है।

स्कूल-कॉलेजों का हाल:

कोहरे और ठंड का सबसे ज़्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है।

  • कई बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते।
  • सुबह-सुबह बच्चों को ठंडी हवा से सामना करना पड़ रहा है।
  • अभिभावक मांग कर रहे हैं कि स्कूल समय 1 घंटे आगे बढ़ाया जाए।

राज्य सरकार इस पर विचार कर सकती है, यदि तापमान आगे और गिरता है।

स्वास्थ्य, कृषि और जनजीवन पर असर – IMD के लिए गाइडलाइन और सावधानियाँ

स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव

अचानक ठंड बढ़ने से सर्दी-जुकाम, खांसी, सांस संबंधी बीमारियां और अस्थमा रोगियों की समस्या बढ़ जाती है। डॉक्टर्स के अनुसार—

  • सुबह-शाम बाहर न निकलें,
  • मास्क या मफलर से मुंह-नाक ढकें,
  • गुनगुना पानी पीते रहें।

बच्चों और बुज़ुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि कोहरे में मौजूद नमी फेफड़ों पर खराब असर डालती है।

किसानों पर प्रभाव

कोहरे और ठंडी हवा का असर रबी और सब्जियों की फसलों पर दिखना शुरू हो गया है।

  • सरसों, मटर और गेहूं की फसल तापमान गिरने से प्रभावित हो सकती है।
  • पत्तेदार सब्जियों (गोबी, पालक, मेथी) पर पाला पड़ने का खतरा बढ़ गया है।

कृषि वैज्ञानिक सलाह दे रहे हैं कि किसान—

  • फसल को हल्की सिंचाई दें,
  • खेत के किनारों पर धुआं करें,
  • पौधों को तापमान गिरने से बचाएं।

जनजीवन पर प्रभाव

  • सुबह की बसें लेट चल रही हैं।
  • रिक्शा-ऑटो वालों को कमाई में नुकसान।
  • बाज़ारों में सुबह रौनक कम, शाम में भीड़ अधिक।
  • रात 9 बजे के बाद बाहर निकलने वालों की संख्या काफी कम।

IMD की गाइडलाइन

IMD ने कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए हैं—

  1. सुबह के समय गाड़ी धीरे चलाएं।
  2. हाई और लो बीम लाइट दोनों का उपयोग करें।
  3. यात्रा से पहले मौसम की जानकारी देख लें।
  4. सुबह-सुबह व्यायाम करने से बचें।
  5. बच्चों और बुज़ुर्गों को ठंडी हवा से बचाकर रखें।

बिहार में अगले 7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान – ठंड और बढ़ सकती है

IMD के अनुसार बिहार में अगले 7 दिनों में ठंड और अधिक बढ़ सकती है।

  • न्यूनतम तापमान 9–11°C तक जा सकता है।
  • सुबह 4–9 बजे के बीच कोहरा सबसे घना रहेगा।
  • दिन का तापमान 24–27°C के बीच रहेगा।
  • हवा की गति 4–8 किमी/घंटा रहने की संभावना।

अगर हवा में नमी बढ़ती है, तो कोहरे की मोटी परत और भी गहरी हो सकती है।इस बार बिहार में नवंबर के अंत में ही कड़ाके की ठंड शुरू हो चुकी है। IMD की चेतावनी बताती है कि राज्य में अगले कुछ दिनों तक स्थिति और गंभीर हो सकती है। किसानों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, यात्रियों और आम जनता को सावधानी बरतनी बेहद जरूरी है।

ठंड और कोहरे का यह दौर अगर दिसंबर की शुरुआत तक जारी रहा, तो यह सर्दी पिछले कई सालों की तुलना में अधिक कठोर हो सकती है। इसलिए लोगों को अभी से तैयारी शुरू करनी चाहिए—
गर्म कपड़े, समय पर यात्रा प्लानिंग, बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है।

बिहार की 40 महिलाओं के दूध में मिला यूरेनियम: ICMR–महावीर कैंसर संस्थान की चौंकाने वाली रिपोर्ट

Bihar uranium in milk

बिहार से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक खुलासा सामने आया है। महावीर कैंसर संस्थान, पटना की रिसर्च यूनिट द्वारा ICMR (Indian Council of Medical Research) के सहयोग से की गई एक स्टडी में यह पाया गया है कि राज्य के छह जिलों की 40 माताओं के दूध के सैंपल में यूरेनियम की मौजूदगी मिली है।
यह अध्ययन न केवल प्रदेश के पर्यावरणीय हालात पर सवाल खड़ा करता है बल्कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य के लिए संभावित खतरे की ओर भी इशारा करता है।

रिसर्च कहाँ और कैसे हुई? – पूरा वैज्ञानिक विवरण

महावीर कैंसर संस्थान के रिसर्च सेंटर ने ICMR के साथ मिलकर यह सर्वेक्षण पिछले कुछ महीनों में किया था।
इस दौरान:

  • बिहार के 6 प्रमुख जिलों से
  • 40 महिलाओं (स्तनपान कराने वाली माताओं) का
  • दूध का सैंपल इकट्ठा किया गया।

रिसर्च में क्या पाया गया?

विशेष लैब विश्लेषण के बाद वैज्ञानिकों ने रिपोर्ट में बताया कि कई सैंपलों में यूरेनियम की मात्रा सामान्य सीमा से अधिक पाई गई।
यानी यह संकेत देता है कि महिलाएँ संभवतः ऐसे पानी या भोजन के संपर्क में थीं जिसमें रेडियोधर्मी तत्वों की थोड़ी मात्रा मौजूद थी।

यूरेनियम दूध में कैसे पहुँच सकता है? क्या कहती हैं मेडिकल स्टडीज

दुनिया भर में की गई कई रिसर्च बताती हैं कि स्तनपान कराने वाली माताओं के शरीर में जो भी भारी धातुएँ (Heavy Metals) जमा होती हैं, वे दूध के माध्यम से शिशु तक पहुँच सकती हैं।

संभावित कारण

विशेषज्ञों के अनुसार यूरेनियम शरीर में पहुँचने की मुख्य वजहें हो सकती हैं –

  • भूजल में यूरेनियम की मात्रा बढ़ना
  • बोरिंग/हैंडपंप का अत्यधिक उपयोग
  • औद्योगिक कचरे या खनन से फैलने वाला प्रदूषण
  • कृषि में रसायनों का उपयोग
  • भोजन, अनाज या मिट्टी के माध्यम से heavy metal का शरीर में जाना

बिहार के कई जिलों में भूजल में आर्सेनिक और फ्लोराइड जैसी समस्याएँ पहले भी मिल चुकी हैं, लेकिन अब यूरेनियम की उपस्थिति एक नया खतरा माना जा रहा है।

क्या इससे बच्चों को खतरा है? विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

ICMR और महावीर कैंसर संस्थान के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि यह समस्या व्यापक स्तर पर पाई गई, तो यह शिशुओं के विकास, हड्डियों, किडनी और neurological स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।

शिशु पर संभावित प्रभाव

  • शारीरिक विकास में बाधा
  • किडनी पर प्रभाव
  • इम्यून सिस्टम कमजोर होना
  • मानसिक/न्यूरोलॉजिकल विकास पर असर

माँ के लिए क्या खतरा?

  • किडनी और लिवर पर भार
  • शरीर में सूक्ष्म रेडियोधर्मी जमाव
  • दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा

विशेषज्ञों ने साफ कहा कि अभी घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यह समस्या तुरंत सरकारी हस्तक्षेप की मांग करती है।

किन जिलों में मिले सैंपल? सरकार क्या कदम उठा रही है?

रिसर्च टीम ने जिन छह जिलों से सैंपल लिए, उनके नाम अंतिम रिपोर्ट में शामिल किए जाएंगे।
फिलहाल जानकारी मिल रही है कि यह जिले वे हैं जहाँ पहले भी पानी में आर्सेनिक या अन्य धातुएँ पाई गई थीं।

राज्य सरकार की संभावित कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग और जल संसाधन विभाग को इस रिपोर्ट की सूचना दे दी गई है। इसके बाद:

  • उन इलाकों में भूजल की विस्तृत जांच
  • सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था
  • माताओं की स्वास्थ्य जाँच
  • बच्चों की medical screening
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य अलर्ट

जारी किया जा सकता है।

यह रिपोर्ट बिहार के लिए चेतावनी — आगे क्या करना आवश्यक है?

विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में तेजी से बदलते पर्यावरण, जलस्तर और मानव गतिविधियों के कारण भूजल में भारी धातुओं की मात्रा लगातार बढ़ रही है।
अगर समय रहते नियंत्रण नहीं हुआ तो यह आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

क्या करना चाहिए?

  • पानी की नियमित जाँच
  • RO या certified filters का उपयोग
  • सरकारी जल परीक्षण रिपोर्ट को सार्वजनिक करना
  • माताओं और बच्चों की नियमित स्वास्थ्य स्क्रीनिंग
  • पर्यावरणीय खतरों को कम करने के लिए नीतियाँ बनाना