अमित शाह बिहार दौरा 2025: अमित शाह का बिहार दौरा टला,अब 8 अगस्त को सीधे सीतामढ़ी में करेंगे पुनौराधाम मंदिर का शिलान्यास

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अमित शाह बिहार दौरा 2025:बिहार की राजनीति में जब-जब कोई केंद्रीय नेता यात्रा करता है, तो उसके पीछे सिर्फ धार्मिक या सांस्कृतिक नहीं, बल्कि गहरे राजनीतिक संकेत भी छुपे होते हैं। ऐसा ही कुछ इस बार भी हुआ है जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का बिहार दौरा अचानक रद्द कर सीधा सीतामढ़ी के पुनौराधाम जाने का कार्यक्रम तय किया गया है। यह परिवर्तन न केवल कार्यक्रम से जुड़ा है बल्कि इसके पीछे भाजपा की आगामी चुनावी रणनीति को भी देखा जा रहा है।पहले की योजना के अनुसार, 7 अगस्त 2025 को अमित शाह पटना पहुंचने वाले थे, जहां वे भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात करते, संगठनात्मक बैठक में भाग लेते और रात्रि विश्राम भी करते। इसके बाद 8 अगस्त को उन्हें दरभंगा होते हुए सीतामढ़ी के पुनौराधाम में मां सीता मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में भाग लेना था।

अब क्या हुआ बदलाव?

अब नई योजना के अनुसार अमित शाह 7 अगस्त को पटना नहीं आएंगे। वे 8 अगस्त की सुबह दिल्ली से सीधे दरभंगा हवाई अड्डे पर उतरेंगे और वहां से हेलिकॉप्टर के ज़रिए सीधे पुनौराधाम, सीतामढ़ी जाएंगे। यहीं वे मां सीता मंदिर के भव्य निर्माण का शिलान्यास करेंगे।इस बदलाव के पीछे सुरक्षा कारण, राजनीतिक रणनीति, और संपूर्ण ध्यान धार्मिक कार्यक्रम पर केंद्रित रखना प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अमित शाह इस बार किसी राजनीतिक बैठक में शामिल नहीं होंगे ताकि शुद्ध रूप से धार्मिक और सांस्कृतिक संदेश दिया जा सके।

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पुनौराधाम: धार्मिक भावनाओं का केंद्र

पुनौराधाम, सीतामढ़ी जिले में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है, जिसे माता सीता का जन्मस्थल माना जाता है। यहां पहले से ही एक छोटा मंदिर मौजूद है लेकिन अब इसे भव्य रूप देने की तैयारी केंद्र सरकार और राज्य सरकार के सहयोग से हो रही है। मंदिर निर्माण में रामायण सर्किट को भी जोड़ा जाएगा, जिससे यह स्थान अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन स्थल बन सके।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। सूत्रों की मानें तो अमित शाह और नीतीश कुमार की मंच साझा करना एक अहम संदेश है—खासकर तब, जब बिहार में एनडीए की फिर से मजबूती की अटकलें तेज हो चुकी हैं।राजनीतिक संकेत चुनावी तैयारी का हिस्सा?

भले ही कार्यक्रम धार्मिक हो, लेकिन इस यात्रा को राजनीतिक चश्मे से भी देखा जा रहा है। बिहार में 2025 में विधानसभा चुनाव होने हैं और भाजपा अभी से जनभावना को साधने में जुटी है।

  • मां सीता का नाम लेकर भावनात्मक जुड़ाव
  • उत्तर बिहार में भाजपा की पकड़ मजबूत करना
  • सीतामढ़ी और दरभंगा जैसे मिथिला क्षेत्र में प्रचार रणनीति बनाना

यह सभी पहलू अमित शाह के कार्यक्रम से जुड़े माने जा रहे हैं।

अमित शाह बिहार दौरा 2025:भाजपा कार्यकर्ताओं में मिला-जुला असर

पटना के कार्यकर्ताओं में थोड़ा सा असंतोष जरूर है क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि गृहमंत्री उनके साथ संगठनात्मक बैठक करेंगे। लेकिन उन्हें यह भी समझाया गया है कि यात्रा का उद्देश्य धार्मिक है और समय की बाध्यता के चलते यह बदलाव जरूरी था।लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा ने बिहार में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया था। अब पार्टी का अगला फोकस 2025 विधानसभा चुनाव है। पुनौराधाम जैसे धार्मिक स्थलों पर कार्यक्रमों के जरिए पार्टी संस्कृति और राष्ट्रवाद की भावनाओं को जोड़कर अपना आधार मज़बूत करना चाहती है।

पुनौराधाम मंदिर के निर्माण से क्या होगा फायदा?

1.धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा

2.स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

3.बिहार को रामायण सर्किट से जोड़ने का सपना पूरा होगा

4.सीतामढ़ी की ऐतिहासिक पहचान को वैश्विक मान्यता मिल सकती है

अमित शाह की यह यात्रा मीडिया की सुर्खियों में है। जनता का बड़ा वर्ग इसे सकारात्मक दृष्टि से देख रहा है, खासकर मिथिला क्षेत्र में। सोशल मीडिया पर भी #AmitShahInBihar ट्रेंड कर रहा है, जिसमें लोग पुनौराधाम को विकसित करने की मांग वर्षों से करते आ रहे हैं।अमित शाह का यह बदला हुआ कार्यक्रम महज़ एक साधारण यात्रा नहीं है, बल्कि इसके पीछे भाजपा की लंबी रणनीति, धार्मिक संदेश, और चुनावी दृष्टिकोण सब कुछ छुपा है। अब देखना यह होगा कि 2025 विधानसभा चुनाव में यह रणनीति कितनी कारगर साबित होती है और पुनौराधाम मंदिर का निर्माण कब तक पूरा होता है।

बिहार में नीतीश सरकार के कार्यकाल में 3.38 लाख युवाओं को मिली सरकारी नौकरी: जानिए पूरा आंकड़ा

बिहार में नीतीश सरकार के कार्यकाल में 3.38 लाख युवाओं को मिली सरकारी नौकरी: जानिए पूरा आंकड़ा

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में युवाओं को सरकारी नौकरी देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राज्य सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) ने हाल ही में एक जानकारी साझा की, जिसमें बताया गया कि 1 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2025 के बीच कुल 3,38,306 युवाओं को सरकारी नौकरियों में नियुक्ति दी गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि सरकार ने अपने वादे के मुताबिक युवाओं को रोजगार देने में उल्लेखनीय प्रगति की है। आइए जानते हैं इस आंकड़े के पीछे की पूरी कहानी।

बिहार में सरकारी नौकरी किन विभागों में हुई हैं ये नियुक्तियाँ?

इस विशाल भर्ती प्रक्रिया में अलग-अलग विभागों ने भाग लिया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • शिक्षा विभाग (BPSC TRE)
  • पुलिस विभाग (बिहार पुलिस सिपाही भर्ती)
  • स्वास्थ्य विभाग (BTSC)
  • बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC)
  • राजस्व और प्रशासनिक सेवाएं

इन विभागों के माध्यम से बड़ी संख्या में पदों पर भर्ती की गई है। विशेष रूप से शिक्षा विभाग में TRE भर्ती अभियान के तहत ही लाखों पद भरे गए हैं।

BPSC के जरिए हुई सबसे ज्यादा भर्तियाँ

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने इन वर्षों में सबसे ज्यादा भर्तियाँ की हैं। BPSC द्वारा शिक्षक भर्ती, ब्लॉक लेवल ऑफिसर, पंचायत सचिव, सहायक अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर युवाओं का चयन किया गया। वर्तमान में TRE 4.0 के तहत 1.10 लाख शिक्षक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है, जो बिहार की अब तक की सबसे बड़ी शिक्षक भर्ती मानी जा रही है।

कैसे तय हुआ यह आंकड़ा?

राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों से प्राप्त डेटा को मिलाकर यह आंकड़ा साझा किया है। आंकड़ों के अनुसार:

अवधिनियुक्तियाँ
अप्रैल 2022 – मार्च 202398,000+
अप्रैल 2023 – मार्च 20241,12,000+
अप्रैल 2024 – मार्च 20251,28,306+
कुल3,38,306

यह आंकड़े राज्य की आधिकारिक एजेंसी द्वारा प्रमाणित हैं और सोशल मीडिया के ज़रिए आम जनता से साझा किए गए हैं।

क्या यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा?

बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के लिए यह दौर स्वर्णिम माना जा रहा है। यह पहली बार है जब इतने बड़े स्तर पर नियुक्तियाँ की गई हैं। कोचिंग संस्थानों और ऑनलाइन तैयारी प्लेटफॉर्म्स पर छात्रों की संख्या में इज़ाफा हुआ है। तैयारी कर रहे छात्रों को सरकार की इस दिशा में कोशिशों से उत्साह मिला है।सरकार का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले महीनों में और भी विभागों में बड़े स्तर पर रिक्त पदों पर बहालियाँ की जाएंगी। इसमें मुख्यतः शामिल होंगे:

ग्रामीण विकास विभाग में विभिन्न पदों पर भर्ती

बिहार पुलिस के 20,000 से अधिक पद

तकनीकी विभाग में JE व AE के 10,000 से अधिक पद

विपक्ष की प्रतिक्रिया

जहां एक ओर राज्य सरकार इसे नीतीश मॉडल ऑफ गवर्नेंस बता रही है, वहीं विपक्षी पार्टियां इन आंकड़ों पर सवाल भी उठा रही हैं। उनका कहना है कि सरकार को पारदर्शिता से विभागवार डेटा सार्वजनिक करना चाहिए। हालांकि सरकार का दावा है कि सारी भर्तियाँ पूरी पारदर्शिता से और मेरिट के आधार पर हुई हैं।सरकारी नौकरी पाने वाले कई युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी खुशी जाहिर की। पटना के रहने वाले एक नव-नियुक्त शिक्षक ने बताया: “मैंने 2022 में परीक्षा दी थी और अब मुझे नियुक्ति पत्र मिल चुका है। यह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा पल है।”इन भर्तियों में महिलाओं की भागीदारी भी सराहनीय रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में महिलाओं की नियुक्तियाँ लगभग 40% तक रही हैं, जो बिहार में महिला सशक्तिकरण का संकेत देती हैं।नीतीश सरकार के इस कार्यकाल में सरकारी भर्तियों का यह आंकड़ा युवाओं के भविष्य के लिए आशा की किरण लेकर आया है। 3.38 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार देना एक मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति का प्रमाण है।

यदि यह गति बनी रहती है, तो आने वाले वर्षों में बिहार देश के सबसे आगे रहने वाले राज्यों में शुमार हो सकता है – रोजगार के क्षेत्र में भी।

नीतीश सरकार का बड़ा फैसला: स्कूल कर्मचारियों का मानदेय हुआ दोगुना | जानिए किसे कितना मिलेगा?

नीतीश सरकार का बड़ा फैसला

1 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग से जुड़े करीब 2.56 लाख कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने स्कूलों में कार्यरत मिड डे मील रसोइयों, नाइट गार्ड, और पीटी (शारीरिक शिक्षा) प्रशिक्षकों का मासिक मानदेय दोगुना कर दिया।

यह फैसला एक विशाल सार्वजनिक समारोह में लिया गया, जिसमें शिक्षा विभाग और स्कूल प्रशासन से जुड़े कई अधिकारी एवं लाभार्थी उपस्थित थे।

किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?

इस फैसले से विशेष रूप से निम्नलिखित कर्मचारी वर्गों को सीधा लाभ मिलेगा:

1. शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य प्रशिक्षक (PT Teacher/Instructor)

2.मिड डे मील रसोइये (Cook)

3.नाइट गार्ड (Night Watchman)

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कितना बढ़ा मानदेय?

कर्मचारी वर्गपहले मानदेय (₹)अब मानदेय (₹)वार्षिक वृद्धि
मिड डे मील रसोइये₹1,650₹3,300
नाइट गार्ड₹5,000₹10,000
पीटी प्रशिक्षक (PT Teacher)₹8,000₹16,000₹200 → ₹400

लाभार्थी कितने?

इस फैसले से करीब 2.56 लाख कर्मचारी सीधे लाभान्वित होंगे। अगर एक परिवार में औसतन 4 सदस्य मानें जाएं, तो लगभग 10.24 लाख लोग इस बढ़े हुए मानदेय का लाभ उठा पाएंगे।बिहार में 2025 के अंत में विधानसभा चुनाव संभावित हैं। ऐसे में नीतीश सरकार का यह फैसला कई राजनीतिक मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सामाजिक न्याय और नीतीश की “विकास पुरुष” छवि को और मजबूत करता है। यह फैसला चुनाव से पहले ग्रामीण वोटबैंक को लुभाने की रणनीति है।और लंबे समय से मानदेय में वृद्धि की मांग कर रहे कर्मचारियों को आख़िरकार सम्मान मिला

शिक्षा व्यवस्था पर क्या होगा असर?

सकारात्मक प्रभाव:

  • कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा
  • स्कूलों में काम की गुणवत्ता सुधरेगी
  • बच्चों के लिए मिड डे मील की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है

चुनौतियाँ:

  • राज्य पर वेतन व्यय का बोझ बढ़ेगा
  • यदि फंडिंग का स्थायी स्रोत नहीं तय हुआ, तो भविष्य में संकट हो सकता है

भविष्य की रणनीति: नीतीश की अगली चाल?

नीतीश कुमार ने संकेत दिए कि शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला कल्याण क्षेत्रों में और भी घोषणाएं हो सकती हैं।
संभावना जताई जा रही है कि आने वाले समय में:

  • आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाया जा सकता है
  • पंचायत स्तर पर कार्यरत सहायकों को भी लाभ मिल सकता है
  • महिला समूहों को आर्थिक पैकेज दिया जा सकता है

जनता का सोशल मीडिया रिएक्शन ट्विटर पर क्या चल रहा है?

  • RJD और कांग्रेस ने इस घोषणा को “चुनावी लॉलीपॉप” बताया
  • बीजेपी नेताओं ने इसे “जनहित में स्वागत योग्य कदम” कहा
  • आम लोगों ने इसे सकारात्मक लेकिन देर से उठाया गया कदम माना

ट्वीट ट्रेंडिंग: #NitishDoubleHonorarium #BiharElection2025

नीतीश कुमार का यह फैसला सीधे ज़मीनी कर्मचारियों को राहत देने वाला कदम है। हालांकि इसे चुनावी फायदा लेने की कोशिश भी माना जा रहा है, लेकिन इसने लाखों लोगों के जीवन में आर्थिक सुधार की उम्मीद जगा दी है। अगर यह नीति लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहती है, तो यह बिहार की शिक्षा व्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।

Russia Tsunami Alert 2025: जापान और हवाई ने चेतावनी घटाई, भारत को कोई खतरा नहीं

Russia Tsunami Alert 2025

Russia Tsunami Alert 2025:30 जुलाई 2025 की सुबह रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र Kamchatka Peninsula में 8.8 तीव्रता का जबरदस्त भूकंप आया। यह भूकंप इतना शक्तिशाली था कि इसे दुनिया के इतिहास के सबसे बड़े भूकंपों में गिना जा रहा है। इसकी वजह से उत्तरी प्रशांत महासागर में tsunami (सुनामी) की लहरें उठीं, जिनका असर रूस, जापान, हवाई और अमेरिका के पश्चिमी तट तक पहुंचा।

किन देशों में जारी हुआ Tsunami अलर्ट?

जैसे ही भूकंप की जानकारी आई, कई देशों में Tsunami को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। इसमें शामिल थे:

  • रूस: Kamchatka Peninsula, Sakhalin Island, और Severo-Kurilsk में लहरें 3 से 5 मीटर तक पहुंचीं।
  • जापान: Iwate प्रीफेक्चर में 1.3 मीटर ऊँची लहर दर्ज की गई।
  • हवाई (Hawaii): चेतावनी जारी की गई, बाद में एडवाइजरी में बदली गई।
  • अमेरिका (US West Coast): कैलिफोर्निया, ओरेगन, और अलास्का में Tsunami एडवाइजरी जारी।
  • चीन: लहरें 30 से 100 सेमी तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया।
  • पेरू, इक्वाडोर, और मेक्सिको में भी Tsunami को लेकर चेतावनी जारी की गई।

क्या भारत पर कोई असर पड़ा?

नहीं, भारत के किसी तटीय क्षेत्र पर Tsunami का कोई प्रभाव नहीं पड़ा। Indian Tsunami Early Warning Centre (ITEWC) ने साफ किया कि: “Pre-run model analysis के आधार पर भारत के लिए कोई खतरा नहीं है।”इस बयान के साथ ही भारतीय नागरिकों को राहत की सांस मिली।रूस के Severo-Kurilsk टाउन में सभी नागरिकों को Tsunami की लहर आने से पहले ही निकाला गया। वहां के मेयर Alexander Ovsyannikov ने बताया: हर कोई सुरक्षित स्थानों पर पहुंच चुका है, हमारे पास पूरे एक घंटे का समय था।”जापान में भी 133 नगरपालिका क्षेत्रों में 900,000 लोगों को निकालने की एडवाइजरी जारी की गई।

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परमाणु संयंत्र सुरक्षित, कोई गड़बड़ी नहीं

जापान के सभी Nuclear Power Plants, खासकर Fukushima Daiichi, सुरक्षित बताए गए हैं।
Tokyo Electric Power Company ने बताया:

  • करीब 4,000 कर्मचारी ऊंचाई वाले इलाकों में शरण लिए हुए हैं।
  • संयंत्र की निगरानी रिमोट माध्यम से की जा रही है।

Russia Tsunami Alert 2025,यात्रा और ट्रांसपोर्ट पर असर

भूकंप और Tsunami अलर्ट की वजह से कई इलाकों में परिवहन सेवाओं पर असर पड़ा जापान के Sendai एयरपोर्ट ने रनवे अस्थायी रूप से बंद किया। और Tokyo से जुड़े कई फेरी और ट्रेन सेवाएं रद्द या विलंबित रहीं।अब तक की स्थिति के अनुसार किसी भी देश में जान-माल की भारी हानि की पुष्टि नहीं हुई है।हवाई और जापान ने अपने Tsunami वार्निंग को डाउनग्रेड करके एडवाइजरी में बदल दिया है।समुद्री लहरें कई देशों से टकराईं लेकिन ज़्यादातर स्थानों पर इनका प्रभाव सीमित रहा।

    Indian Consulate की चेतावनी

    Indian Consulate San Francisco ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को Tsunami के खतरे को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है: “कैलिफोर्निया, वेस्ट कोस्ट और हवाई में मौजूद भारतीय नागरिक सरकारी निर्देशों का पालन करें।”Tsunami Science में नया अध्याय 2004 के इंडियन ओशन Tsunami के बाद से Tsunami से जुड़ी वैज्ञानिक चेतावनी प्रणाली काफी उन्नत हुई है। इस घटना ने एक बार फिर से इस बात को प्रमाणित कर दिया कि समय पर चेतावनी और सुरक्षित निकासी से कितने बड़े संकट को टाला जा सकता है।भले ही इस भूकंप की तीव्रता अभूतपूर्व रही हो, लेकिन समय रहते दी गई चेतावनियों और सरकारी कदमों की वजह से भारी जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। यह आधुनिक तकनीक और आपदा प्रबंधन का एक बड़ा उदाहरण है।

    Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन की तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व, राखी बांधने की विधि और इतिहास

    Raksha Bandhan 2025

    Raksha Bandhan 2025:रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति का एक प्रमुख पर्व है, जो भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित होता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनके सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। वहीं, भाई बहनों को जीवनभर रक्षा करने का वचन देते हैं। यह त्यौहार प्रेम, आस्था और सामाजिक मूल्यों का प्रतीक है।

    रक्षाबंधन 2025 की तारीख और शुभ मुहूर्त

    रक्षाबंधन 2025 कब है?

    रक्षाबंधन 2025 में 9 अगस्त, शनिवार को मनाया जाएगा। यह दिन श्रावण मास की पूर्णिमा को आता है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।

    शुभ मुहूर्त

    • राखी बांधने का शुभ समय: 9 अगस्त 2025 को सुबह 10:00 बजे से शाम 7:30 बजे तक
    • पूर्णिमा तिथि शुरू: 9 अगस्त को सुबह 08:00 बजे
    • पूर्णिमा तिथि समाप्त: 10 अगस्त को सुबह 10:30 बजे
    • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:45 तक (विशेष शुभ समय)

    Raksha Bandhan 2025 में राखी बांधने की विधि

    राखी बांधना सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि श्रद्धा और भावना का प्रतीक है। इसे सही विधि से करने से पर्व की शुभता और बढ़ जाती है।

    राखी बांधने की विधि:

    1.पूजा की थाली में राखी, रोली, चावल, दीपक और मिठाई रखें।

    2.भाई को उत्तर या पूर्व दिशा में बैठाएं।

    3.बहन पहले तिलक लगाए, फिर अक्षत लगाकर आरती उतारे।

    4.इसके बाद राखी बांधते हुए यह मंत्र बोलें:

    “येन बद्धो बलि राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
    तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥”

    5.राखी के बाद भाई को मिठाई खिलाएं और उपहार दें।

    Drik Panchang – Raksha Bandhan 2025 Muhurat: click here

    रक्षाबंधन का पौराणिक महत्व

    रक्षाबंधन का संबंध सिर्फ वर्तमान से नहीं, बल्कि यह पर्व पौराणिक काल से जुड़ा हुआ है। इसकी कई ऐतिहासिक और धार्मिक कथाएं प्रचलित हैं। इंद्राणी और इंद्र की कथा जब देवताओं और असुरों का युद्ध चल रहा था, तब इंद्राणी ने इंद्र की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधा था। इसके प्रभाव से इंद्र को विजय मिली। तभी से यह परंपरा बनी।और श्रीकृष्ण और द्रौपदी महाभारत में जब श्रीकृष्ण की उंगली कट गई थी, तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी फाड़कर उनकी उंगली पर बांधी थी। इसके बदले श्रीकृष्ण ने द्रौपदी की लाज की रक्षा की।रानी कर्णावती और हुमायूं राजस्थान की रानी कर्णावती ने मुग़ल सम्राट हुमायूं को राखी भेजी थी। हुमायूं ने राखी की लाज रखते हुए उनके राज्य की रक्षा की।

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    Raksha Bandhan 2025 में रक्षाबंधन पर क्या उपहार दें?

    रक्षाबंधन के दिन भाई-बहन एक-दूसरे को उपहार देते हैं, जो इस पर्व को और भी खास बना देता है।

    भाई के लिए उपहार:
    • घड़ी या वॉलेट
    • ट्रेंडी टी-शर्ट
    • किताबें या मोबाइल गैजेट
    बहन के लिए उपहार:
    • आभूषण या ब्यूटी प्रोडक्ट्स
    • गिफ्ट वाउचर
    • इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स

    रक्षाबंधन: मिलन और यात्रा का पर्व

    रक्षाबंधन ऐसा पर्व है जब कई भाई-बहन दूरी तय कर घर लौटते हैं। इस दिन ट्रेनों और बसों में खास भीड़ रहती है। यह त्यौहार न सिर्फ एक परंपरा है, बल्कि परिवार को जोड़ने का माध्यम भी है। इस डिजिटल युग में रक्षाबंधन आज के समय में जब दूरियां बढ़ गई हैं, रक्षाबंधन ने डिजिटल रूप ले लिया है। बहनें ऑनलाइन राखी भेजती हैं, वीडियो कॉल पर तिलक करती हैं। कई वेबसाइट्स और एप्स राखी डिलीवरी की सुविधा देते हैं, जिससे यह पर्व नई तकनीक के साथ भी जीवंत रहता है। रक्षाबंधन का सामाजिक संदेश रक्षाबंधन हमें सिखाता है कि रिश्ते सिर्फ खून के नहीं, भावनाओं के होते हैं। यह पर्व प्रेम, सम्मान और सुरक्षा के संकल्प को दर्शाता है। इसमें भाई-बहन के अलावा दोस्त, पड़ोसी और यहां तक कि राष्ट्र की रक्षा करने वाले सैनिकों को भी राखी बांधी जाती है।रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा है। यह प्रेम, विश्वास और रक्षा के वचन का प्रतीक है। रक्षाबंधन 2025 को पूरे हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाएं और अपने रिश्तों को और मजबूत बनाएं।

    FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

    Q1. रक्षाबंधन 2025 कब मनाया जाएगा?

    उत्तर: 9 अगस्त 2025, शनिवार को।

    Q2. राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है?

    उत्तर: सुबह 10:00 बजे से शाम 7:30 बजे तक।

    Q3. क्या ऑनलाइन राखी भेजना संभव है?

    उत्तर: हां, कई वेबसाइट्स और ऐप्स के माध्यम से राखी भेजी जा सकती है।

    Q4. क्या बहनें सैनिकों को भी राखी भेज सकती हैं?

    उत्तर: बिल्कुल, यह एक प्रेरणादायक पहल मानी जाती है।

    गौतम गंभीर ने ऋषभ पंत के जज़्बे को किया सलाम – “मैं आमतौर पर किसी एक खिलाड़ी की तारीफ नहीं करता, लेकिन…”

    ऋषभ-पंत.

    मैनचेस्टर टेस्ट में टीम इंडिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। चोटिल होने के बावजूद मैदान पर उतरना और टीम को हार से बचाना – यह सिर्फ खेल भावना नहीं, बल्कि देशभक्ति और समर्पण का परिचायक है।

    पंत को क्रिस वोक्स की यॉर्कर गेंद ने पैर की उंगली पर गंभीर चोट पहुंचाई। मेडिकल स्कैन में फ्रैक्चर पाया गया और उन्हें छह हफ्ते के आराम की सलाह दी गई। इसके बाद माना गया कि वह शेष सीरीज़ से बाहर हो चुके हैं।

    ऋषभ पंत एक दिन बाद ही लंगड़ाते हुए लौटे मैदान पर

    लेकिन पंत ने वो किया जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। चोटिल पैर के साथ अगले ही दिन वह Old Trafford की सीढ़ियां उतरते हुए मैदान पर लौटे। उनकी हिम्मत और जुनून देख पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। उन्होंने अपने नाबाद 37 रनों में 17 रन और जोड़े और 54 रन की जुझारू पारी खेली, जो भारत को मैच ड्रॉ कराने की नींव बनी।गौतम गंभीर का ड्रेसिंग रूम में भावुक भाषणटीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर ने हमेशा टीम-आधारित सोच को महत्व दिया है और शायद ही कभी किसी एक खिलाड़ी की तारीफ करते हैं। लेकिन ऋषभ पंत की इस बहादुरी पर उनका दिल भी पिघल गया।गंभीर ने ड्रेसिंग रूम में कहा: “मैं आमतौर पर किसी एक खिलाड़ी की बात नहीं करता क्योंकि क्रिकेट एक टीम गेम है; लेकिन पंत, तुमने न सिर्फ इस ड्रेसिंग रूम को बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा दी है। जो तुमने किया है, वो एक विरासत बन गई है। देश को तुम पर गर्व है।”

    BCCI की आधिकारिक वेबसाइट CLICK HERE

    ऋषभ पंत “देश के लिए था, खुद के लिए नहीं” – पंत का भावुक संदेश

    ऋषभ पंत अब ओवल टेस्ट नहीं खेल पाएंगे। उनकी जगह एन जगदीशन को टीम में शामिल किया गया है, लेकिन ध्रुव जुरेल के खेलने की संभावना ज्यादा है।पंत ने अपने टीम साथियों को एक वीडियो संदेश में कहा:“मैं बस इतना कहना चाहता हूं – चलो ये टेस्ट जीतते हैं दोस्तों। ये मेरी नहीं, देश की लड़ाई है। जब पूरा देश एक साथ खड़ा होता है तो जो भावना आती है, वो शब्दों में नहीं बताई जा सकती।”

    India vs England Series: अब सबकुछ द ओवल टेस्ट पर निर्भर

    मैनचेस्टर टेस्ट ड्रॉ होने के बाद सीरीज 1-1 की बराबरी पर है। अब अंतिम टेस्ट द ओवल में खेला जाएगा, जो निर्णायक होगा।टीम इंडिया मानसिक रूप से इस वक्त मज़बूत दिख रही है, और पंत की प्रेरणा से बाकी खिलाड़ी भी उत्साहित हैं। शुभमन गिल का शानदार शतक और गेंदबाज़ों का दमदार प्रदर्शन भारत को जीत की दिशा में ले जा सकता है।क्रिकेट विशेषज्ञों की राय पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा: ऋषभ पंत की ये पारी सिर्फ एक अर्धशतक नहीं थी, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट में एक प्रेरणास्रोत बन गई है। जब एक खिलाड़ी इस हद तक जाकर खेलता है, तो वो टीम को नई ऊर्जा देता है।”

    सोशल मीडिया पर तारीफों की बौछार

    इंस्टाग्राम और ट्विटर पर “Pant The Warrior” ट्रेंड कर रहा है। हजारों फैन्स और सेलेब्रिटीज़ ने पंत को सलाम किया है। बीसीसीआई के ऑफिशियल पेज पर शेयर किया गया गौतम गंभीर का वीडियो भी वायरल हो गया है।

    गंभीर का बदलता कोचिंग स्टाइल

    गंभीर का यह कदम यह दिखाता है कि वह सिर्फ एक कठोर कोच नहीं हैं, बल्कि वो खिलाड़ियों के मनोबल को समझते हैं। उनका यह भावुक अंदाज आने वाले खिलाड़ियों में नया आत्मविश्वास पैदा करेगा।ऋषभ पंत की यह जुझारू पारी सिर्फ क्रिकेट के रिकॉर्ड में नहीं, बल्कि देशवासियों के दिलों में दर्ज हो चुकी है। गौतम गंभीर का सार्वजनिक तौर पर उनकी तारीफ करना यह दर्शाता है कि असली खिलाड़ी वही होता है जो विपरीत परिस्थितियों में भी डट कर खड़ा रहता है।अब देखना है कि भारत द ओवल टेस्ट में क्या इतिहास रचता है – लेकिन एक बात तय है, पंत की बहादुरी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बन चुकी है।

    FAQ

    Q1. क्या ऋषभ पंत अगला टेस्ट खेलेंगे?

    नहीं, उन्हें छह हफ्ते के लिए आराम की सलाह दी गई है।

    Q2. गंभीर ने पंत की तारीफ क्यों की?

    पंत ने चोट के बावजूद टीम के लिए खेला, जो गंभीर को बेहद प्रेरणादायक लगा।

    Q3. द ओवल टेस्ट कब है?

    द ओवल टेस्ट गुरुवार से शुरू होगा, जो सीरीज का फाइनल मुकाबला है।

    भोजपुर में बड़ा हादसा टला: पप्पू यादव जहां खड़े थे, वही मकान गंगा में समा गया | जानिए पूरी कहानी

    jawaniya village flood 2025

    भोजपुर में बड़ा हादसा टला: 25 जुलाई 2025 को बिहार के भोजपुर ज़िले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव बाढ़ प्रभावित इलाके का निरीक्षण करने पहुँचे थे। इसी दौरान, जहां वे खड़े थे, वहीं का ज़मीन धंस गई और एक मकान गंगा नदी में समा गया। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह घटना एक बड़े हादसे का संकेत थी।

    गंगा नदी का प्रकोप और भोजपुर की स्थिति

    बिहार में हर साल बाढ़ एक विकराल समस्या बनती जा रही है। इस बार गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और भोजपुर ज़िला इसका मुख्य शिकार बना है। जवेनिया गांव में नदी की कटाव रफ्तार इतनी तेज़ है कि पूरे गाँव का अस्तित्व ही संकट में पड़ गया है। अब तक दर्जनों मकान नदी में समा चुके हैं और सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं।

    पप्पू यादव मौके पर क्यों पहुँचे थे?

    पप्पू यादव अपने सामाजिक कार्यों और जनता से सीधे जुड़ाव के लिए जाने जाते हैं। उन्हें जानकारी मिली थी कि भोजपुर के जवेनिया गांव में बाढ़ और कटाव से लोग परेशान हैं। उन्होंने बिना किसी सरकारी अमले के वहां पहुंचने का फैसला किया ताकि लोगों की समस्याएं खुद सुन सकें और उनकी मदद कर सकें।घटना के दौरान पप्पू यादव एक मकान के सामने खड़े थे, जो नदी किनारे था। मीडिया और ग्रामीणों की मौजूदगी में अचानक ज़मीन में कंपन हुआ और वह मकान गंगा में समा गया। उसी मकान के पास सांसद पप्पू यादव भी खड़े थे, लेकिन ग्रामीणों ने समय रहते उन्हें पीछे खींच लिया और वे बाल-बाल बच गए।उन्होंने खुद कहा कि “यह भगवान का चमत्कार है और ग्रामीणों की सतर्कता की वजह से मैं आज ज़िंदा हूं।”

    वीडियो वायरल: लोगों में रोष और चिंता

    इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पप्पू यादव खुद ने X (पूर्व ट्विटर) पर इसका वीडियो साझा किया और सरकार पर सवाल उठाए, पटना से महज़ 100 किलोमीटर दूर ये गांव पूरी तरह डूब गया है और सरकार को खबर तक नहीं। ये विकास नहीं विनाश है।” यह वीडियो वायरल होते ही लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी और प्रशासन की नाकामी पर बहस शुरू हो गई।

    सरकार पर सीधा हमला

    पप्पू यादव ने घटना के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि:

    • बिहार सरकार ने बाढ़ राहत के नाम पर केवल दिखावा किया है।
    • CAG की रिपोर्ट में 70 हज़ार करोड़ के घोटाले उजागर हुए, लेकिन पीड़ितों को मदद नहीं मिली।
    • बालू माफियाओं को संरक्षण देने से गंगा किनारे के गांव तबाह हो रहे हैं।
    • बाढ़ पीड़ितों का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है, जो लोकतंत्र के खिलाफ है।

    जवेनिया गांव के कई लोगों ने बताया कि प्रशासन ने अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया है। बाढ़ हर साल आती है, लेकिन हर बार सरकार केवल नाव भेजकर खानापूर्ति करती है। इस बार तो लोगों के घर और ज़मीन ही बह गए, लेकिन कोई मंत्री या अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचा।

    एक बुजुर्ग ग्रामीण ने कहा:

    “पप्पू यादव पहले नेता हैं जो खुद हमारे गांव आए, वरना बाकी लोग तो हेलिकॉप्टर से ऊपर से हाल देखकर चले जाते हैं।”पप्पू यादव की मौजूदगी में हुई इस घटना ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। घटना के बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं आया। ना कोई राहत कैंप लगाया गया और ना ही कटाव रोकने के लिए कोई तात्कालिक कार्रवाई हुई। यह स्थिति दिखाती है कि आपदा प्रबंधन व्यवस्था कितनी कमजोर है और आम जनता को कितनी उपेक्षा झेलनी पड़ रही है।

    CAG रिपोर्ट और भ्रष्टाचार का मुद्दा

    पप्पू यादव ने जिस CAG रिपोर्ट का हवाला दिया, उसमें बिहार में राहत और पुनर्वास योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार का उल्लेख है। रिपोर्ट में कहा गया कि:

    • राहत राशि में अनियमितताएं पाई गईं।
    • आपदा प्रभावितों तक पूरी सहायता नहीं पहुंची।
    • भ्रष्टाचार के चलते कागजों में ही योजनाएं पूरी हो गईं।

    इस रिपोर्ट को लेकर विपक्षी दलों ने पहले ही सरकार पर सवाल उठाए थे, अब पप्पू यादव ने उसी मुद्दे को फिर उछाल दिया है।पप्पू यादव की यह घटना न सिर्फ एक व्यक्ति के बाल-बाल बचने की कहानी है, बल्कि पूरे तंत्र की असफलता की तस्वीर भी है। यदि समय रहते सरकार चेत जाए और आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाए, तो शायद आगे चलकर ऐसे हादसों को टाला जा सकता है।

    मंच पर रो पड़ा बुजुर्ग, नीतीश कुमार से लगाई न्याय की गुहार – वायरल वीडियो से भावुक हुए लोग

    मंच पर रो पड़ा बुजुर्ग, नीतीश कुमार से लगाई न्याय की गुहार

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान एक ऐसी घटना घटी जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल छू लिया। मंच पर एक बुजुर्ग व्यक्ति पहुंचा और अचानक फूट-फूट कर रोने लगा, उसकी आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।

    बुजुर्ग का दर्द देखकर खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कुछ पल के लिए भावुक हो गए। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

    वीडियो में क्या दिखा?

    बिहार तक चैनल द्वारा शेयर किए गए वीडियो में यह साफ देखा जा सकता है:

    • बुजुर्ग मंच पर पहुंचते हैं और हाथ जोड़ते हैं।
    • वह नीतीश कुमार से अपनी पीड़ा व्यक्त करने लगते हैं।
    • उनका गला भर आता है और वह रोते हुए बोलते हैं कि “अब कहां जाऊं साहब… कोई सुनता नहीं।”

    इस मार्मिक दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।

    तेजस्वी यादव की ‘भाई-बहन योजना’: क्या बिहार में महिला वोटरों को लुभा पाएंगे?जाने पूरा रिपोर्ट click here

    बुजुर्ग की व्यथा – वर्षों से न्याय की तलाश

    वीडियो में दिख रहे बुजुर्ग ने कहा कि वह कई सालों से पेंशन और भूमि विवाद जैसी समस्याओं को लेकर परेशान हैं। उन्होंने लोकल अधिकारियों को कई बार आवेदन दिए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।उनकी बातों से साफ था कि अब वह सिस्टम से थक चुके हैं और इसलिए आख़िरकार मुख्यमंत्री से सीधे मिलकर अपनी बात रखना ही उन्हें एकमात्र विकल्प लगा।बुजुर्ग की पहचान क्या है?मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बुजुर्ग व्यक्ति का नाम रामदयाल यादव हो सकता है, जो गया जिले से आए थे (इस नाम की पुष्टि आधिकारिक रूप से नहीं हुई है)।उन्होंने बताया कि,“मैंने कई बार अंचल कार्यालय और ब्लॉक ऑफिस में अर्जी दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंत में सोचा मुख्यमंत्री जी ही आखिरी उम्मीद हैं।”

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया

    मुख्यमंत्री ने उस बुजुर्ग को शांत करने की कोशिश की और तुरंत मंच पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि“इनकी पूरी बात ध्यान से सुनिए, और तुरंत इनकी समस्या का समाधान करिए।”उन्होंने यह भी कहा कि जो अधिकारी जनता की सुनवाई नहीं करते, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।इस पूरी घटना ने एक बार फिर बिहार के स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।जब एक बुजुर्ग को अपनी समस्या कहने के लिए मुख्यमंत्री के सामने मंच पर जाकर रोना पड़े, तो यह कहीं न कहीं सिस्टम की नाकामी को दर्शाता है।

    सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया – “दिल दहला देने वाला दृश्य”

    वीडियो के वायरल होने के बाद Twitter (X), Facebook और Instagram पर लोग अपने-अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं:

    • एक यूजर ने लिखा: “ऐसा दृश्य देखकर आंखें नम हो गईं। बुजुर्ग की लाचारी झलकती है।”
    • दूसरे ने कहा: “अगर अफसरशाही ईमानदार होती तो इन्हें मंच पर रोने की ज़रूरत नहीं पड़ती।”
    • तीसरे यूजर ने लिखा: “नीतीश जी का मानवीय पक्ष देखकर अच्छा लगा।”

    इस वीडियो को लाखों बार देखा जा चुका है और हजारों लोगों ने इसे शेयर किया है।

    ऐसे वायरल मुद्दे जनता का विश्वास जीत सकते हैं

    नीतीश कुमार की संवेदनशील प्रतिक्रिया इस समय उनके लिए एक पॉजिटिव छवि बनाने में मदद कर सकती है, खासकर तब जब विपक्ष सरकार को “जनविरोधी” बताने की कोशिश करता है।साथ ही यह घटना आम जनता के उस दर्द को सामने लाती है जो आए दिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण बढ़ता जा रहा है।आज की राजनीति जहां तीखे भाषण और आरोप-प्रत्यारोप में उलझी हुई है, वहीं इस तरह के दृश्य नेताओं के मानवीय पक्ष को सामने लाते हैं। यह न सिर्फ जनता से जुड़ाव बढ़ाता है बल्कि प्रशासन को भी चेतावनी देता है कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेना जरूरी है।इस घटना ने यह साबित कर दिया कि भारत में अभी भी वह वर्ग मौजूद है जिसे अपनी बात रखने के लिए मंच पर जाकर आंसू बहाने पड़ते हैं।मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता सराहनीय है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है:क्या अब प्रशासन नींद से जागेगा?यदि जवाब हां है, तो यह वीडियो सिर्फ एक वायरल क्लिप नहीं, बल्कि एक बदलाव का प्रतीक बन सकता है।

    UPSC EPFO भर्ती 2025: 230 पदों पर वैकेंसी, शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी, ऐसे करें आवेदन

    UPSC EPFO भर्ती 2025

    UPSC EPFO भर्ती 2025:संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने वर्ष 2025 के लिए एक बड़ी भर्ती अधिसूचना जारी की है। यह भर्ती EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) के अंतर्गत Enforcement Officer/Accounts Officer (EO/AO) और Assistant Provident Fund Commissioner (APFC) जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए की जा रही है। इस भर्ती में कुल 230 पद शामिल हैं और यह उम्मीदवारों के लिए सरकारी क्षेत्र में नौकरी पाने का सुनहरा अवसर हो सकता है।

    UPSC EPFO भर्ती 2025 – मुख्य बिंदु

    • भर्ती बोर्ड: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)
    • कुल पद: 230
    • पदों का नाम:
    • Enforcement Officer / Accounts Officer (EO/AO) – 156 पद
    • Assistant Provident Fund Commissioner (APFC) – 74 पद
    • आवेदन प्रारंभ: जल्द ही (डेट विस्तृत अधिसूचना में दी जाएगी)
    • आधिकारिक वेबसाइट: https://upsconline.nic.in

    किस पद के लिए कितनी वैकेंसी?

    संघ लोक सेवा आयोग ने दो पदों पर वैकेंसी जारी की है:

    1. Enforcement Officer / Accounts Officer (EO/AO)

    यह पद EPFO के अंतर्गत होता है जिसमें श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित करवाना और खातों की निगरानी जैसे कार्य शामिल हैं। इस पद के लिए कुल 156 वैकेंसी घोषित की गई है।

    2. Assistant Provident Fund Commissioner (APFC)

    APFC पद प्रशासनिक और लेखा संबंधी कार्यों का निरीक्षण करता है। यह एक उच्च स्तरीय पद है और इसमें कुल 74 वैकेंसी निकाली गई हैं।

    UPSC EPFO भर्ती 2025 आवेदन की तिथि और प्रक्रिया

    संघ लोक सेवा आयोग ने अभी केवल शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। विस्तृत अधिसूचना में आवेदन की शुरुआत और अंतिम तिथि का उल्लेख होगा।

    UPSC EPFO भर्ती 2025 कैसे करें आवेदन?

    1.UPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: https://upsconline.nic.in

    2.“Online Recruitment Application” सेक्शन पर क्लिक करें

    3.EPFO भर्ती के लिए संबंधित लिंक पर जाएं

    4.आवेदन फॉर्म भरें और सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें

    5.आवेदन शुल्क जमा करें

    6.आवेदन फॉर्म सबमिट करें और उसकी कॉपी सेव करके रखें

    शैक्षणिक योग्यता और पात्रता

    EO/AO और APFC पदों के लिए संभावित पात्रता:
    • शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
    • आयु सीमा:EO/AO के लिए: अधिकतम 30 वर्ष
    • APFC के लिए: अधिकतम 35 वर्ष
    • आरक्षित वर्गों (SC/ST/OBC/PwD) को आयु सीमा में नियमानुसार छूट दी जाएगी।

    आवेदन शुल्क

    • सामान्य / OBC / EWS वर्ग: ₹25/- (संभावित)
    • SC / ST / महिला / दिव्यांग: ₹0 (कोई शुल्क नहीं)
      शुल्क का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, या नेट बैंकिंग से किया जा सकता है।

    UPSC EPFO भर्ती 2025 चयन प्रक्रिया – दो चरणों में होगा चयन

    1. Recruitment Test (RT):

    यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित ऑब्जेक्टिव टाइप होगी जिसमें निम्नलिखित विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे:

    • भारतीय संविधान
    • श्रम कानून
    • सामाजिक सुरक्षा
    • करेंट अफेयर्स
    • सामान्य अध्ययन
    • सामान्य गणित और रीजनिंग
    • EPFO से संबंधित बेसिक नॉलेज

    2. Interview (साक्षात्कार):

    RT में सफल उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। अंतिम चयन RT और इंटरव्यू के वेटेज (75:25) के आधार पर किया जाएगा।

    सिलेबस और परीक्षा पैटर्न

    • परीक्षा माध्यम: अंग्रेज़ी और हिंदी दोनों
    • प्रश्नों की संख्या: 100
    • प्रश्नों का प्रकार: ऑब्जेक्टिव (MCQ)
    • समय: 2 घंटे
    • नकारात्मक अंकन: हर गलत उत्तर पर 1/3 अंक कटेंगे

    आधिकारिक वेबसाइट और अधिसूचना

    उम्मीदवार नीचे दिए गए लिंक पर जाकर विस्तृत अधिसूचना और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:

    UPSC EPFO भर्ती 2025 उन उम्मीदवारों के लिए एक शानदार मौका है जो सरकारी क्षेत्र में स्थायी और प्रतिष्ठित नौकरी चाहते हैं। इस भर्ती में EO/AO और APFC जैसे पदों पर सीधी नियुक्ति होगी, जिसके लिए अभी से तैयारी शुरू करना ज़रूरी है। आयोग ने शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, और विस्तृत अधिसूचना जल्द ही जारी होगी।

    FAQ

    Q1. UPSC EPFO 2025 भर्ती में कुल कितने पद हैं?

    कुल 230 पद – EO/AO (156) और APFC (74)

    Q2. आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?

    विस्तृत अधिसूचना में बताई जाएगी, फिलहाल जल्द शुरू होने की संभावना है।

    Q3. क्या इसमें इंटरव्यू होता है?

    हां, RT के बाद इंटरव्यू होता है।

    Q4. आवेदन कैसे करें?

    UPSC की वेबसाइट https://upsconline.nic.in से ऑनलाइन आवेदन करें।

    SSC MTS / Havaldar Recruitment 2025: जानिए आवेदन प्रक्रिया, योग्यता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया

    SSC MTS / Havaldar Recruitment 2025

    SSC MTS / Havaldar Recruitment 2025: SSC द्वारा मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) और हवलदार (CBIC & CBN) पदों पर भर्ती के लिए 2025 की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस भर्ती अभियान के माध्यम से देशभर में योग्य युवाओं को सरकारी नौकरी का अवसर मिलने वाला है। इस लेख में हम आपको SSC MTS / Havaldar भर्ती 2025 से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कर रहे हैं।

    SSC MTS / Havaldar भर्ती 2025: मुख्य विशेषताएं

    विवरणजानकारी
    विभाग का नामकर्मचारी चयन आयोग (SSC)
    पदों का नाममल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) एवं हवलदार
    कुल पद1075 (केवल हवलदार के लिए)
    योग्यता10वीं पास
    आवेदन प्रारंभ26 जून 2025
    आवेदन की अंतिम तिथि24 जुलाई 2025
    परीक्षा तिथि20 सितंबर से 24 अक्टूबर 2025 तक
    आधिकारिक वेबसाइटhttps://ssc.gov.in

    पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

    1. शैक्षणिक योग्यता
    • उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 10 (हाई स्कूल) पास होना अनिवार्य है।
    • हवलदार पद के लिए अतिरिक्त शारीरिक मानक भी लागू हैं।
    2. आयु सीमा (01 अगस्त 2025 तक)
    • न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
    • अधिकतम आयु: 25 से 27 वर्ष (पद के अनुसार)
    • आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट प्रदान की जाएगी।

    SSC MTS / Havaldar Recruitment 2025 पद के लिए शारीरिक योग्यता

    पुरुष उम्मीदवार:
    • दौड़: 1600 मीटर 15 मिनट में
    • ऊंचाई: 157.5 सेमी
    • छाती: 81 सेमी (फुल एक्सपेंशन के साथ 5 सेमी का विस्तार)
    महिला उम्मीदवार:
    • दौड़: 1 किमी 20 मिनट में
    • ऊंचाई: 152 सेमी

    आवेदन शुल्क(Application Fee)

    श्रेणीशुल्क
    सामान्य / ओबीसी / EWS₹100/-
    SC / ST / महिला₹0/- (मुफ्त)
    PH उम्मीदवार₹0/- (मुफ्त)

    भुगतान माध्यम: डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल वॉलेट आदि

    महत्वपूर्ण तिथियां( Important Date)

    • ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ: 26 जून 2025
    • अंतिम तिथि: 24 जुलाई 2025
    • शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 25 जुलाई 2025
    • संशोधन तिथि: 29 – 31 जुलाई 2025
    • परीक्षा तिथि: 20 सितंबर – 24 अक्टूबर 2025
    • एडमिट कार्ड: परीक्षा से पहले
    • परिणाम: जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा

    आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज(Document)

    UGC NET Result 2025 Declared: सब्जेक्ट-वाइज कटऑफ और पूरी जानकारी यहां देखें CLICK HERE

    • पासपोर्ट साइज फोटो (सफेद/हल्के बैकग्राउंड में)
    • हस्ताक्षर (ब्लैक/ब्लू पेन से)
    • कक्षा 10वीं की मार्कशीट / प्रमाण पत्र
    • जाति प्रमाण पत्र (आरक्षित वर्ग के लिए)
    • आधार कार्ड / मतदाता ID / सरकारी पहचान पत्र
    • आय प्रमाण पत्र (EWS के लिए)
    • निवासी प्रमाण पत्र (राजस्थान राज्य के लिए लागू)
    • विशेष श्रेणियों (PH/Ex-Servicemen) के प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

    चयन प्रक्रिया(Selection Process)

    SSC MTS और हवलदार पद के लिए चयन तीन चरणों में होगा:

    1.कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT)

    2.वर्णनात्मक परीक्षा (Descriptive Test)

    3.शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) / कौशल परीक्षा (Skill Test)

    आवेदन प्रक्रिया: कैसे भरें ऑनलाइन फॉर्म?

    1.SSC की आधिकारिक वेबसाइट https://ssc.gov.in पर जाएं।

    2.होमपेज पर “MTS / Havaldar Recruitment 2025” लिंक पर क्लिक करें।

    3.रजिस्ट्रेशन करें और लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरें।

    4.सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।

    5.आवेदन शुल्क का भुगतान करें (यदि लागू हो)।

    6.आवेदन पत्र सबमिट करें और भविष्य के लिए प्रिंट आउट लें।

    कुछ महत्वपूर्ण सवाल-जवाब (FAQs)

    Q1. SSC MTS / हवलदार भर्ती 2025 के लिए आवेदन कब से शुरू हुआ?

    आवेदन 26 जून 2025 से शुरू हो चुका है।

    Q2. आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?

    24 जुलाई 2025 आवेदन की अंतिम तिथि है।

    Q3. आवेदन शुल्क कितना है?

    सामान्य/EWS/OBC के लिए ₹100 और SC/ST/महिला/PH के लिए निःशुल्क है।

    Q4. योग्यता क्या है?

    उम्मीदवार को कक्षा 10वीं पास होना चाहिए।

    Q5. SSC की आधिकारिक वेबसाइट क्या है?

    https://ssc.gov.in