दिल्ली कार विस्फोट 2025: लाल किले के पास बम धमाका, कई घायल – राजधानी में मचा हड़कंप

दिल्ली कार विस्फोट 2025

दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला क्षेत्र के पास मंगलवार सुबह हुए कार विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह धमाका इतना भीषण था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और इलाके में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और जांच एजेंसियां मौके पर पहुंच गई हैं।मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे, लाल किले के पास एक सफेद रंग की SUV में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार कुछ देर से सड़क किनारे खड़ी थी और चालक वहाँ से कुछ दूरी पर गया हुआ था।जैसे ही विस्फोट हुआ, आवाज कई किलोमीटर तक सुनी गई और धुएं का गुबार आसमान में फैल गया।

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दिल्ली पुलिस के DCP उत्तरी ज़िला के मुताबिक “यह एक बड़ा धमाका था, फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है कि इसमें कौन-सा विस्फोटक इस्तेमाल हुआ।”स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके के बाद चारों ओर शीशे टूटने लगे और आसपास के दुकानों में अफरा-तफरी मच गई।
फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत आग पर काबू पाया, लेकिन कार पूरी तरह जल चुकी थी।

दिल्ली कार विस्फोट 2025,चश्मदीदों ने बताया – “कार में कुछ संदिग्ध दिखा था”

घटनास्थल पर मौजूद राहुल नामक एक दुकानदार ने बताया “हमने देखा कि कार कुछ देर से खड़ी थी। एक व्यक्ति ने हेलमेट पहना हुआ था और कुछ देर बाद गायब हो गया। फिर धमाका हो गया।”दूसरे प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि कार में “कोई बैग या बॉक्स रखा था” जो संदिग्ध लग रहा था।जांच एजेंसियों ने इन बयानों को गंभीरता से लेते हुए CCTV फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
करीब 12 CCTV कैमरे की फुटेज अब एनआईए और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम के पास है।

जांच में शुरुआती सुराग – आतंकी साजिश की आशंका

पुलिस सूत्रों के अनुसार, कार के नंबर प्लेट फर्जी पाए गए हैं। यह गाड़ी कुछ दिन पहले गुरुग्राम से चोरी हुई बताई जा रही है।
फॉरेंसिक जांच में RDX या PETN जैसे विस्फोटक के अवशेष मिले हैं, जो आमतौर पर आतंकी घटनाओं में इस्तेमाल होते हैं।एनआईए (NIA), आईबी (IB) और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने संयुक्त जांच शुरू की है।
घटना के बाद से दिल्ली और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

सरकार ने पूरे देश में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट तथा मॉल्स में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और सोशल मीडिया पर उबाल

जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर फैली, #DelhiBlast और #RedFortAttack ट्विटर (अब X) पर ट्रेंड करने लगे।
राजनीतिक दलों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।

गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया —

“दिल्ली में हुए धमाके की गहन जांच के आदेश दिए गए हैं। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”

दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा —

“यह बहुत गंभीर घटना है। हमारी सरकार केंद्र एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।”

देशभर के लोगों ने भी सोशल मीडिया पर चिंता जताई है और सवाल किया है कि इतने हाई-सिक्योरिटी जोन में कार कैसे पहुंची।

जांच की दिशा और सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी

जांच एजेंसियाँ अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह हमला स्थानीय नेटवर्क द्वारा किया गया या किसी विदेशी आतंकी संगठन की साजिश है।कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा जा रहा है कि यह धमाका किसी राजनीतिक संदेश या इंटेलिजेंस फेल्योर का परिणाम हो सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस विस्फोट में हाई-ग्रेड एक्सप्लोसिव का इस्तेमाल हुआ है, तो यह देश की सुरक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल है।दिल्ली पुलिस ने राजधानी के 50 से अधिक इलाकों में सर्च अभियान चलाया है और 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया है।

जनता में डर और प्रशासन की चुनौती

इस घटना ने राजधानी के नागरिकों में दहशत पैदा कर दी है।स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालयों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।लोग अब सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं “अगर लाल किले के पास धमाका हो सकता है, तो आम इलाकों में कौन सुरक्षित है?”विशेष सुरक्षा सलाह जारी की गई है कि लोग किसी भी संदिग्ध वाहन या बैग की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

भविष्य के लिए सबक – सुरक्षा तंत्र में सुधार की जरूरत

यह घटना देश को यह सोचने पर मजबूर करती है कि तकनीक और इंटेलिजेंस सिस्टम को और मजबूत करने की जरूरत है।विशेषज्ञ मानते हैं कि बड़े शहरों में AI आधारित CCTV निगरानी, कार नंबर प्लेट ट्रैकिंग, और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम जैसे उपाय तत्काल लागू किए जाने चाहिए।सरकार ने एक विशेष कमिटी गठित की है जो अगले 15 दिनों में सुरक्षा खामियों पर रिपोर्ट पेश करेगी।दिल्ली कार विस्फोट 2025 केवल एक हादसा नहीं, बल्कि यह देश की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।जांच अभी जारी है, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि राजधानी में सुरक्षा का कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
देश की निगाहें अब जांच एजेंसियों पर हैं कि वे कितनी जल्दी इस रहस्य को सुलझा पाती हैं।

Bihar Exit Poll Result 2025 Live: बिहार के सात Exit Polls में फिर NDA सरकार, पढ़ें- किस पार्टी को कितनी सीटों का अनुमान

बिहार चुनाव 2025

Bihar Exit Poll Result 2025 Live:बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का माहौल पूरे राज्य में गरमाया हुआ है। दोनों चरणों का मतदान संपन्न हो चुका है और अब जनता की निगाहें एग्जिट पोल के नतीजों पर टिकी हैं। इस बार बिहार में चुनाव दो चरणों में हुए—पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को। दोनों चरणों में रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग हुई है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि मतदाताओं ने सत्ता परिवर्तन या स्थिरता के लिए स्पष्ट मन बना लिया है। जैसे ही मतदान समाप्त हुआ, विभिन्न टीवी चैनलों और सर्वे एजेंसियों ने अपने एग्जिट पोल जारी करने शुरू कर दिए। इन सभी सर्वेक्षणों में एक बात समान दिख रही है—राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की जबरदस्त वापसी। सात अलग-अलग एग्जिट पोल्स में एनडीए को भारी बहुमत मिलते हुए दिखाया गया है जबकि महागठबंधन को पिछड़ता हुआ दिखाया गया है।

पहला चरण: रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग ने बढ़ाई दिलचस्पी

इस बार बिहार में मतदान का उत्साह पहले से कहीं ज्यादा देखने को मिला। पहले चरण में ही मतदान प्रतिशत 65% से अधिक पहुंच गया था, जबकि दूसरे चरण तक कुल मतदान 67.14% तक पहुंच गया, जो पिछले दो दशकों में सर्वाधिक है। 2000 के विधानसभा चुनाव में 62.57% वोटिंग हुई थी और 1998 के लोकसभा चुनाव में 64.6% मतदान दर्ज हुआ था। इस बार का आंकड़ा उन सभी पुराने रिकॉर्ड्स को पार कर गया। यह बढ़ी हुई वोटिंग न केवल मतदाताओं की जागरूकता को दिखाती है बल्कि यह भी संकेत देती है कि जनता किसी निर्णायक परिवर्तन की ओर बढ़ रही है। मतदान के दौरान युवा, महिलाएं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं की सक्रियता ने बिहार के इस चुनाव को और भी दिलचस्प बना दिया।

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राज्य की 243 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान हुआ। पहले चरण में 121 सीटों पर वोट डाले गए, जबकि दूसरे चरण में 122 सीटों पर। एनडीए ने इस चुनाव में बीजेपी, जेडीयू, लोजपा (रामविलास) और हम (हिंदुस्तान आवाम मोर्चा) के साथ मिलकर मोर्चा संभाला, वहीं महागठबंधन की अगुवाई राजद के तेजस्वी यादव ने की जिसमें कांग्रेस, वामदल और अन्य शामिल थे। तीसरे मोर्चे के तौर पर प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी भी मैदान में थी, जिसने कई सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे लेकिन उसे प्रभावशाली समर्थन नहीं मिला।

एग्जिट पोल्स का रुझान: सातों सर्वे में NDA को बढ़त

जैसे ही दूसरे चरण की वोटिंग खत्म हुई, एग्जिट पोल्स की बाढ़ आ गई। सबसे पहले MATRIZE-आईएएनएस का एग्जिट पोल सामने आया, जिसमें NDA को 147 से 167 सीटें और महागठबंधन को 70 से 90 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया। वोट शेयर की बात करें तो एनडीए को 48%, महागठबंधन को 37% और अन्य दलों को 15% वोट मिलने की संभावना जताई गई है। यह सर्वे बताता है कि ग्रामीण इलाकों और महिलाओं का वोट एनडीए के पक्ष में गया है।

इसके बाद JVC एजेंसी का एग्जिट पोल आया जिसमें भी एनडीए को 135-150 सीटें और महागठबंधन को 88-103 सीटें मिलती दिखाई गईं। इसी तरह पीपल्स इंसाइट ने अपने सर्वे में एनडीए को 133-148 सीटें, महागठबंधन को 87-102 सीटें और अन्य को 3-6 सीटें दी हैं। यह सर्वे भी दर्शाता है कि जनता ने नीतीश कुमार के शासन में विश्वास बनाए रखा है।

POLSTRAT एजेंसी के सर्वे के अनुसार, एनडीए को 133-148 सीटें, महागठबंधन को 87-102 और अन्य को 3-5 सीटें मिल सकती हैं। पार्टीवार विश्लेषण में बीजेपी को 68-72 सीटें, जेडीयू को 55-60, लोजपा (रामविलास) को 9-12, हम को 1-2 और आरएलएम को 0-2 सीटें मिलने की उम्मीद जताई गई है। यह सर्वे बताता है कि भाजपा-जेडीयू गठबंधन के बीच सीटों का तालमेल जनता को भाया है।

चाणक्य STRATEGIES का एग्जिट पोल भी इसी लाइन पर चला। इसमें एनडीए को 130-138 सीटें, महागठबंधन को 100-108 सीटें और अन्य को 3-5 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं Peoples Pulse के सर्वे में एनडीए को 133-159, महागठबंधन को 75-101, जेएसपी को 0-5 और अन्य को 2-8 सीटें दी गई हैं।

सबसे ताजा सर्वे डीवी रिसर्च का आया है, जिसमें एनडीए को 137-152, महागठबंधन को 83-98, जनसुराज को 2-4 और ओवैसी की पार्टी AIMIM को 0-2 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। सातों एग्जिट पोल्स का औसत (Polls of Polls) निकालें तो तस्वीर साफ हो जाती है—एनडीए को 138 से 155 सीटों का बहुमत मिल रहा है जबकि महागठबंधन 82-98 सीटों पर सिमट सकता है। इसका मतलब है कि जनता ने नीतीश कुमार और बीजेपी पर एक बार फिर भरोसा जताया है।

NDA की संभावित वापसी और नीतीश कुमार की बढ़त

एग्जिट पोल के आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि बिहार की जनता अभी भी स्थिर सरकार चाहती है। पिछले कुछ वर्षों में केंद्र और राज्य के बीच तालमेल ने नीतीश कुमार की छवि को मज़बूत किया है। पीएम नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और केंद्र की योजनाओं ने ग्रामीण वोटरों में एनडीए के पक्ष में माहौल बनाया।

राज्य में महिला वोटरों की भागीदारी में भारी वृद्धि हुई, और यह वर्ग परंपरागत रूप से नीतीश कुमार के समर्थन में माना जाता है। ‘मुख्यमंत्री साइकिल योजना, कन्या उत्थान योजना और पोषण योजना जैसी योजनाओं का असर महिला वोट बैंक पर साफ दिखाई दे रहा है। वहीं युवाओं के बीच मोदी सरकार की योजनाओं जैसे स्टार्टअप इंडिया और प्रधानमंत्री रोजगार योजना ने भी असर डाला है।

दूसरी ओर महागठबंधन नेतृत्व की अस्थिरता और आंतरिक मतभेदों के कारण जनता का भरोसा डगमगाता दिखाई दिया। तेजस्वी यादव की सभाओं में भीड़ तो रही, लेकिन वह वोटों में पूरी तरह तब्दील होती नजर नहीं आई। एग्जिट पोल्स में महागठबंधन को 100 के भीतर रखा गया है, जो यह बताता है कि विपक्षी गठबंधन इस बार भी जनता को निर्णायक रूप से आकर्षित नहीं कर पाया।

एनडीए के भीतर भी इस बार सीट शेयरिंग का फॉर्मूला सटीक रहा। बीजेपी ने 53 सीटों पर चुनाव लड़ा, जेडीयू ने 44 पर, लोजपा (रामविलास) ने 15 पर और हम ने 6 पर। यह तालमेल मतदाताओं के लिए एक संतुलित और एकजुट गठबंधन की छवि बना सका।

अब सबकी नजरें मतगणना के दिन पर

हालांकि एग्जिट पोल्स केवल अनुमान हैं, असली तस्वीर 14 नवंबर को सामने आएगी जब मतगणना के बाद अंतिम परिणाम घोषित होंगे। बिहार की 243 सीटों में बहुमत का आंकड़ा 122 है। अगर एग्जिट पोल्स सही साबित हुए, तो नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर एनडीए की सरकार बनती है तो यह नीतीश कुमार के शासन मॉडल और प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे की संयुक्त सफलता मानी जाएगी। वहीं अगर महागठबंधन चमत्कार कर पाता है तो यह विपक्षी राजनीति के पुनर्जागरण का संकेत होगा।

बिहार के चुनाव परिणाम हमेशा राष्ट्रीय राजनीति पर गहरा असर डालते हैं। इस बार भी पूरे देश की निगाहें इस चुनाव पर टिकी हैं, क्योंकि बिहार का राजनीतिक रुझान अक्सर लोकसभा चुनावों के लिए संकेत माना जाता है।

राज्य में इस बार जनसुराज पार्टी (प्रशांत किशोर) और ओवैसी की AIMIM जैसे दलों की सीमित उपस्थिति ने मुकाबले को दिलचस्प जरूर बनाया है, लेकिन निर्णायक नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन छोटी पार्टियों के वोट विभाजन से महागठबंधन को नुकसान हुआ और इसका फायदा सीधा एनडीए को मिला।

एग्जिट पोल्स में NDA की बंपर वापसी, पर असली फैसला 14 नवंबर को

कुल मिलाकर, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के एग्जिट पोल्स ने एनडीए की बंपर वापसी की भविष्यवाणी कर दी है। सातों एग्जिट पोल्स में एक समान पैटर्न दिखाई देता है—जनता ने एक बार फिर नीतीश कुमार को मौका देने का संकेत दिया है। बिहार में रिकॉर्डतोड़ वोटिंग, महिलाओं की सक्रियता और केंद्र-राज्य की योजनाओं का प्रभाव एनडीए के पक्ष में जाता दिख रहा है।

फिर भी लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि अंतिम फैसला मतगणना के दिन जनता ही करती है। इसलिए अब सबकी निगाहें 14 नवंबर पर टिकी हैं, जब यह साफ होगा कि बिहार की सत्ता की बागडोर किसके हाथों में जाएगी — नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन या तेजस्वी यादव का महागठबंधन।

एक बात तय है, इस बार बिहार के चुनाव ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और यह नतीजे आने वाले कई महीनों तक राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करेंगे।

धर्मेंद्र अस्पताल में भर्ती, हेमा मालिनी पहुंचीं ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल – फैंस बोले जल्द ठीक हो जाइए धर्म पाजी

धर्मेंद्र अस्पताल में भर्ती

बॉलीवुड के दिग्गज और दिगंबर अभिनेता धर्मेंद्र की तबीयत बिगड़ने की खबर ने उनके चाहने वालों को चिंतित कर दिया है। 89 वर्षीय धर्मेंद्र को पिछले सप्ताह से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिवार के करीबी सूत्रों के मुताबिक, अभिनेता को सांस लेने में तकलीफ़ (breathlessness) की शिकायत थी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल लाया गया। फिलहाल उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है और डॉक्टर्स की एक टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रही है।

धर्मेंद्र का नाम भारतीय सिनेमा के उन दिग्गजों में शामिल है जिन्होंने अपने दम पर बॉलीवुड को नई पहचान दी। शोले से लेकर चुपके चुपके जैसी अनगिनत सुपरहिट फिल्मों में अपने अभिनय से उन्होंने दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी है।

पिछले कुछ वर्षों से धर्मेंद्र स्वास्थ्य संबंधी कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। कुछ महीने पहले उन्होंने आई ग्राफ्ट सर्जरी (eye graft surgery) भी कराई थी, जिसके बाद वे सोशल मीडिया पर फैंस को अपने स्वास्थ्य अपडेट देते रहे थे।

हेमा मालिनी पहुंचीं अस्पताल, बोलीं – “हम भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं”

धर्मेंद्र की तबीयत बिगड़ने की खबर फैलते ही उनके फैंस, दोस्तों और परिवार वालों में चिंता का माहौल छा गया। सोमवार की शाम उनकी पत्नी और सांसद हेमा मालिनी मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचीं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा,

“हम सब भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि वे जल्द ठीक हो जाएं। डॉक्टर्स पूरी कोशिश कर रहे हैं, और हमें उम्मीद है कि धर्मेंद्र जल्द अपने घर लौट आएंगे।”

हेमा मालिनी और धर्मेंद्र की जोड़ी को बॉलीवुड की सबसे प्रतिष्ठित जोड़ियों में गिना जाता है। दोनों की प्रेम कहानी आज भी लोगों को प्रेरणा देती है। सीता और गीता तथा ड्रीम गर्ल जैसी फिल्मों में इनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब पसंद किया था।

जैसे ही हेमा मालिनी अस्पताल पहुंचीं, वहां फैंस और मीडिया का जमावड़ा लग गया। सोशल मीडिया पर #GetWellSoonDharmendra और #PrayForDharmendra जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। हजारों लोगों ने ट्विटर और इंस्टाग्राम पर धर्मेंद्र के पुराने वीडियो व तस्वीरें शेयर करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

सोशल मीडिया पर एक्टिव धर्मेंद्र – फैंस को याद आए उनके पोस्ट

धर्मेंद्र अपनी उम्र के बावजूद सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं। वह अक्सर इंस्टाग्राम पर अपने पुराने किस्से, कविताएं और जीवन से जुड़ी बातें साझा करते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने एक तस्वीर साझा की थी जिसमें वे सूट-बूट में मुस्कुराते हुए नजर आ रहे थे। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा था,

“आजकल ग़म-ए-दौरां से दूर, ग़म-ए-दुनिया से दूर… अपने ही नशे में झूमता हूँ।”

इस पोस्ट पर हजारों फैंस ने प्रतिक्रिया दी थी और कहा था कि धर्मेंद्र की आत्मा अब भी उतनी ही युवा है जितनी 1970 के दशक में हुआ करती थी।

उनका एक और वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे खेतों में ट्रैक्टर चलाते नजर आए थे। उन्होंने यह वीडियो कैप्शन के साथ साझा किया था — “धरती मां की सेवा सबसे बड़ी पूजा है।”
इस वीडियो पर फैंस ने लिखा था – “धर्म पाजी, आप हमेशा प्रेरणा हैं!”

धर्मेंद्र के ये सोशल मीडिया पोस्ट उनकी सादगी और जमीन से जुड़े स्वभाव को दिखाते हैं। यही वजह है कि फैंस उन्हें सिर्फ अभिनेता ही नहीं बल्कि इंसानियत की मिसाल मानते हैं।

धर्मेंद्र की फिल्मी विरासत – पीढ़ियों तक याद रहेंगे उनके किरदार

धर्मेंद्र को “ही-मैन ऑफ बॉलीवुड” कहा जाता है। उन्होंने अपने करियर में 250 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है और हर किरदार को यादगार बना दिया। शोले के वीरू, मेरा गांव मेरा देश के अजीत, धर्मवीर के धर्मवीर सिंह और चुपके चुपके के प्रोफेसर पारसनाथ – हर भूमिका में उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।

सिनेमा जगत में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उनके बेटे सनी देओल और बॉबी देओल ने भी फिल्म इंडस्ट्री में अपना नाम बनाया है। हाल ही में रिलीज हुई सनी देओल की फिल्म गदर 2 की सफलता के बाद धर्मेंद्र ने फैंस को सोशल मीडिया पर धन्यवाद दिया था और कहा था, “आप सबकी मोहब्बत ने हमेशा हमें ताकत दी है।”

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धर्मेंद्र आखिरी बार तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया (2024) में नजर आए थे, जिसमें शाहिद कपूर और कृति सेनन ने अभिनय किया था। अब वे अपनी आगामी फिल्म इक्कीस (Ikkis)’ में दिखाई देंगे, जिसमें अमिताभ बच्चन के पोते अगस्त्य नंदा मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म 25 दिसंबर 2025 को रिलीज होने वाली है।

फिल्म जगत के कई सितारों ने धर्मेंद्र के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। सनी देओल, हेमा मालिनी, ईशा देओल, बॉबी देओल, कृति सेनन, शाहिद कपूर और अमिताभ बच्चन तक ने सोशल मीडिया पर उन्हें शुभकामनाएं दीं।

फैंस और सेलेब्स की दुआएं – “जल्द घर लौट आएं हमारे धर्म पाजी”

धर्मेंद्र न केवल एक अभिनेता बल्कि एक भावनात्मक इंसान के रूप में भी जाने जाते हैं। 60 के दशक से लेकर आज तक उन्होंने दर्शकों का दिल जीता है। जब भी वे किसी शो या इवेंट में नज़र आते हैं, लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।

वर्तमान में धर्मेंद्र की हालत स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टर्स ने कहा है कि अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण होंगे। इस बीच फैंस लगातार सोशल मीडिया पर उनके लिए दुआएं मांग रहे हैं।

ट्विटर पर एक फैन ने लिखा —

“धर्म पाजी हमारे दिलों में बसते हैं। भगवान उन्हें लंबी उम्र दे।”
वहीं एक अन्य यूजर ने कहा —
“आप सिर्फ एक अभिनेता नहीं, एक युग हैं। जल्दी ठीक हो जाइए।”

बॉलीवुड के दिग्गज निर्माता और निर्देशक राकेश रोशन ने कहा कि धर्मेंद्र जैसा जिंदादिल इंसान मुश्किल से देखने को मिलता है। “उनकी मुस्कान और पॉज़िटिव एनर्जी हर किसी को छू जाती है,” उन्होंने NDTV से बातचीत में कहा।

धर्मेंद्र की जीवंतता और फैंस के साथ जुड़ाव

धर्मेंद्र का जीवन केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रहा। वे किसानों से लेकर आम जनता तक के दिलों में बसे हैं। अपने फार्महाउस से लेकर संसद तक, उन्होंने सादगी और मेहनत की मिसाल पेश की है।

उन्होंने कई बार कहा है कि वे अपने गांव और धरती मां से बहुत प्यार करते हैं। “मैंने जो कुछ भी पाया है, वह जनता की दुआओं से पाया है,” धर्मेंद्र ने एक पुराने इंटरव्यू में कहा था।

आज जब उनकी तबीयत को लेकर खबरें सामने आईं, तो पूरा देश एक साथ उनके लिए प्रार्थना कर रहा है। धर्मेंद्र का नाम सुनते ही लोगों की जुबान पर बस यही आता है – “धरम पाजी अमर रहें।”

आधार कार्ड में नया मोबाइल नंबर कैसे लिंक करें? जानिए पूरी प्रक्रिया, जरूरी बातें और फायदे

mobile number link in aadhar

By: Akshwani News 24 Digital Desk | Updated: November 6, 2025

आधार कार्ड आज के समय में हर भारतीय नागरिक के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। यह सिर्फ एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की डिजिटल पहचान का प्रतीक है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा जारी किया गया यह कार्ड 12 अंकों की यूनिक संख्या प्रदान करता है, जो हर नागरिक के लिए अलग होती है। इस एक नंबर से व्यक्ति की पहचान, पता, बैंकिंग, टैक्स और सरकारी सेवाओं से जुड़ी तमाम प्रक्रियाएं एक साथ जुड़ जाती हैं।
आधार कार्ड की वजह से सरकार ने कई योजनाओं को पारदर्शी तरीके से जनता तक पहुँचाया है। अब सब्सिडी, पेंशन, किसान योजना या राशन वितरण — हर जगह आधार की जरूरत पड़ती है। लेकिन इन सभी सेवाओं को सही ढंग से इस्तेमाल करने के लिए यह बेहद जरूरी है कि आपका मोबाइल नंबर आपके आधार कार्ड से लिंक हो।

कई बार ऐसा होता है कि लोगों का पुराना मोबाइल नंबर बंद हो जाता है या सिम खो जाती है। ऐसे में OTP वेरिफिकेशन से जुड़ी सेवाएं बाधित हो जाती हैं। अगर आपका नंबर आधार से लिंक नहीं है, तो आपको बैंक खाते, सरकारी पोर्टल्स या UIDAI की ऑनलाइन सेवाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
लेकिन चिंता की कोई बात नहीं! अब UIDAI की मदद से आप आसानी से अपने नए मोबाइल नंबर को आधार से लिंक कर सकते हैं। आइए जानते हैं पूरी प्रक्रिया विस्तार से

आधार कार्ड की जरूरत और मोबाइल नंबर लिंक होने का महत्व

आधार कार्ड सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि यह भारत सरकार की सबसे बड़ी पहचान प्रणाली है। इसमें आपके नाम, पता, जन्मतिथि और बायोमेट्रिक डेटा जैसे फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन की जानकारी होती है। इसकी मदद से सरकार सुनिश्चित करती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे।

मोबाइल नंबर को आधार से जोड़ने का मुख्य कारण यह है कि UIDAI और अन्य सरकारी संस्थाएं अब OTP आधारित प्रमाणीकरण (Authentication) का इस्तेमाल करती हैं।
जब आप किसी बैंक सेवा, सरकारी योजना, या टैक्स पोर्टल का उपयोग करते हैं, तो आपकी पहचान मोबाइल नंबर पर भेजे गए OTP से कन्फर्म होती है। अगर आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, तो आप इन सेवाओं का उपयोग नहीं कर पाएंगे।

यहां तक कि अगर आप अपना आधार डाउनलोड करना चाहते हैं, ई-आधार निकालना चाहते हैं, या किसी सरकारी सब्सिडी की स्थिति देखना चाहते हैं — तो OTP आपके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर ही आएगा। इसलिए यह जरूरी है कि आपका मोबाइल नंबर हमेशा सक्रिय और आधार से लिंक्ड रहे।

लोगों की सबसे आम समस्या यह होती है कि उनका पुराना नंबर बंद हो गया है या बदल गया है। ऐसे में UIDAI ने एक आसान प्रक्रिया दी है जिससे कोई भी व्यक्ति नया मोबाइल नंबर अपने आधार कार्ड से जोड़ सकता है।

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आधार कार्ड से नया मोबाइल नंबर लिंक करने की प्रक्रिया (Step-by-Step Guide)

UIDAI ने मोबाइल नंबर अपडेट की प्रक्रिया को पूरी तरह सरल और सुरक्षित बनाया है। इसमें किसी ऑनलाइन प्रक्रिया की अनुमति नहीं है, क्योंकि मोबाइल नंबर अपडेट बायोमेट्रिक सत्यापन के साथ ही होता है।
आइए जानते हैं कि आपको क्या करना होगा:

पहला चरण: नजदीकी आधार सेवा केंद्र जाएं

सबसे पहले आपको अपने नजदीकी Aadhaar Seva Kendra या नामांकन केंद्र (Enrollment Centre) पर जाना होगा।
आप UIDAI की वेबसाइट (https://uidai.gov.in) पर जाकर अपने निकटतम सेवा केंद्र की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

दूसरा चरण: आधार अपडेट फॉर्म भरें

सेवा केंद्र पहुंचने के बाद वहां पर आपको एक Aadhaar Update Form दिया जाएगा। इस फॉर्म में अपना नाम, आधार नंबर और नया मोबाइल नंबर सही-सही भरें। ध्यान रखें कि कोई भी गलत जानकारी न भरें, वरना आपका अनुरोध रिजेक्ट हो सकता है।

तीसरा चरण: “Mobile Number Update” विकल्प चुनें

फॉर्म में आपको यह स्पष्ट करना होगा कि आप केवल मोबाइल नंबर अपडेट कराना चाहते हैं। अगर आप चाहें तो उसी फॉर्म से पता, ईमेल या अन्य विवरण भी अपडेट कर सकते हैं, लेकिन हर सेवा की अलग-अलग फीस हो सकती है।

चौथा चरण: बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन

मोबाइल नंबर अपडेट करते समय आपकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक स्कैनिंग (फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन) की जाती है। यह प्रक्रिया सुरक्षा के दृष्टिकोण से बहुत जरूरी है ताकि कोई और व्यक्ति आपकी पहचान से छेड़छाड़ न कर सके।

पांचवा चरण: फीस का भुगतान करें

UIDAI के नियमों के अनुसार मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए ₹50 (लगभग) का शुल्क लिया जाता है।
यह शुल्क केंद्र पर नकद जमा करना होता है। यह फीस हर बार समान रहती है, चाहे आप सिर्फ मोबाइल नंबर अपडेट कर रहे हों या अन्य डिटेल्स।

छठा चरण: रसीद और URN नंबर प्राप्त करें

प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपको एक रसीद दी जाएगी जिसमें Update Request Number (URN) लिखा होगा।
इस URN की मदद से आप UIDAI की वेबसाइट पर जाकर अपने अपडेट की स्थिति (Status) ट्रैक कर सकते हैं। आमतौर पर 5 से 10 दिनों में आपका नया मोबाइल नंबर आपके आधार कार्ड से लिंक हो जाता है।

आधार अपडेट की स्थिति कैसे जांचें और कब दिखेगा नया नंबर?

मोबाइल नंबर अपडेट करने के बाद बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि उन्हें कैसे पता चलेगा कि नया नंबर लिंक हो गया है या नहीं।
UIDAI ने इसके लिए ऑनलाइन ट्रैकिंग सुविधा दी है।

आप https://myaadhaar.uidai.gov.in वेबसाइट पर जाकर “Check Aadhaar Update Status” सेक्शन में जाएं।
यहां आपको URN नंबर डालना होगा जो आपकी रसीद पर लिखा होगा।
अगर आपका अपडेट सफल हो गया है, तो वेबसाइट पर “Update Completed Successfully” का संदेश दिखाई देगा।

इसके बाद आप अपने नए मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त करके यह भी कन्फर्म कर सकते हैं कि अपडेट पूरा हो गया है।
यदि किसी कारणवश आपका अनुरोध अस्वीकृत हो जाता है, तो आप दोबारा सेवा केंद्र जाकर नया अनुरोध जमा कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण जानकारी:
UIDAI की तरफ से कोई भी एजेंसी या वेबसाइट घर बैठे मोबाइल नंबर अपडेट की सुविधा नहीं देती। अगर कोई वेबसाइट या व्यक्ति ऐसा दावा करता है, तो यह धोखाधड़ी हो सकती है।
मोबाइल नंबर अपडेट केवल आधार सेवा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन के साथ ही संभव है।

आधार से मोबाइल नंबर लिंक होने के फायदे और सावधानियां

फायदे:

  1. सरकारी योजनाओं का लाभ:
    आधार लिंक मोबाइल नंबर के जरिए आप पीएम किसान योजना, LPG सब्सिडी, पेंशन योजना जैसी सेवाओं का लाभ सीधे अपने खाते में प्राप्त कर सकते हैं।
  2. सुरक्षा और वेरिफिकेशन:
    हर OTP आधारित प्रमाणीकरण (जैसे बैंक ट्रांजैक्शन, eKYC, और PAN लिंकिंग) के लिए यह जरूरी है।
  3. ऑनलाइन सुविधाओं की पहुंच:
    UIDAI की e-Aadhaar डाउनलोड, पता बदलने या ईमेल अपडेट जैसी सभी सेवाएं OTP से सत्यापित होती हैं।
  4. डिजिटल पहचान की विश्वसनीयता:
    जब मोबाइल नंबर सही होता है, तो यह आपके डिजिटल सिग्नेचर की तरह काम करता है, जिससे कोई भी अनधिकृत व्यक्ति आपकी पहचान का दुरुपयोग नहीं कर सकता।

निष्कर्ष

आधार कार्ड भारत में नागरिकों की पहचान और सरकारी सेवाओं की नींव है। यदि आपका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा नहीं है या पुराना नंबर बंद हो गया है, तो तुरंत अपने नजदीकी आधार सेवा केंद्र जाकर इसे अपडेट कराएं।यह प्रक्रिया न केवल आसान है बल्कि आपके लिए भविष्य में कई सरकारी, बैंकिंग और टैक्स सेवाओं का रास्ता खोल देती है।

UIDAI ने नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा दोनों को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था बनाई है।
इसलिए देर न करें — आज ही नया मोबाइल नंबर अपने आधार कार्ड से लिंक कराएं और डिजिटल इंडिया की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाएं।

आधार PAN लिंक 2025: आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2025, अगर नहीं किया लिंक तो 1 जनवरी से पैन कार्ड होगा इनएक्टिव!

आधार PAN लिंक 2025

आधार PAN लिंक 2025:भारत सरकार ने देशभर के टैक्सपेयर्स और आम नागरिकों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने आधार और पैन कार्ड को लिंक करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2025 तय कर दी है। इसका मतलब यह है कि अब सभी लोगों को इस तारीख तक दोनों दस्तावेज़ों को जोड़ना अनिवार्य होगा। अगर कोई व्यक्ति इस प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं करता है, तो 1 जनवरी 2026 से उसका पैन कार्ड निष्क्रिय (Inactive) कर दिया जाएगा। पैन कार्ड निष्क्रिय होने का सीधा असर आपकी रोजमर्रा की ज़िंदगी और सभी वित्तीय कार्यों पर पड़ेगा, क्योंकि अब लगभग हर आर्थिक लेन-देन में पैन की आवश्यकता होती है।

सरकार का यह निर्णय टैक्स चोरी, फर्जी पैन कार्ड, पहचान की जालसाजी और वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहाँ एक ही व्यक्ति के नाम पर कई पैन कार्ड जारी किए गए, जिससे टैक्स चोरी और अवैध आर्थिक लेन-देन संभव हो रहे थे। आधार और पैन लिंक करने से ऐसी सभी गतिविधियों पर रोक लगाना आसान होगा। इसके अलावा, यह कदम “Digital India” मिशन की दिशा में एक और बड़ा प्रयास है, जिसके तहत नागरिकों की पहचान को डिजिटल रूप से एकीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार का उद्देश्य: पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए बड़ा कदम

सरकार का मुख्य उद्देश्य टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता लाना और वित्तीय लेन-देन को सुरक्षित बनाना है। आज के समय में पैन कार्ड हर आर्थिक गतिविधि का आधार बन चुका है — चाहे वह बैंक खाता खोलना हो, निवेश करना हो या टैक्स भरना। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति अपने पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल करता है या कई पैन बनवाता है, तो सरकार के लिए उस व्यक्ति की सही पहचान करना मुश्किल हो जाता है। आधार और पैन को लिंक करने से यह समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

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इसके साथ ही सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर टैक्सपेयर की पहचान एक ही नंबर से जुड़ी हो। ऐसा करने से टैक्स चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग, फर्जी कंपनियों के संचालन और आर्थिक अपराधों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। आधार नंबर बायोमेट्रिक आधारित पहचान देता है,

जबकि पैन कार्ड वित्तीय गतिविधियों से जुड़ा है। इन दोनों के जुड़ने से एक मजबूत डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम तैयार होता है, जिससे किसी भी प्रकार की फर्जीवाड़े की संभावना लगभग खत्म हो जाती है।सरकार के अनुसार, यह कदम न केवल सुरक्षा के लिहाज से ज़रूरी है बल्कि आम नागरिकों के लिए सुविधा का माध्यम भी बनेगा। भविष्य में किसी भी सरकारी सेवा, टैक्स रिफंड, बैंक वेरिफिकेशन या निवेश संबंधी प्रक्रिया में आधार-पैन लिंकिंग का सीधा फायदा मिलेगा।

आधार PAN लिंक 2025 लिंक न करने पर होगा बड़ा नुकसान, पैन कार्ड हो जाएगा निष्क्रिय

अगर कोई व्यक्ति 31 दिसंबर 2025 तक अपने आधार और पैन कार्ड को लिंक नहीं करता है, तो उसका पैन कार्ड 1 जनवरी 2026 से निष्क्रिय कर दिया जाएगा। एक बार पैन कार्ड निष्क्रिय हो जाने पर व्यक्ति के लिए कई प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न होंगी।

सबसे पहले, व्यक्ति इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं कर पाएगा। इसके अलावा, बैंक अकाउंट खोलना, लोन लेना, क्रेडिट कार्ड बनवाना, म्यूचुअल फंड या शेयर बाज़ार में निवेश करना — ये सब कार्य असंभव हो जाएंगे। अगर कोई व्यक्ति किसी लेन-देन में 50,000 रुपये से अधिक की राशि जमा करता है, तो उसे भी पैन कार्ड देना अनिवार्य होता है। निष्क्रिय पैन कार्ड होने पर यह सब कार्य कानूनी रूप से नहीं किए जा सकेंगे।

इसके अलावा, जिनका पैन इनएक्टिव हो जाएगा, उन्हें भविष्य में इसे दोबारा सक्रिय (reactivate) करने के लिए ₹1,000 रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है। आयकर विभाग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि यह आखिरी मौका है और अब लगातार तारीख बढ़ाने की संभावना बहुत कम है। इसलिए सभी लोगों से अपील की जा रही है कि वे समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर लें।

आधार PAN लिंक 2025:कैसे करें आधार और पैन को लिंक, आसान तरीका ऑनलाइन

आधार और पैन को लिंक करना बहुत ही सरल प्रक्रिया है, जिसे आप घर बैठे अपने मोबाइल या लैपटॉप से पूरा कर सकते हैं। इसके लिए किसी एजेंट या साइबर कैफे जाने की जरूरत नहीं है।

स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. सबसे पहले आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://www.incometax.gov.in/ पर जाएँ।
  2. होमपेज पर “Link Aadhaar” का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करें।
  3. अब आपको अपना PAN नंबर, आधार नंबर, और नाम भरना होगा।
  4. इसके बाद “Link Aadhaar” बटन पर क्लिक करें।
  5. आपके मोबाइल पर OTP आएगा, जिसे वेरिफाई करने के बाद लिंकिंग प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

यदि आपका आधार पहले से पैन से जुड़ा हुआ है, तो सिस्टम आपको “Your PAN is already linked with Aadhaar” का संदेश दिखा देगा। इस प्रक्रिया में 2 से 3 मिनट से ज्यादा समय नहीं लगता।

कौन हैं जिनको लिंक करने की जरूरत नहीं?

सभी लोगों को यह प्रक्रिया करनी जरूरी नहीं है। कुछ विशेष श्रेणियों को इससे छूट दी गई है।
उदाहरण के तौर पर:

  • NRI (Non-Resident Indians)
  • विदेशी नागरिक, जो भारत में टैक्स नहीं भरते
  • 80 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, जिन्हें कुछ मामलों में छूट मिल सकती है
  • असम, मेघालय और जम्मू-कश्मीर जैसे विशेष राज्यों के निवासी (जहाँ पर आधार अनिवार्य नहीं था)

लेकिन अगर आपने भारत में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया है या आपके नाम से बैंक खाता, निवेश या अन्य वित्तीय गतिविधियाँ हैं, तो आपके लिए यह प्रक्रिया करना जरूरी है।

सरकार का संदेश: डिजिटल इंडिया की दिशा में एक कदम

भारत सरकार का यह फैसला “डिजिटल इंडिया” मिशन के अनुरूप है, जिसका मकसद है देश को एक डिजिटल और पारदर्शी अर्थव्यवस्था की ओर ले जाना। जब सभी पहचान और वित्तीय दस्तावेज़ एक ही नेटवर्क से जुड़े होंगे, तो किसी भी प्रकार की फर्जी पहचान, टैक्स चोरी या आर्थिक अपराध का पता लगाना आसान होगा।

इससे न केवल सरकार को लाभ होगा बल्कि नागरिकों के लिए भी कई प्रक्रियाएँ सरल हो जाएंगी। अब नागरिकों को टैक्स फाइलिंग, रिफंड, बैंकिंग और निवेश से जुड़ी सेवाओं में अलग-अलग दस्तावेज़ देने की जरूरत नहीं होगी। एक ही लिंकिंग से सब कुछ वेरिफाई हो सकेगा।

सरकार ने इस प्रक्रिया को लेकर जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। टीवी, अखबारों, सोशल मीडिया और सरकारी वेबसाइटों के ज़रिए लोगों से कहा जा रहा है कि वे जल्द से जल्द आधार और पैन कार्ड लिंक करा लें। यह कदम एक तरफ सुरक्षा का प्रतीक है तो दूसरी तरफ डिजिटल पारदर्शिता की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

आखिरी तारीख को न भूलें — वरना पड़ेगा पछताना

अगर आपने अब तक अपने आधार और पैन कार्ड को लिंक नहीं किया है, तो समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर लें। 31 दिसंबर 2025 की तारीख बीतने के बाद आपका पैन कार्ड स्वतः इनएक्टिव हो जाएगा। एक बार पैन निष्क्रिय होने पर आपको दोबारा उसे एक्टिव करवाने के लिए जुर्माना देना होगा और उस अवधि में आप कोई भी बड़ा आर्थिक काम नहीं कर पाएँगे।

इसलिए ध्यान रखें कि यह कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि आपके वित्तीय जीवन की सुरक्षा से जुड़ा कदम है। आधार और पैन लिंक करके न केवल आप सरकारी नियमों का पालन करेंगे, बल्कि अपने आर्थिक भविष्य को भी सुरक्षित करेंगे।

IIT Delhi GPS Research:“चौंकाने वाला खुलासा! IIT Delhi की रिपोर्ट ने बताया, GPS आपकी हर गतिविधि रिकॉर्ड कर रहा है”जानिए पूरा सच!”

IIT Delhi GPS Research

IIT Delhi GPS Research:आज की डिजिटल दुनिया में मोबाइल फोन सिर्फ एक संचार माध्यम नहीं रह गया है — यह हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। फोन के सेंसर, कैमरा, और GPS जैसी तकनीकें हमारे रोज़मर्रा के कामों को आसान बनाती हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये सुविधाएं आपकी प्राइवेसी पर कितना असर डाल सकती हैं?

हाल ही में IIT Delhi GPS Research ने यही सवाल फिर से चर्चा में ला दिया है। इस अध्ययन में यह सामने आया है कि एक साधारण स्मार्टफोन, सिर्फ GPS लोकेशन ऑन करने से, आपकी गतिविधियों को लगभग 87% सटीकता से ट्रैक कर सकता है।
यह खुलासा न केवल हैरान करने वाला है बल्कि यह डिजिटल प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा के प्रति हमारी जागरूकता पर भी सवाल उठाता है।

IIT Delhi की रिसर्च में क्या मिला?

IIT दिल्ली के शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन को करने के लिए कई तरह के मोबाइल डिवाइस और GPS आधारित ऐप्स का परीक्षण किया। इसमें यह पाया गया कि जब यूज़र लोकेशन ऑन करता है, तो उसका फोन न केवल उसकी वर्तमान स्थिति बताता है बल्कि यह भी रिकॉर्ड करता है कि वह व्यक्ति कहां गया, कब गया और कितने समय तक वहाँ रुका।IIT Delhi की आधिकारिक वेबसाइट पर हाल की रिसर्च रिपोर्ट देखें।”

रिसर्च टीम ने बताया कि GPS सिस्टम डेटा को 87% तक सटीकता से डिटेक्ट करता है, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि व्यक्ति कौन सी सड़क से गुज़रा, कौन सा रेस्टोरेंट गया या वह कितनी देर पार्क में बैठा रहा।

इस रिसर्च में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कई मोबाइल एप्लिकेशन, चाहे वे नेविगेशन ऐप हों या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, यूज़र की लोकेशन को लगातार रिकॉर्ड करते रहते हैं — भले ही यूज़र को इस बात की जानकारी न हो। IIT दिल्ली की टीम ने कहा कि इस डेटा का इस्तेमाल कंपनियां टारगेटेड विज्ञापन, यूज़र बिहेवियर एनालिसिस और कई बार अन्य व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए करती हैं।

आपकी प्राइवेसी के लिए यह कितना खतरनाक है?

जब आप लोकेशन ऑन करते हैं, तो आपके फोन में मौजूद हर ऐप को यह तय करने का मौका मिलता है कि वह इस डेटा का क्या करे।
IIT Delhi GPS Researchमें पाया गया कि कई ऐप्स बैकग्राउंड में आपकी लोकेशन हिस्ट्री, मूवमेंट पैटर्न और विजिट की गई जगहों की लिस्ट कलेक्ट करती रहती हैं। यह डेटा बाद में सर्वर पर स्टोर होता है, जिसे तीसरे पक्षों के साथ शेयर भी किया जा सकता है।

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संभावित खतरे:

  1. डेटा लीक (Data Leak): अगर किसी ऐप या सर्वर की सुरक्षा कमजोर है, तो आपका पर्सनल लोकेशन डेटा साइबर अपराधियों के हाथ लग सकता है।
  2. टारगेटेड फिशिंग: हैकर्स इस डेटा का उपयोग आपको फिशिंग ईमेल या फर्जी लिंक भेजने के लिए कर सकते हैं।
  3. अनचाहा ट्रैकिंग: कुछ कंपनियां या ऐप्स आपकी गतिविधियों को लगातार मॉनिटर करती हैं ताकि आपके व्यवहार को समझ सकें।

इसका सबसे बड़ा नुकसान यह है कि आपकी स्वतंत्रता और निजता दोनों पर असर पड़ता है।

IIT Delhi GPS Research,विशेषज्ञों की सलाह: कैसे बचें GPS ट्रैकिंग से?

IIT Delhi GPS Research टीम ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं जो आम यूज़र्स के लिए बेहद उपयोगी हैं। इन उपायों से आप अपनी डिजिटल प्राइवेसी को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं।

  1. लोकेशन केवल जरूरत पर ही ऑन करें:
    अगर आपको किसी ऐप में लोकेशन की आवश्यकता नहीं है, तो उसे बंद रखें। Google Maps, Uber या Zomato जैसे ऐप्स के अलावा, ज्यादातर ऐप्स को निरंतर लोकेशन की जरूरत नहीं होती।
  2. App Permissions चेक करें:
    अपने मोबाइल की सेटिंग्स में जाकर देखें कि किन ऐप्स को लोकेशन एक्सेस की अनुमति दी गई है। जिन ऐप्स को जरूरत नहीं, उनके लिए यह परमिशन हटा दें।
  3. बैकग्राउंड ऐप्स को बंद रखें:
    कई बार ऐप्स तब भी डेटा कलेक्ट करती हैं जब वे खुली नहीं होतीं। इसलिए नियमित रूप से बैकग्राउंड ऐप्स को क्लियर करें।
  4. VPN और Privacy Tools का प्रयोग करें:
    अगर आप अक्सर पब्लिक Wi-Fi का इस्तेमाल करते हैं, तो VPN का उपयोग करें ताकि आपका लोकेशन डेटा एन्क्रिप्टेड रहे।
  5. डिवाइस अपडेट करें:
    फोन के OS और ऐप्स को समय-समय पर अपडेट करते रहें। कई बार सिक्योरिटी अपडेट्स ऐसे ही ट्रैकिंग बग्स को ठीक करते हैं।

IIT Delhi GPS Research में डिजिटल युग में निजता की नई परिभाषा

IIT दिल्ली की इस रिसर्च से यह बात फिर साबित होती है कि टेक्नोलॉजी जितनी शक्तिशाली होती जा रही है, उतनी ही वह हमारी निजी ज़िंदगी में गहराई तक प्रवेश कर रही है।
आज एक स्मार्टफोन हमारे पूरे दिन की कहानी बयां कर सकता है — कब हम उठे, कहाँ गए, किससे मिले और कब वापस आए।

यही कारण है कि विशेषज्ञ लगातार “डिजिटल प्राइवेसी अवेयरनेस बढ़ाने की बात कर रहे हैं।
दुनिया के कई देशों ने डेटा सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाए हैं, जैसे कि GDPR (General Data Protection Regulation), लेकिन भारत में अब भी बहुत से लोग इस विषय पर जागरूक नहीं हैं।

भारत सरकार ने भी डेटा प्रोटेक्शन एक्ट लाने की दिशा में कदम उठाए हैं, जिससे नागरिकों की निजी जानकारी को बेहतर तरीके से सुरक्षित किया जा सके।

निष्कर्ष

IIT Delhi GPS Research हमें यह सिखाती है कि तकनीक पर भरोसा जरूरी है, लेकिन सावधानी के साथ।
हर व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि उसका फोन सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि उसके जीवन की डिजिटल डायरी है।
अगर यह गलत हाथों में चला जाए, तो आपकी निजी जानकारी, तस्वीरें और लोकेशन तक खतरे में पड़ सकती हैं।

इसलिए याद रखें:

  • हर ऐप को लोकेशन एक्सेस न दें।
  • बैकग्राउंड डेटा ट्रैकिंग को बंद रखें।
  • और समय-समय पर अपने डिजिटल प्राइवेसी सेटिंग्स की जांच करते रहें।

तकनीक हमारी मदद के लिए बनी है, हमारे खिलाफ नहीं — बशर्ते हम इसका इस्तेमाल समझदारी से करें।
आपकी सुरक्षा, आपके हाथ में है।

NDA का बड़ा ऐलान! अब बिहार के किसानों को मिलेंगे ₹9,000 – जानिए पूरी योजना”

NDA

PATNA: NDA का संकल्प 2025 बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए ने अपने संकल्प पत्र के जरिए राज्य के किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का वादा किया है। “समृद्ध किसान, मजबूत बिहार” के नारे के साथ पेश किया गया यह दस्तावेज़ न केवल किसानों की आय बढ़ाने की बात करता है, बल्कि राज्य की कृषि अधोसंरचना को मज़बूत बनाने पर भी ज़ोर देता है।

बीजेपी बिहार इकाई द्वारा जारी ट्वीट में कहा गया है —

“एनडीए का संकल्प — समृद्ध किसान, मजबूत बिहार। किसान सम्मान निधि ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000। मछली पालकों को ₹4,500 से बढ़ाकर ₹9,000 सहायता राशि। पंचायत स्तर पर प्रमुख फसलों की एमएसपी पर खरीद। एग्री-इंफ्रास्ट्रक्चर में ₹1 लाख करोड़ का निवेश।”

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Gaya Weather Today LIVE: गया में अचानक तापमान गिरा, भारी बारिश की चेतावनी!

Gaya Weather Today

बिहार के ऐतिहासिक शहर गया (Gaya) में आज का दिन मौसम के लिहाज़ से बेहद दिलचस्प रहने वाला है। Gaya weather today के अनुसार सुबह के समय हल्का कोहरा और बादलों की चादर देखने को मिल रही है। तापमान करीब 24°C है और हवा में नमी बनी हुई है। जैसे-जैसे दिन बढ़ेगा, सूरज की हल्की झलक दिखेगी लेकिन दोपहर में बादलों की वापसी और हल्की बारिश की संभावना भी है। गया का यह मौसम यात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए एक सुखद अनुभव दे सकता है।

सुबह का हाल: ठंडी हवा और हल्की धुंध

सुबह के वक्त Gaya weather today थोड़ा ठंडा और नम दिखाई दे रहा है। तापमान करीब 24 से 25°C के बीच है और हवा की गति हल्की है। गया के लोगों के लिए सुबह की चाय या मंदिर दर्शन के समय यह मौसम बहुत ही मनभावन लग सकता है। धुंध के कारण विज़िबिलिटी थोड़ी कम है, इसलिए अगर आप वाहन चला रहे हैं तो सावधानी ज़रूर बरतें। इस समय हवा में हल्की ठंडक और मिट्टी की खुशबू लोगों के दिन की बेहतरीन शुरुआत बना रही है।

दोपहर का मौसम: बादलों की दस्तक और बारिश की संभावना

दोपहर तक Gaya weather today में हल्का बदलाव देखने को मिलेगा। आसमान में बादल छाने लगेंगे और तापमान लगभग 27°C से 28°C तक पहुंच जाएगा। मौसम विभाग के मुताबिक दोपहर के आसपास हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। इस वजह से उमस थोड़ी बढ़ सकती है लेकिन गर्मी से राहत भी मिलेगी। अगर आप बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो छाता या रेनकोट साथ रखना न भूलें। गया के बाजार और गलियों में इस समय की ठंडी हवाएं लोगों को राहत देती हैं।

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शाम का नज़ारा: ठंडक और गरज के साथ बारिश

शाम के समय Gaya weather today और भी रोमांचक हो जाता है। लगभग 5 बजे के बाद गरज के साथ बारिश की संभावना रहती है। तापमान घटकर 26°C के करीब आ जाता है और हवाएं चलने लगती हैं। इस मौसम में गया का दृश्य बेहद खूबसूरत लगता है — बोधगया, फल्गु नदी के तट और विष्णुपद मंदिर के आस-पास की फिज़ा में ठंडक भर जाती है। स्थानीय लोग चाय-पकौड़ों का मज़ा लेते हैं और पर्यटक इस अद्भुत मौसम का आनंद उठाते हैं।

रात का हाल: हल्की ठंड और शांत वातावरण

रात के वक्त Gaya weather today ठंडा और शांत रहेगा। तापमान 24°C के आसपास रहेगा और आसमान में हल्के बादल बने रहेंगे। हवा में नमी और ठंडक दोनों का एहसास होगा। यह समय परिवार के साथ बाहर टहलने या घर की बालकनी से ठंडी हवाओं का आनंद लेने के लिए उत्तम है। किसानों और मजदूरों के लिए यह मौसम आरामदायक है क्योंकि अब गर्मी की तपिश नहीं है।

स्थानीय जीवन पर असर

यहां के दैनिक जीवन पर साफ़ दिखाई देता है। बारिश और ठंडक के कारण सब्जियों और फसलों की वृद्धि में सुधार देखने को मिलता है। वहीं, छोटे दुकानदारों के लिए यह मौसम व्यापार के लिहाज़ से अनुकूल रहता है क्योंकि लोग चाय, स्नैक्स और गर्म कपड़ों की ओर रुख करते हैं।

बच्चों के लिए यह मौसम स्कूल के बाद खेलने का आदर्श समय बन जाता है।अगर आप आज गया घूमने आए हैं, तो Gaya weather today के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं। दिन के समय हल्की बारिश संभव है, इसलिए वाटरप्रूफ जूते और छाता ज़रूर रखें। बोधगया और विष्णुपद मंदिर जैसे स्थानों पर घूमते समय मौसम का आनंद लें, लेकिन भीड़भाड़ के समय सावधानी बरतें। हल्के सूती कपड़े और शाम के लिए हल्की जैकेट साथ रखना अच्छा रहेगा।

कुल मिलाकर Gaya weather today शहर के लोगों और पर्यटकों के लिए राहत और सुकून लेकर आया है। सुबह की ठंडक, दोपहर की हल्की बारिश और शाम की ठंडी हवा—सब मिलकर गया के मौसम को और भी खूबसूरत बना रहे हैं। ऐसे मौसम में गया की प्राकृतिक सुंदरता निखर जाती है और लोग अपने दिन को और अधिक आनंदमय बना पाते हैं।

Cyclone Montha Weather Forecast 2025: भारत एक और भीषण तूफान का सामना करने जा रहा है , जाने खास रिपोर्ट

Cyclone Montha Weather Forecast 2025

भारत में मौसम के बदलते स्वरूप के बीच Cyclone Montha Weather Forecast 2025 इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) और अंतरराष्ट्रीय मौसम एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, यह तूफान बंगाल की खाड़ी में तेजी से सक्रिय हो रहा है और अगले कुछ दिनों में इसका प्रभाव आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।
यह एक गहरे दबाव वाला चक्रवात बन चुका है जो 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चला सकता है। इसके साथ ही भारी वर्षा, समुद्री लहरों का ऊंचा उठना और बिजली गिरने जैसी घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं।

Cyclone Montha Weather Forecast 2025: मौसम विभाग की चेतावनी और स्थिति

भारतीय मौसम विभाग की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, Cyclone Montha Weather Forecast 2025 बताता है कि यह चक्रवात 2 से 4 नवंबर 2025 के बीच भारत के पूर्वी तटों से टकरा सकता है। इस दौरान दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में तेज़ हवाओं और लगातार बारिश के संकेत मिल रहे हैं।
इस Cyclone Montha के अनुसार, आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम, श्रीकाकुलम, ओडिशा के गंजाम, गजपति, और पश्चिम बंगाल के दिग्घा जैसे क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि चक्रवात का केंद्र समुद्र में बन चुका है और धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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इस Cyclone Montha Weather Forecast 2025 में बताया गया है कि समुद्र में ऊंची लहरें (3 से 5 मीटर तक) उठ सकती हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। इसके अलावा, तटीय जिलों में स्थानीय प्रशासन ने राहत शिविर और बचाव टीमों को अलर्ट पर रखा है।

Cyclone Montha Weather Forecast 2025: लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम

जब Cyclone Montha Weather Forecast 2025 में गंभीर तूफान की संभावना दिखाई दे रही हो, तो सबसे जरूरी है कि लोग सजग और तैयार रहें। प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने से जान-माल की हानि को काफी हद तक रोका जा सकता है।

  1. घर में सुरक्षित स्थान चुनें:
    अगर आप तटीय इलाके में रहते हैं, तो Cyclone Montha Weather Forecast 2025 के अनुसार अपने घर के सबसे सुरक्षित कमरे में रहें, जहां खिड़कियाँ मजबूत हों।
  2. आवश्यक वस्तुओं की तैयारी रखें:
    बारिश और बिजली कटौती की संभावना को देखते हुए, खाने-पीने की वस्तुएं, टॉर्च, बैटरी, चार्जर, और फर्स्ट एड किट अपने पास रखें।
  3. मीडिया और सरकारी अपडेट पर ध्यान दें:
    कई बार Cyclone Montha Weather Forecast 2025 में अचानक दिशा या तीव्रता बदल सकती है। इसलिए टीवी, रेडियो, और मोबाइल अलर्ट पर नजर बनाए रखें।
  4. समुद्र से दूरी बनाएं रखें:
    मछुआरे या तटीय लोग समुद्र में जाने से बचें क्योंकि Cyclone Montha Weather Forecast 2025 ने चेताया है कि लहरें सामान्य से दोगुनी ऊंची हो सकती हैं।
  5. स्थानीय प्रशासन से सहयोग करें:
    अगर राहत शिविर या निकासी (evacuation) का आदेश मिले, तो तुरंत उसका पालन करें।

असर और संभावित नुकसान

Cyclone Montha Weather Forecast 2025 के मुताबिक यह तूफान न सिर्फ तटीय इलाकों बल्कि अंदरूनी राज्यों पर भी प्रभाव डाल सकता है। ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, और बिहार के दक्षिणी हिस्सों में तेज हवाएं और भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, Cyclone Montha Weather Forecast 2025 में 150 मिलीमीटर से अधिक वर्षा की संभावना है। इससे कई क्षेत्रों में बाढ़, सड़क जाम, बिजली कटौती और पेड़ों के गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह तूफान किसानों के लिए भी बड़ी चुनौती हो सकता है। धान और सब्ज़ियों की फसल पर इसका गहरा असर पड़ेगा।
पर्यावरणविदों का कहना है कि Cyclone Montha Weather Forecast 2025 इस बात की चेतावनी है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) समुद्री तूफानों की आवृत्ति और तीव्रता दोनों बढ़ा रहा है।

Cyclone Montha Weather Forecast 2025: सरकार की तैयारियां और राहत कार्य

सरकार ने Cyclone Montha Weather Forecast 2025 के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 60 से अधिक टीमें तैनात कर दी हैं।
रेलवे और एयरलाइंस ने कई ट्रेनों और उड़ानों को रद्द या पुनर्निर्धारित किया है। तटीय क्षेत्रों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और लोगों को अपने घरों में सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।

Cyclone Montha Weather Forecast 2025 के अनुसार, तूफान के बाद राहत और पुनर्वास कार्य भी तेजी से शुरू किए जाएंगे। बिजली, पानी और सड़क सेवाओं को बहाल करने के लिए पहले से तैयारी की जा रही है।
प्रधानमंत्री और संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने आपात बैठक बुलाकर स्थिति की निगरानी शुरू कर दी है।

जनता की भूमिका और जागरूकता

हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि Cyclone Montha Weather Forecast 2025 में दी गई चेतावनी को गंभीरता से ले।
सोशल मीडिया पर गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने से बचें और सिर्फ सरकारी स्रोतों (IMD, NDMA, राज्य सरकार के पोर्टल) से प्राप्त सूचना पर भरोसा करें।
स्वयंसेवी संगठन और युवा भी राहत कार्यों में हाथ बंटा सकते हैं।

Cyclone Montha Weather Forecast 2025 से यह साफ है कि आने वाले वर्षों में हमें तूफानों और जलवायु संकटों के लिए और अधिक सजग रहना होगा। यही समय है जब हम प्रकृति के साथ तालमेल बिठाने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

निष्कर्ष

Cyclone Montha Weather Forecast 2025 सिर्फ एक मौसम रिपोर्ट नहीं है — यह जीवन की सुरक्षा का संदेश है।
तूफान आएंगे, लेकिन तैयारी, जागरूकता और सहयोग से उनके प्रभाव को कम किया जा सकता है।
भारत ने पहले भी कई बार ऐसे चक्रवातों से जंग लड़ी है और हर बार मजबूत बनकर उभरा है।
इस बार भी यदि हम सब एकजुट होकर “Cyclone Montha Weather Forecast 2025” में दिए निर्देशों का पालन करें, तो हम इस प्राकृतिक चुनौती को भी मात दे सकते हैं।

Tulsi Vivah Keb Hai 2025: dev uthani ekadashi kab hai,तुलसी विवाह कब है 2025 की तिथि, पूजा विधि और महत्व

Tulsi Vivah Keb Hai 2025

tulsi vivah keb hai 2025 हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और शुभ पर्वों में से एक है। यह दिन भगवान विष्णु और तुलसी माता के विवाह के रूप में मनाया जाता है। इस पर्व का धार्मिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टि से बड़ा महत्व है। भारत में यह पर्व हर साल कार्तिक माह की शुक्ल एकादशी तिथि को मनाया जाता है, जिसे देव उठनी एकादशी भी कहा जाता है। आइए जानते हैं इस बार पूजा विधि, कथा और महत्व के बारे में विस्तार से।

2025 में तुलसी विवाह कब है? | dev uthani ekadashi kab hai 2025 Date and Time

हिंदू पंचांग के अनुसार tulsi vivah keb hai 2025 की तिथि 2 नवंबर 2025, रविवार के दिन है।
कार्तिक शुक्ल एकादशी की यह तिथि 1 नवंबर 2025 की रात 10:18 बजे से शुरू होकर 2 नवंबर की रात 8:52 बजे तक रहेगी।
इस दिन भगवान विष्णु अपने चार महीने के शयन से जागते हैं और उसी के साथ तुलसी माता का विवाह शालिग्राम (विष्णु) से होता है। इस प्रकार शुभ कार्यों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

तुलसी विवाह का महत्व | Importance of Tulsi Vivah Keb Hai 2025

हिंदू परंपरा में tulsi vivah का अत्यधिक धार्मिक महत्व है। माना जाता है कि इस दिन विवाह करने या किसी नए कार्य की शुरुआत करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। तुलसी माता को देवी लक्ष्मी का अवतार कहा गया है और भगवान विष्णु उनके पति माने जाते हैं।
tulsi vivah keb hai 2025 के दिन महिलाएं व्रत रखकर अपने परिवार की सुख-शांति और वैवाहिक जीवन की समृद्धि की कामना करती हैं।

पूजा विधि | Tulsi Vivah Keb Hai 2025 Puja Vidhi

tulsi vivah keb hai 2025 के दिन सुबह स्नान कर घर की साफ-सफाई की जाती है और तुलसी चौरा को सजाया जाता है। तुलसी के पौधे को नई चुनरी, बिंदी, कंगन और सुहाग के आभूषणों से सजाया जाता है। फिर शालिग्राम भगवान या भगवान विष्णु की मूर्ति के साथ तुलसी माता का विवाह कराया जाता है।
इस दौरान महिलाएं मंगल गीत गाती हैं और पारंपरिक विधि से पूजा करती हैं।तुलसी विवाह के अवसर पर फल, मिठाई, और प्रसाद वितरित किया जाता है।

तुलसी विवाह की कथा | Tulsi Vivah Keb Hai 2025 Katha

tulsi vivah keb hai 2025 का संबंध वृंदा और जालंधर की कथा से जुड़ा है। पुराणों के अनुसार वृंदा नामक एक पतिव्रता स्त्री थी, जो असुरराज जालंधर की पत्नी थी। वृंदा की भक्ति और सत्यता से भगवान विष्णु इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने उसे वरदान दिया कि वह धरती पर तुलसी के रूप में पूजी जाएगी।
भगवान विष्णु ने स्वयं तुलसी से विवाह करने का वचन दिया, और तभी से tulsi vivah का पर्व मनाया जाता है। यह कथा भगवान विष्णु और तुलसी माता के दिव्य मिलन का प्रतीक है।

तुलसी विवाह के दिन क्या करें और क्या न करें | What to Do and Avoid on Tulsi Vivah Keb Hai 2025

tulsi vivah keb hai 2025 के दिन व्रत रखकर तुलसी माता और भगवान विष्णु की आराधना करनी चाहिए।
इस दिन तुलसी माता को दूध, गंगाजल, लाल चुनरी और सिंदूर अर्पित किया जाता है। महिलाएं पारंपरिक वस्त्र पहनती हैं और शुभ मंगल गीत गाती हैं।

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इस दिन मांस, मदिरा या किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन का सेवन नहीं किया जाता।
कहा जाता है कि tulsi vivah keb hai 2025 के दिन जो व्यक्ति सच्चे मन से पूजा करता है, उसे विवाह-सुख, संतान-सुख और धन-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

तुलसी विवाह और देव उठनी एकादशी का संबंध | Connection of with Dev Uthani Ekadashi

tulsi vivah keb hai 2025 का संबंध सीधे देव उठनी एकादशी से है।
चार महीने के चातुर्मास में जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं, तब कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता।
लेकिन tulsi vivah keb hai 2025 के दिन भगवान विष्णु अपने शयन से जागते हैं, और इसी दिन से विवाह जैसे शुभ कार्यों की शुरुआत मानी जाती है। इसलिए इस दिन को देव जागरण का दिन भी कहा जाता है।

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तुलसी विवाह का सामाजिक और पारिवारिक महत्व | Social Significance

tulsi vivah keb hai 2025 केवल धार्मिक पर्व ही नहीं बल्कि पारिवारिक एकता और प्रेम का प्रतीक भी है।
ग्रामीण भारत में इस दिन लोग सामूहिक रूप से तुलसी विवाह का आयोजन करते हैं। महिलाएं और बच्चे इस उत्सव में भाग लेते हैं और इसे परिवार-समान माहौल में मनाते हैं।यह संदेश मिलता है कि श्रद्धा, विश्वास और भक्ति जीवन में खुशियों की कुंजी हैं।

निष्कर्ष

अंत में कहा जा सकता है कि tulsi vivah का पर्व हिंदू समाज के लिए अत्यंत पवित्र और प्रेरणादायक है। यह न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि पारिवारिक एकता और प्रेम का संदेश भी देता है।
इस दिन भगवान विष्णु और तुलसी माता का विवाह करके व्यक्ति अपने जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।
अगर आप भी जानना चाहते हैं कि tulsi vivah keb hai 2025, तो याद रखिए — यह पर्व 2 नवंबर 2025, रविवार को मनाया जाएगा।