बिहार में इस बार नवंबर के अंतिम सप्ताह में ही सर्दी ने दस्तक दे दी है। आमतौर पर दिसंबर के पहले सप्ताह के बाद ठंड में तेजी देखी जाती है, लेकिन 2025 में मौसम ने एक अलग ही करवट ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए विशेष ‘कोल्ड वेव + डेंस फॉग’ अलर्ट जारी किया है। राजधानी पटना, गया, मुजफ्फरपुर, नालंदा, औरंगाबाद, नवादा, बेगूसराय और पूर्वी चंपारण में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। रात और सुबह की तापमान तेजी से नीचे जा रहा है, वहीं कोहरे का असर इतना बढ़ चुका है कि दृश्यता काफी कम हो चुकी है।
इस मौसम परिवर्तन का सीधा असर जनजीवन, यात्रा, कृषि, स्वास्थ्य और स्कूल-कॉलेज में देखा जा रहा है। इस रिपोर्ट में हम विस्तार से जानेंगे कि IMD ने क्या चेतावनी दी है, किन क्षेत्रों में ठंड और कोहरा अधिक असर डाल सकता है, और आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा।
तापमान में रिकॉर्ड गिरावट – रातें हुईं ठंडी, सुबह में छाया कोहरा
इस समय बिहार के कई जिलों में देर रात और सुबह के वक़्त तापमान अचानक तेजी से गिर रहा है। पटना में न्यूनतम तापमान 11–12°C तक दर्ज किया गया, जबकि गया और नवादा में कुछ स्थानों पर 10°C से भी नीचे चला गया। सामान्यतः नवंबर के अंत में न्यूनतम तापमान 14–16°C रहता है, लेकिन इस बार यह पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़कर करीब 3–5 डिग्री नीचे आ गया है।
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IMD के अनुसार, उत्तर पश्चिम से आने वाली ठंडी हवाओं और हिमालयी राज्यों में बर्फबारी के कारण यह गिरावट हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा की दिशा बदलने और नमी बढ़ने से कई जिलों में ‘घना कोहरा’ बनने लगा है, जो दिसंबर और जनवरी की तरह महसूस कराया रहा है।
● पटना में स्थिति
राजधानी पटना में सुबह 5 बजे से 9 बजे तक सड़क पर 50–100 मीटर से अधिक दूरी दिखना मुश्किल हो रहा है। इससे सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ गया है और लोग वाहन धीरे चलाने को मजबूर हैं। ट्रैफिक विभाग ने भी लोगों से सुबह के समय हैडलाइट ऑन रखने की अपील की है।
● गया और औरंगाबाद
गया में हवा अत्यंत ठंडी होने के कारण सुबह-सुबह कई लोग अलाव का सहारा लेते दिख रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्रों ने किसानों को चेतावनी दी है कि ठंडी हवा सब्जियों की खेती पर असर डाल सकती है।
● मुजफ्फरपुर और वैशाली
उत्तर बिहार में कोहरा और नमी दोनों बढ़ रहे हैं। मुजफ्फरपुर और वैशाली में कोहरे की परत इतनी घनी है कि कई जगहों पर परिवहन सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।
कोहरे से बिगड़ी स्थिति – ट्रेनों में देरी, उड़ानें प्रभावित, स्कूल-कॉलेजों की समस्या बढ़ी
IMD के अनुसार बिहार में अगले कुछ दिनों तक ‘हल्का से घना कोहरा’ छाया रहेगा। कोहरा बढ़ने का सबसे बड़ा असर परिवहन पर पड़ रहा है— विशेष रूप से सड़क, रेल और हवाई यातायात पर।
रेलवे पर असर:
कई महत्वपूर्ण ट्रेनें देर से चल रही हैं। पटना–नई दिल्ली, पटना–रांची, दरभंगा–दिल्ली और मुजफ्फरपुर–गया रूट पर 1 से 4 घंटे की देरी दर्ज की जा रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सिग्नल की दृश्यता कम होने से ट्रेनों की स्पीड कम कर दी गई है, जिससे देरी अनिवार्य है।
हवाई सेवाओं पर असर:
पटना एयरपोर्ट पर सुबह की कुछ उड़ानें प्रभावित हुई हैं। दृश्यता कम होने से रनवे पर उड़ान भरना और उतरना चुनौतीपूर्ण हो गया है। कुछ उड़ानें देरी से चलाई जा रही हैं और कुछ को डायवर्ट भी किया गया है।
स्कूल-कॉलेजों का हाल:
कोहरे और ठंड का सबसे ज़्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है।
- कई बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते।
- सुबह-सुबह बच्चों को ठंडी हवा से सामना करना पड़ रहा है।
- अभिभावक मांग कर रहे हैं कि स्कूल समय 1 घंटे आगे बढ़ाया जाए।
राज्य सरकार इस पर विचार कर सकती है, यदि तापमान आगे और गिरता है।
स्वास्थ्य, कृषि और जनजीवन पर असर – IMD के लिए गाइडलाइन और सावधानियाँ
स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव
अचानक ठंड बढ़ने से सर्दी-जुकाम, खांसी, सांस संबंधी बीमारियां और अस्थमा रोगियों की समस्या बढ़ जाती है। डॉक्टर्स के अनुसार—
- सुबह-शाम बाहर न निकलें,
- मास्क या मफलर से मुंह-नाक ढकें,
- गुनगुना पानी पीते रहें।
बच्चों और बुज़ुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि कोहरे में मौजूद नमी फेफड़ों पर खराब असर डालती है।
किसानों पर प्रभाव
कोहरे और ठंडी हवा का असर रबी और सब्जियों की फसलों पर दिखना शुरू हो गया है।
- सरसों, मटर और गेहूं की फसल तापमान गिरने से प्रभावित हो सकती है।
- पत्तेदार सब्जियों (गोबी, पालक, मेथी) पर पाला पड़ने का खतरा बढ़ गया है।
कृषि वैज्ञानिक सलाह दे रहे हैं कि किसान—
- फसल को हल्की सिंचाई दें,
- खेत के किनारों पर धुआं करें,
- पौधों को तापमान गिरने से बचाएं।
जनजीवन पर प्रभाव
- सुबह की बसें लेट चल रही हैं।
- रिक्शा-ऑटो वालों को कमाई में नुकसान।
- बाज़ारों में सुबह रौनक कम, शाम में भीड़ अधिक।
- रात 9 बजे के बाद बाहर निकलने वालों की संख्या काफी कम।
IMD की गाइडलाइन
IMD ने कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए हैं—
- सुबह के समय गाड़ी धीरे चलाएं।
- हाई और लो बीम लाइट दोनों का उपयोग करें।
- यात्रा से पहले मौसम की जानकारी देख लें।
- सुबह-सुबह व्यायाम करने से बचें।
- बच्चों और बुज़ुर्गों को ठंडी हवा से बचाकर रखें।
बिहार में अगले 7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान – ठंड और बढ़ सकती है
IMD के अनुसार बिहार में अगले 7 दिनों में ठंड और अधिक बढ़ सकती है।
- न्यूनतम तापमान 9–11°C तक जा सकता है।
- सुबह 4–9 बजे के बीच कोहरा सबसे घना रहेगा।
- दिन का तापमान 24–27°C के बीच रहेगा।
- हवा की गति 4–8 किमी/घंटा रहने की संभावना।
अगर हवा में नमी बढ़ती है, तो कोहरे की मोटी परत और भी गहरी हो सकती है।इस बार बिहार में नवंबर के अंत में ही कड़ाके की ठंड शुरू हो चुकी है। IMD की चेतावनी बताती है कि राज्य में अगले कुछ दिनों तक स्थिति और गंभीर हो सकती है। किसानों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, यात्रियों और आम जनता को सावधानी बरतनी बेहद जरूरी है।
ठंड और कोहरे का यह दौर अगर दिसंबर की शुरुआत तक जारी रहा, तो यह सर्दी पिछले कई सालों की तुलना में अधिक कठोर हो सकती है। इसलिए लोगों को अभी से तैयारी शुरू करनी चाहिए—
गर्म कपड़े, समय पर यात्रा प्लानिंग, बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है।



