BSEB 10th Final Admit Card 2026: बिहार बोर्ड मैट्रिक फाइनल एडमिट कार्ड जनवरी 2026 में जारी होगा, छात्रों की तैयारी तेज — जानें पूरी अपडेट

BSEB 10th Final Admit Card 2026

BSEB 10th Final Admit Card 2026:बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने मैट्रिक परीक्षा 2026 के लिए अपनी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं। बोर्ड सूत्रों और पिछले वर्षों के पैटर्न के अनुसार, बिहार बोर्ड 10वीं फाइनल एडमिट कार्ड 2026 को जनवरी 2026 के पहले या दूसरे सप्ताह में जारी किए जाने की संभावना है। बिहार बोर्ड हर साल फरवरी में आयोजित होने वाली मैट्रिक परीक्षा से लगभग 10–15 दिन पहले फाइनल एडमिट कार्ड उपलब्ध कराता है। इसी क्रम में इस बार भी एडमिट कार्ड समय से जारी किया जाएगा, जिससे छात्रों को परीक्षा केंद्र और अन्य जानकारी समय रहते मिल सके।

नवंबर 2025 में बोर्ड द्वारा जारी Dummy Admit Card के बाद सुधार प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। अब बोर्ड विद्यार्थियों को सही विवरण के साथ फाइनल एडमिट कार्ड उपलब्ध कराएगा, जिसे केवल स्कूल प्रिंसिपल ही आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। छात्रों द्वारा सीधे डाउनलोड करने की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं रहती है, इसलिए उन्हें अपने-अपने विद्यालय से संपर्क करना आवश्यक होगा।

परीक्षा तिथि, केंद्र, रोल नंबर, विषय कोड, फोटो, हस्ताक्षर और व्यक्तिगत जानकारी इसी फाइनल एडमिट कार्ड पर होती है। परीक्षा के दिन इसे साथ ले जाना अनिवार्य होगा। बिहार बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष भी पेपर लीक रोकने और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए सख्त नियम लागू रहेंगे।

जनवरी 2026 में जारी होगा BSEB 10th Final Admit Card — कब और कैसे मिलेगा?

बिहार बोर्ड हर साल 10वीं कक्षा का फाइनल एडमिट कार्ड जनवरी के पहले पखवाड़े में जारी करता है। इस परंपरा को देखते हुए इस बार भी फाइनल एडमिट कार्ड जनवरी 2026 के पहले सप्ताह से उपलब्ध हो सकता है। BSEB 10th Final Admit Card 2026 बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर एडमिट कार्ड डाउनलोड लिंक स्कूलों के लिए ही सक्रिय किया जाता है।

यह भी पढ़ें:-Bihar Board Inter Exam 2026: ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि 12 अक्टूबर तक बढ़ी, जानिए पूरी प्रक्रिया

स्कूल कैसे डाउनलोड करेंगे एडमिट कार्ड?

स्कूल प्रिंसिपल अपने लॉगिन क्रेडेंशियल का उपयोग करके नीचे दी गई आधिकारिक वेबसाइटों पर लॉगिन करते हैं:

  • secondary.biharboardonline.com
  • biharboardonline.bihar.gov.in

लॉगिन करने के बाद, स्कूल छात्र सूची से संबंधित बच्चे का एडमिट कार्ड डाउनलोड कर उसे प्रिंट कर देता है। प्रिंटेड कॉपी पर प्रिंसिपल की मुहर और हस्ताक्षर अनिवार्य होते हैं, तभी वह बोर्ड मान्य होता है। इसके बाद यह एडमिट कार्ड छात्रों को वितरण के लिए दिया जाता है।

छात्र सीधे एडमिट कार्ड क्यों नहीं डाउनलोड कर सकते?

बिहार बोर्ड सुरक्षा कारणों से मैट्रिक और इंटर का फाइनल एडमिट कार्ड सीधे छात्रों को डाउनलोड करने की अनुमति नहीं देता। इससे यह सुनिश्चित होता है कि
1. गलत जानकारी में बदलाव न किया जा सके
2. परीक्षा केंद्र की जानकारी सीमित समय तक ही सार्वजनिक रहे
3. सुरक्षा कारणों से परीक्षा केंद्रों पर भीड़ न हो

इसलिए छात्र केवल स्कूल द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रिंटेड कॉपी ही प्राप्त कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें:-BPSC TRE 4.0 भर्ती 2025: बिहार में शिक्षक बहाली पर बड़ा अपडेट, नोटिफिकेशन जल्द, 27,910 पदों पर मौका

एडमिट कार्ड जारी होने के बाद क्या करें?

छात्रों को अपने एडमिट कार्ड में निम्नलिखित जानकारियों को ध्यानपूर्वक जांचना चाहिए:

  • पूरा नाम और स्पेलिंग
  • माता-पिता का नाम
  • फोटो और हस्ताक्षर
  • परीक्षा केंद्र का नाम और पता
  • रोल नंबर, रोल कोड
  • विषयों की सूची और कोड
  • परीक्षा तिथि और शिफ्ट

अगर किसी प्रकार की त्रुटि मिलती है, तो तुरंत स्कूल प्रशासन से संपर्क करें। सामान्यतः फाइनल एडमिट कार्ड में सुधार संभव नहीं होता, इसलिए पहले डमी एडमिट कार्ड सुधार प्रक्रिया को ही बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 कब होगी? — शेड्यूल और पैटर्न की पूरी जानकारी

पिछले वर्षों के शेड्यूल को देखते हुए बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा फरवरी के तीसरे सप्ताह में आयोजित करता है। इसी अनुसार इस बार भी 17 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 के बीच परीक्षा आयोजित किए जाने की संभावना जताई जा रही है। बोर्ड ने पहले ही परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया है, जिसमें फरवरी में मैट्रिक परीक्षा का उल्लेख है।

परीक्षा दो शिफ्टों में होगी

बिहार बोर्ड हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित करेगा—

  1. पहली शिफ्ट: सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक
  2. दूसरी शिफ्ट: दोपहर 1:45 बजे से 5:00 बजे तक

प्रत्येक परीक्षा के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए दिया जाता है।

OMR और Answer Sheet दोनों पर आधारित परीक्षा

मैट्रिक की कई परीक्षाओं में एक हिस्सा ऑब्जेक्टिव (MCQ) और एक हिस्सा Subjective रहता है।
OMR शीट पर सावधानी से भरना बेहद जरूरी है, अन्यथा उत्तर गलत माने जा सकते हैं।

केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

बोर्ड ने इस बार भी
CCTV निगरानी
बायोमेट्रिक उपस्थिति
Flying Squad
मोबाइल और गैजेट पर प्रतिबंध
जैसी व्यवस्थाएँ पहले से ही तय कर ली हैं, ताकि परीक्षा नकल रहित और सुरक्षित तरीके से पूरी कराई जा सके।

फाइनल एडमिट कार्ड के महत्व और छात्रों के लिए जरूरी निर्देश

फाइनल एडमिट कार्ड किसी भी छात्र के लिए परीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। इसके बिना छात्र को परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं दिया जाता। इसलिए इसे प्राप्त करने के बाद छात्र इसे प्लास्टिक कवर में सुरक्षित रखें और परीक्षा के दिन समय से पहले केंद्र पर पहुँचें।

बोर्ड की ओर से जारी प्रमुख निर्देश

समय पर परीक्षा केंद्र पहुँचे – कम से कम 30 मिनट पहले
1. एडमिट कार्ड और स्कूल आईडी दोनों साथ रखें
2. केंद्र पर मोबाइल फोन, ईयरफोन, स्मार्टवॉच आदि ले जाना प्रतिबंधित
3. किसी भी प्रकार के नोट्स या कागज़ पर हमेशा निगरानी
4. परीक्षा समाप्त होने तक अनुशासन बनाए रखें

छात्रों की आम गलतियाँ जिनसे बचना चाहिए

बहुत देर से केंद्र पर पहुँचना – गेट समय पर ही बंद हो जाता है

गलत पेन का उपयोग – OMR के लिए केवल ब्लैक/ब्लू बॉल पेन

OMR शीट पर काट-छांट – इससे उत्तर अमान्य हो सकता है

एडमिट कार्ड खो देना – परीक्षा से पहले उसकी 2–3 कॉपी बनाकर रखें

निष्कर्ष

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 के लिए फाइनल एडमिट कार्ड जनवरी 2026 में जारी किए जाने की पूरी संभावना है। छात्रों को चाहिए कि वे नियमित रूप से अपने विद्यालय से संपर्क में रहें, बोर्ड की अपडेट पर नजर रखें और परीक्षा की तैयारी अंतिम चरण में पूरी मजबूती से जारी रखें। फाइनल एडमिट कार्ड मिलने के बाद उसमें दी गई सभी जानकारियों को ध्यानपूर्वक जांचना बेहद आवश्यक है।

BSEB 10th Exam 2026 Time-Table Out! 17 February से शुरू होगी मैट्रिक बोर्ड परीक्षा — पूरी लिस्ट देखें

Bihar Board 10th Exam 2026 Date Sheet

PATNA:बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने 29 नवंबर 2025 को 2025-26 सत्र के लिए कक्षा 10वीं (Matric) बोर्ड परीक्षा का आधिकारिक टाइम-टेबल जारी कर दिया है। इस घोषणा के साथ ही परीक्षार्थियों के लिए 2026 बोर्ड परीक्षा की तिथियाँ, विषय और शिफ्ट स्पष्ट हो चुकी हैं।BSEB के अनुसार, 2026 की कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 25 फरवरी 2026 तक चलेगी। परीक्षा पूरी तरह पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित होगी।परीक्षा दो शिफ्टों में होगी — पहली शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक, और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:00 बजे से 5:15 बजे तक।

विषय-वार परीक्षा कार्यक्रम (Date Sheet Overview)

BSEB द्वारा जारी डेटशीट में कक्षा 10 के प्रत्येक विषय का परीक्षा दिन और शिफ्ट पहले ही तय कर दिया गया है। प्रमुख विषयों के लिए कार्यक्रम इस प्रकार है:

  • 17 फरवरी 2026 — मातृभाषा (Hindi / Urdu / Bangla / Maithili आदि)
  • 18 फरवरी 2026 — गणित (Mathematics)
  • 19 फरवरी 2026 — दूसरी भाषा (Second Language) — जो छात्र अपनी अन्य भारतीय भाषा चुनते हैं
  • 20 फरवरी 2026 — सामाजिक विज्ञान (Social Science)
  • 21 फरवरी 2026 — विज्ञान (Science)
  • 23 फरवरी 2026 — अंग्रेजी (English – General)
  • 24 फरवरी 2026 — वैकल्पिक / इलेक्टिव विषय (Elective / Optional Subjects — जैसे Higher Maths, Economics आदि)
  • 25 फरवरी 2026 — वोकेशनल / व्यावसायिक वैकल्पिक विषय (Vocational / Elective Subjects) — कुछ छात्रों के लिए

इस तरह, छात्रों को पता है कि कौन-सा विषय किस दिन और किस शिफ्ट में होगा, जिससे वे अपनी तैयारी को बेहतर तरीके से संगठित कर सकते हैं

यह भी पढ़े:मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना: स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को एकमुश्त ₹50,000 की सहायता, बिहार सरकार ने बढ़ाया बेटियों का हौसला

प्रैक्टिकल / इंटरनल असेसमेंट, एडमिट-कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण बातें

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी विषय के लिए प्रैक्टिकल या आंतरिक मूल्यांकन (internal assessment) है, तो उसकी तारीख परीक्षा की पूर्व तैयारी के लिए पहले निर्धारित की जाएगी। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि प्रैक्टिकल परीक्षा जनवरी 2026 में हो सकती है।छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर अपनी एडमिट-कार्ड (Hall Ticket) डाउनलोड करें — जो स्कूल या बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से उपलब्ध होगी — ताकि परीक्षा केंद्र व शिफ्ट की जानकारी पहले से रहे।परीक्षा पूरी तरह ऑफलाइन (pen-paper) मोड में होगी। इसलिए छात्रों को अपनी पेन, पेंसिल, रबर, शार्पनर जैसे आवश्यक सामान पहले से तैयार रखना चाहिए। इसके अलावा, परीक्षा केंद्र का स्थान, समय, और अन्य निर्देशों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए।अगर किसी विषय में वोकेशनल या इलेक्टिव ऑप्शन है, तो सुनिश्चित करें कि आप सही विषय–कोड (subject code) के अनुसार उपस्थित हों।

यह भी पढ़े:बिहार में समय से पहले बढ़ी ठंड और कोहरा: IMD का बड़ा अलर्ट जारी, पटना से लेकर गया तक मौसम ने बदली करवट

छात्रों के लिए तैयारी सुझाव: अब से सबसे अच्छा समय है

अब जब तारीखें, विषय और शिफ्ट तय हो चुकी हैं, यह सही समय है कि छात्र अपनी तैयारी योजना बनाएँ। निम्न सुझाव मददगार हो सकते हैं:

  • विषय-वार रणनीति बनाएं: पहले भाषा या गणित जैसे मुख्य विषयों का रिवीजन करें, फिर Optional / Vocational Subjects को क्रमबद्ध तरीके से कवर करें।
  • समय प्रबंधन और रिवीजन शेड्यूल तय करें: क्योंकि परीक्षा 17 फरवरी से है — आप अब महीने के शुरुआत से ही रोज़ाना पढ़ाई और रिवीजन का टारगेट बना सकते हैं।
  • पिछले सालों (past year) के प्रश्न पत्र हल करें: इससे आपने परीक्षा पैटर्न समझ लेंगे, और समय-प्रबंधन व जवाब लिखने की कला सुधार सकेंगे।
  • स्वास्थ्य का ध्यान रखें: पर्याप्त नींद, अच्छा भोजन, थोड़ी हल्की एक्सरसाइज या ब्रेक — ये सब आपकी पढ़ाई की दक्षता बढ़ाएंगे।
  • एडमिट-कार्ड और जरूरी दस्तावेज पहले तैयार रखें: परीक्षा से पहले केंद्र, शिफ्ट, विषय व अन्य निर्देशों की पुष्टि कर लें — ताकि किसी प्रकार की असुविधा न आए।

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना: स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को एकमुश्त ₹50,000 की सहायता, बिहार सरकार ने बढ़ाया बेटियों का हौसला

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना

पटना: बिहार सरकार ने बालिकाओं की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना को बड़े स्तर पर लागू किया है। इस योजना के सबसे महत्वपूर्ण घटक — मुख्यमंत्री बालिका (स्नातक) प्रोत्साहन योजना — के अंतर्गत राज्य की प्रत्येक स्नातक उत्तीर्ण छात्रा को एकमुश्त ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। यह राशि लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने, उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने और राज्य में महिला शिक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बिहार शिक्षा विभाग ने हाल ही में इस योजना से जुड़े दिशा-निर्देशों को फिर से स्पष्ट किया और बताया कि सभी कोटि की छात्राएँ, यदि उन्होंने स्नातक सफलता पूर्वक पूर्ण कर लिया है, तो इस प्रोत्साहन राशि की पात्र हैं।

योजना का पूरा उद्देश्य उच्च शिक्षा को सुलभ बनाना और बालिकाओं को आत्मनिर्भर करना

राज्य सरकार का कहना है कि बालिकाओं की शिक्षा समाज के विकास का सबसे मजबूत आधार है। लेकिन अक्सर आर्थिक स्थितियों के कारण कई परिवार अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा नहीं दिला पाते।
इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस योजना की शुरुआत की गई थी।

योजना का मुख्य उद्देश्य:

(a) उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना

बिहार सरकार चाहती है कि हर बेटी Graduation तक अपनी शिक्षा पूरी करे। स्कूल स्तर पर कन्या उत्थान योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि ने enrollment बढ़ाया, लेकिन Graduation स्तर पर वित्तीय सहायता की भारी मांग थी।

(b) सामाजिक और आर्थिक बाधाओं को कम करना

ग्रामीण इलाकों में विवाह का दबाव, आर्थिक चुनौतियाँ और सामाजिक सोच जैसी समस्याएँ लड़कियों की पढ़ाई रोक देती हैं। ₹50,000 की राशि एक मजबूत मदद बनकर परिवार को वित्तीय रूप से राहत देती है।

(c) बाल विवाह पर रोक

ग्रेजुएशन पास करने तक लड़कियों की आयु सामान्यतः 20–22 वर्ष हो जाती है। यह योजना बाल विवाह को रोकने में बड़ा योगदान देती है, क्योंकि परिवार किशोर अवस्था में लड़कियों की शादी कराने के बजाय उन्हें कॉलेज भेजने के लिए प्रेरित होते हैं।

(d) रोजगार के अवसरों में वृद्धि

Graduation के बाद लड़कियों के लिए सरकारी नौकरी, बैंकिंग, SSC, UPSC, टीचिंग और निजी क्षेत्र में अवसर बढ़ जाते हैं। सरकार चाहती है कि वित्तीय तंगी किसी भी बेटी की राह में बाधा न बने।

लाभ और पात्रता – किन छात्राओं को मिलते हैं ₹50,000?

बिहार सरकार के अनुसार यह योजना ‘सभी कोटि’ की लड़कियों के लिए है। इसका मतलब — सामान्य, पिछड़ा वर्ग (OBC), अति पिछड़ा वर्ग (EBC), SC, ST, अल्पसंख्यक — सभी समुदायों की छात्राएँ इसमें शामिल हैं।

लाभ (Benefits)

  • प्राप्त राशि: ₹50,000 (एकमुश्त)
  • ट्रांसफर: Direct Benefit Transfer (DBT)
  • पात्रता: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से Graduation पूर्ण
  • श्रेणी: सभी कोटि
  • उद्देश्य: उच्च शिक्षा और आत्मनिर्भरता
  • भुगतान: कॉलेज से सत्यापन होने के बाद सीधा बैंक अकाउंट में

यह राशि किसी विशेष उद्देश्य के लिए सीमित नहीं है। छात्राएँ इसे आगे की पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षा, स्किल डेवलपमेंट, लैपटॉप खरीदने, आवास या करियर-संबंधी किसी भी काम में उपयोग कर सकती हैं।

आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज, पोर्टल और सरकार द्वारा किए गए बदलाव

बिहार सरकार ने वर्षों से इस योजना में कई सुधार किए हैं ताकि आवेदन सरल, पारदर्शी और समय पर पूरा हो सके।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची

  1. स्नातक उत्तीर्ण प्रमाण पत्र
  2. आधार कार्ड
  3. बैंक पासबुक
  4. रिहायशी प्रमाण पत्र
  5. पासपोर्ट साइज फोटो
  6. मोबाइल नंबर
  7. कॉलेज/विश्वविद्यालय की मान्यता की जानकारी

कैसे करें आवेदन?

  1. पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन
  2. सभी दस्तावेज अपलोड करें
  3. कॉलेज/विश्वविद्यालय द्वारा आवेदन सत्यापन
  4. जिला अधिकारी स्तर पर अंतिम सत्यापन
  5. DBT के माध्यम से राशि लाभार्थी के खाते में

सरकार ने किए नए अपडेट

  • अब आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है
  • कॉलेज के सत्यापन में पारदर्शिता बढ़ाई गई है
  • DBT भुगतान में देरी को कम करने के लिए अलग मॉनिटरिंग सेल बनाया गया है
  • विश्वविद्यालयों को स्पष्ट निर्देश—सत्यापन में लापरवाही पर कार्रवाई

इन सुधारों के कारण पिछले दो वर्षों में लाखों लड़कियों को समय पर राशि मिल चुकी है।

यह भी पढ़े:-Bihar Graduation Scholarship 2025: बिहार स्नातक छात्रवृत्ति का पैसा आया या नहीं, ऐसे करें चेक | आवेदन स्थिति, लिस्ट और भुगतान जानकारी

योजना का व्यापक प्रभाव – लड़कियों के जीवन, समाज और शिक्षा प्रणाली पर सकारात्मक बदलाव

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना सिर्फ एक वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि बिहार सरकार का एक बड़ा सामाजिक सुधार प्रयास है।

(a) महिलाओं की शिक्षा दर में उल्लेखनीय वृद्धि

पिछले वर्षों में Graduation स्तर पर लड़कियों का enrollment लगातार बढ़ा है। कई कॉलेजों में लड़कियों की संख्या अब पहले से कहीं अधिक है—कुछ जिलों में तो लड़कियाँ लड़कों से आगे निकल चुकी हैं।

(b) ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ा परिवर्तन

जहाँ पहले लड़कियों को +2 के बाद पढ़ाई रोक दी जाती थी, अब परिवार स्वयं उन्हें Graduation के लिए भेज रहे हैं। सरकारी सहायता मिलने से परिवारों का दृष्टिकोण बदला है।

(c) रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती भागीदारी

स्नातक के बाद लड़कियाँ बड़ी संख्या में सरकारी व निजी नौकरियों की तैयारी कर रही हैं।
कई छात्राएँ इस राशि का उपयोग–

  • कोचिंग
  • लैपटॉप खरीदने
  • फॉर्म भरने
  • प्रोफेशनल कोर्स
    में कर रही हैं।

(d) बाल विवाह दर में गिरावट

सामाजिक संगठनों की रिपोर्ट के अनुसार, स्नातक स्तर तक पढ़ाई बढ़ने से बाल विवाह के मामलों में कमी दर्ज की गई है। सरकार भी इसे योजना की प्रमुख सफलता मान रही है।

(e) महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा

एकमुश्त राशि मिलने से लड़कियों के भीतर “आर्थिक स्वतंत्रता” का अहसास बढ़ा है।
वे अपने भविष्य के फैसले खुद ले रही हैं — और यही इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है।

योजना पर विशेषज्ञों और शिक्षा विभाग का बयान

शिक्षाविदों का कहना है कि बिहार सरकार की यह योजना देश के अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण बन चुकी है।बिहार शिक्षा विभाग का दावा है कि योजना का लाभ हर साल लाखों छात्राओं को मिलता है।

विभाग ने ट्वीट के माध्यम से बताया:“स्नातक उत्तीर्ण सभी कोटि की छात्राओं को प्रोत्साहन भत्ता के रूप में एकमुश्त ₹50,000 दिया जाता है। यह लाभ केवल लड़की को Graduation पूरा करने पर दिया जाता है।”इस घोषणा के बाद छात्रों में खुशी की लहर है।मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना ने बिहार में महिलाओं की उच्च शिक्षा की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव लाया है।₹50,000 की यह सहायता न केवल वित्तीय मदद है, बल्कि यह लड़कियों को जीवन में आगे बढ़ने, अपनी पहचान बनाने और खुद पर विश्वास रखने का एक अवसर भी देती है।राज्य सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में इस योजना का प्रभाव और भी व्यापक होगा।
उम्मीद है कि यह पहल बिहार को महिला शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्य बनाएगी।

BSEB 10th Dummy Admit Card 2026 जारी: 27 नवंबर तक कराएं त्रुटि सुधार, छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सूचना

BSEB 10th Dummy Admit Card 2026

BSEB 10th Dummy Admit Card 2026:बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 में सम्मिलित होने वाले सभी छात्रों के लिए Dummy Admit Card जारी कर दिया है, जो बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। परीक्षा समिति हर वर्ष मुख्य परीक्षा से पहले यह प्रारंभिक एडमिट कार्ड इसलिए जारी करती है ताकि लाखों विद्यार्थियों के रिकॉर्ड में मौजूद संभावित गलतियों को समय रहते ही ठीक किया जा सके और फाइनल एडमिट कार्ड पूरी तरह से बिना किसी त्रुटि के बनाया जा सके। यह दस्तावेज़ विद्यार्थियों की पहचान, उनकी परीक्षा सूचनाओं और विषय-संबंधी विवरण का प्राथमिक प्रामाणिक आधार होता है। इसलिए बिहार बोर्ड विद्यार्थियों को सलाह देता है कि वे अपने Dummy Admit Card को डाउनलोड कर ध्यानपूर्वक जांचें, क्योंकि यह किसी भी प्रकार की गलती के सुधार का एकमात्र अवसर प्रदान करता है। Dummy Admit Card को ध्यान से पढ़ने पर छात्र यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनका नाम, जन्मतिथि, माता-पिता का नाम, लिंग, वर्ग, फोटो एवं हस्ताक्षर, परीक्षा विषय, भाषा-विकल्प, विद्यालय का नाम और कोड आदि सभी जानकारी बिल्कुल सही दर्ज हो। यदि किसी भी प्रकार की छोटी या बड़ी त्रुटि मिलती है, तो 27 नवंबर 2025 तक ऑनलाइन सुधार करने की सुविधा दी गई है।

यह भी पढ़े:-Bihar STET 2025 CBT Exam: बिहार बोर्ड ने परीक्षा संचालन के लिए अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की, 14 अक्टूबर से शुरू होगी परीक्षा

बिहार बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि Dummy Admit Card फाइनल एडमिट कार्ड का प्रारूपिक संस्करण है, जो बड़े पैमाने पर विद्यार्थियों को त्रुटियों को सत्यापित करने और सुधार करवाने में सक्षम बनाता है। यदि गलत जानकारी समय रहते ठीक नहीं की गई तो परीक्षा के दौरान प्रवेश पत्र को अमान्य घोषित किया जा सकता है, और छात्र को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कई बार नाम की वर्तनी, जन्म तिथि, फोटो की स्पष्टता, हस्ताक्षर का मेल, विषय चयन की पुष्टि या माता-पिता के नाम की गलतियां परीक्षा की प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं। इसलिए Dummy Admit Card की त्रुटियों को प्राथमिकता पर सुधारना आवश्यक है। बोर्ड का कहना है कि इस प्रक्रिया से न केवल छात्रों को सुविधा होती है बल्कि विद्यालयों को भी सही रिकॉर्ड बनाए रखने में मदद मिलती है। बिहार बोर्ड का उद्देश्य है कि माध्यमिक परीक्षा 2026 में किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो और परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो।

Dummy Admit Card डाउनलोड की प्रक्रिया और 2026 के छात्रों के लिए विशेष निर्देश

बिहार बोर्ड ने विद्यार्थियों के लिए Dummy Admit Card डाउनलोड करने की पूरी प्रक्रिया सरल और डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई है। छात्र सीधे आधिकारिक वेबसाइट exam.biharboardonline.com पर जाकर Student Login सेक्शन में अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्म तिथि डालकर आसानी से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। कई बार विद्यार्थियों को लगता है कि यह कार्य स्कूल द्वारा ही किया जाएगा, लेकिन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि हर छात्र स्वयं भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकता है। यदि किसी छात्र को अपने रजिस्ट्रेशन नंबर की जानकारी नहीं है, तो वह अपने विद्यालय से इसे प्राप्त कर सकता है। वेबसाइट पर लॉगिन करने के बाद छात्र अपने Dummy Admit Card का प्रिंट निकाल सकते हैं, जिसे ध्यानपूर्वक पढ़ना बेहद जरूरी है। यदि किसी विवरण में गलती मिलती है, तो “Edit” विकल्प के माध्यम से उसे सुधारने का अवसर मिलता है।

विद्यालय प्राचार्य के लिए भी बोर्ड ने अलग लॉगिन पोर्टल उपलब्ध कराया है, जहां वे अपने विद्यालय के सभी पंजीकृत छात्रों के Dummy Admit Card को डाउनलोड कर सकते हैं, उनकी त्रुटियों की जांच कर सकते हैं और यदि आवश्यकता हो तो उन्हें अपने स्तर पर भी सुधार सकते हैं। स्कूल प्रधान को यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र का विवरण गलत न रह जाए। कई बार विद्यार्थियों के माता-पिता के नाम की वर्तनी, जाति, धर्म, फोटो या हस्ताक्षर गलत अपलोड हो जाते हैं, जिसे सुधारना स्कूल की जिम्मेदारी भी होती है। यदि कोई छात्र स्वयं सुधार नहीं कर पाता, तो उसे अपने स्कूल प्रधान से संपर्क करना चाहिए।

बिहार बोर्ड ने इस बार मोबाइल ऐप के माध्यम से भी Dummy Admit Card डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध कराई है, जिसे Google Play Store से “BSEB Information App” खोजकर इंस्टॉल किया जा सकता है। ऐप खोलने पर होम पेज पर उपलब्ध लिंक के जरिए छात्र अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। मोबाइल ऐप की सुविधा विशेषकर उन छात्रों के लिए उपयोगी है जिनके पास लैपटॉप या कंप्यूटर उपलब्ध नहीं है। बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने विवरणों को स्कैन किए गए दस्तावेज़ों से मिलाकर जांचें और किसी भी प्रकार का असंगत लेखन या गलत शब्द तुरंत इंगित करें। त्रुटि सुधार की अंतिम तिथि 27 नवंबर 2025 निर्धारित की गई है, जिसे किसी भी हालत में बढ़ाया नहीं जाएगा।

किन विवरणों में होती हैं सबसे अधिक गलतियाँ और कैसे करें सुधार?

Dummy Admit Card डाउनलोड होने के बाद विद्यार्थी को सबसे पहले अपने नाम की वर्तनी की जाँच करनी चाहिए, क्योंकि अक्सर यह समस्या स्कूलों से डेटा अपलोड करते समय या डिजिटल फॉर्म भरते समय होती है। इसके बाद पिता और माता के नाम का मिलान दस्तावेज़ों से करना बेहद जरूरी है। जन्म तिथि भी एक संवेदनशील जानकारी है, जिसे गलत होने पर भविष्य में बोर्ड प्रमाणपत्र, सरकारी नौकरियों और अन्य प्रवेश परीक्षाओं में बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। कई बार फोटो और हस्ताक्षर साफ अपलोड नहीं हो पाते, या दूसरे छात्र के विवरण के साथ गलती से जुड़ जाते हैं। ऐसी स्थिति में छात्र को तुरंत सुधार प्रक्रिया अपनानी चाहिए।

विषय चयन की गलतियाँ भी आम समस्या हैं। उदाहरण के तौर पर वैज्ञानिक विषय लेने वाले छात्रों के स्थान पर कला विषय अंकित हो जाना, वैकल्पिक विषय की गलत प्रविष्टि, भाषा विषय में परिवर्तन, या दिव्यांग छात्रों के विषय चयन में विशेष शर्तों को अनदेखा करना जैसे मामले सामने आते हैं। विशेषकर दृष्टिबाधित छात्रों के लिए गणित विषय की जगह गृह विज्ञान या संगीत विषय का विकल्प उपलब्ध होता है। यदि किसी दृष्टिबाधित छात्र के एडमिट कार्ड में गणित विषय दर्ज है, तो उसे तुरंत सुधार करवाना चाहिए, क्योंकि परीक्षा केंद्र पर इसे बदला नहीं जा सकता।

विद्यालय प्रधान को बोर्ड द्वारा निर्देश दिया गया है कि वे प्रत्येक छात्र के Dummy Admit Card की जांच करें, और यदि किसी प्रकार की जानकारी गलत दर्ज हो, तो तत्काल सुधार कराएं। छात्र के परिवारजन को भी सलाह दी जाती है कि वे अपने बच्चे के व्यक्तिगत दस्तावेज़ जैसे जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, स्कूल का मूल रिकॉर्ड और नामांकन पर्ची से सारी जानकारी मिलाकर देखें। यदि किसी छात्र के रिकार्ड में कोई गंभीर त्रुटि हो, तो वह स्कूल की मदद से ऑनलाइन सुधार कर सकता है। सुधार के दौरान कोई गलती होने पर वेबसाइट पर Error दिख सकता है, जिसे दोबारा दर्ज करने पर हल किया जा सकता है।

बोर्ड ने स्पष्ट कहा है कि Dummy Admit Card में सुधार का यह एकमात्र अवसर है। यदि कोई छात्र इस समय सुधार नहीं करता, तो बाद में किसी भी परिस्थिति में फाइनल एडमिट कार्ड में बदलाव नहीं किया जाएगा। इसलिए छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और अपने विवरण को ध्यानपूर्वक जांचें। त्रुटि सुधार प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बोर्ड फाइनल एडमिट कार्ड जारी करेगा।

Dummy Admit Card 2026 से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथि, बोर्ड दिशा-निर्देश और हेल्पलाइन सहायता

बिहार बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि Dummy Admit Card में मौजूद सभी त्रुटियों को सुधारने की अंतिम तिथि 27 नवंबर 2025 है। इसके बाद सुधार लिंक बंद हो जाएगा और किसी भी छात्र को संशोधन का मौका नहीं दिया जाएगा। बोर्ड ने परीक्षा से पहले इस प्रक्रिया को सख्ती से अनिवार्य किया है ताकि माध्यमिक परीक्षा 2026 सुचारू और निष्पक्ष रूप से संपन्न हो सके। सभी स्कूलों को यह भी सुनिश्चित करना है कि उनके विद्यालय के किसी भी छात्र का विवरण गलत न रहे, और छात्रों को सही मार्गदर्शन मिलता रहे।

यदि किसी छात्र या अभिभावक को किसी प्रकार की समस्या आती है, तो बोर्ड द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 9430472228 और 0612-2232239 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा छात्र bseb@antiersolutions.com ईमेल पर भी अपनी समस्या भेज सकते हैं। बोर्ड ने बताया है कि तकनीकी त्रुटियाँ या लॉगिन संबंधी समस्याओं का समाधान हेल्पलाइन के माध्यम से तुरंत किया जा रहा है। परीक्षा समिति का कहना है कि छात्रों को Dummy Admit Card डाउनलोड करने के बाद इसकी एक कॉपी स्कूल में भी जमा करनी चाहिए ताकि स्कूल प्रधान इसे सत्यापित कर सकें।

परीक्षा समिति ने स्पष्ट किया कि 2026 परीक्षा से पहले सभी रिकॉर्ड सही करना अनिवार्य है और किसी भी छात्र के एडमिट कार्ड में त्रुटि पाए जाने पर उसकी जिम्मेदारी विद्यालय और छात्र दोनों पर होगी। इसलिए छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने विवरण को गंभीरता से जांचें और किसी भी प्रकार के परिवर्तन की जानकारी तुरंत स्कूल को दें। Dummy Admit Card की यह पूरी प्रक्रिया छात्रों को परीक्षा के लिए बेहतर ढंग से तैयार करने और उनकी पहचान से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी कारण बिहार बोर्ड इसे परीक्षा का सबसे आवश्यक पूर्व-चरण मानता है।

TRE 4 Bihar Teacher Recruitment 2025: 27–80 हजार पद, परीक्षा तिथि, नोटिफिकेशन और डोमिसाइल पॉलिसी

TRE 4 Bihar Teacher Recruitment 2025

बिहार में एक बार फिर शिक्षक भर्ती का बड़ा दौर शुरू होने वाला है। BPSC द्वारा आयोजित Teacher Recruitment Exam (TRE-4) को लेकर राज्यभर के अभ्यर्थियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। हजारों युवा महीनों से इस भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि TRE-4 अब तक की सबसे महत्वपूर्ण भर्ती मानी जा रही है। सरकार ने इस बार बड़े बदलाव किए हैं— पदों की संख्या से लेकर डोमिसाइल पॉलिसी, आरक्षण और विषय-वार रिक्तियों तक, सब पर नई घोषणा की गई है।

TRE-4 में कितने पद होंगे? 26 हजार से लेकर 80 हजार तक की चर्चा—अभ्यर्थियों में बढ़ी चिंता

TRE-4 में कितने पदों पर भर्ती होगी, यह सबसे बड़ा सवाल है। विभिन्न रिपोर्ट्स और सरकारी बयानों के अनुसार पदों की संख्या को लेकर कई अनुमान सामने आए हैं।

1. सरकार के अनुसार लगभग 26–27 हजार पद

सबसे पहले शिक्षा विभाग की ओर से जारी अनुमान में कहा गया कि TRE-4 में लगभग 26,000 से 27,910 पदों पर भर्ती की तैयारी है। यह आंकड़ा कई बार मीडिया में सामने आ चुका है।

2. अभ्यर्थियों की मांग—1.20 लाख से अधिक पद

दूसरी ओर, बेरोजगार शिक्षक अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी मांग है कि कम से कम 1.20 लाख रिक्तियों को TRE-4 में शामिल किया जाए।
अभ्यर्थियों का तर्क है कि विद्यालयों में आज भी भारी संख्या में शिक्षक के पद खाली हैं और 27 हजार सीटें बिहार जैसे बड़े राज्य के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

3. अन्य रिपोर्ट्स—80,000 से अधिक पदों की संभावना

कुछ प्रमुख समाचार पत्रों ने रिपोर्ट किया है कि शिक्षा विभाग ने जिलों से 80 हजार से अधिक रिक्तियों का विवरण मांगा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वास्तविक सीटें 27 हजार से कहीं अधिक भी हो सकती हैं।

4. विषय-वार पदों का बंटवारा

  • कंप्यूटर शिक्षक – 27,000+ पद
  • गणित और विज्ञान – 11,000+ पद
  • प्राथमिक स्तर – लगभग 12,000 पद
  • संगीत, कला, खेल – 5,000 से अधिक संभावित पद

इन आंकड़ों के अनुसार TRE-4 इस बार विभिन्न विषयों में बड़े स्तर पर भर्ती कर सकता है।

यह भी पढ़े:-JEE Main 2026 Exam Date: जेईई मेन 2026 परीक्षा तिथि, आवेदन, सिलेबस और एडमिट कार्ड की पूरी जानकारी

TRE-4 परीक्षा तिथि, नोटिफिकेशन और प्रक्रिया—दिसंबर में होगी परीक्षा, जनवरी में रिज़ल्ट

TRE-4 की परीक्षा तिथि आधिकारिक रूप से तय हो चुकी है और अभ्यर्थियों की तैयारी अब अंतिम चरण में है।

1. नोटिफिकेशन जारी होने की संभावना

BPSC द्वारा TRE-4 का नोटिफिकेशन नवंबर के अंतिम सप्ताह से दिसंबर की शुरुआत तक आने की संभावना है। यह राज्य स्तरीय शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं का हिस्सा होगा।

2. परीक्षा तिथि—16 से 19 दिसंबर 2025

BPSC की तरफ से जारी शेड्यूल के अनुसार TRE-4 की लिखित परीक्षा 16 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025 के बीच आयोजित की जाएगी।
परीक्षा बहुविकल्पीय होगी और OMR शीट पर आधारित रहेगी।

3. रिज़ल्ट—जनवरी 2026 का दूसरा सप्ताह

परीक्षा के परिणाम जनवरी 2026 के दूसरे सप्ताह में आने की उम्मीद है।
इस बार BPSC ने यह भी कहा है कि रिज़ल्ट समय से जारी किया जाएगा और किसी प्रकार की देरी नहीं होगी।

4. दस्तावेज़ सत्यापन और नियुक्ति

रिज़ल्ट जारी होने के बाद:

  • जिला वार दस्तावेज़ सत्यापन
  • मेरिट लिस्ट तैयार
  • पोस्टिंग लेटर जारी
    इन सभी चरणों को फरवरी-मार्च 2026 के बीच पूरा किया जाएगा।

नीति में बड़े बदलाव—डोमिसाइल, आरक्षण और महिलाओं के लिए 35% सीटें सुरक्षित

TRE-4 भर्ती में बिहार सरकार ने कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिसका सीधा प्रभाव अभ्यर्थियों पर पड़ेगा।

1. बिहार डोमिसाइल के लिए 84.4% सीटें

राज्य सरकार ने घोषणा की है कि अब 84.4% पद बिहार के मूल निवासियों के लिए आरक्षित होंगे।
इसका मतलब है कि बिहार के बाहर के उम्मीदवारों की भर्ती बहुत सीमित होगी।

2. महिलाओं को 35% आरक्षण

सभी श्रेणियों में महिलाओं के लिए 35% आरक्षण अनिवार्य किया गया है।
यह कदम ग्रामीण और शहरी शिक्षा व्यवस्था में महिला शिक्षकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए उठाया गया है।

3. EWS और OBC आरक्षण में सुधार

इस बार EWS वर्ग के अभ्यर्थियों को भी पर्याप्त आरक्षण मिलेगा। साथ ही OBC-EBC में भी श्रेणीवार सीटें बढ़ाई गई हैं।

4. मेरिट लिस्ट में बड़ा परिवर्तन

अब मेरिट लिस्ट केवल परीक्षा के अंक + रिज़र्वेशन के आधार पर बनेगी।
पुरानी क्वालिफिकेशन आधारित सिस्टम को पूरी तरह हटा दिया गया है।

अभ्यर्थियों की तैयारी, सोशल मीडिया कैंपेन और आंदोलन—TRE-4 बिहार का माहौल गर्म

TRE-4 को लेकर अभ्यर्थी सोशल मीडिया पर लगातार कैंपेन चला रहे हैं।
#TRE4, #BiharTeacher, #IncreaseVacancy जैसे हैशटैग ट्रेंड कर चुके हैं।

1. सीटें बढ़ाने की मांग

अभ्यर्थियों का मुख्य मुद्दा यह है कि:

  • पद कम घोषित किए जा रहे हैं,
  • जबकि स्कूलों में वास्तविक रिक्तियाँ बहुत अधिक हैं।

इसलिए बड़े पैमाने पर पद बढ़ाने की मांग सोशल मीडिया पर उठ रही है।

2. तैयारी में तेजी

परीक्षा दिसंबर में होने के कारण अभ्यर्थी अब अंतिम तैयारी मोड में आ चुके हैं:

  • पेपर-1 और पेपर-2 के मॉडल सेट
  • NCERT आधारित तैयारी
  • विषय-वार MCQ को रिवाइज करना
  • पिछले वर्ष के TRE प्रश्नपत्रों पर फोकस

3. कोचिंग संस्थानों में भी भीड़

पटना, मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा और भागलपुर में शिक्षक भर्ती कोचिंग सेंटर अभ्यर्थियों से भरे हुए हैं।
TRE-4 को एक सुनहरा मौका माना जा रहा है।

4. BRP/CRCC और को-कैडर पोस्टिंग पर भी चर्चा

सरकार ने इस बार स्कूल-वार पोस्टिंग के साथ BRP-CRCC की व्यवस्था पर भी सुधार की बात कही है।
इससे शिक्षक पदों में स्थिरता आएगी।

TRE-4 बिहार शिक्षक भर्ती 2025 राज्य के लाखों युवाओं के लिए बड़ा अवसर है।
परीक्षा तिथि तय हो चुकी है, नीति बदलाव लागू हो चुके हैं, और अब नोटिफिकेशन का इंतजार है।
अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तैयारी पर फोकस करें और परीक्षा पैटर्न को अच्छी तरह समझ लें।भर्ती चाहे 27 हजार पदों पर हो या 80 हजार— यह भर्ती बिहार शिक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा कदम साबित होगी।

Indian Army TES-55 भर्ती 2025: 12वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका, बिना परीक्षा मिल सकती है सेना में अफसर की नौकरी!

Indian Army TES-55 भर्ती 2025

Indian Army TES-55 भर्ती 2025:भारतीय सेना ने Technical Entry Scheme (TES-55) के तहत नई भर्ती अधिसूचना जारी की है। यह उन युवाओं के लिए एक विशेष अवसर है जो 12वीं में Physics, Chemistry और Mathematics विषयों के साथ पढ़ाई कर चुके हैं और JEE Mains 2025 में शामिल हुए हैं।TES स्कीम के माध्यम से युवाओं को बिना किसी लिखित परीक्षा के सीधे SSB Interview के आधार पर चयन का मौका मिलता है। चयनित अभ्यर्थियों को भारतीय सेना में Permanent Commissioned Officer के रूप में सेवा करने का अवसर प्राप्त होता है।

यह योजना भारतीय युवाओं में तकनीकी दक्षता और देशसेवा की भावना को बढ़ावा देने के लिए चलाई जाती है। TES स्कीम उन उम्मीदवारों के लिए खास होती है जो इंजीनियरिंग और डिफेंस करियर दोनों को एक साथ आगे बढ़ाना चाहते हैं।

कौन कर सकता है आवेदन – पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

1. शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification):

  • उम्मीदवार ने 10+2 (इंटरमीडिएट) परीक्षा में Physics, Chemistry और Mathematics विषयों में कम से कम 60% कुल अंक प्राप्त किए हों।
  • उम्मीदवार ने JEE Mains 2025 परीक्षा में भाग लिया हो।

2. आयु सीमा (Age Limit):

  • उम्मीदवार की आयु 16½ वर्ष से 19½ वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • जन्मतिथि 2 जुलाई 2006 से 1 जुलाई 2009 के बीच (दोनों तिथियां सहित) होनी चाहिए।

3. वैवाहिक स्थिति (Marital Status):

  • केवल अविवाहित पुरुष उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।

4. राष्ट्रीयता (Nationality):

  • उम्मीदवार भारतीय नागरिक होना चाहिए।

चयन प्रक्रिया (Selection Process)

TES-55 भर्ती के लिए किसी लिखित परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती। चयन प्रक्रिया पूरी तरह योग्यता और SSB इंटरव्यू पर आधारित होती है।

चयन के मुख्य चरण इस प्रकार हैं:

  1. शॉर्टलिस्टिंग:
    आवेदन प्राप्त होने के बाद, भारतीय सेना उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता और JEE Mains स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग करती है।
  2. SSB Interview:
    शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों को Service Selection Board (SSB) इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है, जो लगभग 5 दिनों तक चलता है।
    इसमें मनोवैज्ञानिक परीक्षण, ग्रुप टास्क और पर्सनल इंटरव्यू शामिल होते हैं।
  3. Medical Examination:
    SSB में सफल उम्मीदवारों को मेडिकल टेस्ट से गुजरना होता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उम्मीदवार सेना की सेवा के लिए फिट है।
  4. Final Merit List:
    अंत में, SSB और मेडिकल टेस्ट के अंकों के आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है।

प्रशिक्षण और सेवा लाभ (Training & Benefits)

प्रशिक्षण (Training):
चयनित उम्मीदवारों को सबसे पहले Indian Military Academy (IMA), देहरादून में चार वर्ष की ट्रेनिंग दी जाती है।
इस प्रशिक्षण के पहले दो वर्ष Pre-Commission Training और अगले दो वर्ष Engineering Training के रूप में होते हैं।

प्रशिक्षण के सफल समापन के बाद उम्मीदवार को Permanent Commission (Lieutenant Rank) के रूप में नियुक्त किया जाता है।

लाभ (Benefits):

  • आकर्षक वेतन और भत्ते
  • मेडिकल और कैंटीन सुविधाएँ
  • डिफेंस में मान-सम्मान और स्थायी नौकरी
  • तकनीकी और नेतृत्व कौशल का विकास

आवेदन प्रक्रिया (How to Apply)

  1. उम्मीदवार को भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर जाना होगा।
  2. Officers Entry Apply/Login” सेक्शन पर क्लिक करें।
  3. TES-55 Entry (10+2 Technical Entry Scheme)” का चयन करें।
  4. आवेदन फॉर्म में सभी आवश्यक जानकारी भरें और डॉक्यूमेंट अपलोड करें।
  5. सबमिट करने से पहले सभी विवरणों की जांच करें और फाइनल सबमिशन करें।

आवेदन की अंतिम तिथि:
13 नवंबर 2025

TES-55 अधिसूचना PDF: Official Notification – Direct Link

READ ALSO:-IIT Delhi GPS Research:“चौंकाने वाला खुलासा! IIT Delhi की रिपोर्ट ने बताया, GPS आपकी हर गतिविधि रिकॉर्ड कर रहा है”जानिए पूरा सच!”

महत्वपूर्ण तिथियाँ (Important Dates)

प्रक्रियातिथि
आवेदन शुरू15 अक्टूबर 2025
आवेदन की अंतिम तिथि13 नवंबर 2025
SSB इंटरव्यूदिसंबर 2025 – मार्च 2026
प्रशिक्षण शुरूजुलाई 2026

भारतीय सेना TES-55 भर्ती 2025 उन युवाओं के लिए एक शानदार अवसर है जो बचपन से वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का सपना देखते हैं। इस योजना में न केवल इंजीनियरिंग शिक्षा का मौका मिलता है, बल्कि आर्मी ऑफिसर बनने का भी सीधा रास्ता खुलता है।
अगर आप 12वीं में PCM विषयों से पास हैं और JEE Mains 2025 में शामिल हुए हैं, तो देर न करें — आज ही आवेदन करें और अपने सपनों को उड़ान दें।

IIT Delhi GPS Research:“चौंकाने वाला खुलासा! IIT Delhi की रिपोर्ट ने बताया, GPS आपकी हर गतिविधि रिकॉर्ड कर रहा है”जानिए पूरा सच!”

IIT Delhi GPS Research

IIT Delhi GPS Research:आज की डिजिटल दुनिया में मोबाइल फोन सिर्फ एक संचार माध्यम नहीं रह गया है — यह हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। फोन के सेंसर, कैमरा, और GPS जैसी तकनीकें हमारे रोज़मर्रा के कामों को आसान बनाती हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये सुविधाएं आपकी प्राइवेसी पर कितना असर डाल सकती हैं?

हाल ही में IIT Delhi GPS Research ने यही सवाल फिर से चर्चा में ला दिया है। इस अध्ययन में यह सामने आया है कि एक साधारण स्मार्टफोन, सिर्फ GPS लोकेशन ऑन करने से, आपकी गतिविधियों को लगभग 87% सटीकता से ट्रैक कर सकता है।
यह खुलासा न केवल हैरान करने वाला है बल्कि यह डिजिटल प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा के प्रति हमारी जागरूकता पर भी सवाल उठाता है।

IIT Delhi की रिसर्च में क्या मिला?

IIT दिल्ली के शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन को करने के लिए कई तरह के मोबाइल डिवाइस और GPS आधारित ऐप्स का परीक्षण किया। इसमें यह पाया गया कि जब यूज़र लोकेशन ऑन करता है, तो उसका फोन न केवल उसकी वर्तमान स्थिति बताता है बल्कि यह भी रिकॉर्ड करता है कि वह व्यक्ति कहां गया, कब गया और कितने समय तक वहाँ रुका।IIT Delhi की आधिकारिक वेबसाइट पर हाल की रिसर्च रिपोर्ट देखें।”

रिसर्च टीम ने बताया कि GPS सिस्टम डेटा को 87% तक सटीकता से डिटेक्ट करता है, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि व्यक्ति कौन सी सड़क से गुज़रा, कौन सा रेस्टोरेंट गया या वह कितनी देर पार्क में बैठा रहा।

इस रिसर्च में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कई मोबाइल एप्लिकेशन, चाहे वे नेविगेशन ऐप हों या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, यूज़र की लोकेशन को लगातार रिकॉर्ड करते रहते हैं — भले ही यूज़र को इस बात की जानकारी न हो। IIT दिल्ली की टीम ने कहा कि इस डेटा का इस्तेमाल कंपनियां टारगेटेड विज्ञापन, यूज़र बिहेवियर एनालिसिस और कई बार अन्य व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए करती हैं।

आपकी प्राइवेसी के लिए यह कितना खतरनाक है?

जब आप लोकेशन ऑन करते हैं, तो आपके फोन में मौजूद हर ऐप को यह तय करने का मौका मिलता है कि वह इस डेटा का क्या करे।
IIT Delhi GPS Researchमें पाया गया कि कई ऐप्स बैकग्राउंड में आपकी लोकेशन हिस्ट्री, मूवमेंट पैटर्न और विजिट की गई जगहों की लिस्ट कलेक्ट करती रहती हैं। यह डेटा बाद में सर्वर पर स्टोर होता है, जिसे तीसरे पक्षों के साथ शेयर भी किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें:-JEE Main 2026 Exam Date: जेईई मेन 2026 परीक्षा तिथि, आवेदन, सिलेबस और एडमिट कार्ड की पूरी जानकारी

संभावित खतरे:

  1. डेटा लीक (Data Leak): अगर किसी ऐप या सर्वर की सुरक्षा कमजोर है, तो आपका पर्सनल लोकेशन डेटा साइबर अपराधियों के हाथ लग सकता है।
  2. टारगेटेड फिशिंग: हैकर्स इस डेटा का उपयोग आपको फिशिंग ईमेल या फर्जी लिंक भेजने के लिए कर सकते हैं।
  3. अनचाहा ट्रैकिंग: कुछ कंपनियां या ऐप्स आपकी गतिविधियों को लगातार मॉनिटर करती हैं ताकि आपके व्यवहार को समझ सकें।

इसका सबसे बड़ा नुकसान यह है कि आपकी स्वतंत्रता और निजता दोनों पर असर पड़ता है।

IIT Delhi GPS Research,विशेषज्ञों की सलाह: कैसे बचें GPS ट्रैकिंग से?

IIT Delhi GPS Research टीम ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं जो आम यूज़र्स के लिए बेहद उपयोगी हैं। इन उपायों से आप अपनी डिजिटल प्राइवेसी को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं।

  1. लोकेशन केवल जरूरत पर ही ऑन करें:
    अगर आपको किसी ऐप में लोकेशन की आवश्यकता नहीं है, तो उसे बंद रखें। Google Maps, Uber या Zomato जैसे ऐप्स के अलावा, ज्यादातर ऐप्स को निरंतर लोकेशन की जरूरत नहीं होती।
  2. App Permissions चेक करें:
    अपने मोबाइल की सेटिंग्स में जाकर देखें कि किन ऐप्स को लोकेशन एक्सेस की अनुमति दी गई है। जिन ऐप्स को जरूरत नहीं, उनके लिए यह परमिशन हटा दें।
  3. बैकग्राउंड ऐप्स को बंद रखें:
    कई बार ऐप्स तब भी डेटा कलेक्ट करती हैं जब वे खुली नहीं होतीं। इसलिए नियमित रूप से बैकग्राउंड ऐप्स को क्लियर करें।
  4. VPN और Privacy Tools का प्रयोग करें:
    अगर आप अक्सर पब्लिक Wi-Fi का इस्तेमाल करते हैं, तो VPN का उपयोग करें ताकि आपका लोकेशन डेटा एन्क्रिप्टेड रहे।
  5. डिवाइस अपडेट करें:
    फोन के OS और ऐप्स को समय-समय पर अपडेट करते रहें। कई बार सिक्योरिटी अपडेट्स ऐसे ही ट्रैकिंग बग्स को ठीक करते हैं।

IIT Delhi GPS Research में डिजिटल युग में निजता की नई परिभाषा

IIT दिल्ली की इस रिसर्च से यह बात फिर साबित होती है कि टेक्नोलॉजी जितनी शक्तिशाली होती जा रही है, उतनी ही वह हमारी निजी ज़िंदगी में गहराई तक प्रवेश कर रही है।
आज एक स्मार्टफोन हमारे पूरे दिन की कहानी बयां कर सकता है — कब हम उठे, कहाँ गए, किससे मिले और कब वापस आए।

यही कारण है कि विशेषज्ञ लगातार “डिजिटल प्राइवेसी अवेयरनेस बढ़ाने की बात कर रहे हैं।
दुनिया के कई देशों ने डेटा सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाए हैं, जैसे कि GDPR (General Data Protection Regulation), लेकिन भारत में अब भी बहुत से लोग इस विषय पर जागरूक नहीं हैं।

भारत सरकार ने भी डेटा प्रोटेक्शन एक्ट लाने की दिशा में कदम उठाए हैं, जिससे नागरिकों की निजी जानकारी को बेहतर तरीके से सुरक्षित किया जा सके।

निष्कर्ष

IIT Delhi GPS Research हमें यह सिखाती है कि तकनीक पर भरोसा जरूरी है, लेकिन सावधानी के साथ।
हर व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि उसका फोन सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि उसके जीवन की डिजिटल डायरी है।
अगर यह गलत हाथों में चला जाए, तो आपकी निजी जानकारी, तस्वीरें और लोकेशन तक खतरे में पड़ सकती हैं।

इसलिए याद रखें:

  • हर ऐप को लोकेशन एक्सेस न दें।
  • बैकग्राउंड डेटा ट्रैकिंग को बंद रखें।
  • और समय-समय पर अपने डिजिटल प्राइवेसी सेटिंग्स की जांच करते रहें।

तकनीक हमारी मदद के लिए बनी है, हमारे खिलाफ नहीं — बशर्ते हम इसका इस्तेमाल समझदारी से करें।
आपकी सुरक्षा, आपके हाथ में है।

JEE Main 2026 Exam Date: जेईई मेन 2026 परीक्षा तिथि, आवेदन, सिलेबस और एडमिट कार्ड की पूरी जानकारी

jee main 2026 exam date

शिक्षा डेस्क, नई दिल्ली।
jee main 2026 exam date: हर साल लाखों छात्र JEE Main परीक्षा का इंतज़ार करते हैं ताकि वे प्रतिष्ठित IITs, NITs और अन्य शीर्ष इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला पा सकें। इस साल भी स्टूडेंट्स के मन में एक ही सवाल है — “jee main 2026 exam date क्या है?” अगर आप भी 2026 में इंजीनियरिंग एंट्रेंस की तैयारी कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। आइए जानते हैं jee main 2026 exam date, आवेदन प्रक्रिया, सिलेबस, एडमिट कार्ड और परीक्षा पैटर्न से जुड़ी हर अहम जानकारी।

JEE Main 2026 Exam Date कब होगी?

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित JEE Main 2026 exam date को लेकर छात्रों के बीच काफी उत्सुकता है। आमतौर पर यह परीक्षा साल में दो बार होती है — पहला सेशन जनवरी में और दूसरा सेशन अप्रैल में।
पिछले वर्षों के पैटर्न को देखते हुए अनुमान है कि:

  • JEE Main 2026 Session 1 Exam Date: जनवरी 2026 के पहले या दूसरे सप्ताह में
  • JEE Main 2026 Session 2 Exam Date: अप्रैल 2026 के दूसरे सप्ताह में

हालांकि, NTA द्वारा आधिकारिक नोटिफिकेशन आने के बाद ही jee main 2026 exam date की सटीक पुष्टि होगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे NTA की आधिकारिक वेबसाइट (nta.ac.in या jeemain.nta.ac.in) पर नियमित रूप से अपडेट चेक करते रहें।

READ ALSO

JEE Main 2026 Application Form और Registration प्रक्रिया

jee main 2026 exam date घोषित होने के कुछ सप्ताह बाद ही इसका आवेदन फॉर्म जारी किया जाएगा। आमतौर पर NTA, परीक्षा तिथि से 2 महीने पहले आवेदन विंडो खोलता है।
पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी —

  1. सबसे पहले NTA की वेबसाइट पर जाएं।
  2. “JEE Main 2026 Application Form” लिंक पर क्लिक करें।
  3. मांगी गई सभी जानकारी जैसे नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर, शैक्षिक योग्यता भरें।
  4. फोटोग्राफ और हस्ताक्षर अपलोड करें।
  5. आवेदन शुल्क का भुगतान करें और फॉर्म सबमिट करें।

आवेदन के बाद उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे jee main 2026 exam date को कैलेंडर में नोट कर लें और तैयारी उसी के अनुसार जारी रखें।

यह भी पढ़ें:-BPSC TRE 4.0 भर्ती 2025: बिहार में शिक्षक बहाली पर बड़ा अपडेट, नोटिफिकेशन जल्द, 27,910 पदों पर मौका

JEE Main 2026 Syllabus और Exam Pattern

हर छात्र के मन में यह प्रश्न होता है कि jee main 2026 exam date आने के बाद सिलेबस क्या रहेगा? तो बता दें कि JEE Main 2026 का सिलेबस पिछले वर्षों जैसा ही रहने की उम्मीद है।
इस परीक्षा में Physics, Chemistry, और Mathematics तीन विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे।
परीक्षा CBT (Computer Based Test) मोड में आयोजित होगी।

  • कुल 90 प्रश्न होंगे, जिनमें से 75 प्रश्नों का उत्तर देना अनिवार्य है।
  • प्रत्येक सेक्शन (Physics, Chemistry, Maths) में 30 प्रश्न होंगे, जिनमें से 25 ही हल करने होंगे।
  • हर सही उत्तर के लिए 4 अंक मिलेंगे और गलत उत्तर पर 1 अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी।

छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे jee main 2026 exam date के अनुसार अपनी तैयारी का टाइमटेबल बनाएं ताकि सभी विषयों को बराबर समय मिल सके।

JEE Main 2026 Preparation Strategy

jee main 2026 exam date नज़दीक आते ही छात्रों में तैयारी को लेकर हलचल बढ़ जाती है। ऐसे में एक संतुलित तैयारी रणनीति अपनाना बेहद जरूरी है।

  • Concept Clarity: पहले बेसिक कांसेप्ट मजबूत करें।
  • NCERT Books: खासकर 11वीं और 12वीं की NCERT किताबों को बार-बार पढ़ें।
  • Previous Papers: पिछले सालों के प्रश्नपत्र हल करें, इससे परीक्षा पैटर्न की समझ मिलेगी।
  • Mock Tests: jee main 2026 exam date से पहले जितने ज्यादा मॉक टेस्ट संभव हों, दें।
  • Time Management: प्रत्येक सेक्शन में समय बांटकर अभ्यास करें।

अगर आप इन बातों का पालन करते हैं, तो निश्चित रूप से jee main 2026 exam date तक आपका आत्मविश्वास दोगुना हो जाएगा।

Admit Card और Exam Centre की जानकारी

NTA द्वारा jee main 2026 exam date से लगभग 10 दिन पहले एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा। उम्मीदवार इसे NTA की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।
एडमिट कार्ड में निम्नलिखित जानकारी होगी —

  • उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर
  • परीक्षा की तिथि (jee main 2026 exam date)
  • परीक्षा का समय और स्थान
  • रिपोर्टिंग समय और परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश

परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से पहले छात्र अपने एडमिट कार्ड, फोटो आईडी प्रूफ और जरूरी दस्तावेज साथ लेकर जाएं।

JEE Main 2026 Result और Counselling प्रक्रिया

jee main 2026 exam date के बाद NTA परिणाम को ऑनलाइन जारी करेगा। परिणाम Percentile Score के आधार पर घोषित किए जाते हैं। इसके बाद उम्मीदवार JoSAA Counselling 2026 में भाग लेकर अपने पसंदीदा कॉलेज और कोर्स चुन सकते हैं।

यदि आपने jee main 2026 exam date वाले दोनों सेशन में परीक्षा दी है, तो बेहतर स्कोर वाले सेशन को माना जाएगा। यही स्कोर आपके IIT या NIT में प्रवेश का रास्ता तय करेगा।

निष्कर्ष

JEE Main 2026 Exam Date केवल एक तिथि नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के सपनों की दिशा तय करने वाला क्षण है। जो छात्र अभी से तैयारी में जुट जाएंगे और jee main 2026 exam date तक निरंतर अभ्यास करेंगे, उनके लिए सफलता सिर्फ एक कदम दूर होगी।
इसलिए अभी से अपनी योजना बनाइए, नियमित अध्ययन कीजिए, और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़िए — क्योंकि आपका सपना IIT या NIT यहीं से शुरू होता है।अगर आप इंजीनियरिंग में करियर बनाना चाहते हैं, तो jee main 2026 exam date आपके लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।

इस परीक्षा की तैयारी लंबी और धैर्यपूर्ण होती है, लेकिन निरंतर अभ्यास और सही मार्गदर्शन से सफलता निश्चित है।
याद रखें —और सबसे महत्वपूर्ण — jee main 2026 exam date को लेकर अपने समय का सदुपयोग करें।

सटीक योजना बनाएं

नियमित पुनरावृत्ति करें

मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें

Bihar Graduation Scholarship 2025: बिहार स्नातक छात्रवृत्ति का पैसा आया या नहीं, ऐसे करें चेक | आवेदन स्थिति, लिस्ट और भुगतान जानकारी

Bihar Graduation Scholarship 2025

Bihar Graduation Scholarship 2025: बिहार सरकार हर साल स्नातक (Graduation) पास छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है ताकि वे उच्च शिक्षा या करियर की तैयारी कर सकें। यह योजना खास तौर पर मुख्यमंत्री स्नातक छात्रवृत्ति योजना (Mukhymantri Sanatak Protsahan Yojana) के नाम से चलाई जाती है।

2025 में जिन विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, अब उनका भुगतान (Payment) जारी किया जा रहा है। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आपके खाते में पैसा आया या नहीं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स ध्यान से पढ़ें।

बिहार स्नातक छात्रवृत्ति योजना 2025 क्या है?

Bihar Graduation Scholarship 2025, बिहार सरकार की एक प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य राज्य के उन युवाओं को प्रोत्साहन देना है जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) पास किया है।

इस योजना के तहत —

  • सामान्य वर्ग (General), पिछड़ा वर्ग (OBC), अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC), अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्र आवेदन कर सकते हैं।
  • सरकार द्वारा चयनित छात्रों को ₹50,000 तक की राशि दी जाती है।
  • यह राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

मुख्य उद्देश्य:
शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाना और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना।

READ ALSO:

बिहार स्नातक छात्रवृत्ति का पैसा आया है या नहीं — कैसे करें ऑनलाइन चेक

Bihar Graduation Scholarship 2025, अब बात करते हैं सबसे जरूरी हिस्से की — “कैसे पता करें कि पैसा आया या नहीं?”
बिहार सरकार ने इसके लिए medhasoft.bih.nic.in और dbt.bihar.gov.in वेबसाइटें जारी की हैं।

स्टेप-बाय-स्टेप तरीका:

Step 1:

सबसे पहले अपने मोबाइल या लैपटॉप में कोई भी ब्राउज़र खोलें और सर्च करें —
https://medhasoft.bih.nic.in/

Step 2:

अब होमपेज पर “Student Payment Status” या “Application Status” का ऑप्शन मिलेगा — उस पर क्लिक करें।

Step 3:

अब आपसे कुछ जानकारी मांगी जाएगी —

  • District (जिला चुनें)
  • College Name
  • Student Name या Registration Number
Step 4:

सभी जानकारी भरने के बाद “Search” बटन पर क्लिक करें।

Step 5:

अब आपके सामने आपकी Application Status खुल जाएगी, जहां यह लिखा होगा कि —

  • आपका आवेदन स्वीकृत हुआ है या नहीं
  • बैंक में पैसा भेजा गया या नहीं
  • Payment Reference Number और Date

अगर “Payment Success” लिखा है तो समझिए कि पैसा आपके बैंक खाते में जल्द ही पहुंच जाएगा।

अगर पैसा नहीं आया तो क्या करें?

Bihar Graduation Scholarship 2025, कई बार सर्वर या बैंक की देरी की वजह से भुगतान में कुछ समय लग जाता है। अगर आपके आवेदन में सबकुछ सही है लेकिन अभी भी पैसा नहीं आया, तो नीचे दिए उपाय अपनाएं।

यह भी पढ़ें:PM Kisan Samman Nidhi Yojana 21वीं installment 2025: तारीख, भुगतान प्रक्रिया और लाभार्थियों के लिए पूरी जानकारी

चेक करें ये 5 जरूरी बातें:

  1. बैंक खाता सही है या नहीं: आवेदन के समय दिए गए बैंक अकाउंट में कोई गलती तो नहीं।
  2. आधार लिंक बैंक खाता: सुनिश्चित करें कि बैंक खाता आधार से लिंक हो।
  3. DBT लाभार्थी लिस्ट देखें: https://dbt.bihar.gov.in वेबसाइट पर जाकर “Beneficiary Status” में देखें कि आपका नाम है या नहीं।
  4. कॉलेज से संपर्क करें: कभी-कभी कॉलेज द्वारा वेरिफिकेशन पेंडिंग रहता है।
  5. जिला नोडल ऑफिस से संपर्क करें: अगर फिर भी समस्या हो, तो अपने जिले के Education Department Office में संपर्क करें।

बिहार स्नातक छात्रवृत्ति के लिए जरूरी दस्तावेज़ और आवेदन प्रक्रिया

Bihar Graduation Scholarship 2025, अगर आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है, तो अगली बार आवेदन के समय नीचे दिए गए दस्तावेज़ तैयार रखें।

जरूरी दस्तावेज़:

  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक (जिसमें IFSC कोड स्पष्ट हो)
  • स्नातक की मार्कशीट
  • कॉलेज का बोनाफाइड सर्टिफिकेट
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी

आवेदन प्रक्रिया:

  1. वेबसाइट खोलें — https://medhasoft.bih.nic.in
  2. Apply Online” सेक्शन में जाएं।
  3. मांगी गई जानकारी भरें।
  4. दस्तावेज़ अपलोड करें।
  5. आवेदन सबमिट कर Acknowledgement Slip प्रिंट करें।

छात्रवृत्ति भुगतान स्थिति की जांच करने का वैकल्पिक तरीका (DBT पोर्टल से)

अगर Medhasoft वेबसाइट खुल नहीं रही है, तो आप DBT Bihar Portal से भी स्टेटस देख सकते हैं।

स्टेप्स:

  1. जाएं: https://dbt.bihar.gov.in
  2. Track Application Status” पर क्लिक करें।
  3. अपने Application ID या Account Number डालें।
  4. स्क्रीन पर आपके भुगतान की पूरी जानकारी दिखाई देगी।

निष्कर्ष

Bihar Graduation Scholarship 2025, राज्य के लाखों युवाओं के लिए एक बड़ा सहारा है। अगर आपने आवेदन किया है, तो ऊपर दिए गए तरीकों से ऑनलाइन पेमेंट स्टेटस चेक करें।

अगर आपका पैसा नहीं आया है, तो बैंक और कॉलेज दोनों से वेरिफिकेशन करवाना जरूरी है। सरकार द्वारा सभी योग्य छात्रों के खातों में धीरे-धीरे पैसा भेजा जा रहा है, इसलिए चिंता न करें।

महत्वपूर्ण सलाह: किसी भी फर्जी वेबसाइट या एजेंट से बचें। हमेशा सिर्फ सरकारी पोर्टल — medhasoft.bih.nic.in या dbt.bihar.gov.in पर ही चेक करें।

Bihar STET 2025 CBT Exam: बिहार बोर्ड ने परीक्षा संचालन के लिए अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की, 14 अक्टूबर से शुरू होगी परीक्षा

Bihar STET 2025 CBT Exam

Bihar STET 2025 CBT Exam:बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) 2025 के आयोजन को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। इस बार परीक्षा को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और आधुनिक तकनीक से संपन्न कराने के लिए समिति ने नौ अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है। यह परीक्षा 14 अक्टूबर से 16 नवंबर 2025 तक Computer Based Test (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।

बिहार बोर्ड ने इस बार परीक्षा के संचालन की निगरानी के लिए पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, सहरसा और भोजपुर जिलों को शामिल किया है। परीक्षा के दौरान प्रशासनिक और तकनीकी सहयोग सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

परीक्षा तिथि, स्थान और आयोजन प्रणाली की पूरी जानकारी

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से जारी कार्यालय आदेश (संख्या 39/2025) में स्पष्ट किया गया है कि माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 14 अक्टूबर 2025 से 16 नवंबर 2025 तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा Computer Based Test (CBT) मोड में होगी, जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना समाप्त हो जाएगी और मूल्यांकन प्रक्रिया भी तेज़ी से पूरी की जा सकेगी।

READ ALSO:

इस बार परीक्षा केंद्रों को बिहार के प्रमुख जिलों में विभाजित किया गया है —

  • पटना
  • गया
  • मुजफ्फरपुर
  • दरभंगा
  • भागलपुर
  • पूर्णिया
  • सहरसा
  • भोजपुर

यह सभी केंद्र पूरी तरह ऑनलाइन व्यवस्था से लैस होंगे। अभ्यर्थियों के प्रवेश, बायोमेट्रिक उपस्थिति और लाइव सर्विलांस के तहत परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी।

BSEB अध्यक्ष ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि STET परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराया जाए ताकि योग्य उम्मीदवारों को उचित अवसर मिले।”

Bihar STET 2025 CBT Exam,प्रतिनियुक्त अधिकारियों की सूची और जिम्मेदारियां

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी आदेश में नौ अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है जो परीक्षा संचालन से संबंधित सभी प्रशासनिक कार्यों की देखरेख करेंगे। इन अधिकारियों को परीक्षा की पूरी अवधि तक संबंधित जिलों में तैनात रहना होगा और परीक्षा से जुड़ी किसी भी समस्या या रिपोर्ट को तुरंत केंद्रीय कार्यालय को भेजना होगा।

नीचे दी गई तालिका में अधिकारियों की विस्तृत जानकारी दी गई है:

यह भी पढ़ेBihar Police Constable Vacancy 2025: बिहार में 4128 पदों पर बंपर भर्ती शुरू, 12वीं पास उम्मीदवार करें आवेदन

क्रम सं.अधिकारी का नामपदनामजिलासंपर्क संख्या
1श्री विश्वजीत कुमारनिरीक्षकपटना9534551324
2श्री राजीव सिंहपदस्थगया9470447576
3श्री शरण कुमारएएफओ/टीओएसओमुजफ्फरपुर6201443081
4मोo तौकीर आलमपदस्थदरभंगा7909085279
5श्री राजेश कुमार-1सहायक (संवित)भागलपुर8210510130
7श्री देवराज गोलेरियापदस्थपूर्णिया7903751287
8श्री आनंद कुमारपदस्थसहरसा9921002582
9श्री उपेन्द्र नाथ ठाकुरपदस्थभोजपुर7004178705

Bihar STET 2025 CBT Examइन अधिकारियों को 10 अक्टूबर 2025 तक केंद्रीय प्रशासनिक शाखा (विविध) से संपर्क कर आगे की कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है।साथ ही, जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और शिक्षा निदेशक के सहयोग से परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, निगरानी और प्रशासनिक नियंत्रण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

BSEB ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रतिनियुक्त कर्मियों को कार्य पूर्ण होने के बाद 15 दिनों के भीतर यात्रा व्यय का प्रतिवेदन जमा करना होगा।

STET 2025 CBT परीक्षा की विशेषताएँ और उम्मीदवारों के लिए जरूरी निर्देश

इस वर्ष बिहार बोर्ड की STET परीक्षा को पूरी तरह डिजिटलीकृत किया गया है। इससे न केवल प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनी रहेगी बल्कि मूल्यांकन भी तेज़ी से होगा। परीक्षा में उम्मीदवारों को ऑनलाइन पेपर देना होगा, जहाँ सभी प्रश्नों को कंप्यूटर पर ही हल किया जाएगा।

CBT प्रणाली की मुख्य विशेषताएँ:

  • परीक्षा केंद्रों पर रीयल-टाइम मॉनिटरिंग।
  • बायोमेट्रिक उपस्थिति और कैमरा सर्विलांस।
  • प्रश्नों का रैंडमाइजेशन ताकि किसी भी तरह की नकल की संभावना न रहे।
  • उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड के साथ वैध फोटो पहचान पत्र लाना अनिवार्य होगा।
  • परीक्षा हॉल में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की अनुमति नहीं होगी।

BSEB की ओर से अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से संबंधित अपडेट, एडमिट कार्ड डाउनलोड लिंक और सेंटर विवरण के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही जाएँ — https://biharboardonline.bihar.gov.in

STET परीक्षा का उद्देश्य और बिहार सरकार की पहल

माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) का मुख्य उद्देश्य बिहार के सरकारी स्कूलों में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों की योग्यता का परीक्षण करना है।पिछले कुछ वर्षों में, बिहार बोर्ड ने परीक्षा प्रक्रिया को लगातार डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। CBT मॉडल का यह दूसरा चरण है, जिसमें तकनीकी खामियों को दूर करते हुए आधुनिक सॉफ्टवेयर आधारित मॉनिटरिंग की जाएगी।

यह परीक्षा बिहार के लाखों अभ्यर्थियों के लिए उम्मीद की किरण है, जो राज्य में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार, इस बार परीक्षा परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, जिससे राज्य के स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी हो सके।

BSEB का संदेश: पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने कहा है कि परीक्षा संचालन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएँ समयबद्ध और पारदर्शी होंगी। समिति ने प्रशासन, पुलिस और शिक्षा अधिकारियों के सहयोग से अभ्यर्थियों के लिए एक सुरक्षित और निष्पक्ष माहौल तैयार करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है।

संयुक्त सचिव (स्थापना) द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि प्रतिनियुक्त अधिकारी अपने कार्यकाल के दौरान पूर्ण जिम्मेदारी से परीक्षा संचालन की निगरानी करेंगे और हर स्थिति में परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराएँगे।

Bihar STET 2025 CBT Examमुख्य तथ्य संक्षेप में

  • परीक्षा का नाम: Bihar STET 2025
  • परीक्षा मोड: Computer Based Test (CBT)
  • परीक्षा तिथि: 14 अक्टूबर से 16 नवंबर 2025 तक
  • आयोजनकर्ता: Bihar School Examination Board (BSEB)
  • प्रतिनियुक्त अधिकारी: 9
  • आदेश जारी: 09 अक्टूबर 2025
  • स्थान: पटना, बिहार