Bihar Weather 12–20 December: दिसंबर का मध्य भारत के मौसम के लिए हमेशा परिवर्तन का महीना माना जाता है, और इस बार भी हालात कुछ ऐसे ही दिख रहे हैं। 12 दिसंबर से 20 दिसंबर के बीच बिहार के अधिकतर जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। दिन में हल्की धूप जबकि रात में तापमान गिरने की संभावना है, जिससे सुबह-शाम की ठंड में बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग के संकेत बताते हैं कि इस अवधि में किसी बड़े पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना कम है, इसलिए बारिश की गतिविधि लगभग न के बराबर दिख रही है।
इस अवधि में राज्य के उत्तरी, पूर्वी और मध्य जिलों में कोहरे की स्थिति भी अधिक बनेगी, जबकि दक्षिण बिहार के इलाके अपेक्षाकृत साफ रहेंगे। आने वाले दिनों में तापमान में 2–3 डिग्री की गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे ठंड और सघन महसूस होगी। कुल मिलाकर, दिसंबर का दूसरा सप्ताह और तीसरे सप्ताह की शुरुआत बिहार में शीत ऋतु का वास्तविक अहसास कराएगी।
12 से 14 दिसंबर: हल्का बादल, सुबह-सुबह कोहरा और दिन में धूप
12 से 14 दिसंबर तक राज्य में मौसम का मिज़ाज लगभग स्थिर और साफ रहने वाला है। इन तीन दिनों के दौरान सुबह के समय घना या मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहेगा, खासकर पटना, सीतामढ़ी, मोतिहारी, समस्तीपुर, वैशाली और दरभंगा जैसे इलाकों में।
कोहरे की वजह से सुबह 6 बजे के आसपास दृश्यता 50–200 मीटर तक पहुँच सकती है, लेकिन 9 बजे के बाद मौसम सामान्य होने लगेगा। इसके बाद दोपहर तक धूप निकलने से वातावरण कुछ गर्म महसूस होगा।
इन दिनों दिन का अधिकतम तापमान 23–24°C के बीच और न्यूनतम तापमान 11–13°C के आसपास रहने की संभावना है।
हल्के बादल छाए रहने से दिन में धूप का असर सौम्य होगा। हवा की गति उत्तरी दिशा से 5–9 किमी/घंटा के बीच रहेगी, जो ठंड बढ़ाने का काम करेगी।
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इन तीन दिनों में बारिश का कोई मौका नहीं दिख रहा है। किसान वर्ग के लिए यह समय रबी फसलों की सिंचाई और खाद डालने के लिए अनुकूल माना जा रहा है। हालांकि सुबह-सुबह घने कोहरे में सड़क यात्रा करते समय सावधानी की ज़रूरत होगी।
15 से 17 दिसंबर: तापमान में गिरावट, रातें और ठंडी, हवा में नमी बढ़ेगी
15 तारीख़ से मौसम में ठंड का असर थोड़ा और तेज़ होने लगेगा। उत्तरी भारत में पश्चिमी विक्षोभ गतिविधि कमजोर होने के कारण ठंडी हवाएँ मैदानी इलाकों की तरफ तेज़ी से पहुँचेंगी, जिसका सीधा असर बिहार में महसूस होगा।
इन तीन दिनों में रात का तापमान घटकर 9–11°C तक पहुँच सकता है। कुछ जिलों में 8°C तक गिरावट के संकेत हैं, विशेषकर बेतिया, पश्चिम चंपारण, सीवान, गोपालगंज और मुज़फ्फरपुर क्षेत्र में।
दोपहर में धूप रहेगी, लेकिन हवा में नमी अधिक होने से कोहरा लंबे समय तक टिका रह सकता है।
15 से 17 दिसंबर का मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। हवाओं की दिशा अधिकतर उत्तर-पूर्वी रहेगी और नमी 65–85% तक पहुंच सकती है, जिससे रातें और भी ठंडी प्रतीत होंगी।
दोपहर का अधिकतम तापमान लगभग 23–25°C के बीच रहने का अनुमान है। सुबह के समय हल्की ठंड और शाम को ठंडी हवाएँ चलेगीं।
लोगों के लिए सलाह है कि सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़ों का उपयोग बढ़ाएं। बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह समय अधिक संवेदनशील होता है।
18 से 20 दिसंबर: शीतलहर की दस्तक संभव, पूरे बिहार में बढ़ेगी सर्दी
18 दिसंबर से 20 दिसंबर के बीच बिहार में ठंड का प्रभाव और अधिक बढ़ने के संकेत हैं। इस अवधि में रात का तापमान 8–10°C तक जा सकता है, जबकि कई स्थानों पर पारा 7°C के आसपास भी गिर सकता है।
इन तीन दिनों में सर्दी का वास्तविक अहसास होगा।
मौसम विभाग के अनुसार हवा की गति उत्तर से आएगी और ठंडी हवाएँ पूरे राज्य में चलेंगी, जिससे अधिकतम तापमान 22–23°C के बीच स्थिर रह सकता है।
कोहरा भी ज्यादा घना हो सकता है, और दृश्यता सुबह 7 बजे तक प्रभावित रह सकती है।
इस दौरान स्कूलों में प्रातःकालीन पाली को लेकर संशोधन की संभावना भी बढ़ जाती है, क्योंकि दिसंबर के तीसरे सप्ताह में कई बार घना कोहरा बच्चों की यात्रा के लिए चुनौती बन जाता है।
18 से 20 दिसंबर तक किसी भी प्रकार की बरसात का अनुमान नहीं है, लेकिन शुष्क और ठंडी हवाएँ पूरे बिहार में शीतलहर जैसी स्थिति बना सकती हैं।
उत्तरी बिहार (सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, किशनगंज) में सर्दी अपेक्षाकृत ज्यादा महसूस होगी।
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क्यों बढ़ रही है सर्दी? वैज्ञानिक कारण और मौसम प्रणाली की पड़ताल
दिसंबर के मध्य में बिहार में ठंड बढ़ने का कारण उत्तर भारत के हिमालय क्षेत्र में होने वाली बर्फबारी और हवाओं की दिशा में बदलाव है।जब पश्चिमी विक्षोभ कमजोर होता है, तब राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश से होकर आने वाली उत्तरी ठंडी हवाएँ सीधे बिहार में प्रवेश करती हैं।इन हवाओं की नमी कम होती है और तापमान तेजी से नीचे गिराता है।
इसके अलावा दिसंबर में रातें लंबी और दिन छोटे होने के कारण सतह तेजी से ठंडी होती है, जिससे रात का तापमान 2–4°C तक नीचे चला जाता है।नदियों, तालाबों और खेतों में जमा नमी भी सुबह-सुबह कोहरे का निर्माण तेज़ करती है।
पूरे पूर्वी भारत में इस समय किसान रबी सीजन की गतिविधियों में व्यस्त होते हैं, और शुष्क मौसम गेहूं, चना, मसूर जैसी फसलों के लिए अनुकूल माना जाता है।
स्थानीय जलवायु विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार दिसंबर का मध्य सामान्य से थोड़ा ठंडा रहने वाला है, और जनवरी 2026 की शुरुआत में सर्दी चरम पर पहुंच सकती है।बिहार के कई जिलों में न्यूनतम तापमान औसत से 1–3°C कम दर्ज किया जा सकता है।
मई-जून में आने वाली हीटवेव की तरह दिसंबर-जनवरी की शीतलहर भी स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करती है, और इस बार उत्तरी हवाओं की रफ्तार अधिक होने का अनुमान इसे और ठंडा बनाएगा।
12 से 20 दिसंबर तक बिहार में मौसम मुख्य रूप से ठंडा, शुष्क और स्थिर रहने वाला है। सुबह-सुबह कोहरा, रात में गिरता तापमान और दिन में हल्की धूप—यही इस अवधि की प्रमुख पहचान रहेगी।
ठंड सामान्य से अधिक महसूस होगी लेकिन बारिश का कोई खतरा नहीं।
कुल मिलाकर, यह अवधि बिहार में सर्दी के चरम की ओर बढ़ने का संकेत देगी।



